आज क्या कहती है आचार्य जी की भविष्यवाणी

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी

🌹🌹🌹🙏
सम्पर्क सूत्र +91 9518782511
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******|| जय श्री राधे ||******
🙏🌹🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌹🙏
*******ll जय श्री राधे ll*******
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*दिनाँक -: 04/08/2019,रविवार*
चतुर्थी, शुक्ल पक्ष
श्रावण
“”””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि————-चतुर्थी18:48:53 तक
पक्ष—————————–शुक्ल
नक्षत्र—उत्तराफाल्गुनी25:43:35
योग—————-शिव23:36:59
करण———–वाणिज08:24:56
करण———विष्टि भद्र18:48:53
करण————–भाव29:18:26
वार—————————रविवार
माह—————————श्रावण
चन्द्र राशि———-सिंह09:27:54
चन्द्र राशि———————-कन्या
सूर्य राशि————————कर्क
रितु——————————-वर्षा
आयन——————-दक्षिणायण
संवत्सर———————-विकारी
संवत्सर (उत्तर)———–परिधावी
विक्रम संवत—————–2076
विक्रम संवत (कर्तक)——2075
शाका संवत——————1941

सूर्योदय—————–05:45:01
सूर्यास्त——————19:05:17
दिन काल—————13:20:15
रात्री काल————–10:40:15
चंद्रोदय——————09:00:09
चंद्रास्त——————21:50:04

लग्न—-कर्क17°15′ , 107°15′

सूर्य नक्षत्र——————आश्लेषा
चन्द्र नक्षत्र———–उत्तराफाल्गुनी
नक्षत्र पाया——————–रजत

*🌹🌸🌹 पद, चरण 🌹🌸🌹*

टे—-उत्तराफाल्गुनी 09:27:54

टो—-उत्तराफाल्गुनी 14:51:46

पा—-उत्तराफाल्गुनी 20:16:57

पी—-उत्तराफाल्गुनी 25:43:35

*🌹🌸🌹 ग्रह गोचर 🌹🌸🌹

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
=======================
सूर्य=कर्क 16°52 ‘ आश्लेषा , 1 डी
चन्द्र =सिंह 27°23’ उo फाo ‘ 1 टे
बुध=कर्क 00°10 ‘ पुनर्वसु’ 4 ही
शुक्र= कर्क 14 ° 30, पुष्य 4 ड
मंगल=कर्क 26°48 ‘आश्लेषा’ 4 डो
गुरु=वृश्चिक 20°31 ‘ ज्येष्ठा , 2 या
शनि=धनु 22°43’ पू oषा o ‘ 3 फा
राहू=मिथुन 22°05 ‘ पुनर्वसु , 2 को
केतु=धनु 22 ° 05’ पूo षाo, 4 ढा

🌹🌸🌹शुभा$शुभ मुहूर्त🌹🌸🌹

राहू काल 17:25 – 19:05अशुभ
यम घंटा 12:25 – 14:05अशुभ
गुली काल 15:45 – 17:25अशुभ
अभिजित 11:58 -12:52शुभ
दूर मुहूर्त 17:19 – 18:12अशुभ

🌹चोघडिया, दिन
उद्वेग 05:45 – 07:25अशुभ
चर 07:25 – 09:05शुभ
लाभ 09:05 – 10:45शुभ
अमृत 10:45 – 12:25शुभ
काल 12:25 – 14:05अशुभ
शुभ 14:05 – 15:45शुभ
रोग 15:45 – 17:25अशुभ
उद्वेग 17:25 – 19:05अशुभ

🌹चोघडिया, रात
शुभ 19:05 – 20:25शुभ
अमृत 20:25 – 21:45शुभ
चर 21:45 – 23:05शुभ
रोग 23:05 – 24:25*अशुभ
काल 24:25* – 25:45*अशुभ
लाभ 25:45* – 27:05*शुभ
उद्वेग 27:05* – 28:26*अशुभ
शुभ 28:26* – 29:46*शुभ

