Dharma & Karma 

⚖तुला राशि के लोगों की रुचि धर्म – कर्म में बढ़ेगी, राजकीय बाधा दूर होगी, मगर आपने सोंचा की आपकी राशि में क्या होने वाला है?

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र🙏
सम्पर्क सूत्र -9518782511
🙏🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🙏
🙏🌹🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌹🙏
🙏ll जय श्री राधे ll*🙏
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दिनाँक -: 10/12/2019,मंगलवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि ——-त्रयोदशी 10:43:46 तक
पक्ष —————————शुक्ल
नक्षत्र ——–कृत्तिका 29:56:55
योग ————–शिव 16:24:27
करण ———–तैतुल 10:43:46
करण ———–गरज 22:55:39
वार ———————–मंगलवार
माह ————————मार्गशीर्ष
चन्द्र राशि ———————–मेष
चन्द्र राशि ——————–वृषभ
सूर्य राशि ——————-वृश्चिक
रितु —————————-हेमंत
आयन ——————-दक्षिणायण
संवत्सर ———————-विकारी
संवत्सर (उत्तर) ———-परिधावी
विक्रम संवत —————-2076
विक्रम संवत (कर्तक)——2076
शाका संवत —————-1941

मुम्बई
सूर्योदय —————–07:01:56
सूर्यास्त —————–18:00:16
दिन काल —————10:58:19
रात्री काल ————-13:02:16
चंद्रोदय —————–16:42:10
चंद्रास्त —————–29:57:30

लग्न —-वृश्चिक 23°33′ , 233°33′

सूर्य नक्षत्र ——————-ज्येष्ठा
चन्द्र नक्षत्र —————–कृत्तिका
नक्षत्र पाया ——————–लोहा

      *🌹पद, चरण🌹*

अ —-कृत्तिका 11:17:32

ई —-कृत्तिका 17:32:4

उ —-कृत्तिका 23:45:51

ए —-कृत्तिका 29:56:55

        *🌹ग्रह गोचर🌹*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य=वृश्चिक 23°32 ‘ ज्येष्ठा, 3 यी
चन्द्र = मेष 27°23 ‘कृतिका ‘ 1 अ
बुध = वृश्चिक 06°10 ‘अनुराधा’ 2 नी
शुक्र= धनु 23 ° 55, पू o षा o ‘ 3 फा
मंगल=तुला 19°40 ‘ स्वाति ‘ 4 ता
गुरु=धनु 06°30 ‘ मूल , 3 भा
शनि=धनु 24°43′ पू oषा o ‘ 4 ढा
राहू=मिथुन 16 °20 ‘ आर्द्रा , 3 ङ
केतु=धनु 15 ° 20′ पूo षाo, 1 भू

    *🌹शुभा$शुभ मुहूर्त🌹*

राहू काल 14:48 – 16:06 अशुभ
यम घंटा 09:36 – 10:54 अशुभ
गुली काल 12:12 – 13:30 अशुभ
अभिजित 11:51 -12:33 शुभ
दूर मुहूर्त 09:05 – 09:46 अशुभ
दूर मुहूर्त 22:50 – 23:32 अशुभ

🌹 चोघडिया, दिन
रोग 06:59 – 08:18 अशुभ
उद्वेग 08:18 – 09:36 अशुभ
चर 09:36 – 10:54 शुभ
लाभ 10:54 – 12:12 शुभ
अमृत 12:12 – 13:30 शुभ
काल 13:30 – 14:48 अशुभ
शुभ 14:48 – 16:06 शुभ
रोग 16:06 – 17:24 अशुभ

🌹 चोघडिया, रात
काल 17:24 – 19:06 अशुभ
लाभ 19:06 – 20:48 शुभ
उद्वेग 20:48 – 22:30 अशुभ
शुभ 22:30 – 24:12* शुभ
अमृत 24:12* – 25:54* शुभ
चर 25:54* – 27:36* शुभ
रोग 27:36* – 29:18* अशुभ
काल 29:18* – 31:01*अशुभ

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

🌹 दिशा शूल ज्ञान————-उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🌹 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

   13 + 3 + 1 =  17 ÷ 4 = 1 शेष

पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

🌹 शिव वास एवं फल -:

