राशियों की स्थिति के साथ साथ जानिए 27 सेप्टेंबर की मासिक शिवरात्रि को क्या करें क्या…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🌸🙏🌸
सम्पर्क सूत्र -9518782511
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏
🌸🙏अथ पंचांगम्🙏🌸

🙏🌸ll जय श्री राधे ll🌸🙏🙏🌸🌸🌸🌸🌸🙏
दिनाँक -: 26/09/2019,गुरुवार

Presents


द्वादशी, कृष्ण पक्ष
भाद्रपद
“”””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि ——-द्वादशी 11:02:44 तक
पक्ष —————————-कृष्ण
नक्षत्र ——आश्लेषा 06:39:53
नक्षत्र ———– मघा28:00:29
योग ———- सिद्ध 08:52:40
योग ———– साघ्य 28:53:14
करण ———-तैतुल 11:02:44
करण ———-गरज 21:19:48
वार ————————गुरूवार
माह ————————आश्विन
चन्द्र राशि —–कर्क 06:39:53
चन्द्र राशि ——————–सिंह
सूर्य राशि ——————-कन्या
रितु —————————–वर्षा
आयन —————-दक्षिणायण
संवत्सर ——————-विकारी
संवत्सर (उत्तर) ——-परिधावी
विक्रम संवत ————–2076
विक्रम संवत (कर्तक) —-2075
शाका संवत —————-1941

मुम्बई
सूर्योदय —————06:29:03
सूर्यास्त —————18:30:29
दिन काल ————-12:00:08
रात्री काल ————-12:00:19
चंद्रास्त —————–16:54:54
चंद्रोदय —————-28:43:43

लग्न —-कन्या 8°32′ , 158°32′

सूर्य नक्षत्र ——-उत्तराफाल्गुनी
चन्द्र नक्षत्र ————-आश्लेषा
नक्षत्र पाया ——————रजत

      🌸  पद, चरण  🌸

डो —-आश्लेषा 06:39:53

मा —-मघा 12:02:11

मी —-मघा 17:22:57

मू —-मघा 22:42:20

मे —-मघा 28:00:29

       🌸  ग्रह गोचर  🌸

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य=कन्या 08°42 ‘ उ o फा o, 4 पी
चन्द्र =कर्क29°23 ‘ अश्लेषा’ 4 डो
बुध=कन्या 25°26 ‘ चित्रा’ 1 पे
शुक्र= कन्या 20°13, हस्त ‘ 4 ठ
मंगल=सिंह 00°32 ‘ उ oफ़ाo ‘ 2 टो
गुरु=वृश्चिक 23°37 ‘ज्येष्ठा , 2 या
शनि=धनु 19°43′ पू oषा o ‘ 3 फा
राहू=मिथुन 19°25 ‘ आर्द्रा , 4 छ
केतु=धनु 19 ° 25′ पूo षाo, 2 धा

   🙏शुभा$शुभ मुहूर्त 🙏

राहू काल 13:40 – 15:10 अशुभ
यम घंटा 06:10 – 07:40 अशुभ
गुली काल 09:10 – 10:40 अशुभ
अभिजित 11:46 -12:34 शुभ
दूर मुहूर्त 10:10 – 10:58 अशुभ
दूर मुहूर्त 14:58 – 15:46 अशुभ

🙏गंड मूल    अहोरात्र    अशुभ

🌸 चोघडिया, दिन

शुभ 06:10 – 07:40 शुभ
रोग 07:40 – 09:10 अशुभ
उद्वेग 09:10 – 10:40 अशुभ
चर 10:40 – 12:10 शुभ
लाभ 12:10 – 13:40 शुभ
अमृत 13:40 – 15:10 शुभ
काल 15:10 – 16:40 अशुभ
शुभ 16:40 – 18:11 शुभ

🌸 चोघडिया, रात

अमृत 18:11 – 19:41 शुभ
चर 19:41 – 21:11 शुभ
रोग 21:11 – 22:41 अशुभ
काल 22:41 – 24:11* अशुभ
लाभ 24:11* – 25:41* शुभ
उद्वेग 25:41* – 27:11* अशुभ
शुभ 27:11* – 28:41* शुभ
अमृत 28:41* – 30:11* शुभ

