Dharma & Karma (ज्योतिष शास्त्र) 

🦀कर्क राशि वाले दौड़ धूप अधिक होने से थकान व कमजोरी महसूस कर सकते हैं, तो वहीं ये दोनों राशि के लोग अतिउत्साह में कोई गलत निर्णय लें सकते हैं। परंतु इस राशि को मिलने वाली बुरी खबर दरवाजे से वापस जा सकती है! अगर…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🌸🙏🌸
सम्पर्क सूत्र – 9518782511
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏
🙏🌸🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌸🙏
🙏ll जय श्री राधे ll*🙏
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏

दिनाँक -: 20/09/2020,रविवार
चतुर्थी, शुक्ल पक्ष
अधिक आश्विन
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि ———-चतुर्थी 26:26:20 तक
पक्ष —————————शुक्ल
नक्षत्र ———-स्वाति 22:50:32
योग ————–ऐन्द्र 11:36:24
करण ———वणिज 15:59:28
करण ——विष्टि भद्र 26:26:20
वार ————————–रविवार
माह ————— अधिक आश्विन
चन्द्र राशि ——————– तुला
सूर्य राशि ———————कन्या
रितु —————————–शरद
आयन —————–दक्षिणायण
संवत्सर ———————-शार्वरी
संवत्सर (उत्तर)————–प्रमादी
विक्रम संवत —————-2077
विक्रम संवत (कर्तक) —-2076
शाका संवत —————-1942

मुम्बई
सूर्योदय —————-06:28:05
सूर्यास्त —————–18:35:08
दिन काल ————- 12:07:03
रात्री काल ————–11:53:07
चंद्रोदय —————–09:13:01
चंद्रास्त ————— 21:07:21

लग्न —कन्या 3°24′ , 153°24′

सूर्य नक्षत्र ———-उत्तराफाल्गुनी
चन्द्र नक्षत्र ——————-स्वाति
नक्षत्र पाया ——————–रजत

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 *🙏🌸पद, चरण🌸🙏*

रू —————स्वाति 06:40:20
रे —————-स्वाति 12:02:19
रो —————स्वाति 17:25:39
ता —————स्वाति 22:50:32
ती ————विशाखा 28:17:02

🌸 राहू काल 16:46 – 18:17 अशुभ
🌸 अभिजित 11:48 -12:37 शुभ

🌸 चोघडिया, दिन
उद्वेग 06:08 – 07:39 अशुभ
चर 07:39 – 09:10 शुभ
लाभ 09:10 – 10:41 शुभ
अमृत 10:41 – 12:12 शुभ
काल 12:12 – 13:43 अशुभ
शुभ 13:43 – 15:14 शुभ
रोग 15:14 – 16:46 अशुभ
उद्वेग 16:46 – 18:17 अशुभ

🌸 चोघडिया, रात
शुभ 18:17 – 19:46 शुभ
अमृत 19:46 – 21:15 शुभ
चर 21:15 – 22:44 शुभ
रोग 22:44 – 24:13* अशुभ
काल 24:13* – 25:41* अशुभ
लाभ 25:41* – 27:10* शुभ
उद्वेग 27:10* – 28:39* अशुभ
शुभ 28:39* – 30:08* शुभ

🌸 दिशा शूल ज्ञान————-पश्चिम
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौजी खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🌸 अग्नि वास ज्ञान
4 + 1 + 1 = 6 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

🌸 शिव वास एवं फल
4 + 4 + 5 = 13 ÷ 7 = 6 शेष
क्रीडायां = शोक ,दुःख कारक

🌸भद्रा वास एवं फल
सांय 16:02 से रात्रि 27:26तक
पाताल लोक = धन लाभ कारक

🙏🌸शुभ विचार🌸🙏

आलस्योपगता विद्या परहस्तगतं धनम् ।
अल्पबीजं हतं क्षेत्रं हतं सैन्यमनायकम् ।।
।।चा o नी o।।

खाली बैठने से अभ्यास का नाश होता है. दुसरो को देखभाल करने के लिए देने से पैसा नष्ट होता है. गलत ढंग से बुवाई करने वाला किसान अपने बीजो का नाश करता है. यदि सेनापति नहीं है तो सेना का नाश होता है.