13 + 13 + 5 = 31 ÷ 7 = 3 शेष

वृषभारूढ़ = शुभ कारक

🌹भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

    *🌹विशेष जानकारी🌹*
  • सर्वार्थ सिद्धि योग अहोरात्र
  • पिशाच मोचन श्राध्द *🌹शुभ विचार🌹*

विप्रो वृक्षस्तस्य मूलं च सन्ध्या
वेदाः शाखा धर्मकर्माणि पत्रम् ।
तस्मात्‍ मूलं यत्नो रक्षणीयम्
छिन्ने मूले नैव शाखा न पत्रम् ।।
।।चा o नी o।।

ब्राह्मण एक वृक्ष के समान है. उसकी प्रार्थना ही उसका मूल है. वह जो वेदों का गान करता है वही उसकी शाखाए है. वह जो पुण्य कर्म करता है वही उसके पत्ते है. इसीलिए उसने अपने मूल को बचाना चाहिए. यदि मूल नष्ट हो जाता है तो शाखाये भी ना रहेगी और पत्ते भी.

      *🌹सुभाषितानि🌹*

गीता -: दैवासुरसम्पद्विभागयोग अo-16

अभयं सत्त्वसंशुद्धिर्ज्ञानयोगव्यवस्थितिः।,
दानं दमश्च यज्ञश्च स्वाध्यायस्तप आर्जवम्‌॥,

श्री भगवान बोले- भय का सर्वथा अभाव, अन्तःकरण की पूर्ण निर्मलता, तत्त्वज्ञान के लिए ध्यान योग में निरन्तर दृढ़ स्थिति (परमात्मा के स्वरूप को तत्त्व से जानने के लिए सच्चिदानन्दघन परमात्मा के स्वरूप में एकी भाव से ध्यान की निरन्तर गाढ़ स्थिति का ही नाम ‘ज्ञानयोगव्यवस्थिति’ समझना चाहिए) और सात्त्विक दान (गीता अध्याय 17 श्लोक 20 में जिसका विस्तार किया है), इन्द्रियों का दमन, भगवान, देवता और गुरुजनों की पूजा तथा अग्निहोत्र आदि उत्तम कर्मों का आचरण एवं वेद-शास्त्रों का पठन-पाठन तथा भगवान्‌ के नाम और गुणों का कीर्तन, स्वधर्म पालन के लिए कष्टसहन और शरीर तथा इन्द्रियों के सहित अन्तःकरण की सरलता॥,1॥,

🌹व्रत पर्व विवरण🌹

विशेष त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

🌷 पिशाच मोचिनी तिथि (श्राद्ध) 🌷
➡ पिशाचमोचन श्राद्ध तिथिः मार्गशीर्ष शुक्ल चतुर्दशी जो इस वर्ष 10 दिसम्बर 2019 मंगलवार को सुबह 10:45 से 11 दिसम्बर बुधवार को सुबह 10:59 तक मार्गशीर्ष शुक्ल चतुर्दशी है।
🙏🏻 इस दिन प्रेत योनि को प्राप्त जीवों (पूर्वजों) के निमित्त तर्पण आदि करने से उनकी सदगति होती है |जिनके घर-परिवार, आस-पडोस या परिचय में किसी की अकाल मृत्यु हुई हो या कोई भूत-प्रेत अथवा पितृबाधा से पीड़ित हो, वे पिशाच मोचिनी तिथि को उनकी सदगति, आत्मशांति और मुक्ति के लिए संकल्प करके श्राद्ध – तर्पण अवश्य करें | भूत-प्रेतादिक से ग्रस्त व्यक्ति इसे अवश्य करें |
➡ विधिः प्रातः स्नान के बाद दक्षिणमुख होकर बैठें। तिलक, आचमन आदि के बाद पीतल या ताँबे के थाल अथवा तपेली आदि मे पानी लें। उसमें दूध, दही, घी, शक्कर, शहद, कुम -कुम, अक्षत, तिल, कुश मिलाकर रखें। हाथ में शुद्ध जल लेकर संकल्प करें कि ʹअमुक व्यक्ति (नाम) के प्रेतत्व निवारण हेतु हम आज पिशाचमोचन श्राद्ध तिथि को यह पिशाचमोचन श्राद्ध कर रहे हैं।ʹ हाथ का जल जमीन पर छोड़ दें। फिर थोड़े काले तिल अपने चारों ओर जमीन पर छिड़क दें कि भगवान विष्णु हमारे श्राद्ध की असुरों से रक्षा करें। अब अनामिका उँगली में कुश की अँगूठी पहनकर (ʹૐ अर्यमायै नमःʹ) मंत्र बोलते हुए पितृतीर्थ से 108 तर्पण करें अर्थात् थाल में से दोनों हाथों की अंजली भर-भर के पानी लें एवं दायें हाथ की तर्जनी उँगली व अँगूठे के बीच से गिरे, इस प्रकार उसी पात्र में डालते रहें। ( तर्पण पीतल या ताँबे के थाल अथवा तपेली में बनाकर रखे जल से करना है।)
🙏🏻 108 तर्पण हो जाने के बाद दायें हाथ में शुद्ध जल लेकर संकल्प करें कि सर्व प्रेतात्माओं की सदगति के निमित्त किया गया, यह तर्पण कार्य भगवान नारायण के श्रीचरणों में समर्पित है। फिर तनिक शांत होकर भगवद्-शांति में बैठें। बाद में तर्पण के जल को पीपल में चढ़ा दें।