 🌸 होरा, दिन

बृहस्पति 06:10 – 07:10
मंगल 07:10 – 08:10
सूर्य 08:10 – 09:10
शुक्र 09:10 – 10:10
बुध 10:10 – 11:10
चन्द्र 11:10 – 12:10
शनि 12:10 – 13:10
बृहस्पति 13:10 – 14:10
मंगल 14:10 – 15:10
सूर्य 15:10 – 16:10
शुक्र 16:10 – 17:10
बुध 17:10 – 18:11

 🙏 होरा, रात

चन्द्र 18:11 – 19:11
शनि 19:11 – 20:11
बृहस्पति 20:11 – 21:11
मंगल 21:11 – 22:11
सूर्य 22:11 – 23:11
शुक्र 23:11 – 24:11
बुध 24:11* – 25:11
चन्द्र 25:11* – 26:11
शनि 26:11* – 27:11
बृहस्पति 27:11* – 28:11
मंगल 28:11* – 29:11
सूर्य 29:11* – 30:11

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

🌸दिशा शूल ज्ञान ———–दक्षिण*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा वेसन के लड्डू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

  🌸 अग्नि वास ज्ञान  🌸

यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

   15 + 12 + 5 + 1 =33 ÷ 4 = 1शेष

पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

  🌸  शिव वास एवं फल 🌸

27 + 27 + 5 = 59 ÷ 7 =  3 शेष

वृषभारूढ़ = शुभ कारक

 🌸 भद्रा वास एवं फल 🌸

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

🙏 विशेष जानकारी 🙏

  • प्रदोष व्रत (शिव पूजन)
  • त्रयोदशी श्राध्द 🙏 शुभ विचार 🙏

सिंहादेकं वकादेकं शिक्षेच्चत्वारि कुक्कुटात् ।
वायसात्पञ्च शिक्षेच्चष्ट् शुनस्त्रीणिगर्दभात् ।।
।।चा o नी o।।

शेर से एक बात सीखे. बगुले से एक. मुर्गे से चार. कौवे से पाच. कुत्ते से छह. और गधे से तीन.

         सुभाषितानि  

गीता -: क्षेत्रज्ञविभागयोग अo-13

अविभक्तं च भूतेषु विभक्तमिव च स्थितम्‌ ।,
भूतभर्तृ च तज्ज्ञेयं ग्रसिष्णु प्रभविष्णु च ॥,

वह परमात्मा विभागरहित एक रूप से आकाश के सदृश परिपूर्ण होने पर भी चराचर सम्पूर्ण भूतों में विभक्त-सा स्थित प्रतीत होता है (जैसे महाकाश विभागरहित स्थित हुआ भी घड़ों में पृथक-पृथक के सदृश प्रतीत होता है, वैसे ही परमात्मा सब भूतों में एक रूप से स्थित हुआ भी पृथक-पृथक की भाँति प्रतीत होता है) तथा वह जानने योग्य परमात्मा विष्णुरूप से भूतों को धारण-पोषण करने वाला और रुद्ररूप से संहार करने वाला तथा ब्रह्मारूप से सबको उत्पन्न करने वाला है॥,16॥,


