Dharma & Karma 

🦂वृश्चिक राशि वालों का प्रियजनों के साथ बेवजह रिश्तों में खटास आ सकती है, इन 3 राशियों के बारे जानकर उड़ेंगें आपके होश, कौन सी है…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🌸🙏🌸🙏🌸
सम्पर्क सूत्र – 9518782511
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏
🙏🌸🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌸🙏
🙏ll जय श्री राधे ll*🙏
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏

दिनाँक -: 18/07/2020,शनिवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
श्रावण
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि ——-त्रयोदशी 24:40:55 तक
पक्ष —————————-कृष्ण
नक्षत्र ——–मृगशिरा 21:22:28
योग —————ध्रुव 23:05:44
करण ————-गर 12:41:52
करण ———वणिज 24:40:55
वार ————————-शनिवार
माह ————————– श्रावण
चन्द्र राशि ——वृषभ 08:59:30
चन्द्र राशि ——————मिथुन
सूर्य राशि ——————–कर्क
रितु —————————–वर्षा
आयन ——————दक्षिणायण
संवत्सर ———————–शार्वरी
संवत्सर (उत्तर) ————-प्रमादी
विक्रम संवत —————-2077
विक्रम संवत (कर्तक) —-2076
शाका संवत —————-1942

मुम्बई
सूर्योदय —————- 06:11:41
सूर्यास्त —————–19:17:40
दिन काल ————- 13:05:59
रात्री काल ————-10:54:22
चंद्रास्त —————- 17:19:51
चंद्रोदय —————–28:35:05

लग्न —-कर्क 1°44′ , 91°44′

सूर्य नक्षत्र —————–पुनर्वसु
चन्द्र नक्षत्र —————–मृगशिरा
नक्षत्र पाया ——————–लोहा

🙏🌸पद, चरण🌸🙏

वो —- मृगशीर्षा 08:59:30
का —- मृगशीर्षा 15:12:13
की —- मृगशीर्षा 21:22:28
कु —-आर्द्रा 27:30:14

🌸 चोघडिया, दिन
काल 05:36 – 07:19 अशुभ
शुभ 07:19 – 09:01 शुभ
रोग 09:01 – 10:43 अशुभ
उद्वेग 10:43 – 12:25 अशुभ
चर 12:25 – 14:08 शुभ
लाभ 14:08 – 15:50 शुभ
अमृत 15:50 – 17:32 शुभ
काल 17:32 – 19:14 अशुभ

🌸 चोघडिया, रात
लाभ 19:14 – 20:32 शुभ
उद्वेग 20:32 – 21:50 अशुभ
शुभ 21:50 – 23:08 शुभ
अमृत 23:08 – 24:26* शुभ
चर 24:26* – 25:43* शुभ
रोग 25:43* – 27:01* अशुभ
काल 27:01* – 28:19* अशुभ
लाभ 28:19* – 29:37* शुभ

🌸 दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो लौंग अथवा कालीमिर्च खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🌸अग्नि वास ज्ञान
15 + 13 + 7 + 1 = 36 ÷ 4 = 0 शेष
मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

🌸शिव वास एवं फल
28 + 28 + 5 = 61 ÷ 7 = 5 शेष
ज्ञानवेलायां = कष्ट कारक

🌸भद्रा वास एवं फल
रात्रि 24:41 से प्रारम्भ
स्वर्ग लोक = शुभ कारक

🌸विशेष जानकारी🌸

  • शनि प्रदोष व्रत (शिव पूजन) 🙏🌸शुभ विचार🌸🙏

विनयं राजपुत्रेभ्यः पंडितेभ्यः सुभाषितम् ।
अनृतं द्यूतकारेभ्यः स्त्रीभ्यः शिक्षेत कैतवम् ।।
।।चा o नी o।।

राज परिवारों से शिष्टाचार सीखे. पंडितो से बोलने की कला सीखे. जुआरियो से झूट बोलना सीखे. एक औरत से छल सीखे

🌸सुभाषितानि🌸

गीता -: विभूतियोग अo-10

आयुधानामहं वज्रं धेनूनामस्मि कामधुक्‌ ।,
प्रजनश्चास्मि कन्दर्पः सर्पाणामस्मि वासुकिः ॥,

मैं शस्त्रों में वज्र और गौओं में कामधेनु हूँ।, शास्त्रोक्त रीति से सन्तान की उत्पत्ति का हेतु कामदेव हूँ और सर्पों में सर्पराज वासुकि हूँ॥,28॥,

🌸व्रत पर्व विवरण🌸
🌸 विशेष – त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

