सिद्धिविनायक का आशीर्वाद मिले और आपकी राशि क्या कहती है उसकी चाल मिले…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🌸🌸🙏
सम्पर्क सूत्र -9518782511
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏
🙏🌸🙏अथ पंचांगम्* 🙏🌸🙏
ll जय श्री राधे ll
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏

प्रस्तुत

दिनाँक :- 24/09/2019,मंगलवार
दशमी, कृष्ण पक्ष
भाद्रपद
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि—————दशमी 16:42:28 तक
पक्ष———————कृष्ण
नक्षत्र————– पुनर्वसु 10:30:48
योग—————- परिघ 15:41:22
करण————विष्टि भद्र 16:42:28
करण—————-भाव 27:30:15
वार——————मंगलवार
मास———————आश्विन
चन्द्र राशि————–कर्क
सूर्य राशि————–कन्या
रितु——————–वर्षा
आयन————– —दक्षिणायण
संवत्सर—————–विकारी
संवत्सर (उत्तर)——————–परिधावी
विक्रम संवत————2076
विक्रम संवत (कर्तक)———————-2075
शाका संवत ————————-1941

मुम्बई
सूर्योदय—————06:28:40
सूर्यास्त—————18:32:15
दिन काल——–12:03:3
रात्री काल—————–11:57:04
चंद्रास्त —————————–15:08:40
चंद्रोदय—————26:34:18

लग्न—-कन्या 6°34′ , 156°34′

सूर्य नक्षत्र———उत्तराफाल्गुनी
चन्द्र नक्षत्र————-पुनर्वसु
नक्षत्र पाया————-रजत

    🌸  पद, चरण  🌸

ही—-पुनर्वसु 10:30:48

हु—-पुष्य 16:09:49

हे—-पुष्य 21:46:25

हो—-पुष्य 27:20:39

     🌸 ग्रह गोचर 🌸

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य=कन्या 06°42 ‘ उ o फा o, 3 पा
चन्द्र =कर्क17°23 ‘ पुनर्वसु’ 4 ही
बुध=कन्या 21°26 ‘ हस्त’ 4 ठ
शुक्र= कन्या 17°13, हस्त ‘ 3 ण
मंगल=सिंह 29°12 ‘ उ oफ़ा o ‘ 1 टे
गुरु=वृश्चिक 22°37 ‘ज्येष्ठा , 2 या
शनि=धनु 19°43′ पू oषा o ‘ 3 फा
राहू=मिथुन 19°45 ‘ आर्द्रा , 4 छ
केतु=धनु 19 ° 45′ पूo षाo, 2 धा

   🙏शुभा$शुभ मुहूर्त🙏

राहू काल 15:12 – 16:42 अशुभ
यम घंटा 09:10 – 10:41 अशुभ
गुली काल 12:11 – 13:42 अशुभ
अभिजित 11:47 -12:35 शुभ
दूर मुहूर्त 08:34 – 09:22 अशुभ
दूर मुहूर्त 22:59 – 23:48 अशुभ

🌸चोघडिया, दिन
रोग 06:09 – 07:40 अशुभ
उद्वेग 07:40 – 09:10 अशुभ
चर 09:10 – 10:41 शुभ
लाभ 10:41 – 12:11 शुभ
अमृत 12:11 – 13:42 शुभ
काल 13:42 – 15:12 अशुभ
शुभ 15:12 – 16:42 शुभ
रोग 16:42 – 18:13 अशुभ

🚩चोघडिया, रात
काल 18:13 – 19:42 अशुभ
लाभ 19:42 – 21:12 शुभ
उद्वेग 21:12 – 22:42 अशुभ
शुभ 22:42 – 24:11* शुभ
अमृत 24:11* – 25:41* शुभ
चर 25:41* – 27:11* शुभ
रोग 27:11* – 28:40* अशुभ
काल 28:40* – 30:10* अशुभ

🌸 होरा, दिन
मंगल 06:09 – 07:10
सूर्य 07:10 – 08:10
शुक्र 08:10 – 09:10
बुध 09:10 – 10:11
चन्द्र 10:11 – 11:11
शनि 11:11 – 12:11
बृहस्पति 12:11 – 13:11
मंगल 13:11 – 14:12
सूर्य 14:12 – 15:12
शुक्र 15:12 – 16:12
बुध 16:12 – 17:13
चन्द्र 17:13 – 18:13

🚩होरा, रात
शनि 18:13 – 19:13
बृहस्पति 19:13 – 20:12
मंगल 20:12 – 21:12
सूर्य 21:12 – 22:12
शुक्र 12 – 23:12
बुध 23:12 – 24:11*
चन्द्र 24:11* – 25:11*
शनि 25:11* – 26:11*
बृहस्पति 26:11* – 27:11
मंगल 27:11* – 28:10
सूर्य 28:10* – 29:10
शुक्र 29:10* – 30:10

