क्या आप जानते हैं? इस मास के समान कोई मास नहीं! सत्ययुग के समान कोई युग नहीं!! और वेद के समान कोई…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🌸🙏
सम्पर्क सूत्र – 9518782511
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏
🙏🌸🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌸🙏
🙏ll जय श्री राधे ll*🙏
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏

दिनाँक -: 12/04/2020,रविवार
पंचमी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि ———-पंचमी 17:15:10 तक
पक्ष —————————कृष्ण
नक्षत्र ———-ज्येष्ठा 19:11:40
योग ———-वरियान 20:52:51
करण ———कौलव 06:02:11
करण ———–तैतुल 17:15:10
करण ———–गरज 28:40:24
वार ————————–रविवार
माह ————————–वैशाख
चन्द्र राशि —–वृश्चिक 19:11:40
चन्द्र राशि ———————-धनु
सूर्य राशि ———————-मीन
रितु —————————-वसंत
आयन ———————उत्तरायण
संवत्सर ———————–शार्वरी
संवत्सर (उत्तर) ————प्रमादी
विक्रम संवत —————-2077
विक्रम संवत (कर्तक) —-2076
शाका संवत —————-1942

मुम्बई
सूर्योदय —————–05:24:30
सूर्यास्त —————–18:54:00
दिन काल ————- 12:29:30
रात्री काल ————-11:29:43
चंद्रास्त —————–09:55:00
चंद्रोदय —————–23:31:45

लग्न —-मीन 28°27′ , 358°27′

सूर्य नक्षत्र ——————–रेवती
चन्द्र नक्षत्र ——————-ज्येष्ठा
नक्षत्र पाया ——————–ताम्र

   *🙏🌸पद, चरण🌸🙏*

या —-ज्येष्ठा 07:35:09

यी —-ज्येष्ठा 13:21:55

यू —-ज्येष्ठा 19:11:40

ये —-मूल 25:04:29

🌸चोघडिया, दिन
उद्वेग 05:59 – 07:34 अशुभ
चर 07:34 – 09:09 शुभ
लाभ 09:09 – 10:45 शुभ
अमृत 10:45 – 12:20 शुभ
काल 12:20 – 13:55 अशुभ
शुभ 13:55 – 15:31 शुभ
रोग 15:31 – 17:06 अशुभ
उद्वेग 17:06 – 18:41 अशुभ

🌸चोघडिया, रात
शुभ 18:41 – 20:06 शुभ
अमृत 20:06 – 21:30 शुभ
चर 21:30 – 22:55 शुभ
रोग 22:55 – 24:20* अशुभ
काल 24:20* – 25:44* अशुभ
लाभ 25:44* – 27:09* शुभ
उद्वेग 27:09* – 28:33* अशुभ
शुभ 28:33* – 29:58* शुभ

🌸दिशा शूल ज्ञान————-पश्चिम
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौजी खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🌸 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

   15 + 5 + 1 + 1 = 22  ÷ 4 = 2 शेष

आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

    *🌸शिव वास एवं फल -:*

20 + 20 + 5 = 45 ÷ 7 = 3 शेष

वृषभारूढ़ = शुभ कारक

🌸भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

       *🌸विशेष जानकारी*

सर्वार्थ सिद्धि योग 19:12 से

गुरु तेगबहादुर जयन्ती

इस्टर संडे (ई)

   *🙏🌸शुभ विचार🌸🙏*

कुग्रामवासः कुलहीनसेवा ।
कुभोजनं क्रोधमुखी च भार्या ।।
पुत्रश्च मूर्खो विधवा च कन्या ।
विनाग्निमेते प्रदहन्ति कायम् ।।
।।चा o नी o।।

निम्नलिखित बाते व्यक्ति को बिना आग के ही जलाती है…
१. एक छोटे गाव में बसना जहा रहने की सुविधाए उपलब्ध नहीं.
२. एक ऐसे व्यक्ति के यहाँ नौकरी करना जो नीच कुल में पैदा हुआ है.
३. अस्वास्थय्वर्धक भोजन का सेवन करना.
४. जिसकी पत्नी हरदम गुस्से में होती है.
५. जिसको मुर्ख पुत्र है.
६. जिसकी पुत्री विधवा हो गयी है.

