राशिफ़ल की क्या है सच्चाई? क्या भविष्यवाणी सही होती है? या ब्राह्मण लोगों की साज़िश का है हिस्सा? अपनी प्रतिक्रिया कॉमेंट बॉक्स में ज़रूर लिखें…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🌸🙏🌸
सम्पर्क सूत्र – 9518782511
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏
🙏🌸🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌸🙏
🙏ll जय श्री राधे ll*🙏
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏

दिनाँक -: 28/06/2020,रविवार
अष्टमी, शुक्ल पक्ष
आषाढ
“”””””””””””””””””””””””‘””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि ———अष्टमी 24:34:53 तक
पक्ष —————————-शुक्ल
नक्षत्र ——–उ०फा० 08:45:01
योग ———-वरियान 20:11:35
करण ——विष्टि भद्र 13:44:42
करण ————-बव 24:34:53
वार ————————–रविवार
माह ————————–आषाढ
चन्द्र राशि ——————- कन्या
सूर्य राशि ——————-मिथुन
रितु —————————-ग्रीष्म
आयन —————–दक्षिणायण
संवत्सर ———————–शार्वरी
संवत्सर (उत्तर) ————-प्रमादी
विक्रम संवत —————-2077
विक्रम संवत (कर्तक)——2076
शाका संवत —————-1942

मुम्बई
सूर्योदय —————–06:04:57
सूर्यास्त —————–19:18:41
दिन काल ————–13:13:43
रात्री काल ————-10:46:33
चंद्रोदय —————–12:39:58
चंद्रास्त —————–25:06:51

लग्न —-मिथुन 12°39′ , 72°39′

सूर्य नक्षत्र ———————आर्द्रा
चन्द्र नक्षत्र ———उत्तराफाल्गुनी
नक्षत्र पाया ——————-रजत

🙏🌸पद, चरण🌸🙏

पी —-उत्तर फाल्गुनी 08:45:01
पू —-हस्त 14:22:32
ष —-हस्त 19:59:41
ण —-हस्त 25:36:31

🙏🌸ग्रह गोचर🌸🙏

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य=मिथुन 12°22 ‘ आर्द्रा, 2 घ
चन्द्र = कन्या 23°23 ‘उoफाo ‘ 4 पी
बुध = मिथुन 17 °10 ‘ आर्द्रा ‘ 4 छ
शुक्र= वृषभ 11°55, रोहिणी ‘ 1 ओ
मंगल=मीन 05°30′ उo भा o ‘ 1 दू
गुरु=मकर 00°42 ‘ उ oषाo , 2 भो
शनि=मकर 06°43′ उ oषा o ‘ 4 जी
राहू=मिथुन 04°40 ‘ मृगशिरा , 4 की
केतु=धनु 04 ° 40 ‘ मूल , 2 यो

🌸शुभा$शुभ मुहूर्त🌸

राहू काल 17:34 – 19:17 अशुभ
यम घंटा 12:23 – 14:06 अशुभ
गुली काल 15:50 – 17:34 अशुभ
अभिजित 11:55 -12:50 शुभ
दूर मुहूर्त 17:27 – 18:22 अशुभ

🌸 चोघडिया, दिन
उद्वेग 05:28 – 07:11 अशुभ
चर 07:11 – 08:55 शुभ
लाभ 08:55 – 10:39 शुभ
अमृत 10:39 – 12:23 शुभ
काल 12:23 – 14:06 अशुभ
शुभ 14:06 – 15:50 शुभ
रोग 15:50 – 17:34 अशुभ
उद्वेग 17:34 – 19:17 अशुभ

🌸 चोघडिया, रात
शुभ 19:17 – 20:34 शुभ
अमृत 20:34 – 21:50 शुभ
चर 21:50 – 23:06 शुभ
रोग 23:06 – 24:23* अशुभ
काल 24:23* – 25:39* अशुभ
लाभ 25:39* – 26:55* शुभ
उद्वेग 26:55* – 28:12* अशुभ
शुभ 28:12* – 29:28* शुभ

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

🌸 दिशा शूल ज्ञान————-पश्चिम
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौजी खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

https://youtu.be/QPbBd2-tfVk

🌸अग्नि वास ज्ञान
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

   8 + 1 + 1 =  10 ÷ 4 = 2 शेष

आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

🌸शिव वास एवं फल
8 + 8 + 5 = 21 ÷ 7 = 0 शेष
शमशान वास = मृत्यु कारक

🌸भद्रा वास एवं फल
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
दोपहर 13:46 तक समाप्त
पाताल लोक = धनलाभ कारक

🌸विशेष जानकारी🌸
अष्टमी को नारियल का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है तथा रविवार को ब्रह्मचर्य का पालन करे तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है

  • सर्वार्थ एवं अमृत सिद्धि योग 08:45 तक
  • अष्टह्निका पर्व (जैन)
  • दुर्गाष्टमी पूजा
  • भामाशाह जयन्ती 🙏🌸शुभ विचार🌸🙏

वापीकूपतडागानामारामसुरवेश्यनाम् ।
उच्छेदने निराशंकः स विप्रो म्लेच्छ उच्यते ।।
।।चा o नी o।।

एक ब्राह्मण जो तालाब को, कुए को, टाके को, बगीचे को और मंदिर को नष्ट करता है, वह म्लेच्छ है.

