आज पढ़िये आचार्य जी स्पेशल तिथि, तिथियों के स्वभाव, और उनके देवता,उन तिथियों मे उन देवताओं की कैसे करें पूजा…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🌸🙏
सम्पर्क सूत्र – 9518782511
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏
🙏🌸🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌸🙏
🙏ll जय श्री राधे ll*🙏
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏

दिनाँक-: 13/04/2020,सोमवार
षष्ठी, कृष्ण पक्ष
वैशाख
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि ————षष्ठी 16:18:09 तक
पक्ष —————————कृष्ण
नक्षत्र ————-मूल 19:01:22
योग ————-परिघ 19:06:57
करण ——–वाणिज 16:18:09
करण ——विष्टि भद्र 28:08:24
वार ————————-सोमवार
माह ————————–वैशाख
चन्द्र राशि ———————- धनु
सूर्य राशि ——–मीन 20:22:06
सूर्य राशि ———————- मेष
रितु —————————-वसंत
आयन ——————- उत्तरायण
संवत्सर ———————–शार्वरी
संवत्सर (उत्तर) ————-प्रमादी
विक्रम संवत —————-2077
विक्रम संवत (कर्तक) —-2076
शाका संवत —————-1942

मुम्बई
सूर्योदय ————— 06:23:43
सूर्यास्त —————–18:54:16
दिन काल —————12:30:32
रात्री काल ————-11:28:41
चंद्रास्त —————–10:49:11
चंद्रोदय —————–24:29:40

लग्न —–मीन 29°26′ , 359°26′

सूर्य नक्षत्र ——————–रेवती
चन्द्र नक्षत्र ———————-मूल
नक्षत्र पाया ———————ताम्र

     *🙏🌸पद, चरण🌸🙏*

यो —-मूल 07:00:22

भा —-मूल 12:59:19

भी —-मूल 19:01:22

भू —-पूर्वाषाढा 25:06:29

      *🌸शुभा$शुभ मुहूर्त🌸*

राहू काल 07:33 – 09:09 अशुभ
यम घंटा 10:44 – 12:20 अशुभ
गुली काल 13:55 – 15:31 अशुभ
अभिजित 11:54 -12:45 शुभ
दूर मुहूर्त 12:45 – 13:36 अशुभ
दूर मुहूर्त 15:18 – 16:09 अशुभ

🌸चोघडिया, दिन
अमृत 05:58 – 07:33 शुभ
काल 07:33 – 09:09 अशुभ
शुभ 09:09 – 10:44 शुभ
रोग 10:44 – 12:20 अशुभ
उद्वेग 12:20 – 13:55 अशुभ
चर 13:55 – 15:31 शुभ
लाभ 15:31 – 17:06 शुभ
अमृत 17:06 – 18:42 शुभ

🌸चोघडिया, रात
चर 18:42 – 20:06 शुभ
रोग 20:06 – 21:31 अशुभ
काल 21:31 – 22:55 अशुभ
लाभ 22:55 – 24:19* शुभ
उद्वेग 24:19* – 25:44* अशुभ
शुभ 25:44* – 27:08* शुभ
अमृत 27:08* – 28:32* शुभ
चर 28:32* – 29:57* शुभ

🌸दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🌸 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

   15 + 6 + 2 + 1 = 24  ÷ 4 = 0 शेष

मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

     *🌸शिव वास एवं फल -:*

21 + 21 + 5 = 47 ÷ 7 = 5 शेष

ज्ञानवेलायां = कष्ट कारक

    *🌸भद्रा वास एवं फल -:*

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

सांय 16:18 से रात्रि 28: 14 तक

पाताल लोक = धनलाभ कारक

     *🌸विशेष जानकारी*🌸

*मेषे अर्क: रात्रि 20:23 पर

     *🌸शुभ विचार🌸*

किं तया क्रियते धेन्वा या न दोग्ध्री न गर्भिणी ।
कोऽर्थः पुत्रेण जातेन यो न विद्वान्न भक्तिमान् ।।
।।चा o नी o।।

वह गाय किस काम की जो ना तो दूध देती है ना तो बच्चे को जन्म देती है. उसी प्रकार उस बच्चे का जन्म किस काम का जो ना ही विद्वान हुआ ना ही भगवान् का भक्त हुआ.