🌸सुभाषितानि🌸

गीता -: अक्षरब्रह्मयोग अo-08

सर्वद्वाराणि संयम्य मनो हृदि निरुध्य च ।,
मूर्ध्न्याधायात्मनः प्राणमास्थितो योगधारणाम्‌ ॥,
ओमित्येकाक्षरं ब्रह्म व्याहरन्मामनुस्मरन्‌ ।,
यः प्रयाति त्यजन्देहं स याति परमां गतिम्‌ ॥,

सब इंद्रियों के द्वारों को रोककर तथा मन को हृद्देश में स्थिर करके, फिर उस जीते हुए मन द्वारा प्राण को मस्तक में स्थापित करके, परमात्म संबंधी योगधारणा में स्थित होकर जो पुरुष ‘ॐ’ इस एक अक्षर रूप ब्रह्म को उच्चारण करता हुआ और उसके अर्थस्वरूप मुझ निर्गुण ब्रह्म का चिंतन करता हुआ शरीर को त्यागकर जाता है, वह पुरुष परम गति को प्राप्त होता है॥,12-13॥,

*🌸 व्रत पर्व विवरण*🌸

       *विनायक चतुर्थी*
       *तृतीया क्षय तिथि*

🌸 विशेष – चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश करने वाला होता है ।।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः )

🌸 पुरुषोत्तम मास 🌸
➡ 18 सितम्बर से 16 अक्टूबर तक –
🌸 पुरुषोत्तम मास में रोज़ एक बार एक श्लोक बोल सकें तो बहुत अच्छा है
🌸 गोवर्धनधरं वन्दे गोपालं गोपरुपिणम |
गोकुलोत्सवमीशानं गोविन्दं गोपिका प्रियं | |
🙏🏻 हे भगवान ! हे गिरिराज धर ! गोवर्धन को अपने हाथ में धारण करने वाले हे हरि ! हमारे विश्वास और भक्ति को भी तू ही धारण करना | प्रभु आपकी कृपा से ही मेरे जीवन में भक्ति बनी रहेगी, आपकी कृपा से ही मेरे जीवन में भी विश्वास रूपी गोवर्धन मेरी रक्षा करता रहेगा | हे गोवर्धनधारी आपको मेरा प्रणाम है आप समर्थ होते हुए भी साधारण बालक की तरह लीला करते थे | गोकुल में आपके कारण सदैव उत्सव छाया रहता था मेरे ह्रदय में भी हमेशा उत्सव छाया रहे साधना में, सेवा-सुमिरन में मेरा उत्साह कभी कम न हो |
🙏🏻 मै जप, साधना सेवा,करते हुए कभी थकूँ नहीं | मेरी इन्द्रियों में संसार का आकर्षण न हो, मैं आँख से तुझे ही देखने कि इच्छा रखूं, कानों से तेरी वाणी सुनने की इच्छा रखूं, जीभ के द्वारा दिया हुआ नाम जपने की इच्छा रखूं ! हे गोविन्द ! आप गोपियों के प्यारे हो ! ऐसी कृपा करो, ऐसी सदबुद्धि दो कि मेरी इन्द्रियां आपको ही चाहे ! मेरी इन्द्रियरूपी गोपीयों में संसार की चाह न हो, आपकी ही चाह हो !
🙏🏻
शंख से वास्तु दोष भी मिटाया जा सकता है। शंख को किसी भी दिन लाकर पूजा स्थान पर पवित्र करके रख लें और प्रतिदिन शुभ मुहूर्त में इसकी धूप-दीप से पूजा की जाए तो घर में वास्तु दोष का प्रभाव कम हो जाता है। शंख में गाय का दूध रखकर इसका छिड़काव घर में किया जाए तो इससे भी सकारात्मक उर्जा का संचार होता है।

