15 सेप्टेंबर रविवार को आपकी राशि क्या कहती है, साथ ही आचार्य जी का श्राद्ध स्पेशल पढ़िये…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी
सम्पर्क सूत्र +919518782511
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🙏अथ पंचांगम्* 🙏
🚩ll जय श्री राधे ll🚩
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Presents

दिनाँक -: 15/09/2019,रविवार
प्रथम, कृष्ण पक्ष
आश्विन
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि———-प्रतिपदा 12:23:45 तक
पक्ष—————————–कृष्ण
नक्षत्र—उत्तराभाद्रपदा25:44:01
योग—————-गण्ड22:12:32
करण————कौलव12:23:45
करण————-तैतुल25:30:56
वार—————————रविवार
माह————————–आश्विन
चन्द्र राशि————————मीन
सूर्य राशि———————– सिंह
रितु——————————-वर्षा
आयन——————-दक्षिणायण
संवत्सर———————-विकारी
संवत्सर (उत्तर)———–परिधावी
विक्रम संवत—————–2076
विक्रम संवत (कर्तक)——2075
शाका संवत——————1941

मुम्बई
सूर्योदय—————–06:27:02
सूर्यास्त——————18:40:17
दिन काल—————12:17:58
रात्री काल————–11:42:28
चंद्रास्त——————07:11:41
चंद्रोदय——————19:39:56

लग्न—-सिंह27°47′ , 147°47′

सूर्य नक्षत्र———-उत्तरा फाल्गुनी
चन्द्र नक्षत्र———-उत्तराभाद्रपदा
नक्षत्र पाया——————–ताम्र

          पद, चरण  

थ—-उत्तराभाद्रपदा 12:20:39

झ—-उत्तराभाद्रपदा 19:02:40

ञ—-उत्तराभाद्रपदा 25:44:01

          ग्रह गोचर  

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य=सिंह 27°42 ‘ उ o फा o, 1 टे
चन्द्र =मीन06°23 ‘उo भाo’ 2 थ
बुध=कन्या 07°26 ‘उo फ़ा o’ 4 पी
शुक्र= कन्या 06°13, उ oफा o’ 3 पा
मंगल=सिंह 22°12 ‘ पू oफ़ा o ‘ 3 टी
गुरु=वृश्चिक 22°01 ‘ ज्येष्ठा , 2 या
शनि=धनु 22°13′ पू oषा o ‘ 3 फा
राहू=मिथुन 19°51 ‘ आर्द्रा , 4 छ
केतु=धनु 19 ° 51′ पूo षाo, 2 धा

      शुभा$शुभ मुहूर्त

राहू काल 16:51 – 18:23अशुभ
यम घंटा 12:14 – 13:47अशुभ
गुली काल 15:19 – 16:51अशुभ
अभिजित 11:50 -12:39शुभ
दूर मुहूर्त 16:45 – 17:34अशुभ

गंड मूल25:44 – अहोरात्रअशुभ

पंचकअहोरात्रअशुभ

      चोघडिया, दिन

उद्वेग 06:05 – 07:38अशुभ
चर 07:38 – 09:10शुभ
लाभ 09:10 – 10:42शुभ
अमृत 10:42 – 12:14शुभ
काल 12:14 – 13:47अशुभ
शुभ 13:47 – 15:19शुभ
रोग 15:19 – 16:51अशुभ
उद्वेग 16:51 – 18:23अशुभ

    चोघडिया, रात

शुभ 18:23 – 19:51शुभ
अमृत 19:51 – 21:19शुभ
चर 21:19 – 22:47शुभ
रोग 22:47 – 24:15अशुभ काल 24:15 – 25:42अशुभ लाभ 25:42 – 27:10शुभ उद्वेग 27:10 – 28:38अशुभ शुभ 28:38 – 30:06*शुभ