       *🌸सुभाषितानि🌸*

गीता -: मोक्षसन्यासयोग अo-18

यत्र योगेश्वरः कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धरः ।,
तत्र श्रीर्विजयो भूतिर्ध्रुवा नीतिर्मतिर्मम ॥,

हे राजन! जहाँ योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण हैं और जहाँ गाण्डीव-धनुषधारी अर्जुन है, वहीं पर श्री, विजय, विभूति और अचल नीति है- ऐसा मेरा मत है॥,78॥,

  *🌸ब्रत पर्व विवरण🌸*

विशेष – षष्ठी को नीम की पत्ती फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

तिथि , तिथियों के स्वभाव , और उनके देवता ,उन तिथियों मे उन देवताओं की पूजा। 👇
1.प्रतिपदा के देवता हैं अग्नि। इस तिथि में अग्निदेव की पूजा की जाती है जिससे धन और धान्य की प्राप्ति होती है। यह वृद्धिप्रदायक तिथि है।

  1. द्वितीया के देवता हैं ब्रह्मा। इस तिथि में ब्रह्मा की पूजा की जाती है ।जिससे मानव हर विद्याओं में पारंगत हो जाता है यह शुभदा तिथि है।
  2. तृतीया की देवता हैं गौरी( लक्ष्मी)इस तिथि में गौरी के पूजन से व्यक्ति धनवान बन जाता है। यह बलप्रदायक तिथि हैं।
  3. चतुर्थी के देवता गणेश जी है इस तिथि में भगवान गणेश का पूजन से सभी विघ्नों का नाश हो जाता है। यह खला तिथि हैं।
  4. पंचमी के देवता हैं नागराज। इस तिथि में नागदेव का पूजन करने से कैसे भी विष हो उसका भय नहीं रहता, स्त्री और पुत्र प्राप्ति होती है। यह लक्ष्मीप्रदा तिथि हैं।
  5. षष्ठी के देवता कार्तिकेय जी है इस तिथि में कार्तिकेय की पूजा करे जिसके प्रभाव से मनुष्य श्रेष्ठ मेधावी, रूपशाली, दीर्घायु और कीर्तिवान हो जाता है। यह यशप्रदा अर्थात सिद्धि देने वाली तिथि हैं।
  6. सप्तमी के देवता सूर्य है सप्तमी तिथि को नाम भगवान सूर्यनारायण का पूजन करने से सभी प्रकार से रक्षा होती है। यह मित्रवत, मित्रा तिथि हैं।
  7. अष्टमी के देवता हैं शिव है ।इस तिथि को भगवान शिव की पूजा करने से विद्या तथा तेज की प्राप्ति होती है। बंधनो से मुक्त भी मिलती है। यह द्वंदवमयी तिथि हैं।
  8. नवमी की देवी हैं दुर्गा। इस तिथि में जगतजननी पराम्बा दुर्गा की पूजा करे जिससे मनुष्य सारी मनोकामना पूरी करके अपने परलोक को सुधार लेता है तथा हर क्षेत्र मे दिग्विजयी होता है ।यह उग्र अर्थात आक्रामकता देने वाली तिथि हैं।
  9. दशमी के देवता यमराज है इस तिथि में यम की पूजा करने से नरक और अकालमृत्यु का भय नहीं रहता है। यह सौम्य अर्थात शांत तिथि हैं।

11.एकादशी के देवता हैं विश्वेदेव इस तिथि को विश्वेदेवों का पूजन करने से कुलवृद्धि ,धन संपती, और भूमि आदि की प्राप्ति होती है। यह आनन्दप्रदा अर्थात सुख देने वाली तिथि हैं।