🌸व्रत पर्व विवरण 🌸

द्वादशी, मघा श्राद्ध, त्रयोदशी का श्राद्ध*
🌸 विशेष – द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
चतुर्दशी तिथि पर न करें श्राद्ध 🌸
🌸 27 सितम्बर 2019 शुक्रवार को आग – दुर्घटना – अस्त्र – शस्त्र – अपमृत्यु से मृतक का श्राद्ध
🙏🏻 हिंदू धर्म के अनुसार, श्राद्ध पक्ष में परिजनों की मृत्यु तिथि के अनुसार ही श्राद्ध करने का विधान है । महाभारत के अनुशासन पर्व में भीष्म पितामह ने युधिष्ठिर को बताया है कि इस तिथि पर केवल उन परिजनों का ही श्राद्ध करना चाहिए, जिनकी अकाल मृत्यु हुई हो।
🌸 इस तिथि पर अकाल मृत्यु (हत्या, दुर्घटना, आत्महत्या आदि) से मरे पितरों का श्राद्ध करने का ही महत्व है। इस तिथि पर स्वाभाविक रूप से मृत परिजनों का श्राद्ध करने से श्राद्ध करने वाले को अनेक प्रकार की मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में उन परिजनों का श्राद्ध सर्वपितृमोक्ष अमावस्या के दिन करना श्रेष्ठ रहता है।
🙏🏻 महाभारत के अनुसार जिन पितरों की मृत्यु स्वाभाविक रुप से हुई हो, उनका श्राद्ध चतुर्दशी तिथि पर करने से श्राद्धकर्ता विवादों में घिर जाता हैं। उन्हें शीघ्र ही लड़ाई में जाना पड़ता है। जवानी में उनके घर के सदस्यों की मृत्यु हो सकती है।
🙏🏻 चतुर्दशी श्राद्ध के संबंध में ऐसा वर्णन कूर्मपुराण में भी मिलता है कि चतुर्दशी को श्राद्ध करने से अयोग्य संतान होती है।
🙏🏻 याज्ञवल्क्यस्मृति के अनुसार, भी चतुर्दशी तिथि को श्राद्ध नहीं करना चाहिए। इस दिन श्राद्ध करने वाला विवादों में फस सकता है।
🙏🏻 चतुर्दशी तिथि पर अकाल (हत्या), आत्महत्या (दुर्घटना), रुप से मृत परिजनों का श्राद्ध करने का विधान है।
🙏🏻 जिन पितरों की अकाल मृत्यु हुई हो व उनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं हो, उनका श्राद्ध चतुर्दशी तिथि को करने से वे प्रसन्न होते हैं।


कर्ज-मुक्ति के लिए मासिक शिवरात्रि* 🌷
👉🏻 27 सितम्बर 2019 शुक्रवार को मासिक शिवरात्रि है।
🙏🏻 हर मासिक शिवरात्रि को सूर्यास्‍त के समय घर में बैठकर अपने गुरुदेव का स्मरण करके शिवजी का स्मरण करते- करते ये 17 मंत्र बोलें, जिनके सिर पर कर्जा ज्यादा हो, वो शिवजी के मंदिर में जाकर दिया जलाकर ये 17 मंत्र बोले।इससे कर्जा से मुक्ति मिलेगी
1).ॐ शिवाय नम:
2).ॐ सर्वात्मने नम:
3).ॐ त्रिनेत्राय नम:
4).ॐ हराय नम:
5).ॐ इन्द्र्मुखाय नम:
6).ॐ श्रीकंठाय नम:
7).ॐ सद्योजाताय नम:
8).ॐ वामदेवाय नम:
9).ॐ अघोरह्र्द्याय नम:
10).ॐ तत्पुरुषाय नम:
11).ॐ ईशानाय नम:
12).ॐ अनंतधर्माय नम:
13).ॐ ज्ञानभूताय नम:
14). ॐ अनंतवैराग्यसिंघाय नम:
15).ॐ प्रधानाय नम:
16).ॐ व्योमात्मने नम:
17).ॐ युक्तकेशात्मरूपाय नम:
🙏🏻 आर्थिक परेशानी से बचने हेतु 🙏🏻
👉🏻 हर महिने में शिवरात्रि (मासिक शिवरात्रि – कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी) को आती है | तो उस दिन जिसके घर में आर्थिक कष्ट रहते हैं वो शाम के समय या संध्या के समय जप-प्रार्थना करें एवं शिवमंदिर में दीप-दान करें ।
👉🏻 और रात को जब 12 बज जायें तो थोड़ी देर जागकर जप और एक श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें।तो आर्थिक परेशानी दूर हो जायेगी।
🙏🏻 प्रति वर्ष में एक महाशिवरात्रि आती है और हर महिने में एक मासिक शिवरात्रि आती है। उस दिन शाम को बराबर सूर्यास्त हो रहा हो उस समय एक दिया पर पाँच लंबी बत्तियाँ अलग-अलग उस एक में हो शिवलिंग के आगे जला के रखना |बैठ कर भगवान शिवजी के नाम का जप करना प्रार्थना करना, | इससे व्यक्ति के सिर पे कर्जा हो तो जल्दी उतरता है, आर्थिक परेशानियाँ दूर होती है ।

