Dharma & Karma 

🐟मीन राशि के लोग जीवनसाथी के स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। आज की भविष्यवाणी में माघ महीने की चर्चा…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🌹🙏
सम्पर्क सूत्र – 9518782511
🙏🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🙏
🙏🌹🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌹🙏
🙏ll जय श्री राधे ll*🙏
🙏🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🙏

दिनाँक-: 18/01/2020,शनिवार
नवमी, कृष्ण पक्ष
माघ
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि ———-नवमी 28:00:08 तक
पक्ष —————————कृष्ण
नक्षत्र ———-स्वाति 24:14:39
योग ————–धृति 12:24:02
करण ———-तैतुल 16:43:43
करण ———–गरज 28:00:08
वार ————————-शनिवार
माह —————————–माघ
चन्द्र राशि ———————-तुला
सूर्य राशि ———————मकर
रितु ————————–शिशिर
आयन ———————उत्तरायण
संवत्सर ———————-विकारी
संवत्सर (उत्तर) ———-परिधावी
विक्रम संवत —————-2076
विक्रम संवत (कर्तक) —-2076
शाका संवत —————–1941

मुम्बई
सूर्योदय —————–07:16:02
सूर्यास्त —————–18:21:31
दिन काल —————11:05:28
रात्री काल ————-12:54:31
चंद्रास्त —————–13:03:27
चंद्रोदय —————–26:00:42

लग्न —-मकर 3°16′ , 273°16′

सूर्य नक्षत्र ————–उत्तराषाढा
चन्द्र नक्षत्र ——————-स्वाति
नक्षत्र पाया ——————-रजत

        🌹पद, चरण🌹

रे —-स्वाति 12:40:28

रो —-स्वाति 18:26:52

ता —-स्वाति 24:14:39

ती —-विशाखा 30:03:52

         🌹ग्रह गोचर🌹

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य=मकर 03°32 ‘ उ oषा o, 2 भो
चन्द्र =तुला 10°23 ‘ स्वाति ‘ 2 रे
बुध = मकर 08°10 ‘ उoषाo’ 4 जी
शुक्र= कुम्भ 11°55, शतभिषा ‘ 2 सा
मंगल=वृश्चिक 15°40′ अनुराधा ‘ 4 ने
गुरु=धनु 16°30 ‘ पू oषाo , 1 भू
शनि=धनु 26°43′ उ oषा o ‘ 1 भे
राहू=मिथुन 13 °11 ‘ आर्द्रा , 3 ङ
केतु=धनु 13 ° 11′ पूo षाo, 1 भू

    🌹शुभा$शुभ मुहूर्त🌹

राहू काल 09:51 – 11:10 अशुभ
यम घंटा 13:49 – 15:08 अशुभ
गुली काल 07:12 – 08:31 अशुभ
अभिजित 12:08 -12:51 शुभ
दूर मुहूर्त 08:37 – 09:19 अशुभ

🌹चोघडिया, दिन
काल 07:12 – 08:31 अशुभ
शुभ 08:31 – 09:51 शुभ
रोग 09:51 – 11:10 अशुभ
उद्वेग 11:10 – 12:30 अशुभ
चर 12:30 – 13:49 शुभ
लाभ 13:49 – 15:08 शुभ
अमृत 15:08 – 16:28 शुभ
काल 16:28 – 17:47 अशुभ

🌹चोघडिया, रात
लाभ 17:47 – 19:28 शुभ
उद्वेग ब19:28 – 21:08 अशुभ
शुभ 21:08 – 22:49 शुभ
अमृत 22:49 – 24:29* शुभ
चर 24:29* – 26:10* शुभ
रोग 26:10* – 27:51* अशुभ
काल 27:51* – 29:31* अशुभ
लाभ 29:31* – 31:12* शुभ

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

🌹दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो लौंग अथवा कालीमिर्च खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

   🌹अग्नि वास ज्ञान🌹

यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

   15 + 9 + 7 + 1 = 32 ÷ 4 = 0 शेष

मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

    🌹शिव वास एवं फल🌹

24 + 24 + 5 = 53 ÷ 7 = 4 शेष

सभायां = सन्ताप कारक

   🌹भद्रा वास एवं फल🌹

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

       🌹विशेष जानकारी🌹
  • सर्वार्थ सिद्धि योग 24:15 तक 🌹शुभ विचार🌹

धनधान्यप्रयोगेषु विद्यासंग्रहणे तथा ।
आहारे व्यवहारे च त्यक्तलज्जः सुखीभवेत् ।।
।।चा o नी o।।

जिसे दौलत, अनाज और विद्या अर्जित करने में और भोजन करने में शर्म नहीं आती वह सुखी रहता है.