  1. द्वादशी के देवता विष्णु है। इस तिथि को भगवान विष्णु की पूजा करे जिससे मनुष्य प्रत्येक कार्य मे विजय प्राप्त कर लेता है ।सर्वलोक में पूजनीय हो जाता है। यह यशप्रदा तिथि हैं।
  2. त्रयोदशी के देवता कमदेव है ।इस दिन कामदेव की पूजा करने से मनुष्य उत्तम पत्नी की प्राप्त होती है ।जिसका विवाह नहीं हो रहा या वैवाहिक क्लेश है । कामदेव का पूजन करे इससे वैवाहिक सम्बन्धी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण हो जाती हैं। यह जयप्रदा अर्थात विजय देने वाली तिथि हैं।
  3. चतुर्दशी के देवता शिव है।इस तिथि में भगवान महादेव की पूजा प्रतिष्ठा करने से मनुष्य समस्त ऐश्वर्यों की प्राप्ति होती है ,पुत्र प्राप्ति के लिए भी इस दिन का विशेष महत्व है ।यह उग्र अर्थात आक्रामकता देने वाली तिथि हैं।
  4. पूर्णिमा के देवता चंद्रमा है । इस तिथि में चंद्र भगवान की पूजा करे । चंद्रमा मन का कारक है इसलिए इनकी पूजा से मन संतुलित और प्रसन्न रहता है जिससे वो मनुष्‍य सभी जगह लोकप्रिय बन जाता है। यह सौम्या तिथि हैं।

अमावस्या के देवता पित्र अर्थात् हमारे पूर्वज है। अमावस्या के दिन अपने पूर्वजों के लिए गौ माता और ब्राह्मण देवता को भोजन कराना चाहिए । ये सब करने से पितरों की कृपा मिलती है जिससे कुल की वृद्धि , धन सम्पदा, धार्मिक संस्कार का उदय होता है।

      *🌸दैनिक राशिफल*🌸

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
शारीरिक कष्ट की आशंका है। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। प्रयास सफल रहेंगे। मित्रों तथा रिश्तेदारों की सहायता कर पाएंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कारोबार अच्छा चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

🐂वृष
भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। आत्मसम्मान बना रहेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। व्यय होगा। मनोरंजन का अवसर प्राप्त होगा। स्वास्थ्य संबंधी समस्या दूर होगी।

👫मिथुन
रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। जल्दबाजी न करें। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि से लाभ होगा। प्रसन्नता रहेगी।

🦀कर्क
स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। फालतू खर्च होगा। आवश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलेगी। दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप न करें। मानसिक बेचैनी रहेगी। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी।

🐅सिंह
किसी लंबी यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। नए कार्य मिल सकते हैं। डूबी हुई रकम प्राप्त होने के योग हैं। जल्दबाजी न करें। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। पुराने संपर्क काम आएंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। नौकरी में चैन रहेगा।

🙎कन्या
आर्थिक उन्नति के लिए किए गए प्रयास सफल रहेंगे। नए विचार मन में आएंगे। नए अनुबंध हो सकते हैं। यात्रा लाभदायक रहेगी। पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। निवेश फायदेमंद रहेगा।

⚖तुला
कानूनी अड़चन दूर होगी। स्थिति अनुकूल होगी। बुद्धि का प्रयोग करें। पूजा-पाठ में मन लगेगा। शत्रु शांत रहेंगे। दुष्टजनों से सावधानी आवश्यक है। कारोबार में वृद्धि होगी। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण रहेगा।

🦂वृश्चिक
चोट व दुर्घटना से शारीरिक हानि हो सकती है। सावधान रहें। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। भावना में बहकर कोई निर्णय न लें। राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी।

🏹धनु
प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। भेंट व उपहार देना पड़ सकते हैं। कानूनी अड़चन दूर होगी। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का सहयोग प्राप्त हो सकता है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। विवाद को बढ़ावा न दें। कारोबार अच्छा चलेगा। प्रसन्नता रहेगी।

🐊मकर
स्थायी संपत्ति में वृद्धि के योग हैं। कोई बड़ा सौदा बड़ा लाभ दे सकता है। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। व्यस्तता के चलते थकान व कमजोरी महसूस होगी। सुख के साधनों पर व्यय हो सकता है।

🍯कुंभ
किसी बड़ी उलझन से सामना हो सकता है। विवाद को बढ़ावा न दें। जीवनसाथी का सहयोग प्राप्त होगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बन सकता है। संगीत आदि में रुचि रहेगी। आय में वृद्धि होगी।

🐟मीन
भागदौड़ अधिक होगी। थकान रह सकती है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप न करें। कोई बुरी सूचना मिल सकती है। उत्साह व प्रसन्नता में कमी रहेगी। आय बनी रहेगी। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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