      होरा, दिन

सूर्य 06:05 – 07:07
शुक्र 07:07 – 08:08
बुध 08:08 – 09:10
चन्द्र 09:10 – 10:11
शनि 10:11 – 11:13
बृहस्पति 11:13 – 12:14
मंगल 12:14 – 13:16
सूर्य 13:16 – 14:17
शुक्र 14:17 – 15:19
बुध 15:19 – 16:20
चन्द्र 16:20 – 17:22
शनि 17:22 – 18:23

    होरा, रात

बृहस्पति 18:23 – 19:22
मंगल 19:22 – 20:20
सूर्य 20:20 – 21:19
शुक्र 21:19 – 22:17
बुध 22:17 – 23:16
चन्द्र 23:16 – 24:15
शनि 24:15* – 25:13
बृहस्पति 25:13* – 26:12
मंगल 26:12* – 27:10
सूर्य 27:10* – 28:09
शुक्र 28:09* – 29:07
बुध 29:07* – 30:06

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

दिशा शूल ज्ञान-------------पश्चिम*

परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौजी खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

      अग्नि वास ज्ञान  

यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

  15 + 1 + 1 + 1 = 18 ÷ 4 = 2 शेष

आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

    शिव वास एवं फल 

16 + 16 + 5 = 37 ÷ 7 = 2 शेष

गौरि सन्निधौ = शुभ कारक

    भद्रा वास एवं फल 

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

      विशेष जानकारी    
  • द्वितीया श्राध्द

*इंजीनियर्स दिवस

*सर्वार्थ सिद्धि योग

*निम्बार्काचार्य श्री श्रीजी निजी गुरु बालकृष्ण शरण देवाचार्य श्राध्द तिथि

          शुभ विचार   

नैव पश्यति जन्माधः कामान्धो नैव पश्यति ।
मदोन्मत्ता न पश्यन्ति अर्थी दोषं न पश्यति ।।
।।चा o नी o।।

जो जन्म से अंध है वो देख नहीं सकते. उसी तरह जो वासना के अधीन है वो भी देख नहीं सकते. अहंकारी व्यक्ति को कभी ऐसा नहीं लगता की वह कुछ बुरा कर रहा है. और जो पैसे के पीछे पड़े है उनको उनके कर्मो में कोई पाप दिखाई नहीं देता.

        सुभाषितानि  

गीता -: क्षेत्रज्ञविभागयोग अo-13

महाभूतान्यहङ्‍कारो बुद्धिरव्यक्तमेव च ।,
इन्द्रियाणि दशैकं च पञ्च चेन्द्रियगोचराः ॥,

पाँच महाभूत, अहंकार, बुद्धि और मूल प्रकृति भी तथा दस इन्द्रियाँ, एक मन और पाँच इन्द्रियों के विषय अर्थात शब्द, स्पर्श, रूप, रस और गंध॥,5॥,

🚩 व्रत पर्व विवरण – द्वितीया का श्राद्ध
🚩 विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड(कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
🚩 रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)
🚩 स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।


🌷 श्राद्ध के दिन 🌷
🙏🏻 जिस दिन आप के घर में श्राद्ध हो उस दिन गीता का सातवें अध्याय का पाठ करें । पाठ करते समय जल भर के रखें । पाठ पूरा हो तो जल सूर्य भगवन को अर्घ्य दें और कहें की हमारे पितृ के लिए हम अर्पण करते हें। जिनका श्राद्ध है , उनके लिए आज का गीता पाठ अर्पण।
🌷 श्राद्ध कर्म 🌷
🚩 अगर पंडित से श्राद्ध नहीं करा पाते तो सूर्य नारायण के आगे अपने बगल खुले करके (दोनों हाथ ऊपर करके) बोलें :
🌞 “हे सूर्य नारायण ! मेरे पिता (नाम), अमुक (नाम) का बेटा, अमुक जाति (नाम), (अगर जाति, कुल, गोत्र नहीं याद तो ब्रह्म गोत्र बोल दे) को आप संतुष्ट/सुखी रखें । इस निमित मैं आपको अर्घ्य व भोजन कराता हूँ ।” ऐसा करके आप सूर्य भगवान को अर्घ्य दें और भोग लगायें ।


