Dharma & Karma 

🐂वृष राशि के लोग परिस्थिति देखकर हंसी-मजाक करें, अन्यथा हो सकता है गड़बड़। बाकी के लोग देखें अपना राशिफल और…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🌹🙏सम्पर्क सूत्र – 9518782511
🙏🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🙏
🙏🌹🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌹🙏
🙏ll जय श्री राधे ll*🙏
🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🙏

दिनाँक -: 13/01/2020,सोमवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
माघ
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि ———तृतीया 17:31:41 तक
पक्ष —————————-कृष्ण
नक्षत्र ——-आश्लेषा 09:54:21
योग ————–प्रीति 07:23:37
योग ——आयुष्मान 27:57:28
करण ——विष्टि भद्र 17:31:41
करण ————भाव 28:10:12
वार ————————सोमवार
माह —————————–माघ
चन्द्र राशि ——–कर्क09:54:21
चन्द्र राशि ———————सिंह
सूर्य राशि ———————–धनु
रितु —————————-हेमंत
सायन ————————शिशिर
आयन ——————-दक्षिणायन
सायन ——————- उत्तरायण
संवत्सर ———————विकारी
संवत्सर (उत्तर) ———-परिधावी
विक्रम संवत —————-2076
विक्रम संवत (कर्तक) —-2076
शाका संवत —————-1941

मुम्बई
सूर्योदय —————–07:15:43
सूर्यास्त —————–18:18:18
दिन काल ————–11:02:35
रात्री काल ————-12:57:31
चंद्रास्त —————–09:24:15
चंद्रोदय —————–21:04:41

लग्न —-धनु 28°11′ , 268°11′

सूर्य नक्षत्र ————–उत्तराषाढा
चन्द्र नक्षत्र —————-आश्लेषा
नक्षत्र पाया ——————रजत

       🌹पद, चरण🌹

डो —-आश्लेषा 09:54:21

मा —-मघा 15:24:35

मी —-मघा20:54:34

मू —-मघा 26:24:26

      🌹 ग्रह गोचर🌹

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य=धनु 28°32 ‘ उ oषा o, 1 भे
चन्द्र = कर्क 28°23 ‘ पुष्य ‘ 4 डो
बुध = धनु 29°10 ‘ उoषाo’ 1 भे
शुक्र= कुम्भ 05°55, धनिष्ठा ‘ 4 गे
मंगल=वृश्चिक 11°40′ अनुराधा ‘ 3 नू
गुरु=धनु 15°30 ‘ पू oषाo , 1 भू
शनि=धनु 26°43′ उ oषा o ‘ 1 भे
राहू=मिथुन 13 °31 ‘ आर्द्रा , 3 ङ
केतु=धनु 13 ° 31′ पूo षाo, 1 भू

     🌹शुभा$शुभ मुहूर्त🌹

राहू काल 08:31 – 09:50 अशुभ
यम घंटा 11:09 – 12:28 अशुभ
गुली काल 13:47 – 15:05 अशुभ
अभिजित 12:07 -12:49 शुभ
दूर मुहूर्त 12:49 – 13:31 अशुभ
दूर मुहूर्त 14:55 – 15:37 अशुभ

🌹गंड मूल अहोरात्र अशुभ

🌹चोघडिया, दिन
अमृत 07:13 – 08:31 शुभ
काल 08:31 – 09:50 अशुभ
शुभ 09:50 – 11:09 शुभ
रोग 11:09 – 12:28 अशुभ
उद्वेग 12:28 – 13:47 अशुभ
चर 13:47 – 15:05 शुभ
लाभ 15:05 – 16:24 शुभ
अमृत 16:24 – 17:43 शुभ

🌹चोघडिया, रात
चर 17:43 – 19:24 शुभ
रोग 19:24 – 21:05 अशुभ
काल 21:05 – 22:47 अशुभ
लाभ 22:47 – 24:28* शुभ
उद्वेग 24:28* – 26:09* अशुभ
शुभ 26:09* – 27:50* शुभ
अमृत 27:50* – 29:31* शुभ
चर 29:31* – 31:12* शुभ