🌷 मार्गशीर्ष मास की शुक्ल मास चतुर्दशी 🌷
🙏🏻 मस्त्यपुराण कहता है कि – मार्गशीर्ष मास शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि के दिन अगर कोई शिवजी का १७ नामों से पूजन करे या वो १७ मंत्र बोलकर उनको प्रणाम करे | जो शिव है वो गुरु है और जो गुरु है वो शिव है | अपने गुरुदेव का भी स्मरण करते करते करें , तो भी उन तक पहुँच जाता है | और ज्यादा किसी को समस्या है वो विशेष रूप से, १७ नाम मस्त्यपुराण में बताया है | उसी दिन खास महिमा है उसकी, मार्गशीर्ष मास के बारे में जानते होंगे, जो भगवत गीता पाठ करते हैं | तो भगवान ने गीता के १० वे अध्याय में कहाँ है – ‘मासा नाम मार्गशीर्षोंहम’ की जो मार्गशीर्ष मास में भगवान ने अपनी विभूति बताया और उसमे शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी |
👉🏻 १७ नाम इस प्रकार 👈🏻
🌷 १) ॐ शिवाय नम:
🌷 २) ॐ सर्वात्मने नम:
🌷 ३) ॐ त्रिनेत्राय नम:
🌷 ४) ॐ हराय नम:
🌷 ५) ॐ इन्द्र्मुखाय नम:
🌷 ६) ॐ श्रीकंठाय नम:
🌷 ७) ॐ सत्योजाताय नम:
🌷 ८) ॐ वामदेवाय नम:
🌷 ९) ॐ अघोरहृदयाय नम:
🌷 १०) ॐ तत्पुरुषाय नम:
🌷 ११) ॐ ईशानाय नम:
🌷 १२) ॐ अनंतधर्माय नम:
🌷 १३) ॐ ज्ञानभुताय नम:
🌷 १४) ॐ अनंतवैराग्यसिंघाय नम:
🌷 १५) ॐ प्रधानाय नम:
🌷 १६) ॐ व्योमात्मने नम:
🌷 १७) ॐ युक्तकेशात्मरूपाय नम:


🙏🏻 तो जिनको जीवन में कष्ट आदि हैं उनको दूर करने में मदद मिलती है | और दो नाम पार्वतीजी के बोलेंगे उसी दिन – ॐ पुष्ट्ये नम: , ॐ तुष्टये नम: माँ पार्वती को नमन करके ये दो मंत्र उस दिन बोले की मैं श्रद्धा और भक्ति से पुष्ट बनूँ क्योंकि पार्वतीजी ‘भवानी शंकरों वन्दे श्रद्धा विश्वास रुपिनों’ आप श्रद्धा की मूर्ति है माँ मैं श्रद्धा से पुष्ट बनूँ मैं गुरुदेव के प्रति विचार रूपी सात्विक श्रद्धा से पुष्ट बनूँ |
🌷 *शिव गायत्री मंत्र – ॐ तत्पुरुषाय विद्महे | महादेवाय धीमहि, तन्नो रूद्र प्रचोदयात् ।।

