15 फरवरी से फ़ास्ट टैग हुआ अनिवार्य, तो केंद्र सरकार ने इन जगहों से फास्टैग मुफ्त में बांटने का लिया फैसला…

देश के सभी राजमार्गों के टोलबूथ पर फास्टैग (FASTag) अनिवार्य कर दिया गया है। लोगों का असुविधा से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने NHAI सेंटर, टोल प्लाजा और आरटीओ दफ्तर, पेट्रोल पंप और ट्रांसपोर्ट हब से फास्टैग मुफ्त में बांटने का फैसला किया है। आपको बस टैग के लिए दिए जाने वाले सिक्योरिटी डिपॉजिट और न्यूनतम बैलेंस का पैसा देना होगा। इस योजना के तहत 15 फरवरी से 29 फरवरी के बीच ही मुफ्त में फास्टैग लिया जा सकता है।फास्टैग आप भीम या यूपीआई से भी रीचार्ज कर सकेंगे।

सामान्य तौर फास्टैग खरीदने के लिए 100 रुपए का शुल्क देना होता है। इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम के तहत 28 जनवरी तक 1.4 करोड़ से ज्यादा फास्टैग जारी किए जा चुके हैं। एनएचएआई ने 15 फरवरी से अपने सभी टोल प्लाजा पर फास्टैग अनिवार्य कर दिया है।जो भी कोई फास्टैग नहीं लगवाएं उसे डबल टोल का भुगतान करना होगा।

क्या है फास्टैग?
यह एक रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टैग है जिसे वाहन के विंडशील्ड पर लगाया जाता है, ताकि गाड़ी जब टोल प्लाजा से गुजरे तो प्लाजा पर मौजूद सेंसर फास्टैग को रीड कर सके। वहां लगे उपकरण ऑटोमैटिक तरीके से टोल टैक्स की वसूली कर लेते हैं। इससे वाहन चालकों के समय की बचत होती है। एनपीसीआई के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में देश के 537 टोल प्लाजा पर फास्टैग के जरिए टोल टैक्स की वसूली की जा रही है।

फास्टैग से टोल कलेक्शन के आंकड़े

जनवरी 2020 में नेशनल हाइवे पर टोल प्लाजा पर फास्टैग से करीब 9 करोड़ 30 लाख ट्रांजेक्शन हुए हैं। इससे सरकार की 1622 करोड़ रुपए की कमाई हुई।
दिसंबर में सरकार को इन टोल प्लाजा से फास्टैग के जरिए 1256 करोड़ रुपए की आमदनी हुई थी। इस दौरान फास्टैग से 6 करोड़ 40 लाख ट्रांजेक्शन हुए।
नवंबर में टोल प्लाजा पर फास्टैग से 3 करोड़ 40 लाख ट्रांजेक्शन हुए थे। नवंबर में इन ट्रांजेक्शन्स से करीब 774 करोड़ रुपए की कमाई हुई।
अक्टूबर 2019 में फास्टैग से 3 करोड़ 10 लाख ट्रांजेक्शन हुए थे, जिससे सरकार को 703 करोड़ रुपए की आमदनी हुई थी।

फास्टैग से पार्किंग और फ्यूल का भी कर सकेंगे भुगतान

टोल टैक्स पर टैक्स वसूली के अलावा जल्द ही पूरे देश में फ्यूल पेमेंट और वाहन पार्किंग चार्ज का भुगतान भी किया जा सकेगा। इसकी शुरुआत हैदराबाद एयरपोर्ट से हो चुकी है, जहां कार पार्किंग समेत अन्य चार्ज का भुगतान फास्टैग (FASTag) से होगा। इसे फास्टैग 2.0 नाम से जाना जाएगा। हैदराबाद में सफलता मिलने के बाद यह परियोजना दिल्ली हवाई अड्डे पर भी शुरू की जाएगी।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बताया कि फास्टैग 2.0 पायलट प्रोजेक्ट दो फेस में लॉन्च किया है। पहला चरण दरअसल एक नियंत्रित पायलट परीक्षण है, जिसके तहत केवल आईसीआईसीआई टैगों का ही इस्तेमाल किया जाएगा। पायलट परियोजना के दूसरे चरण में सभी अन्य बैंकों द्वारा जारी किए जाने वाले टैगों को कवर किया जाएगा।

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