🌷 तुलसी 🌷
🌿 *श्राद्ध और यज्ञ आदि कार्यों में तुलसी का एक पत्ता भी महान पुण्य देनेवाला है |
🌷 *श्राद्ध के लिए विशेष मंत्र* 🌷
🙏 ” ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वधादेव्यै स्वाहा । “
🚩 इस मंत्र का जप करके हाथ उठाकर सूर्य नारायण को पितृ की तृप्ति एवं सदगति के लिए प्रार्थना करें । स्वधा ब्रह्माजी की मानस पुत्री हैं । इस मंत्र के जप से पितृ की तृप्ति अवश्य होती है और श्राद्ध में जो त्रुटी रह गई हो वे भी पूर्ण हो जाती है।
श्राद्ध में करने योग्य 🌷
🙏 श्राद्ध पक्ष में १ माला रोज द्वादश मंत्र ” ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ” की करनी चाहिए और उस माला का फल नित्य अपने पितृ को अर्पण करना चाहिए।


🚩श्राद्ध विशेष* 🚩

🚩पूर्वजों को पितर पक्ष में इस मंत्र के द्वारा सूर्य भगवान को अर्ध्य देने से यमराज प्रसन्न होकर पूर्वजों को अच्छी जगह भेज देते हैं ।*
🚩 ॐ धर्मराजाय नमः ।
🚩 ॐ महाकालाय नमः ।
🚩 ॐ म्रर्त्युमा नमः ।
🚩 ॐ दानवैन्द्र नमः ।
🚩 ॐ अनन्ताय नमः ।
पितृ पक्ष 🚩
🚩धर्म ग्रंथों के अनुसार, विधि-विधान पूर्वक श्राद्ध करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। वर्तमान समय में देखा जाए तो विधिपूर्वक श्राद्ध कर्म करने में धन की आवश्यकता होती है। पैसा न होने पर विधिपूर्वक श्राद्ध नहीं किया जा सकता। ऐसे में पितृ दोष होने से कई प्रकार की समस्याएं जीवन में बनी रहती हैं। पुराणों के अनुसार, ऐसी स्थिति में पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त कर कुछ साधारण उपाय करने से भी पितर तृप्त हो जाते हैं।*


🚩न कर पाएं श्राद्ध तो करें इनमें से कोई 1 उपाय, नहीं होगा पितृ दोष*
🚩जिस स्थान पर आप पीने का पानी रखते हैं, वहां रोज शाम को शुद्ध घी का दीपक लगाएं। इससे पितरों की कृपा आप पर हमेशा बनी रहेगी। इस बात का ध्यान रखें कि वहां जूठे बर्तन कभी न रखें।*
🚩सर्व पितृ अमावस्या के दिन चावल के आटे के 5 पिंड बनाएं व इसे लाल कपड़े में लपेटकर नदी में बहा दें।*
🚩गाय के गोबर से बने कंडे को जलाकर उस पर गूगल के साथ घी, जौ, तिल व चावल मिलाकर घर में धूप करें।*
🚩विष्णु भगवान के किसी मंदिर में सफेद तिल के साथ कुछ दक्षिणा (रुपए) भी दान करें।*
🚩कच्चे दूध, जौ, तिल व चावल मिलाकर नदी में बहा दें। ये उपाय सूर्योदय के समय करें तो अच्छा रहेगा।*
🚩श्राद्ध में ब्राह्मण को भोजन कराएं या सामग्री जिसमें आटा, फल, गुड़, सब्जी और दक्षिणा दान करें।*
🚩श्राद्ध नहीं कर सकते तो किसी नदी में काले तिल डालकर तर्पण करें। इससे भी पितृ दोष में कमी आती है।*
🚩श्राद्ध पक्ष में किसी विद्वान ब्राह्मण को एक मुट्ठी काले तिल दान करने से पितृ प्रसन्न हो जाते हैं।
🚩श्राद्ध पक्ष में पितरों को याद कर गाय को हरा चारा खिला दें। इससे भी पितृ प्रसन्न व तृप्त हो जाते हैं।*
🙏🏻 सूर्यदेव को अर्ध्य देकर प्रार्थना करें कि आप मेरे पितरों को श्राद्धयुक्त प्रणाम पहुँचाए और उन्हें तृप्त करें।