        *🙏सुभाषितानि*

गीता -: मोक्षसन्यासयोग अo-18

तच्च संस्मृत्य संस्मृत्य रूपमत्यद्भुतं हरेः ।,
विस्मयो मे महान्‌ राजन्हृष्यामि च पुनः पुनः ॥,

हे राजन्‌! श्रीहरि (जिसका स्मरण करने से पापों का नाश होता है उसका नाम ‘हरि’ है) के उस अत्यंत विलक्षण रूप को भी पुनः-पुनः स्मरण करके मेरे चित्त में महान आश्चर्य होता है और मैं बार-बार हर्षित हो रहा हूँ॥,77॥,

🌸व्रत पर्व विवरण🌸

🌸 विशेष – पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

   *🙏🌸वैशाख मास🌸🙏*

🙏🏻 वैशाख हिन्दू धर्म का द्वितीय महीना है। विशाखा नक्षत्रयुक्त पूर्णिमा होने के कारण इसका नाम वैशाख पड़ा | इस वर्ष 09 अप्रैल 2020 (उत्तर भारत हिन्दू पञ्चाङ्ग के अनुसार) से वैशाख का आरम्भ हो गया है। वैशाख मास पुण्यकारी, श्रीविष्णु को अत्यंत प्रिय मास है |
🙏🏻वैशाख मास का एक नाम माधव मास भी है | इस मास के देवता “मधुसूदन” हैं | मधु दैत्य का वध होने के कारण उन्हें मधुसूदन कहते हैं। विष्णुसहस्त्रनाम “दुःस्वप्ने स्मर गोविन्दं संकटे मधुसूदनम्” के अनुसार किसी भी प्रकार के संकट में श्रीविष्णु के नाम मधुसूदन का स्मरण करना चाहिए |
🙏🏻 स्कन्दपुराणम्, वैष्णवखण्ड के अनुसार
न माधवसमो मासो न कृतेन युगं समम्। न च वेदसमं शास्त्रं न तीर्थं गंगया समम्।।
👉🏻 वैशाख के समान कोई मास नहीं है, सत्ययुग के समान कोई युग नहीं है, वेद के समान कोई शास्त्र नहीं है और गंगाजी के समान कोई तीर्थ नहीं है।
🙏🏻 पद्मपुराण, पातालखण्ड के अनुसार
यथोमा सर्वनारीणां तपतां भास्करो यथा ।आरोग्यलाभो लाभानां द्विपदां ब्राह्मणो यथा।। परोपकारः पुण्यानां विद्यानां निगमो यथा।मंत्राणां प्रणवो यद्वद्ध्यानानामात्मचिंतनम् ।।सत्यं स्वधर्मवर्तित्वं तपसां च यथा वरम्।शौचानामर्थशौचं च दानानामभयं यथा ।।गुणानां च यथा लोभक्षयो मुख्यो गुणः स्मृतः।मासानां प्रवरो मासस्तथासौ माधवो मतः ।।
👉🏻 जैसे सम्पूर्ण स्त्रियों में पार्वती, तपने वालों में सूर्य, लाभों में आरोग्यलाभ, मनुष्यों में ब्राह्मण, पुण्यों में परोपकार, विद्याओं में वेद, मन्त्रों में प्रणव, ध्यानों में आत्मचिंतन, तपस्याओं में सत्य और स्वधर्म-पालन, शुद्धियों में आत्मशुद्धि, दानों में अभयदान तथा गुणों में लोभ का त्याग ही सबसे प्रधान माना गया है, उसी प्रकार सब मासों में वैशाख मास अत्यंत श्रेष्ठ है |
🙏🏻महाभारत अनुशासन पर्व अध्याय 106 के अनुसार “निस्तरेदेकभक्तेन वैशाखं यो जितेन्द्रियः। नरो वा यदि वा नरी ज्ञातीनां श्रेष्ठतां व्रजेत्।।” जो स्त्री अथवा पुरूष इन्द्रिय संयम पूर्वक एक समय भोजन करके वैशाख मास को पार करता है, वह सहजातीय बन्धु-बान्धवों में श्रेष्ठता को प्राप्त होता है।।
🙏🏻 पद्मपुराण, पातालखण्ड के अनुसार
दत्तं जप्तं हुतं स्नातं यद्भक्त्या मासि माधवे।तदक्षयं भवेद्भूप पुण्यं कोटिशताधिकम् ।।