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

🌹दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

     🌹अग्नि वास ज्ञान🌹

यात्रा विवाहे व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

   15 + 3 + 2 + 1 =  21 ÷ 4 = 1 शेष

पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

  🌹शिव वास एवं फल🌹

18 + 18 + 5 = 41 ÷ 7 = 6 शेष

क्रीड़ायां = शोक ,दुःख कारक

🌹भद्रा वास एवं फल🌹

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

सांय 17:32 तक समाप्त

मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनी

     🌹विशेष जानकारी🌹
  • संकटी चतुर्थी व्रत, चंद्रोदय रात्रि 20:36
  • लोहड़ी (तिल चतुर्थी) 🌹शुभ विचार🌹

काष्ठं कल्पतरुः सुमेरुरचलश्चिन्तामणिः प्रस्तरः
सूर्यस्तीव्रकरः शशीक्षयकरः क्षारोहि वारां निधिः ।
कामो नष्टतनुर्बलिदितिसुतो नित्यं पशुः कामगाः
नैस्तांस्ते तुलयामि भो रघुपते कस्योपमादीयते ।।
।।चा o नी o।।

कल्प तरु तो एक लकड़ी ही है. सुवर्ण का सुमेर पर्वत तो निश्छल है. चिंता मणि तो एक पत्थर है. सूर्य में ताप है. चन्द्रमा तो घटता बढ़ता रहता है. अमर्याद समुद्र तो खारा है. काम देव का तो शरीर ही जल गया. महाराज बलि तो राक्षस कुल में पैदा हुए. कामधेनु तो पशु ही है. भगवान् राम के समान कौन है.

       🌹सुभाषितानि🌹

गीता -: श्रद्धात्रयविभागयोग अo-17

अफलाकाङ्क्षिभिर्यज्ञो विधिदृष्टो य इज्यते।,
यष्टव्यमेवेति मनः समाधाय स सात्त्विकः॥,

जो शास्त्र विधि से नियत, यज्ञ करना ही कर्तव्य है- इस प्रकार मन को समाधान करके, फल न चाहने वाले पुरुषों द्वारा किया जाता है, वह सात्त्विक है॥,11॥,

🌹व्रत पर्व विवरण🌹

🌹 विशेष – तृतीया को परवल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
🌹संकष्टी चतुर्थी ब्रत🌹
➡ 13 जनवरी 2020 सोमवार को संकट चौथ, संकष्टी चतुर्थी का त्यौहार है। इस चतुर्थी को ‘माघीचतुर्थी’, ‘तिलचौथ’, ‘वक्रतुण्डी चतुर्थी’ भी कहा जाता है।
🙏🏻इस दिन गणेश भगवान तथा संकट माता की पूजा का विधान है। संकष्ट का अर्थ है ‘कष्ट या विपत्ति’, ‘कष्ट’ का अर्थ है ‘क्लेश’, सम् उसके आधिक्य का द्योतक है। आज किसी भी प्रकार के संकट, कष्ट का निवारण संभव है। आज के दिन व्रत रखा जाता है। इस व्रत का आरम्भ ‘ गणपतिप्रीतये संकष्टचतुर्थीव्रतं करिष्ये ‘ – इस प्रकार संकल्प करके करें । सायंकालमें गणेशजी का और चंद्रोदय के समय चंद्र का पूजन करके अर्घ्य दें।
गणेशाय नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धि प्रदायक।
संकष्टहर में देव गृहाणर्धं नमोस्तुते।
कृष्णपक्षे चतुर्थ्यां तु सम्पूजित विधूदये।
क्षिप्रं प्रसीद देवेश गृहार्धं नमोस्तुते।’