🌹होरा, दिन
सूर्य 05:45 – 06:52
शुक्र 06:52 – 07:58
बुध 07:58 – 09:05
चन्द्र 09:05 – 10:12
शनि 10:12 – 11:18
बृहस्पति 11:18 – 12:25
मंगल 12:25 – 13:32
सूर्य 13:32 – 14:39
शुक्र 14:39 – 15:45
बुध 15:45 – 16:52
चन्द्र 16:52 – 17:59
शनि 17:59 – 19:05

🌹होरा, रात
बृहस्पति 19:05 – 19:59
मंगल 19:59 – 20:52
सूर्य 20:52 – 21:45
शुक्र 21:45 – 22:39
बुध 22:39 – 23:32
चन्द्र 23:32 – 24:25
शनि 24:25* – 25:19
बृहस्पति 25:19* – 26:12
मंगल 26:12* – 27:05
सूर्य 27:05* – 27:59
शुक्र 27:59* – 28:52
बुध 28:52* – 29:46

*नोट*– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*🌸दिशा शूल ज्ञान————–पश्चिम*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौजी खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🌸 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

4 + 1 + 1 = 6 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

*🌸 शिव वास एवं फल -:*

4 + 4 + 5 = 13 ÷ 7 = 6 शेष

क्रीड़ायां = शोक ,दुःख कारक

*🌸भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

प्रातः 08:24 से रात्रि 18:48 तक

पाताल लोक = धन लाभ कारक

*🙏🌹 विशेष जानकारी 🌹🙏

*श्री बलभद्राचार्य पाटोत्सव

🌹🙏🌹 शुभ विचार 🌹🙏🌹

मूर्खाणां पण्डिता द्वेष्या अधनानां महाधनाः ।
वरांगना कुलस्त्रीणां सुभगानां च दुर्भगा ।।
।।चा o नी o।।

मूढ़ लोग बुद्धिमानो से इर्ष्या करते है. गलत मार्ग पर चलने वाली औरत पवित्र स्त्री से इर्ष्या करती है. बदसूरत औरत खुबसूरत औरत से इर्ष्या करती है.

🌹🙏🌹सुभाषितानि 🌹🙏🌹

गीता -: विश्वरूपदर्शनयोग अo-11

द्रोणं च भीष्मं च जयद्रथं च कर्णं तथान्यानपि योधवीरान्‌ ।,
मया हतांस्त्वं जहि मा व्यथिष्ठायुध्यस्व जेतासि रणे सपत्नान्‌ ॥,

द्रोणाचार्य और भीष्म पितामह तथा जयद्रथ और कर्ण तथा और भी बहुत से मेरे द्वारा मारे हुए शूरवीर योद्धाओं को तू मार।, भय मत कर।, निःसंदेह तू युद्ध में वैरियों को जीतेगा।, इसलिए युद्ध कर॥,34॥,

🌹🙏 दैनिक राशिफल 🙏🌹

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🙏
*दिशाशूल – पश्चिम दिशा में*
*व्रत पर्व विवरण – विनायक-दूर्वा गणपति चतुर्थी*
🌸 *विशेष – चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
🌸 *रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)*
🌸 *रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)*
🌸*स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।*