       दैनिक राशिफल   

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
कोई पुराना रोग उभर सकता है। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। शारीरिक हानि की आशंका है। किसी भी तरह के विवाद से दूर रहें। स्वाभिमान को चोट पहुंच सकती है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। ऐश्वर्य के साधनों पर व्यय होगा। धन प्राप्ति सुगम होगी।

🐂वृष
किसी आशंका से ग्रसित रह सकते हैं। कोर्ट-कचहरी तथा सरकारी कार्यालयों के कार्य मनमाफिक चलेंगे। किसी विवाद में विजय प्राप्त होगी। व्यापार-व्यवसाय अच्‍छा चलेगा। पारिवारिक चिंता रहेगी। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी।

👫मिथुन
प्रतिद्वंद्वी सक्रिय रहेंगे। किसी व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है। स्थायी संपत्ति की वृद्धि के योग हैं। किसी भी तरह के कागजात ध्यान से पढ़कर निर्णय लें। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। नौकरी में चैन रहेगा। निवेश लाभदायक रहेगा।

🦀कर्क
धन प्राप्ति के लिए किए गए प्रयास सफल रहेंगे। विद्यार्थी वर्ग अपने कार्य में सफलता प्राप्त करेगा। किसी लंबी यात्रा की संभावना है। मनोरंजन के अवसर प्राप्त होंगे। नौकरी में नए कार्य कर पाएंगे। उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे।

🐅सिंह
शारीरिक कष्ट की आशंका है। किसी अपने ही व्यक्ति से विवाद हो सकता है। पुराना रोग उभर सकता है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। भागदौड़ रहेगी। दु:खद समाचार प्राप्ति की आशंका है, धैर्य रखें। व्यापार-व्यवसाय में लाभ होगा।

🙎कन्या
किसी भूले-बिसरे शत्रु से हानि की आशंका है। पिछले समय किए गए प्रयासों का लाभ मिलने का प्रारंभ होगा। सामाजिक कार्य करने की प्रेरणा प्राप्त होगी। मान-सम्मान मिलेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा।

⚖तुला
किसी दुष्ट प्रवृत्ति के व्यक्ति का साथ हानिप्रद रहेगा। घर में मेहमानों का आगमन होगा। व्यय होगा। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। नए संपर्क बन सकते हैं। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। हल्की मजाक बिलकुल न करें।

🦂वृश्चिक
व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य खराब हो सकता है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। नौकरी में अधिकारी की प्रसन्नता प्राप्त होगी। यात्रा लाभदायक रहेगी। कारोबार में वृद्धि होगी। भाग्य अनुकूल रहेगा ।

🏹धनु
कोई बड़ा खर्च सामने आ सकता है। आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है। दूसरे के कार्य में हस्तक्षेप न करें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। महत्वपूर्ण निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें। आय में निश्चितता रहेगी। व्यापार-व्यवसाय अच्‍छा चलेगा।

🐊मकर
ऐश्वर्य के साधनों पर व्यय हो सकता है। धन प्राप्ति सुगम होगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। कारोबार में वृद्धि होगी। नए काम मिल सकते हैं। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। भाग्य का साथ रहेगा।

🍯कुंभ
विवाह के उम्मीदवारों को वैवाहिक प्रस्ताव प्राप्त हो सकता है। प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। मित्रों तथा रिश्तेदारों की सहायता कर पाएंगे। लाभ होगा।

🐟मीन
किसी धार्मिक यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। पूजा-पाठ में मन लगेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। कोर्ट व कचहरी के कार्यों में रुकावट दूर होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। प्रसन्नता रहेगी। परिवार के साथ समय सुखमय व्यतीत होगा।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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