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

🌸दिशा शूल ज्ञान————-उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

  🌸 अग्नि वास ज्ञान  🌸

यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

   15 + 10 + 3 + 1 = 29÷ 4 = 1शेष

पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

 🌸 शिव वास एवं फल 🌸

25 + 25 + 5 =55 ÷ 7 =  6 शेष

ज्ञानवेलायां = कष्ट कारक

🚩भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

16:42 से 27:30 तक

स्वर्ग लोक = शुभ कारक

    🌸  विशेष जानकारी  🌸
  • दशमी श्राद्ध 🙏 शुभ विचार 🙏

लुब्धमर्थेन गृहिणीयात् स्तब्धमञ्जलिकर्मणा ।
मूर्खं छन्दानुवृत्या च यथार्थत्वेन पण्डितम् ।।
।।चा o नी o।।

एक लालची आदमी को भेट वास्तु दे कर संतुष्ट करे. एक कठोर आदमी को हाथ जोड़कर संतुष्ट करे. एक मुर्ख को सम्मान देकर संतुष्ट करे. एक विद्वान् आदमी को सच बोलकर संतुष्ट करे.

      🙏  सुभाषितानि  🙏

गीता -: क्षेत्रज्ञविभागयोग अo-13

सर्वेन्द्रियगुणाभासं सर्वेन्द्रियविवर्जितम्‌ ।,
असक्तं सर्वभृच्चैव निर्गुणं गुणभोक्तृ च ॥,

वह सम्पूर्ण इन्द्रियों के विषयों को जानने वाला है, परन्तु वास्तव में सब इन्द्रियों से रहित है तथा आसक्ति रहित होने पर भी सबका धारण-पोषण करने वाला और निर्गुण होने पर भी गुणों को भोगने वाला है॥,14॥,

🌸 ब्रत पर्व विवरण 🌸
दशमी श्राद्ध

     *कर दर्शन* 🌷

🙏🏻 शास्त्रों के अनुसार सुबह उठते ही करने चाहिए ‘कर दर्शन’, जानिए क्यों?
🙏 हमारी संस्कृति हमें धर्ममय जीवन जीना सिखाती है। हमारा जीवन सुखी, समृद्ध, आनंदमय बने इसके लिए संस्कार रचे गए और दिनचर्या तय की गई। दिनचर्या का आरंभ नींद खुलने के तत्काल बाद शुरू हो जाती है। दिन की शुरुआत का पहला कदम है- कर दर्शनम् अर्थात हथेलियों को देखना। सुबह उठते ही सबसे पहले हमें हथेलियों के ही दर्शन करना चाहिए। यहां जानिए क्या होता है सुबह-सुबह हथेलियों के दर्शन करने से…
🌞 सुबह सुहानी हो तो दिन अच्छा गुजरता है। दिन अच्छा हो इसके लिए हम सुबह अपने अंदर और बाहर अर्थात मन में और घर में शांति और प्रसन्नता चाहते हैं। हम आंख खुलते ही कोई ऐसी चीज देखना पसंद नहीं करते जिससे हमारा दिन खराब हो। हमारा दिन हमारे लिए शुभ हो इसके लिए ऋषियों ने कर दर्शनम् का संस्कार हमें दिया है।
🙌 कैसे करें कर दर्शनम् 🙌
🙏 सुबह जब नींद से जागें तो अपनी हथेलियों को आपस मे मिलाकर पुस्तक की तरह खोल लें और यह श्लोक पढ़ते हुए हथेलियों का दर्शन करें-
🌷 कराग्रे वसते लक्ष्मी: करमध्ये सरस्वती।
कर मूले स्थितो ब्रह्मा प्रभाते कर दर्शनम्॥
🙏 अर्थात- (मेरे) हाथ के अग्रभाग में लक्ष्मी का, मध्य में सरस्वती का और मूल भाग में ब्रह्मा का निवास है।
🙏 हथेलियों के दर्शन करते समय एक और मंत्र भी बोला जाता है…
🌷 कराग्रे वसते लक्ष्मी: करमध्ये सरस्वती।
करमूले तू गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम ॥
🙏 अर्थात- (मेरे) हाथ के अग्रभाग में लक्ष्मी का, मध्य में सरस्वती का और मूल भाग में भगवान विष्णु का निवास है।
🙏 हथेलियों के दर्शन का मूल भाव तो यही है कि हम अपने कर्म पर विश्वास करें। हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि ऐसे कर्म करें जिससे जीवन में धन, सुख और ज्ञान प्राप्त करें। हमारे हाथों से ऐसा कर्म हों जिससे दूसरों का कल्याण हो। संसार में इन हाथों से कोई बुरा कार्य न करें।
🙏 हथेलियों के दर्शन के समय मन में संकल्प लें कि मैं परिश्रम कर दरिद्रता और अज्ञान को दूर करूंगा और अपना व जगत का कल्याण करूंगा।
🙌 हाथों का ही दर्शन क्यों 🙌
🙏 हमारी संस्कृति हमें सदैव कर्म का संदेश देती है। जीवन के चार आधार- धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को पुरुषार्थ कहा गया है। ईश्वर पुरुषार्थी मनुष्य की ही सहायता करते हैं। कर्म से हम अपने जीवन को स्वर्ग बना सकते हैं और नर्क में भी ढकेल सकते हैं। मनुष्य के हाथ शरीर के महत्वपूर्ण अंग हैं। हमारे दो हाथ पुरुषार्थ और सफलता के प्रतीक हैं।
🙏 इस परंपरा के संबंध में वेद कहते हैं-
🌷 कृतं मे दक्षिणेहस्ते जयो मे सष्य आहित:।
📖 – अथर्ववेद 7/50/8
🙏 अर्थात- मेरे दाहिने हाथ में पुरुषार्थ है और बाएं हाथ में सफलता। भावार्थ यही है कि हम यदि परिश्रम करते हैं तो सफलता अवश्य मिलती है। हमे अपने कर्म में पीछे नहीं हटना चाहिए, क्योंकि-
🌷 अयं मे हस्तो भगवानयं मे भगवत्तर:।
📖 – ऋग्वेद 10/60/12
🙏 अर्थात- परिश्रम से हमारे हाथों में श्री और सौभाग्य होते हैं। अर्थ यह है कि हम परिश्रम करेंगे तो ही हमें धन मिलेगा। धन से हम सुख-समृद्धि का सौभाग्य पाएंगे। वेद हमें यह भी सचेत करते हैं कि हमारे हाथ से कोई बुरा काम न हो।
🌷 हस्तच्युतं जनयत प्रशस्तम्।
📖 – सामवेद -72
🙏 अर्थात- हमारे हाथों से सदा श्रेष्ठ का निर्माण हो। हम सदा अच्छे काम करें। किसी का बुरा न करें। किसी को दु:ख न पहुंचाएं।
📖 शिक्षा-
प्रभाते कर दर्शनम् का यही संदेश है। हम सुबह उठते ही अपनी हथेलियों के दर्शन कर अच्छे कार्य करने का संकल्प लें, ताकि दिनभर हमारे मन में कोई बुरे विचार न आएं। अच्छे कार्यां से ही हमारी अलग पहचान बनती है।