    दैनिक राशिफल   

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
एकाएक स्वास्थ्य खराब हो सकता है, लापरवाही न करें। दूर से दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। व्यर्थ दौड़धूप होगी। विवाद से स्वाभिमान को चोट पहूंच सकती है। काम में मन नहीं लगेगा। नौकरी में कार्यभार रहेगा। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। आय में निश्चितता रहेगी। जोखिम न लें।

🐂वृष
प्रयास सफल रहेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। लाभ देगा। कोई बड़ा काम करने का मन बनेगा। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि में जल्दबाजी न करें। लाभ होगा।

👫मिथुन
फिजूलखर्ची ज्यादा होगी। शत्रु भय रहेगा। शारीरिक कष्ट से बाधा उत्पन्न होगी। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नए काम करने का मन बनेगा। दूर यात्रा की योजना बनेगी। व्यापार से लाभ होगा। नौकरी में चैन रहेगा। जोखिम न लें।

🦀कर्क
कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति अनुकूल बनेगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। कोई ऐसा कार्य न करें जिससे कि अपमान हो। व्यापार-व्यवसाय अनुकूल रहेगा। निवेश सोच-समझकर करें। नौकरी में चैन रहेगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा।

🐅सिंह
नौकरी में अधिकार मिल सकते हैं। सुख के साधन जुटेंगे। भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। स्वास्थ्य संबंधी चिंता बनी रहेगी। आशंका व कुशंका रहेगी। कार्य में बाधा संभव है। उत्साह बना रहेगा।

🙍कन्या
विवेक का प्रयोग करें। समस्याएं कम होंगी। शारीरिक कष्ट संभव है। अज्ञात भय रहेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता प्राप्त करेगा। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे।

⚖तुला
नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। सुख के साधन जुटेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। धनहानि हो सकती है। सावधानी आवश्यक है। थकान महसूस होगी।

🦂वृश्चिक
स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। वाहन, मशीनरी व अग्नि आदि के प्रयोग में सावधानी रखें। विवाद से क्लेश हो सकता है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। पार्टनरों से कहासुनी हो सकती है। भागदौड़ होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। लाभ के लिए प्रयास करें।

🏹धनु
घर के छोटे सदस्यों संबंधी चिंता रहेगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। कोई बड़ा काम करने का मन बनेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। व्यापार मनोनुकूल रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। जल्दबाजी न करें।

🐊मकर
वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। शारीरिक कष्ट संभव है। अज्ञात भय सताएगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। तंत्र-मंत्र में रुचि जागृत होगी। किसी जानकार व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त हो सकता है। कोर्ट व कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे।

🍯कुंभ
अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में अधिकार बढ़ने के योग हैं। कोई बड़ी समस्या का अंत हो सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। लेन-देन में सावधानी रखें।

🐟मीन
कोई बड़ा खर्च एकाएक सामने आएगा। कर्ज लेना पड़ सकता है। कुसंगति से बचें। किसी व्यक्ति के काम की जवाबदारी न लें। स्वयं के काम पर ध्यान दें। बनते काम बिगड़ सकते हैं। विवाद को बढ़ावा न दें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यापार ठीक चलेगा। कार्यकुशलता कम होगी।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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