      🌹सुभाषितानि🌹

गीता -: श्रद्धात्रयविभागयोग अo-17

मनः प्रसादः सौम्यत्वं मौनमात्मविनिग्रहः।,
भावसंशुद्धिरित्येतत्तपो मानसमुच्यते॥,

मन की प्रसन्नता, शान्तभाव, भगवच्चिन्तन करने का स्वभाव, मन का निग्रह और अन्तःकरण के भावों की भलीभाँति पवित्रता, इस प्रकार यह मन सम्बन्धी तप कहा जाता है॥,16॥,

      🌹व्रत पर्व विवरण🌹

अष्टमी क्षय तिथि
🌹 विशेष – नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है ।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

        🌹 माघ मास🌹

🙏🏻 माघ मास हिंदू पञ्चाङ्ग का 11 वां चंद्रमास है। इस मास में मघा नक्षत्र युक्त पूर्णिमा होने के कारण इसका नाम माघ रखा गया (मघायुक्ता पौर्णमासी यत्र मासे सः)।
➡ उत्तर भारत हिन्दू पञ्चाङ्ग के अनुसार माघ मास प्रारंभ हो चुका है।
👉🏻 माघ मास में श्रवण और मूल शून्य नक्षत्र हैं इनमें कार्य करने से धन का नाश होता है।
🙏🏻 माघ मास में कृष्ण पक्ष की पंचमी व शुक्ल पक्ष की षष्ठी मास शून्य तिथियां होती हैं।
➡ इन तिथियों शुभ काम नहीं करना चाहिए।
🙏🏻 महाभारत अनुशासन पर्व अध्याय 106 के अनुसार
माघं तु नियतो मासमेकभक्तेन य: क्षिपेत्।
श्रीमत्कुले ज्ञातिमध्ये स महत्त्वं प्रपद्यते।।
👉🏻 अर्थात जो माघ मास में नियमपूर्वक एक समय भोजन करता है, वह धनवान कुल में जन्म लेकर अपने कुटुम्बजनों में महत्व को प्राप्त होता है।
➡ माघ में मूली का त्याग करना चाहिए। देवता और पितर को भी मूली अर्पण न करें।
🙏🏻 श्री हरि नारायण को माघ मास अत्यंत प्रिय है। वस्तुत: यह मास प्रातः स्नान (माघ स्नान), कल्पवास, पूजा-जप-तप, अनुष्ठान, भगवद्भक्ति, साधु-संतों की कृपा प्राप्त करने का उत्तम मास है। माघ मास की विशिष्टता का वर्णन करते हुए महामुनि वशिष्ठ ने कहा है, ‘जिस प्रकार चंद्रमा को देखकर कमलिनी तथा सूर्य को देखकर कमल प्रस्फुटित और पल्लवित होता है, उसी प्रकार माघ मास में साधु-संतों, महर्षियों के सानिध्य से मानव बुद्धि पुष्पित, पल्लवित और प्रफुल्लित होती है। यानी प्राणी को आत्मज्ञान की प्राप्ति होती है।


🙏🏻 पद्मपुराण, उत्तरपर्व में कहा गया है
ग्रहाणां च यथा सूर्यो नक्षत्राणां यथा शशी
मासानां च तथा माघः श्रेष्ठः सर्वेषु कर्मसु
👉🏻 अर्थात जैसे ग्रहों में सूर्य और नक्षत्रों में चन्द्रमा श्रेष्ठ है, उसी प्रकार महीनों में माघ मास श्रेष्ठ है।
🙏🏻 पद्मपुराण में कहा गया है की माघ मास आने पर नाना प्रकार के फूलों से भगवान की पूजा करें। उस समय कपूर से तथा नाना प्रकार के नैवेद्य एवं लड्डूओं से पूजा होनी चाहिए। इस प्रकार देवदेवेश्वर के पूजित होने पर मनुष्य निश्चय ही मनोवाञ्छित फलों को प्राप्त कर लेता है।
🙏🏻 पद्मपुराण में वसिष्ठजी कहते हैं कि वैशाख में जल और अन्न का दान उत्तम है, कार्तिक में तपस्या और पूजा की प्रधानता है तथा माघ में जप, होम और दान ये तीन बातें विशेष हैं। जिन लोगों ने माघ में प्रातः स्नान, नाना प्रकार का दान और भगवान विष्णु का स्तोत्र पाठ किया है, वे दिव्यधाम में आनन्दपूर्वक निवास करते हैं।