🌸 अधिक मास का माहात्म्य 🌸
🙏🏻 अधिक मास में सूर्य की संक्रान्ति (सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश) न होने के कारण इसे “मलमास (मलिन मास)” कहा गया। स्वामीरहित होन से यह मास देव-पितर आदि की पूजा तथा मंगल कर्मों के लिए त्याज्य माना गया। इससे लोग इसकी घोर निंदा करने लगे।
🙏🏻 तब भगवान श्रीकृष्ण ने कहाः “मैं इसे सर्वोपरि – अपने तुल्य करता हूँ। सदगुण, कीर्ति, प्रभाव, षडैश्वर्य, पराक्रम, भक्तों को वरदान देने का सामर्थ्य आदि जितने गुण मुझमें हैं, उन सबको मैंने इस मास को सौंप दिया।
🌸 अहमेते यथा लोके प्रथितः पुरुषोत्तमः।
तथायमपि लोकेषु प्रथितः पुरुषोत्तमः।।
🙏🏻 उन गुणों के कारण जिस प्रकार मैं वेदों, लोकें और शास्त्रों में ‘पुरुषोत्तम’ नाम से विख्यात हूँ, उसी प्रकार यह मलमास भी भूतल पर ‘पुरुषोत्तम’ नाम से प्रसिद्ध होगा और मैं स्वयं इसका स्वामी हो गया हूँ।”
🙏🏻 इस प्रकार अधिक मास, मलमास, ‘पुरुषोत्तम मास’ के नाम से विख्यात हुआ।
🙏🏻 भगवान कहते हैं- ‘इस मास में मेरे उद्देश्य से जो स्नान (ब्राह्ममुहूर्त में उठकर भगवत्स्मरण करते हुए किया गया स्नान), दान, जप, होम, स्वाध्याय, पितृतर्पण तथा देवार्चन किया जाता है, वह सब अक्षय हो जाता है। जो प्रमाद से इस बात को खाली बिता देते हैं, उनका जीवन मनुष्यलोक में दारिद्रय, पुत्रशोक तथा पाप के कीचड़ से निंदित हो जाता है इसमें संदेह नहीं है।
🙏🏻 सुगंधित चंदन, अनेक प्रकार के फूल, मिष्टान्न, नैवेद्य, धूप, दीप आदि से लक्ष्मी सहित सनातन भगवान तथा पितामह भीष्म का पूजन करें। घंटा, मृदंग और शंख की ध्वनि के साथ कपूर और चंदन से आरती करें। ये न हों तो रूई की बत्ती से ही आरती कर लें। इससे अनंत फल की प्राप्ति होती है। चंदन, अक्षत और पुष्पों के साथ ताँबे के पात्र में पानी रखकर भक्ति से प्रातःपूजन के पहले या बाद में अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय भगवान ब्रह्माजी के साथ मेरा स्मरण करके इस मंत्र को बोलें
देवदेव महादेव प्रलयोत्पत्तिकारक।
गृहाणार्घ्यमिमं देव कृपां कृत्वा ममोपरि।।
स्वयम्भुवे नमस्तुभ्यं ब्रह्मणेऽमिततेजसे।
नमोऽस्तुते श्रियानन्त दयां कुरु ममोपरि।।
🙏🏻 ‘हे देवदेव ! हे महादेव ! हे प्रलय और उत्पत्ति करने वाले ! हे देव ! मुझ पर कृपा करके इस अर्घ्य को ग्रहण कीजिए। तुझ स्वयंभू के लिए नमस्कार तथा तुझ अमिततेज ब्रह्मा के लिए नमस्कार। हे अनंत ! लक्ष्मी जी के साथ आप मुझ पर कृपा करें।’
🙏🏻 पुरुषोत्तम मास का व्रत दारिद्रय, पुत्रशोक और वैधव्य का नाशक है। इसके व्रत से ब्रह्महत्या आदि सब पाप नष्ट हो जाते हैं।
🌸 विधिवत् सेवते यस्तु पुरुषोत्तममादरात्।
फुलं स्वकीयमुदधृत्य मामेवैष्यत्यसंशयम्।।
🙏🏻 प्रति तीसरे वर्ष में पुरुषोत्तम मास के आगमन पर जो व्यक्ति श्रद्धा-भक्ति के साथ व्रत, उपवास, पूजा आदि शुभकर्म करता है, वह निःसन्देह अपने समस्त परिवार के साथ मेरे लोक में पहुँचकर मेरा सान्निध्य प्राप्त करता है।”
🙏🏻 इस महीने में केवल ईश्वर के उद्देश्य से जो जप, सत्संग व सत्कथा – श्रवण, हरिकीर्तन, व्रत, उपवास, स्नान, दान या पूजनादि किये जाते हैं, उनका अक्षय फल होता है और व्रती के सम्पूर्ण अनिष्ट हो जाते हैं। निष्काम भाव से किये जाने वाले अनुष्ठानों के लिए यह अत्यंत श्रेष्ठ समय है। ‘देवी भागवत’ के अनुसार यदि दान आदि का सामर्थ्य न हो तो संतों-महापुरुषों की सेवा सर्वोत्तम है, इससे तीर्थस्नानादि के समान फल प्राप्त होता है।
🙏🏻 इस मास में प्रातःस्नान, दान, तप नियम, धर्म, पुण्यकर्म, व्रत-उपासना तथा निःस्वार्थ नाम जप – गुरुमंत्र का जप अधिक महत्त्व है।
🔥 इस महीने में दीपकों का दान करने से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। दुःख – शोकों का नाश होता है। वंशदीप बढ़ता है, ऊँचा सान्निध्य मिलता है, आयु बढ़ती है। इस मास में आँवले और तिल का उबटन शरीर पर मलकर स्नान करना और आँवले के वृक्ष के नीचे भोजन करना यह भगवान श्री पुरुषोत्तम को अतिशय प्रिय है, साथ ही स्वास्थ्यप्रद और प्रसन्नताप्रद भी है। यह व्रत करने वाले लोग बहुत पुण्यवान हो जाते है।
अधिक मास में वर्जित
इस मास में सभी सकाम कर्म एवं व्रत वर्जित हैं। जैसे – कुएँ, बावली, तालाब और बाग आदि का आरम्भ तथा प्रतिष्ठा, नवविवाहिता वधू का प्रवेश, देवताओं का स्थापन (देवप्रतिष्ठा), यज्ञोपवीत संस्कार, विवाह, नामकर्म, मकान बनाना, नये वस्त्र एवं अलंकार पहनना आदि।
अधिक मास में करने योग्य
प्राणघातक रोग आदि की निवृत्ति के लिए रूद्रजप आदि अनुष्ठान, दान व जप-कीर्तन आदि, पुत्रजन्म के कृत्य, पितृमरण के श्राद्धादि तथा गर्भाधान, पुंसवन जैसे संस्कार किये जा सकते हैं।

