Politics & Crime Regional 

चीनी मिलों और गन्ना माफियाओं के आगे ‘बेबस’ योगी सरकार…

अंबेडकरनगर: किसानों के नाम पर गन्ने के कुल क्षेत्रफल से कई गुना अधिक गन्ना दिखाकर गन्ना पर्चियां बनवा ली जा रही हैं. यही नहीं एक ही किसान के नाम पर दो-दो गन्ना कैलेन्डर भी जारी हो रहे हैं. इस फर्जीवाड़े को सूबे में गन्ने की बुआई के कागजी आकंड़े में घालमेल कर रिकार्डतोड़ वृद्धि दर्शाई जा रही है।


लेकिन गन्ना माफियाओं और चीनी मिलों की सांठगांठ को तोड़ने में सरकार विफल ही साबित हो रही है. जिले में फर्जी सट्टों, पर्चियो के मनमाने वितरण और घटतौली जैसे भ्रष्टाचार का खुला खेल जारी है. इस गोरखधंधे में गन्ना विभाग ने घुटने टेक दिए हैं. गन्ना किसानों को रोजाना करोड़ों का नुकसान हो रहा है. दिसंबर का पूरा महीना बीत गया लेकिन अभी तक गन्ना विभाग द्वारा लाखों गन्ना किसानों को पर्चियां मोहैया नहीं कराई जा सकीं।


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ये साफ कर दिया था कि उनकी प्राथमिकता कृषि प्रधान राज्य यूपी के गांव, गरीब और किसान हैं. योगी सरकार कृषि को ही प्रदेश के विकास का आधार बनायेगी और किसान और खेतिहर मजदूरो के विकास के लिये भी हर संभव प्रयास करेगी। परंतु यह संभव नहीं हो सका चीनी मिल और गन्ना माफियाओं के आगे सरकार ने घुटने टेक दिए।

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