🙏🏻 नारदपुराण, पूर्वभाग अध्याय 113 में संकष्टीचतुर्थी व्रत का वर्णन इस प्रकार मिलता है।
माघकृष्णचतुर्थ्यां तु संकष्टव्रतमुच्यते । तत्रोपवासं संकल्प्य व्रती नियमपूर्वकम् ।। ११३-७२ ।।
चंद्रोदयमभिव्याप्य तिष्ठेत्प्रयतमानसः । ततश्चंद्रोदये प्राप्ते मृन्मयं गणनायकम् ।। ११३-७३ ।।
विधाय विन्यसेत्पीठे सायुधं च सवाहनम् । उपचारैः षोडशभिः समभ्यर्च्य विधानतः ।। ११३-७४ ।।
मोदकं चापि नैवेद्यं सगुडं तिलकुट्टकम् । ततोऽर्घ्यं ताम्रजे पात्रे रक्तचंदनमिश्रितम् ।। ११३-७५ ।।
सकुशं च सदूर्वं च पुष्पाक्षतसमन्वितम् । सशमीपत्रदधि च कृत्वा चंद्राय दापयेत् ।। ११३-७६ ।।
गगनार्णवमाणिक्य चंद्र दाक्षायणीपते । गृहाणार्घ्यं मया दत्तं गणेशप्रतिरूपक ।। ११३-७७ ।।
एवं दत्त्वा गणेशाय दिव्यार्घ्यं पापनाशनम् । शक्त्या संभोज्य विप्राग्र्यान्स्वयं भुंजीत चाज्ञया ।। ११३-७८ ।।
एवं कृत्वा व्रतं विप्र संकष्टाख्यं शूभावहम् । समृद्धो धनधान्यैः स्यान्न च संकष्टमाप्नुयात् ।। ११३-७९ ।।


🙏🏻 माघ कृष्ण चतुर्थी को ‘संकष्टवव्रत’ बतलाया जाता है। उसमें उपवास का संकल्प लेकर व्रती सबेरे से चंद्रोदयकाल तक नियमपूर्वक रहे। मन को काबू में रखे। चंद्रोदय होने पर मिट्टी की गणेशमूर्ति बनाकर उसे पीढ़े पर स्थापित करे। गणेशजी के साथ उनके आयुध और वाहन भी होने चाहिए। मिटटी में गणेशजी की स्थापना करके षोडशोपचार से विधिपूर्वक उनका पूजन करें । फिर मोदक तथा गुड़ से बने हुए तिल के लडडू का नैवेद्य अर्पण करें।
तत्पश्चात्‌ तांबे के पात्र में लाल चन्दन, कुश, दूर्वा, फूल, अक्षत, शमीपत्र, दधि और जल एकत्र करके निम्नांकित मंत्र का उच्चारण करते हुए उन्हें चन्द्रमा को अर्घ्य दें –
गगनार्णवमाणिक्य चन्द्र दाक्षायणीपते।
गृहाणार्घ्यं मया दत्तं गणेशप्रतिरूपक॥
‘गगन रूपी समुद्र के माणिक्य, दक्ष कन्या रोहिणी के प्रियतम और गणेश के प्रतिरूप चन्द्रमा! आप मेरा दिया हुआ यह अर्घ्य स्वीकार कीजिए।’
इस प्रकार गणेश जी को यह दिव्य तथा पापनाशन अर्घ्य देकर यथाशक्ति उत्तम ब्राह्मणों को भोजन कराने के पश्च्यात स्वयं भी उनकी आज्ञा लेकर भोजन करें। ब्रह्मन ! इस प्रकार कल्याणकारी ‘संकष्टवव्रत’ का पालन करके मनुष्य धन-धान्य से संपन्न होता है। वह कभी कष्ट में नहीं पड़ता।


🙏🏻 लक्ष्मीनारायणसंहिता में भी कुछ इसी प्रकार वर्णन मिलता है ।
माघकृष्णचतुर्थ्यां तु संकष्टहारकं व्रतम् ।
उपवासं प्रकुर्वीत वीक्ष्य चन्द्रोदयं ततः ।। १२८ ।।
मृदा कृत्वा गणेशं सायुधं सवाहनं शुभम् ।
पीठे न्यस्य च तं षोडशोपचारैः प्रपूजयेत् ।। १२९ ।।
मोदकाँस्तिलचूर्णं च सशर्करं निवेदयेत् ।
अर्घ्यं दद्यात्ताम्रपात्रे रक्तचन्दनमिश्रितम् ।। १३० ।।
कुशान् दूर्वाः कुसुमान्यक्षतान् शमीदलान् दधि ।
दद्यादर्घ्यं ततो विसर्जनं कुर्यादथ व्रती ।। १३१ ।।
भोजयेद् भूसुरान् साधून् साध्वीश्च बालबालिकाः ।
व्रती च पारणां कुर्याद् दद्याद्दानानि भावतः ।। १३२ ।।
एवं कृत्वा व्रतं स्मृद्धः संकटं नैव चाप्नुयात् ।
धनधान्यसुतापुत्रप्रपौत्रादियुतो भवेत् ।। १३३ ।।
🌹भविष्यपुराण में भी इस व्रत का वर्णन मिलता है ।


