क्या है प्रबोधनी (देवउठी) एकादशी ? क्या और कैसे इस दिन का ले सकते हैं लाभ, सिर्फ और सिर्फ जानिए आचार्य रमेश चंद्र तिवारी जी से…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🙏
सम्पर्क सूत्र -9518782511
🙏🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🙏
🙏🌹🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌹🙏
🙏ll जय श्री राधे ll*🙏
🙏🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🙏

दिनाँक -: 08/11/2019,शुक्रवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
कार्तिक
“””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि ——–एकादशी 12:24:15 तक
पक्ष —————————-शुक्ल
नक्षत्र –पूर्वाभाद्रपदा 12:11:57
योग ———-व्याघात 09:32:52
करण ——विष्टि भद्र 12:24:15
करण ————भाव 25:34:08
वार ————————-शुक्रवार
माह ———————— कार्तिक
चन्द्र राशि ———————मीन
सूर्य राशि ———————–तुला
रितु —————————–शरद
आयन ——————-दक्षिणायण
संवत्सर ———————-विकारी
संवत्सर (उत्तर) ———-परिधावी
विक्रम संवत —————-2076
विक्रम संवत (कर्तक) —-2076
शाका संवत —————-1941

मुम्बई
सूर्योदय —————–06:43:01
सूर्यास्त —————–18:01:03
दिन काल ————- 10:54:14
रात्री काल ————-13:06:30
चंद्रोदय —————–15:41:01
चंद्रास्त —————–27:50:59

लग्न —-तुला 21°12′ , 201°12′

सूर्य नक्षत्र —————-विशाखा
चन्द्र नक्षत्र ———–पूर्वाभाद्रपदा
नक्षत्र पाया ——————–ताम्र

    🌹  पद, चरण  🌹

दी —-पूर्वाभाद्रपदा 12:11:57

दू —-उत्तराभाद्रपदा 18:54:25

थ —-उत्तराभाद्रपदा 25:35:52

     🌹 ग्रह गोचर  🌹

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य=तुला 21°12 ‘ विशाखा, 1 ती
चन्द्र = मीन00°23 ‘ पू o भा o ‘ 4 दी
बुध=वृश्चिक 29°30 ‘विशाखा’ 3 ते
शुक्र= वृश्चिक13°35, अनुराधा ‘ 4 ने
मंगल=कन्या 28°55 ‘ चित्रा ‘ 2 पो
गुरु=वृश्चिक 00°20 ‘ मूल , 1 ये
शनि=धनु 21°43′ पू oषा o ‘ 3 फा
राहू=मिथुन 17 °05 ‘ आर्द्रा , 4 छ
केतु=धनु 17 ° 05′ पूo षाo, 2 धा

  🌹शुभा$शुभ मुहूर्त🌹

राहू काल 10:41 – 12:03 अशुभ
यम घंटा 14:46 – 16:08 अशुभ
गुली काल 07:57 – 09:19 अशुभ
अभिजित 11:41 -12:25 शुभ
दूर मुहूर्त 08:46 – 09:30 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:25 – 13:08 अशुभ

🌹पंचक अहोरात्र अशुभ

  🌹चोघडिया, दिन 🌹

चर 06:36 – 07:57 शुभ
लाभ 07:57 – 09:19 शुभ
अमृत 09:19 – 10:41 शुभ
काल 10:41 – 12:03 अशुभ
शुभ 12:03 – 13:25 शुभ
रोग 13:25 – 14:46 अशुभ
उद्वेग 14:46 – 16:08 अशुभ
चर 16:08 – 17:30 शुभ

🌹 चोघडिया, रात 🌹
रोग 17:30 – 19:08 अशुभ
काल 19:08 – 20:46 अशुभ
लाभ 20:46 – 22:25 शुभ
उद्वेग 22:25 – 24:03* अशुभ
शुभ 24:03* – 25:41* शुभ
अमृत 25:41* – 27:20* शुभ
चर 27:20* – 28:58* शुभ
रोग 28:58* – 30:36* अशुभ

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

🌹दिशा शूल ज्ञान-------------पश्चिम

परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

 🌹  अग्नि वास ज्ञान  🌹

यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

   11 + 6 + 1 = 18 ÷ 4 = 2 शेष

आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

🌹 शिव वास एवं फल 🌹

11 + 11 + 5 = 27 ÷ 7 = 6 शेष

क्रीड़ायां = शोक, दुःख कारक

 🌹भद्रा वास एवं फल 🌹

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

दोपहर 12:24 तक समाप्त

मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनी

🌹  विशेष जानकारी  🌹

🌹 देव प्रबोधिनी एकादशी व्रत (सर्वेषां)