  🙏   दैनिक राशिफल  🙏

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति अनुकूल बनेगी। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में मातहत साथ देंगे। प्रसन्नता का वातावरण निर्मित होगा।

🐂वृष
घर, दुकान, फैक्टरी व शोरूम इत्यादि के खरीद-फरोख्त की योजना बनेगी। कारोबार में बड़ा लाभ हो सकता है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। रुके काम बनेंगे। घर-बाहर उत्साह व प्रसन्नता से काम कर पाएंगे।

👫मिथुन
किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकता है। मनपसंद व्यंजनों का आनंद प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग अपने कार्य उत्साह व लगन से कर पाएगा। धन प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। प्रमाद न करें।

🦀कर्क
स्वास्थ्य के संबंध में लापरवाही न करें। स्वास्थ्य पर व्यय होगा। दु:खद समाचार मिल सकता है। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। कुसंगति से हानि होगी। भावना में बहकर महत्वपूर्ण निर्णय न लें। नौकरी में कार्यभार रहेगा। लाभ होगा।

🐅सिंह
समाजसेवा करने की प्रेरणा प्राप्त होगी। मान-सम्मान मिलेगा। खोई हुई वस्तु मिलने के योग हैं। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। नौकरी में उच्चाधिकारी की प्रसन्नता प्राप्त होगी। शत्रु सक्रिय रहेंगे। जोखिम व जमानत के कार्य बिलकुल न करें।

🙎कन्या
भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कारोबार अच्छा चलेगा। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। किसी आनंदोत्सव में भाग ले सकते हैं।

⚖तुला
किसी तरह से बड़ा लाभ होने की संभावना है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। किसी तरह के विवाद में विजय प्राप्त होगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में नया कार्य मिल सकता है।

🦂वृश्चिक
बेवजह चिड़चिड़ापन रहेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। कार्य में मन नहीं लगेगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। थकान व कमजोरी रह सकती है। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। दूसरों से अधिक अपेक्षा न करें।

🏹धनु
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का सहयोग व मार्गदर्शन प्राप्त होगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

🐊मकर
कार्यक्षेत्र के लिए नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। बिगड़े काम बन सकते हैं। समाजसेवा करने का मन बनेगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। व्यस्तता रहेगी। आराम का समय नहीं मिलेगा। थकान रहेगी।

🍯कुंभ
किसी धार्मिक यात्रा की योजना बनेगी। पूजा-पाठ में मन लगेगा। मानसिक शांति के लिए किए गए प्रयास सफल रहेंगे। कोर्ट-कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। प्रसन्नता रहेगी।

🐟मीन
वाहन व मशीनरी इत्यादि के प्रयोग में लापरवाही न करें। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप न करें। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यापार ठीक चलेगा।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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