🌸 एकादशी
पद्मिनी एकादशी – 27 सितंबर 2020
🌸प्रदोष
29 सितंबर ( मंगलवार ) भौम प्रदोष व्रत ( शुक्ल )

 *🌸दैनिक राशिफल🌸*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
जल्दबाजी न करें। चोट लगने की आशंका है। थोड़े प्रयास से ही काम पूरे होंगे। प्रसन्नता रहेगी। नौकरी में नए प्रयोग करने का अवसर प्राप्त हो सकता है। धन प्राप्ति सुगम होगी। व्यापार-व्यवसाय अच्‍छा चलेगा। प्रमाद न करें।
🐂वृष
विद्यार्थी वर्ग अपना कार्य कुशलता से कर पाएंगे। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। मन में नए विचार आएंगे। स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठा पाएंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। धनार्जन होगा। विवाह के उम्मीदवारों को वैवाहिक प्रस्ताव प्राप्त हो सकता है।
👫मिथुन
उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। नए काम मिल सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। स्थायी संपत्ति के सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप न करें। सम्मान में कमी हो सकती है।

🦀कर्क
दौड़धूप अधिक होने से थकान व कमजोरी रह सकती है। अतिउत्साह में कोई गलत निर्णय न लें। बुरी खबर मिल सकती है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। यथासंभव यात्रा टालें। जोखिम न लें। आय बनी रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा।
🐅सिंह
राजकीय कार्यों में विशेष सफलता के योग हैं। किसी बड़े विवाद का हल प्राप्त होगा। विजय प्राप्त होगी। विवाह के उम्मीदवारों को वैवाहिक प्रस्ताव प्राप्त हो सकता है। धन प्राप्ति सुगम होगी। जल्दबाजी न करें। व्यस्तता के चलते थकान रह सकती है।
🙍‍♀️कन्या
वाहन, मशीनरी व अग्नि आदि के प्रयोग में अतिरिक्त सावधानी रखें, विशेषकर गृहिणियां घर में कार्य करने वक्त लापरवाही न करें। शारीरिक हानि की आशंका है। दूसरों के बहकावे में न आकर स्वयं निर्णय लें। कारोबार अच्‍छा चलेगा। लाभ होगा।

⚖️तुला
राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। रुके काम अनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। किसी विवाद में अपना पक्ष मजबूती से रख पाएंगे। प्रतिद्वंद्वी सक्रिय रहेंगे। आय में वृद्धि होगी। किसी अनजान व्यक्ति की बातों में न आएं। सावधान रहें।
🦂वृश्चिक
आर्थिक उन्नति के लिए किए गए निर्णयों का लाभ मिलना शुरू हो सकता है। मित्रों व रिश्तेदारों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापारिक लाभ में वृद्धि होगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। जोखिम न लें। शारीरिक कष्ट संभव है। प्रसन्नता बनी रहेगी। निवेश शुभ रहेगा।
🏹धनु
व्यावसायिक यात्रा लंबी व सफल रहेगी। रुका हुआ पैसा मिल सकता है। नए काम मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी। घर-बाहर सभी ओर से सहयोग व प्रसन्नता प्राप्त होगी। शेयर मार्केट में जल्दबाजी न करें। जोखिम व जमनत के कार्य टालें। लाभ होगा।

🐊मकर
महत्वपूर्ण निर्णय लेने की स्थिति में जल्दबाजी न करें। भावना में न बहें। कार्यकुशलता में कमी होगी। व्ययवृद्धि से तनाव रहेगा। विवेक का प्रयोग करें। आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है। आय बनी रहेगी। जोखिम न उठाएं।
🍯कुंभ
अच्छी खबर प्राप्त होगी। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। हल्की हंसी-मजाक से बचें। शत्रु प्रताड़ित कर सकते हैं। आत्मसम्मान बना रहेगा। भाइयों का सहयोग मिलता रहेगा। कारोबार अच्छा चलेगा। बड़े फैसले ले पाएंगे। लाभ होगा।
🐟मीन
कारोबारी नए अनुबंध हो सकते हैं। व्यापार की दृष्टि से की गई यात्रा सफल रहेगी। नौकरी में सम्मान मिलेगा। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। जोखिम न लें। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि लाभदायक रहेंगे। शुभ समय का लाभ लें।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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