🌹 *नागपंचमी* 🌹
🙏🏻 *श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस पर्व पर प्रमुख नाग मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है और भक्त नागदेवता के दर्शन व पूजा करते हैं। सिर्फ मंदिरों में ही नहीं बल्कि घर-घर में इस दिन नागदेवता की पूजा करने का विधान है।*
🙏🏻 *ऐसी मान्यता है कि जो भी इस दिन श्रद्धा व भक्ति से नागदेवता का पूजन करता है उसे व उसके परिवार को कभी भी सर्प भय नहीं होता। इस बार यह पर्व 05 अगस्त, सोमवार को है। इस दिन नागदेवता की पूजा किस प्रकार करें, इसकी विधि इस प्रकार है-*
🌷 *पूजन विधि* 🌷
🙏🏻 *नागपंचमी पर सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद सबसे पहले भगवान शंकर का ध्यान करें इसके बाद नाग-नागिन के जोड़े की प्रतिमा (सोने, चांदी या तांबे से निर्मित) के सामने यह मंत्र बोलें-*
🌹 *अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्।*
*शंखपाल धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा।।*
*एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम्।*
*सायंकाले पठेन्नित्यं प्रात:काले विशेषत:।।*
*तस्मै विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत्।।*
🙏🏻 *इसके बाद पूजा व उपवास का संकल्प लें। नाग-नागिन के जोड़े की प्रतिमा को दूध से स्नान करवाएं। इसके बाद शुद्ध जल से स्नान कराकर गंध, फूल, धूप, दीप से पूजा करें व सफेद मिठाई का भोग लगाएं। यह प्रार्थना करें-*
🌹 *सर्वे नागा: प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथिवीतले।।*
*ये च हेलिमरीचिस्था येन्तरे दिवि संस्थिता।*
*ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिन:।*
*ये च वापीतडागेषु तेषु सर्वेषु वै नम:।।*
🙏🏻 *प्रार्थना के बाद नाग गायत्री मंत्र का जप करें-*
🌷 *ऊँ नागकुलाय विद्महे विषदन्ताय धीमहि तन्नो सर्प: प्रचोदयात्।*
🐍 *इसके बाद सर्प सूक्त का पाठ करें* 🐍
🌹 *ब्रह्मलोकुषु ये सर्पा: शेषनाग पुरोगमा:।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*इन्द्रलोकेषु ये सर्पा: वासुकि प्रमुखादय:।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*कद्रवेयाश्च ये सर्पा: मातृभक्ति परायणा।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*इंद्रलोकेषु ये सर्पा: तक्षका प्रमुखादय:।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*सत्यलोकेषु ये सर्पा: वासुकिना च रक्षिता।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*मलये चैव ये सर्पा: कर्कोटक प्रमुखादय:।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*पृथिव्यांचैव ये सर्पा: ये साकेत वासिता।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*सर्वग्रामेषु ये सर्पा: वसंतिषु संच्छिता।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*ग्रामे वा यदिवारण्ये ये सर्पा प्रचरन्ति च।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*समुद्रतीरे ये सर्पा ये सर्पा जलवासिन:।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
*रसातलेषु या सर्पा: अनन्तादि महाबला:।*
*नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीता: मम सर्वदा।।*
🐍 *नागदेवता की आरती करें और प्रसाद बांट दें। इस प्रकार पूजा करने से नागदेवता प्रसन्न होते हैं और हर मनोकामना पूरी करते हैं।

मेष-
आज आपके किए गए काम का रिजल्ट नहीं मिलेगा। आपको कई कामों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। किसी कारणवश परेशान रहेंगे और अपना काम पूरा नहीं कर पाएंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। भाई -बहन और दोस्तों की मदद से अपने जीवन में आगे बढ़गें। आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगी और सामाजिक छवि बढ़ेगी

वृष-
भाग्य आपका पूरा साथ देगा। आपके साथ होने वाली सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी। रुके हुए काम पूरे हो जाएंगे। आप नई योजना का प्लान कर सकते हैं। इस संबंध में विदेश यात्रा भी हो सकती है। पैसे खर्च होने की संभावना है। विदेशी लोगों का सहयोग मिलेगा, जिससे आप अपने काम में आगे बढ़ सकते हैं।

मिथुन-
आज बहुत से अच्छे समाचार आपका इंतज़ार कर रहें हैं। आपको प्रयत्न करने से सफ़लता मिलेगी, दफ़्तर में तारीफ़ होगी, परिवार से सहयोग मिलेगा। नए काम और नौकरी बदलने के लिए यह अच्छा वक़्त है। नौकरी ढूंढ़ने वालों को अच्छा परिणाम मिलेगा। परिवार में खुशियाँ और सौभाग्य दस्तक देगा ।