👉🏻 आज के दिन क्या करें
🌹 १. गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ अत्यन्त शुभकारी होगा ।
🌹 २. गणेश भगवान को दूध (कच्चा), पंचामृत, गंगाजल से स्नान कराकर, पुष्प, वस्त्र आदि समर्पित करके तिल तथा गुड़ के लड्डू, दूर्वा का भोग जरूर लगायें। लड्डू की संख्या 11 या 21 रखें। गणेश जी को मोदक (लड्डू), दूर्वा घास तथा लाल रंग के पुष्प अति प्रिय हैं । गणेश अथर्वशीर्ष में कहा गया है “यो दूर्वांकुरैंर्यजति स वैश्रवणोपमो भवति” अर्थात जो दूर्वांकुर के द्वारा भगवान गणपति का पूजन करता है वह कुबेर के समान हो जाता है। “यो मोदकसहस्रेण यजति स वाञ्छित फलमवाप्रोति” अर्थात जो सहस्र (हजार) लड्डुओं (मोदकों) द्वारा पूजन करता है, वह वांछित फल को प्राप्त करता है।
🌹 ३. आज गणपति के 12 नाम या 21 नाम या 101 नाम से पूजा करें ।
🌹 ४. शिवपुराण के अनुसार “महागणपतेः पूजा चतुर्थ्यां कृष्णपक्ष के। पक्षपापक्षयकरी पक्षभोगफलप्रदा ॥ “ अर्थात प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को की हुई महागणपति की पूजा एक पक्ष के पापों का नाश करनेवाली और एक पक्ष तक उत्तम भोगरूपी फल देनेवाली होती है ।
🌹५. किसी भी समस्या के समाधान के लिए आज संकट नाशन गणेश स्तोत्र के 11 पाठ करें।

🌹विघ्नों और मुसीबतें दूर करने के लिए🌹
🙏🏻 शिव पुराण में आता है कि हर महिने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी ( पूनम के बाद की ) के दिन सुबह में गणपतिजी का पूजन करें और रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें और ये मंत्र बोलें :
🌷ॐ गं गणपते नमः
🌷ॐ सोमाय नमः

🌹कोई कष्ट हो तो🌹
🙏🏻 हमारे जीवन में बहुत समस्याएँ आती रहती हैं, मिटती नहीं हैं ।, कभी कोई कष्ट, कभी कोई समस्या | ऐसे लोग शिवपुराण में बताया हुआ एक प्रयोग कर सकते हैं कि, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (मतलब पुर्णिमा के बाद की चतुर्थी ) आती है | उस दिन सुबह छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें कि हमारे घर में ये बार-बार कष्ट और समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों |
👉🏻 छः मंत्र इस प्रकार हैं –
🌷 ॐ सुमुखाय नम: : सुंदर मुख वाले; हमारे मुख पर भी सच्ची भक्ति प्रदान सुंदरता रहे ।
🌷 ॐ दुर्मुखाय नम: : मतलब भक्त को जब कोई आसुरी प्रवृत्ति वाला सताता है तो… भैरव देख दुष्ट घबराये ।
🌷 ॐ मोदाय नम: : मुदित रहने वाले, प्रसन्न रहने वाले । उनका सुमिरन करने वाले भी प्रसन्न हो जायें ।
🌷 ॐ प्रमोदाय नम: : प्रमोदाय; दूसरों को भी आनंदित करते हैं । भक्त भी प्रमोदी होता है और अभक्त प्रमादी होता है, आलसी । आलसी आदमी को लक्ष्मी छोड़ कर चली