🌹 देवोत्थान एकादशी (तुलसी विवाह)

 भीष्म पंचक  व्रतारम्भ

तीनवन परिक्रमा

    🌹  शुभ विचार   🌹

क्रोधो वैवस्वतो राहा तृष्णा वैतरणी नदी ।
विद्या कामदुधा धेनुः सन्तोषो नन्दनंवनम् ।।
।।चा o नी o।।

क्रोध साक्षात् यम है. तृष्णा नरक की और ले जाने वाली वैतरणी है. ज्ञान कामधेनु है. संतोष ही तो नंदनवन है.

    🌹  सुभाषितानि  🌹

गीता -: गुणत्रयविभागयोग अo-14

कर्मणः सुकृतस्याहुः सात्त्विकं निर्मलं फलम्‌ ।,
रजसस्तु फलं दुःखमज्ञानं तमसः फलम्‌ ॥,

श्रेष्ठ कर्म का तो सात्त्विक अर्थात् सुख, ज्ञान और वैराग्यादि निर्मल फल कहा है, राजस कर्म का फल दुःख एवं तामस कर्म का फल अज्ञान कहा है॥,16॥,

🌹व्रत पर्व विवरण – 🌹

🌷प्रबोधनी (देवउठी) एकादशी के दिन 🌷
🌹 विशेष – 08 नवम्बर शुक्रवार को एकादशी का व्रत उपवास रखें ।
🙏🏻 देवउठी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को इस मंत्र से उठाना चाहिए
🌷 उतिष्ठ-उतिष्ठ गोविन्द, उतिष्ठ गरुड़ध्वज l
उतिष्ठ कमलकांत, त्रैलोक्यं मंगलम कुरु l l
🌷 भीष्मपञ्चक व्रत 🌷
अग्निपुराण अध्याय – २०५
🙏🏻 अग्निदेव कहते है – अब मैं सब कुछ देनेवाले व्रतराज ‘भीष्मपञ्चक’ विषय में कहता हूँ | कार्तिक के शुक्ल पक्ष की एकादशी को यह व्रत ग्रहण करें | पाँच दिनों तक तीनों समय स्नान करके पाँच तिल और यवों के द्वारा देवता तथा पितरों का तर्पण करे | फिर मौन रहकर भगवान् श्रीहरि का पूजन करे | देवाधिदेव श्रीविष्णु को पंचगव्य और पंचामृत से स्नान करावे और उनके श्री अंगों में चंदन आदि सुंगधित द्रव्यों का आलेपन करके उनके सम्मुख घृतयुक्त गुग्गुल जलावे ||१-३||


🙏🏻 प्रात:काल और रात्रि के समय भगवान् श्रीविष्णु को दीपदान करे और उत्तम भोज्य-पदार्थ का नैवेद्ध समर्पित करे | व्रती पुरुष ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ इस द्वादशाक्षर मन्त्र का एक सौ आठ बार (१०८) जप करे | तदनंतर घृतसिक्त तिल और जौ का अंत में ‘स्वाहा’ से संयुक्त *‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ – इस द्वादशाक्षर मन्त्र से हवन करे | पहले दिन भगवान् के चरणों का कमल के पुष्पों से, दुसरे दिन घुटनों और सक्थिभाग (दोनों ऊराओं) का बिल्वपत्रों से, तीसरे दिन नाभिका भृंगराज से, चौथे दिन बाणपुष्प, बिल्बपत्र और जपापुष्पों द्वारा एवं पाँचवे दिन मालती पुष्पों से सर्वांग का पूजन करे | व्रत करनेवाले को भूमि पर शयन करना चाहिये |


🙏🏻 एकादशी को गोमय, द्वादशी को गोमूत्र, त्रयोदशी को दधि, चतुर्दशी को दुग्ध और अंतिम दिन पंचगव्य आहार करे | पौर्णमासी को ‘नक्तव्रत’ करना चाहिये | इस प्रकार व्रत करनेवाला भोग और मोक्ष – दोनों का प्राप्त कर लेता है |
🙏🏻 भीष्म पितामह इसी व्रत का अनुष्ठान करके भगवान् श्रीहरि को प्राप्त हुए थे, इसीसे यह ‘भीष्मपञ्चक’ के नाम से प्रसिद्ध है |
🙏🏻 ब्रह्माजी ने भी इस व्रत का अनुष्ठान करके श्रीहरि का पूजन किया था | इसलिये यह व्रत पाँच उपवास आदि से युक्त हैं ||४-९||
🙏🏻 इस प्रकार आदि आग्नेय महापुराण में ‘भीष्मपञ्चक-व्रत का कथन’ नामक दो सौ पाँचवाँ अध्याय पूरा हुआ ||२०५||
🌹 विशेष ~ 08 नवम्बर 2019 शुक्रवार से 12 नवम्बर 2019 मंगलवार तक भीष्म पंचक व्रत है ।