कर्क-
आज मानसिक परेशानी और विचारों में अस्थिरता बढ़ेगी। जिसके कारण निर्णय लेने में आप कठिनाई का अनुभव करेंगे। आय के मामले में दिन बेहतर रहेगा। आज अल्प प्रयास या बिना प्रयास के भी धन आने का योग बना हुआ है। भाग्य इस समय आपके साथ है अतः किसी नए कार्य को करने या योजना बनाने के लिए सही समय है। इस समय सिर्फ मन को नियंत्रित रखें और उसे भटकने ना दें, सफलता स्वयं आपकी प्रतीक्षा में है अतः मन को नियंत्रित करके आगे बढ़ने का प्रयास करें। नौकरी वालों के लिए यथा स्थिति बनी रहेगी।

सिंह-
आज आप दृढ निश्चय होकर, पूरे लगन से अपने कार्यों को पूरा करेंगे, परिणाम सार्थक और सकारात्मक होगा। जीवन साथी के साथ थोड़ा समय बिताने, उसकी समस्यायों को ध्यान से सुनने और भावनाओं को बेहतर तरीके से समझने से संबंधों में प्रगाड़ता आएगी । आपके व्यक्तिगत जीवन में तनाव कम रहेगा और आप सामाजिक एवं पारिवारिक जीवन का पूर्ण आनंद आनंद उठा सकें। बच्चे सहयोग करेंगे, और माँ का आशीर्वाद मिलेगा।

कन्या-
इस समय लिए गए निर्णय आपको लाभ देंगे। यह एक नई साझेदारी या एसोसिएशन में प्रवेश करने का एक अच्छा समय है और इससे अच्छे लाभ प्राप्त होंगे। व्यावसायिक वर्ग महत्वपूर्ण सौदा कर सकते हैं। वित्तीय निर्णय निवेश के वांछित परिणाम प्रदान करेंगे और बचत भी हो सकती है। पारिवारिक जीवन जस का तस रहेगा। कुछ के लिए प्रेम संबंध अधर में है। अपने खान-पान और दिनचर्या के प्रति सजग रहें ।

तुला –
आज आपकी रचनात्मकता चरम पर रहेगी। जो जातक कला, लेखन जैसे रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े हैं वह लोकप्रियता प्राप्त कर सकते हैं । साहित्य, संगीत, टीवी, सिनेमा, फैशन आदि जुड़े जातकों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। व्यापारियों के लिए कुछ प्रतिष्ठित सौदे हो सकते हैं। आप में से कुछ महत्वपूर्ण कैरियर संबंधी निर्णय ले सकते है, जो आपको नई उपलब्धियों की ओर ले जाएगा। वित्तीय रूप से यह एक अच्छा दिन है। आप कार्यालय और घर के नवीकरण पर भी खर्च करेंगे। घर में माहौल आनंदमय रहेगा और आप परिवार के साथ कुछ मनोरंजक गतिविधि का आनंद लेंगे।

वृश्चिक-
अपनी बुद्धिमत्ता के कारण हर काम बेहतर ढंग से करेंगे। प्रभावशाली वाणी होने के कारण लोगों से आप अपनी बात मनवा सकेंगे। इन कारणों से आप अपने व्यवसाय में अच्छा कर पाएंगे और प्रचुर लाभ कमा पाएंगे। यात्रा से भी लाभ मिलेगा। संतान या शिक्षा को लेकर यदि आप कोई प्रयास कर रहे थे तो आपकी मेहनत का फ़ल मिलने वाला है। जीवनसाथी या किसी पारिवारिक सदस्य के साथ आज तू- तू, मैं -मैं हो सकती है।

धनु-
आप नियमों का पालन करने के लिए बाध्य है। आपके कुछ वरिष्ठ खुले तौर पर अनैतिक हो सकते हैं और अपनी संभावनाओं को अवरुद्ध करने का प्रयास कर सकते हैं। प्रत्यक्ष टकराव की बजाय, आप कूटनीति और चतुराई का प्रयोग कर चीजों को नियंत्रित करने का प्रयास करें।