       🌹दैनिक राशिफल🌹

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
चोट व दुर्घटना से हानि हो सकती है। वाणी पर नियंत्रण रखें। मान घट सकता है। विरोध होगा। शत्रुभय रहेगा। कुसंगति से बचें। भ्रम की स्थिति बन सकती है। पार्टनरों से मतभेद बढ़ सकते हैं। उच्चाधिकारी अप्रसन्न रहेंगे। अपेक्षित कार्यों में अनावश्यक विलंब होगा।

🐂वृष
परिस्थिति देखकर हंसी-मजाक करें। बात बिगड़ सकती है। शत्रुभय रहेगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। कोर्ट व कचहरी में अनुकूलता रहेगी। परिवार की चिंता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। धनार्जन होगा। जोखिम न लें।

👫मिथुन
स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। भूमि व भवन आदि की खरीद-फरोख्त लाभदायक रहेगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। आय में वृद्धि होगी। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। भाग्य का साथ बना रहेगा।

🦀कर्क
किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का मौका मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। मनपसंद भोजन का आनंद मिलेगा। लेन-देन में सावधानी रखें। कोई ऐसा कार्य न करें जिससे अपयश हो। व्यवसाय ठीक चलेगा। सुख के साधन जुटेंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

🐅सिंह
पुराना रोग उभर सकता है। जल्दबाजी न करें। वाणी पर नियंत्रण रखें। घर-परिवार की चिंता रहेगी। कर्ज में वृद्धि हो सकती है। आय में कमी रहेगी। दु:खद समाचार मिल सकता है। दौड़धूप अधिक रहेगी। आराम का अवसर नहीं मिलेगा, बाकी सामान्य रहेगा।

🙎कन्या
प्रयास सफल रहेंगे। कार्यसिद्धि होगी। कार्य की प्रशंसा होगी। नेत्र पीड़ा हो सकती है। मानसिक बेचैनी रहेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। व्यवसाय ठीक चलेगा। कार्य समय पर पूर्ण होंगे। प्रसन्नता रहेगी। आय में वृद्धि होगी। पार्टनरों से मतभेद समाप्त होंगे।

⚖तुला
डूबा हुआ पैसा मिल सकता है। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यस्तता रहेगी। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। विरोधियों का पराभव होगा। कार्य में आसानी रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। विवाद को बढ़ावा न दें।

🦂वृश्चिक
प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। मान-सम्मान मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। काम का बोझ बढ़ेगा। थकान महसूस होगी। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल लाभ देंगे। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। सभी ओर से लाभ होगा।

🏹धनु
योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन तत्काल लाभ नहीं देगा। कोर्ट व कचहरी में अनुकूलता रहेगी। बिगड़े काम बनेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। बुद्धि का प्रयोग करें। जोखिम न उठाएं। भाइयों से मतभेद खत्म होंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

🐊मकर
किसी बड़ी चिंता से मुक्ति के योग हैं। संतान के विवाह के प्रयास सफल रहेंगे। आय व रोजगार में वृद्धि होगी। नवीन वस्त्राभूषण पर व्यय होगा। व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। कोई बड़ा कार्य करने का मन बनेगा। सफलता प्राप्त होगी। प्रसन्नता रहेगी।

🍯कुंभ
किसी बड़ी समस्या से सामना हो सकता है। फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें। कुसंगति से हानि होगी। थकान तथा आलस्य रहेंगे। कार्य में अवरोध आ सकता है। शांति से प्रयास करें, सफलता मिलेगी। आय में वृद्धि हो सकती है। घर-बाहर तनाव रह सकता है।

🐟मीन
मेहनत सफल रहेगी। डूबी हुई रकम प्राप्ति के योग बनते हैं। व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। आय में वृद्धि होगी। घर-परिवार में मांगलिक कार्य हो सकता है। देनदारी कम होगी। समय पर कर्ज चुका पाएंगे। प्रसन्नता रहेगी। बाहरी सहयोग मिलेगा।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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