👉🏻 माधवमास में जो भक्तिपूर्वक दान,जप, हवन और स्नान आदि शुभकर्म किये जाते हैं, उनका पुण्य अक्षय तथा सौ करोड़ गुना अधिक होता है |
प्रातःस्नानं च वैशाखे यज्ञदानमुपोषणम्।हविष्यं ब्रह्मचर्यं च महापातकनाशनम् ।।
👉🏻 वैशाख मास में सवेरे का स्नान, यज्ञ, दान, उपवास, हविष्य-भक्षण तथा ब्रह्मचर्य का पालन – ये महान पातकों का नाश करने वाले हैं |
🙏🏻 स्कन्दपुराण में यह बताया है की वैशाख मास में क्या क्या त्याज्य है।
तैलाभ्यङ्गं दिवास्वापं तथा वै कांस्य भोजनम् ।। खट्वा निद्रां गृहे स्नानं निषिद्धस्य च भक्षणम् ।।
👉🏻 वैशाख में तेल लगाना, दिन में सोना, कांस्यपात्र में भोजन करना, खाट पर सोना, घर में नहाना, निषिद्ध पदार्थ खाना दोबारा भोजन करना तथा रात में खाना – इन आठ बातों का त्याग करना चाहिए।
🙏🏻 शिवपुराण के अनुसार वैशाख में भूमि का दान करना चाहिए | ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार वैशाख मास में ब्राह्मण को सत्तू दान करने वाला पुरुष सत्तू कण के बराबर वर्षों तक विष्णु मन्दिर में प्रतिष्ठित होता है।
👉🏻 वैशाख मास में गृह प्रवेश करने से धन, वैभव, संतान एवं आरोग्य की प्राप्ति होती हैं ।
👉🏻 देव प्रतिष्ठा के लिये वैशाख मास शुभ है। वृक्षारोपण के लिए वैशाख मास विशेष शुभ है |
🙏🏻 स्कन्द पुराण में वर्णित वैशाख मास के माहात्म्य के कुछ अंश
➡ वैशाख मास भगवान विष्णु को अत्यन्त प्रिय है ।
➡ वैशाख मास माता की भाँति सब जीवों को सदा अभीष्ट वस्तु प्रदान करने वाला है ।
➡ जो वैशाख मास में सूर्योदय से पूर्व स्नान करता है, उससे भगवान विष्णु निरन्तर प्रीति करते हैं।
➡ सभी दानों से जो पुण्य होता है और सब तीर्थों में जो फल होता है, उसी को मनुष्य वैशाख मास में केवल जलदान करके प्राप्त कर लेता है।
➡ जो मनुष्य वैशाख मास में सड़क पर यात्रियों के लिए प्याऊ लगाता है, वह विष्णुलोक में प्रतिष्ठित होता है। प्याऊ देवताओं, पितरों तथा ऋषियों को अत्यन्त प्रीति देने वाला है। जिसने वैशाख मास में प्याऊ लगाकर थके-मांदे मनुष्यों को संतुष्ट किया है, उसने ब्रह्मा, विष्णु और शिव आदि देवताओं को संतुष्ट कर लिया।
➡ वैशाख मास में जल की इच्छा रखने वाले को जल, छाया चाहने वाले को छाता और पंखे की इच्छा रखने वाले को पंखा देना चाहिए।
➡ विष्णुप्रिय वैशाख में पादुका दान करता है, वह यमदूतों का तिरस्कार करके विष्णुलोक में।
➡ जो मार्ग में अनाथों के ठहरने के लिए विश्रामशाला बनवाता है, उसके पुण्य फल का वर्णन नहीं किया जा सकता।
➡ अन्नदान मनुष्यों को तत्काल तृप्त करने वाला है।इसलिए इससे बढ़कर कोई दूसरा दान ही नहीं है।
🙏🏻स्कन्दपुराण में कहा गया है “योऽर्चयेत्तुलसीपत्रैर्वैशाखे मधुसूदनम् ।। नृपो भूत्वा सार्वभौमः कोटिजन्मसु भोगवान् ।। पश्चात्कोटिकुलैर्युक्तो विष्णोः सायुज्यमाप्नुयात्” जो वैशाख मास में तुलसीदल से भगवान विष्णु की पूजा करता है, वह विष्णु की सामुज्य मुक्ति को पाता है।