मकर-
अपने आप को साबित करने के लिए आज आपको कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता हो सकती है। वरिष्ठों को खुश करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। इस अवधि के दौरान कड़ी मेहनत और विनम्र स्वाभाव ही सफलता की कुंजी है। सुनिश्चित करें कि कोई आपके विरोध न कर पाए अन्यथा कठिन निर्णय आपकी प्रगति को अवरुद्ध कर सकते हैं। कयासों के लिए समय ठीक नहीं है। जीवनसाथी के गैर-ज़िम्मेदाराना व्यवहार के चलते पारिवारिक जीवन अशांतिपूर्ण हो सकता है। भाई-बहनों के साथ तर्क आपको काफी उदास कर सकता है और आप असहाय महसूस कर सकता है। ठंड या कुछ अन्य अवरोधक बीमारियों के खिलाफ आपको अपने स्वास्थ्य की देखभाल करने की आवश्यकता है।

कुंभ-
चौतरफा सफलता के लिए यह अच्छा समय है। पैतृक मामलों से सम्बंधित झगडा हो सकता है। यदि आप उनसे दूर रहेंगे तो आप प्रसन्न रहेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा प्राप्ति के लिए समय प्रतिकूल है।आपकी बेचैनी आपको आध्यात्मिक गुरुओं या प्रचारकों के साथ उच्च संपर्कों के लिए प्रेरित करेगी। नई परियोजनाएं अमल में लाएंगी। व्यवसाय में उन लोगों को अपने उद्यमों में बढ़ावा मिलेगा और वे नई शाखाएं स्थापित करेंगे।

मीन-
आपको समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि आपके गुप्त शत्रु आपकी छवि को धूमिल करने के लिए सक्रिय रूप से आपके खिलाफ काम करेंगे। आपको सावधान रहना चाहिए अन्यथा आपको भरी आर्थिक और व्यवसायिक नुकसान का सामना करना पद सकता है । सकारात्मक पक्ष में आप इस अवधि के दौरान अच्छी भौतिक समृद्धि का आनंद लेंगे और आपके पेशे के संबंध में कुछ यात्राएँ हो सकती हैं। किन्तु आपके परिवार के सदस्यों के साथ संबंध तनाव में आ सकते हैं और आप इसका दुष्परिणाम भुगत सकते हैं।


जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं
दिनांक 4 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 4 होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति जिद्दी, कुशाग्र बुद्धि वाले, साहसी होते हैं। ऐसे व्यक्ति को जीवन में अनेक परिवर्तनों का सामना करना पड़ता है। जैसे तेज स्पीड से आती गाड़ी को अचानक ब्रेक लग जाए ऐसा उनका भाग्य होगा। लेकिन यह भी निश्चित है कि इस अंक वाले अधिकांश लोग कुलदीपक होते हैं। आपका जीवन संघर्षशील होता है। इनमें अभिमान भी होता है। ये लोग दिल के कोमल होते हैं किन्तु बाहर से कठोर दिखाई पड़ते हैं। इनकी नेतृत्त्व क्षमता के लोग कायल होते हैं।

शुभ दिनांक : 4, 8, 13, 22, 26, 31

शुभ अंक : 4, 8,18, 22, 45, 57

शुभ वर्ष : 2016, 2020, 2031, 2040, 2060

ईष्टदेव : श्री गणेश, श्री हनुमान

शुभ रंग : नीला, काला, भूरा

कैसा रहेगा यह वर्ष
यह वर्ष पिछले वर्ष के दुष्प्रभावों को दूर करने में सक्षम है। आपको सजग रहकर कार्य करना होगा। परिवारिक मामलों में सहयोग के द्वारा सफलता मिलेगी। मान-सम्मान में वृद्धि होगी, वहीं मित्र वर्ग का सहयोग मिलेगा। नवीन व्यापार की योजना प्रभावी होने तक गुप्त ही रखें। शत्रु पक्ष पर प्रभावपूर्ण सफलता मिलेगी। नौकरीपेशा प्रयास करें तो उन्नति के चांस भी है। विवाह के मामलों में आश्चर्यजनक परिणाम आ सकते हैं।
🙏आपका दिन मंगलमय हो 🙏
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