🌷 माघ मास में प्रातःकाल स्नान का विशेष महत्व है
व्रतैर्दानैस्तपोभिश्च न तथा प्रीयते हरि:। माघमज्जनमात्रेण यथा प्रीणाति केशव:।।
प्रीतये वासुदेवस्य सर्वपापापनुक्तये। माघस्नानं प्रकुर्वीत स्वर्ग लाभाय मानव:।।
👉🏻 पूरे माघ मास में प्रयाग में निवास तथा प्रयाग में त्रिवेणी संगम में स्नान बहुत भाग्यशाली मनुष्य को प्राप्त होता है ।
🙏🏻 स्कन्दपुराण वैष्णवखण्ड के अनुसार
प्रयागो माघमासे तु पुष्करं कार्तिके तथा ।।
अवन्ती माधवे मासि हन्यात्पापं युगार्जितम् ।।
👉🏻 माघ मास में प्रयाग, कार्तिक में पुष्कर और वैशाख मास में अवन्तीपुरी (उज्जैन) – ये एक युगतक उपार्जित किये हुए पापों का नाश कर डालते हैं।
🙏🏻 *ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार
जो व्रती पुरुष चैत्र अथवा माघ मास में शंकर की पूजा करता है तथा बेंत लेकर उनके सम्मुख रात-दिन भक्ति पूर्वक नृत्य करने में तत्पर रहता है, वह चाहे एक मास, आधा मास, दस दिन, सात दिन अथवा दो ही दिन या एक ही दिन ऐसा क्यों न करे, उसे दिन की संख्या के बराबर युगों तक भगवान शिव के लोक में प्रतिष्ठा प्राप्त हो जाती है।
👉🏻 माघ में तिलों का दान जरूर जरूर करना चाहिए। विशेषतः तिलों से भरकर ताम्बे का पात्र दान देना चाहिए।
🙏🏻 महाभारत अनुशासन पर्व के 66वें अध्याय के अनुसार
माघ मासे तिलान् यस्तु ब्राह्मणेभ्यः प्रयच्छति। सर्वसत्वसमकीर्णं नरकं स न पश्यति॥
👉🏻 जो माघ मास में ब्राह्मणों को तिल दान करता है, वह समस्त जन्तुओं से भरे हुए नरक का दर्शन नहीं करता।
🙏🏻 माघ मास के शुक्ल पक्ष तृतीया (27 जनवरी 2020) को मन्वंतर तिथि कहते है उस दिन जो कुछ दान दिया जाता है उसका फल अक्षय बताया गया है ( पद्मपुराण – सृष्टि खंड )

      🌹दैनिक राशिफल🌹

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। प्रतिद्वंद्वी शांत रहेंगे। विरोधी सक्रिय रहेंगे। विवाद में न पड़ें। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कार्यकुशलता का विकास होगा। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। सुख के साधनों पर व्यय होगा। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी।

🐂वृष
धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। संत समागम हो सकता है। कोर्ट व कचहरी के काम सुलझेंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। राजकीय वरिष्ठ व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। परिवार की चिंता बनी रहेगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। बात बिगड़ सकती है। जोखिम न लें।

👫मिथुन
पुराना रोग उभर सकता है। वाहन, मशीनरी व अग्नि आदि के प्रयोग में सावधानी रखें। विवाद से स्वाभिमान को चोट पहुंच सकती है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कुसंगति से हानि होगी। वरिष्ठजनों की सलाह मानें। विवेक का प्रयोग करें।

🦀कर्क
किसी के व्यवहार से दिल को ठेस पहुंच सकती है। शारीरिक कष्ट बाधा का कारण बन सकता है। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। राजकीय बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। धनार्जन होगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

🐅सिंह
शत्रु परास्त होंगे। आय में वृद्धि होगी। लेन-देन में सावधानी रखें। भय रहेगा। भूमि, भवन व दुकान आदि के खरीदने-बेचने की योजना बनेगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। आय के स्रोत बढ़ सकते हैं। प्रसन्नता रहेगी। परिवारजन साथ देंगे।

🙎कन्या
व्यावसायिक यात्रा में सावधानी रखें। पार्टी व पिकनिक का आनंद प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। मनपसंद भोजन की प्राप्ति संभव है। मस्तिष्क में पीड़ा रह सकती है। बेमतलब लोग विरोध करेंगे, धैर्य रखें। ठीक होगा। व्यवसाय ठीक चलेगा।

⚖तुला
भागदौड़ अधिक होने से स्वास्थ्य प्रभावित होगा। किसी के व्यवहार से हृदय को ठेस पहुंच सकती है। विवाद को बढ़ावा न दें। दु:खद समाचार मिल सकता है, धैर्य रखें। पुराना रोग उभर सकता है। लापरवाही न करें। आय में कमी रहेगी। प्रेम-प्रसंग में जल्दबाजी न करें। जोखिम न लें।

🦂वृश्चिक
कष्ट, भय व तनाव का वातावरण बन सकता है। पराक्रम व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। कार्यसिद्धि होने से प्रसन्नता रहेगी। पार्टनरों से मतभेद समाप्त होकर सहयोग मिलेगा। बाहर जाने का मन बन सकता है। धनार्जन होगा। जल्दबाजी न करें।

🏹धनु
कान संबंधी रोग हो सकता है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। अतिथियों का आगमन होगा। व्यय बढ़ेगा। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। क्रोध पर नियंत्रण रखें। व्यवसाय ठीक चलेगा। परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलेगा। आय में वृद्धि होगी।

🐊मकर
स्वास्थ्य संबंधी समस्या रहेगी। बेचैनी रहेगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। लॉटरी व सट्टे आदि से दूर रहें। बेरोजगारी की समस्या समाप्त होगी। प्रयास करें। नए अनुबंध हो सकते हैं। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें।

🍯कुंभ
स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। जरूरी कागजों को समझकर हस्ताक्षर करें। कोई बड़ी मुसीबत आ सकती है। अपनों से विरोध होगा। धैर्य रखें।

🐟मीन
जीवनसाथी के स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। चोट व रोग से हानि संभव है। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। धनार्जन सुगमता से होगा। मान-सम्मान मिलेगा। दूसरों के भरोसे कार्य न करें। विवेक का प्रयोग आवश्यक है।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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