🙏🏻पंचक
17अप्रैल 2020 दोपहर 12.20 से
22अप्रैल 2020 दोपहर 1.17 तक

एकादशी
18अप्रैल 2020

प्रदोष
20अप्रैल 2020

अमावस्या
22अप्रैल 2020

       *🙏दैनिक राशिफल*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
यात्रा सफल रहेगी। नेत्र पीड़ा हो सकती है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। धनहानि भी आशंका है। पहले की गई मेहनत का फल अब मिल सकता है। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। सामाजिक कार्यों में रुचि रहेगी। धनार्जन होगा।

🐂वृष
सुख के साधनों पर व्यय होगा। किसी मामले की चिंता बनी रहेगी। घर में अतिथियों का आगमन होगा। शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नौकरी में मातहतों का सहयोग मिलेगा।

👫मिथुन
किसी भी प्रकार से धनहानि की आशंका है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। सट्टे व जुएं से दूर रहें। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। किसी बड़ी समस्या का हल सहज ही हो सकता है।

🦀कर्क
अचानक कोई बड़ा खर्च सामने आ सकता है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। कोई पुराना रोग उभर सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। कार्य में विलंब हो सकता है। आय बनी रहेगी।

🐅सिंह
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। चोट व रोग से बाधा संभव है। नया कार्य मिल सकता है। भाग्य का साथ मिलेगा। पार्टनरों से मतभेद दूर होंगे। कारोबार में वृद्धि के योग हैं।

🙎कन्या
कोई बड़ा कार्य हो सकता है। नई योजना बनेगी। मान-सम्मान मिलेगा। कारोबार अच्छा चलेगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। यात्रा लंबी व सुखद हो सकती है। जल्दबाजी न करें। पारिवारिक सुख-शांति बनी रहेगी। विवाद न करें।

⚖तुला
विवेक का प्रयोग करें। लाभ में वृद्धि होगी। कोर्ट-कचहरी के रुके कार्यों में गति आएगी। किसी धार्मिक आयोजन में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। व्यय होगा। प्रतिद्वंद्विता में कमी होगी। कुसंगति से बचें। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा।

🦂वृश्चिक
किसी पुरानी व्याधि के उठने की आशंका है। काम में विलंब होगा। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। किसी व्यक्ति से बेवजह विवाद हो सकता है। दूसरों पर अतिविश्वास न करें। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा।

🏹धनु
चिड़चिड़ापन रह सकता है। थकान व कमजोरी महसूस करेंगे। किसी व्यक्ति के व्यवहार से स्वाभिमान को चोट पहुंच सकती है। दांपत्य जीवन में मधुरता रहेगी। सरकारी कामकाज में सफलता प्राप्त होगी। प्रतिद्वंद्वी शांत रहेंगे। धनार्जन होगा।

🐊मकर
ऐश्वर्य के साधनों पर व्यय होगा। पैतृक संपत्ति से लाभ की संभावना है। कारोबार मुनाफे में वृद्धि होगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। किसी बड़ी समस्या की आशंका है। सावधानी रखें। शरीर कष्ट संभव है।

🍯कुंभ
व्यर्थ भागदौड़ रहेगी। जल्दबाजी से समस्या बढ़ सकती है। वाणी पर नियंत्रण रखें। कानूनी अड़चन आ सकती है। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। घर में प्रसन्नता रहेगी। विद्यार्थी वर्ग सफलता प्राप्त करेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी।

🐟मीन
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। पुराना रोग उभर सकता है। किसी भी प्रकार की बहस में हिस्सा न लें। दु:खद समाचार प्राप्ति की आशंका है। भागदौड़ रहेगी। आय में निश्चितता रहेगी। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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