Presents
 🌹  दैनिक राशिफल   🌹

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
यात्रा लाभदायक रहेगी। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। धन प्राप्ति सुगम होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेंगे। आशंका-कुशंका रहेगी। घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। थकान व कमजोरी रह सकती है। जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें। लंबे प्रवास की योजना बन सकती है।

🐂वृष
कार्यस्थल पर सुधार व परिवर्तन हो सकता है। योजना फलीभूत होगी किंतु तत्काल लाभ नहीं मिलेगा। मित्रों व संबंधियों की सहायता कर पाएंगे। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। ईष्यालु व्यक्तियों से बचें। शेयर मार्केट व म्यूचुअल फंड से लाभ होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे।

👫मिथुन
किसी तीर्थस्थान के दर्शन हो सकते हैं। अध्यात्म में रुचि रहेगी। कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति अनुकूल बनेगी। कारोबारियों को लाभ के अवसर बढ़ेंगे। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। मेहनत अधिक होने से स्वास्थ्य कमजोर हो सकता है। किसी साधु-संत का आशीष मिल सकता है।

🦀कर्क
स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। यात्रा यथासंभव टालें। दूसरों के काम में हस्तक्षेप न करें। शत्रु सक्रिय रहेंगे। किसी छोटी सी बात पर विवाद हो सकता है। व्यापार, नौकरी व निवेश आदि मनोनुकूल रहेंगे। लाभ होगा।

🐅सिंह
पति-पत्नी में संबंध मधुर होंगे। राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। रुके कार्यों में गति आएगी। छोटे भाइयों व मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। किसी के झगड़ों में न पड़ें। विवाद से क्लेश संभव है। व्यापारियों को खुशखबर मिल सकती है। निवेश लाभप्रद रहेगा।

🙎कन्या
भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होकर स्थिति अनुकूल होगी। स्थायी संपत्ति के बड़े सौदे हो सकते हैं। प्रसन्नता व संतुष्टि रहेंगे। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। जोखिम उठाने व जल्दबाजी करने से बचें। धनार्जन होगा।

⚖तुला
विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। शैक्षणिक व शोध कार्य मनोनुकूल रहेंगे। पार्टी व पिकनिक का आनंद प्राप्त हो सकता है। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। जल्दबाजी में कोई कार्य न करें। थकान रह सकती है। व्यापार लाभदायक रहेगा। नौकरी में कोई नया कार्य कर पाएंगे। निवेश शुभ रहेगा।

🦂वृश्चिक
नए संबंध बनाने के पहले विचार कर लें। नौकरी में समस्याएं आ सकती हैं। कार्यभार रहेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। लेन-देन में सावधानी आवश्यक है। कारोबार में लाभ होगा। आय बनी रहेगी। कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें।

🏹धनु
मेहनत का फल पूरा-पूरा मिलेगा। कार्यसिद्धि से प्रसन्नता रहेगी। पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। मित्रों व संबंधियों की सहायता कर पाएंगे। मान-सम्मान मिलेगा। कारोबार से लाभ वृद्धि होगी। नौकरी में अधिकारी वर्ग प्रसन्न रहेगा। पति-पत्नी के संबंधों में मधुरता बढ़ेगी। धनागम होगा।

🐊मकर
भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। आत्मसम्मान बना रहेगा। कोई बड़ा कार्य व लंबे प्रवास का मन बनेगा। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। विवेक का प्रयोग लाभ में वृद्धि करेगा। व्यापार-व्यवसाय से आय बढ़ेगी। जल्दबाजी न करें।

🍯कुंभ
यात्रा लाभप्रद रहेगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। पार्टनरों से सहयोग प्राप्त होगा। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। झंझटों से दूर रहें।

🐟मीन
आर्थिक परेशानी आ सकती है। फालतू खर्च होगा। समय पर व्यवस्था नहीं होगी। आशा-निराशा के भाव रहेंगे। विचारों में स्पष्टता नहीं होने से समस्या बढ़ सकती है। जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। आय में निश्चितता रहेगी। विवाद न करें।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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