रविवार, 22 दिसंबर सफला एकादशी
23 दिसंबर 2019 सोमवार सोम प्रदोष व्रत
अमावस्या
26 दिसंबर 2019- गुरुवार- पौष अमावस्या।

     *🌹दैनिक राशिफल🌹*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
मेहनत का फल मिलेगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। थकान रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रसन्नता रहेगी। भूमि, आवास की समस्या रह सकती है। आजीविका में नवीन प्रस्ताव मिलेगा। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। संतान से कष्ट रहेगा।

🐂वृष
भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। मान बढ़ेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। अपनी बुद्धिमत्ता से आप सही निर्णय लेने में सक्षम होंगे। विकास की योजनाएं बनेंगी। निजीजनों में असंतोष हो सकता है। व्यापार में इच्छित लाभ होगा।

👫मिथुन
भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। जोखिम न लें। व्यावसायिक चिंता दूर हो सकेगी। स्वयं के सामर्थ्य से ही भाग्योन्नति के अवसर आएंगे। योजनाएं फलीभूत होंगी।

🦀कर्क
वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। वस्तुएं संभालकर रखें। स्वास्थ्य पर व्यय होगा। विवाद न करें। यात्रा में अपनी वस्तुओं को संभालकर रखें। कर्म के प्रति पूर्ण समर्पण व उत्साह रखें। अधीनस्थों की ओर ध्यान दें। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।

🐅सिंह
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। आय बढ़ेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। अपने व्यसनों पर नियंत्रण रखते हुए कार्य करना चाहिए। व्यापार में कर्मचारियों पर अधिक विश्वास न करें। आर्थिक स्थिति मध्यम रहेगी।

🙎कन्या
नए अनुबंध होंगे। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। झंझटों में न पड़ें। शत्रु सक्रिय रहेंगे। कार्य की प्रवृत्ति में यथार्थता व व्यावहारिकता का समावेश आवश्यक है। व्यापार में नई योजनाओं पर कार्य नहीं होंगे। जीवनसाथी का ध्यान रखें।

⚖तुला
धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। राजकीय बाधा दूर होगी। वरिष्ठजन सहयोग करेंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। बुद्धि एवं तर्क से कार्य में सफलता के योग बनेंगे। यात्रा कष्टप्रद हो सकती है। अतः उसका परित्याग करें। व्यापार लाभप्रद रहेगा।

🦂वृश्चिक
समय ठीक नहीं है। वाहन, मशीनरी व अग्नि के प्रयोग में सावधानी रखें। लेन-देन में सावधानी रखें। विवाद न करें। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। सकारात्मक विचारों के कारण प्रगति के योग आएंगे। कार्यपद्धति में विश्वसनीयता बनाए रखें।

🏹धनु
प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। राजकीय काम बनेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। चिंता रहेगी। जोखिम न उठाएं। संतान से मदद मिलेगी। आर्थिक स्थिति में प्रगति की संभावना है। अचानक धन की प्राप्ति के योग हैं। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें।

🐊मकर
संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। धनार्जन होगा। समाज में प्रसिद्धि के कारण सम्मान में बढ़ौत्री होगी। आजीविका में नवीन प्रस्ताव मिलेंगे। परिवार की समस्याओं को अनदेखा न करें।

🍯कुंभ
किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। कामकाज में धैर्य रखने से सफलता मिल सकेगी। योजनाएं फलीभूत होंगी। मित्रों में आपका वर्चस्व बढ़ेगा। स्वास्थ्य की ओर ध्यान दें।

🐟मीन
दूसरों से अपेक्षा न करें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। थकान रहेगी। जोखिम न लें। विवाद से बचें। राजकीय सहयोग मिलेगा एवं इस क्षेत्र के व्यक्तियों से संबंध बढ़ेंगे। विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी। व्यापार अच्छा चलेगा। वाणी पर संयम रखें।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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