🌸सुभाषितानि🌸

गीता -: विभूतियोग अo-10

एतां विभूतिं योगं च मम यो वेत्ति तत्त्वतः ।,
सोऽविकम्पेन योगेन युज्यते नात्र संशयः ॥,

जो पुरुष मेरी इस परमैश्वर्यरूप विभूति को और योगशक्ति को तत्त्व से जानता है (जो कुछ दृश्यमात्र संसार है वह सब भगवान की माया है और एक वासुदेव भगवान ही सर्वत्र परिपूर्ण है, यह जानना ही तत्व से जानना है), वह निश्चल भक्तियोग से युक्त हो जाता है- इसमें कुछ भी संशय नहीं है॥,7॥,

🌸दैनिक राशिफल🌸

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। दूर के शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। प्रतिद्वंद्वी सक्रिय रहेंगे। परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बढ़ेगी। जोखिम न लें।

🐂वृष
बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। किसी बड़ी समस्या का हल सहज ही प्राप्त होगा। शत्रुओं का पराभव होगा, फिर भी सावधानी आवश्यक है। थकान महसूस होगी। सुख के साधनों पर व्यय अधिक होगा।

👫मिथुन
पुरानी व्याधि उठ सकती है। विवाद से क्लेश होगा। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। पारिवारिक समस्याएं बनी रहेंगी। मतभेद हो सकता है। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा।

🦀कर्क
किसी प्रतिभाशाली व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। व्यवसाय में वृद्धि होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। कोई बड़ा काम करने का मन बन सकता है। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। थकान महसूस होगी। प्रतिद्वंद्वी सक्रिय रहेंगे।

🐅सिंह
चोट व रोग से बाधा संभव है। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। समाज में मान-सम्मान मिलेगा। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। सुख के साधन प्राप्त होंगे। लभा के अवसर हाथ आएंगे। लेन-देन में सावधानी रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें।

🙎‍♀️कन्या
तीर्थयात्रा की योजना बनेगी। अध्यात्म में रुचि बढ़ेगी। कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। विरोध होगा। स्वास्थ्य पर खर्च हो सकता है। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। वस्तुएं संभालकर रखें।

⚖️तुला
यात्रा में सावधानी रखें। नेत्र पीड़ा हो सकती है। प्रेम-प्रसंग में जोखिम न लें। जल्दबाजी से हानि संभव है। चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। किसी अपने का व्यवहार हृदय को चोट पहुंचा सकता है। लेन-देन में सावधानी रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यवसाय ठीक चलेगा।

🦂वृश्चिक
वाणी पर नियंत्रण रखें। राजभय रहेगा। जल्दबाजी से बचें। शारीरिक कष्ट संभव है। कानूनी अड़चन दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। बाहर जाने का मन बनेगा। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। प्रमाद न करें।

🏹धनु
भय, पीड़ा व चिंता का माहौल बन सकता है। आंखों में पीड़ा हो सकती है। भूमि व भवन इत्यादि खरीदने की योजना बनेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। विवाद से बचें। पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। भाग्य का साथ पूरा-पूरा रहेगा।

🐊मकर
विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। मनपसंद भोजन का आनंद मिलेगा। रोजगार में वृद्धि होगी। मित्र व संबंधियों के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। विवाद न करें।

🍯कुंभ
दु:खद समाचार मिल सकता है। दौड़धूप अधिक होगी। धैर्य रखें। स्वास्थ्य खराब हो सकता है। भाग्य का साथ नहीं मिलेगा। लेन-देन में सावधानी रखें। क्रोध पर नियंत्रण रखें। बनते कामों में अड़चन आएगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। बुद्धि से समस्याएं दूर होंगी।

🐟मीन
प्रयास सफल रहेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कार्य की प्रशंसा होगी। रोजगार में वृद्धि तथा प्रसन्नता बनी रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। पुराने अटके कार्य पूर्ण होंगे। चोट व रोग से बचें। थकान रहेगी। जल्दबाजी न करें।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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