*🌸 शनि प्रदोष*🌸

➡️ 18 जुलाई 2020 को शनि प्रदोष है ।
शनिवार को प्रदोषकाल में त्रयोदशी तिथि हो तो उसे शनिप्रदोष कहा जाता है।
🙏🏻शनिप्रदोष व्रत की महिमा अपार है | स्कन्दपुराण में ब्राह्मखंड – ब्रह्ममोत्तरखंड में हनुमान जी कहते हैं कि
🌸 एष गोपसुतो दिष्ट्या प्रदोषे मंदवा सरे । अमंत्रेणापि संपूज्य शिवं शिवमवाप्तवान् ।।
मंदवारे प्रदोषोऽयं दुर्लभः सर्वदेहिनाम् । तत्रापि दुर्लभतरः कृष्णपक्षे समागते ।।
👉🏻 एक गोप बालक ने शनिवार को प्रदोष के दिन बिना मंत्र के भी शिव पूजन कर उन्हें पा लिया। शनिवार को प्रदोष व्रत सभी देहधारियों के लिए दुर्लभ है। कृष्णपक्ष आने पर तो यह और भी दुर्लभ है।

🌸 चतुर्दशी – आर्द्रा नक्षत्र योग🌸
➡ 18 जुलाई 2020 शनिवार को (रात्रि 12:42 से 19 जुलाई रात्रि 09:40 तक) चतुर्दशी – आर्द्रा नक्षत्र योग है ।
🙏🏻 यदि चतुर्दशी के दिन आर्द्रा नक्षत्र का योग हो तो उस समय किया गया प्रणव (ॐ) का जप अक्षय फलदायी होता है।

🌸कर्ज-मुक्ति के लिए मासिक शिवरात्रि🌸
👉🏻 18 जुलाई 2020 शनिवार को मासिक शिवरात्रि है।
🙏🏻 हर मासिक शिवरात्रि को सूर्यास्‍त के समय घर में बैठकर अपने गुरुदेव का स्मरण करके शिवजी का स्मरण करते- करते ये 17 मंत्र बोलें, जिनके सिर पर कर्जा ज्यादा हो, वो शिवजी के मंदिर में जाकर दिया जलाकर ये 17 मंत्र बोले।इससे कर्जा से मुक्ति मिलेगी
1).ॐ शिवाय नम:
2).ॐ सर्वात्मने नम:
3).ॐ त्रिनेत्राय नम:
4).ॐ हराय नम:
5).ॐ इन्द्र्मुखाय नम:
6).ॐ श्रीकंठाय नम:
7).ॐ सद्योजाताय नम:
8).ॐ वामदेवाय नम:
9).ॐ अघोरह्र्द्याय नम:
10).ॐ तत्पुरुषाय नम:
11).ॐ ईशानाय नम:
12).ॐ अनंतधर्माय नम:
13).ॐ ज्ञानभूताय नम:
14). ॐ अनंतवैराग्यसिंघाय नम:
15).ॐ प्रधानाय नम:
16).ॐ व्योमात्मने नम:
17).ॐ युक्तकेशात्मरूपाय नम:

🌸आर्थिक परेशानी से बचने हेतु🌸
कर्ज से आप परेशान हैं तो फिटकरी का यह उपाय आपकी जरूर मदद करेगा। इसके लिए आप बुधवार के दिन थोड़ी सी फिटकरी पर सिंदूर छिड़क दें और फिर उसे पान के पत्ते में लपेटकर कलावा से बांध दें। फिर उसको शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे किसी भारी चीज जैसे बड़े पत्थर से दबा दें। ऐसा आप लगातार तीन बुधवार करें। ध्यान रहे ऐसा करते समय कोई आपको देखे ना। इस फिटकरी के टोटके से आपको कर्ज से जरूर मुक्ति मिलेगी।
👉🏻 हर महिने में शिवरात्रि (मासिक शिवरात्रि – कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी) को आती है | तो उस दिन जिसके घर में आर्थिक कष्ट रहते हैं वो शाम के समय या संध्या के समय जप-प्रार्थना करें एवं शिवमंदिर में दीप-दान करें ।
👉🏻 और रात को जब 12 बज जायें तो थोड़ी देर जाग कर जप और एक श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें।तो आर्थिक परेशानी दूर हो जायेगी।
🙏🏻 प्रति वर्ष में एक महाशिवरात्रि आती है और हर महीने में एक मासिक शिवरात्रि आती है। उस दिन शाम को बराबर सूर्यास्त हो रहा हो उस समय एक दिया पर पाँच लंबी बत्तियाँ अलग-अलग उस एक में हो शिवलिंग के आगे जलाके रखना |बैठ कर भगवान शिवजी के नाम का जप करना प्रार्थना करना, | इससे व्यक्ति के सिर पे कर्जा हो तो जल्दी उतरता है, आर्थिक परेशानियाँ दूर होती है
🌸 प्रणव’ (ॐ) की महिमा (चतुर्दशी आर्द्रा नक्षत्र योग : 18 जुलाई 2020 को रात्रि 12:42 से 19 जुलाई रात्रि 09:40 तक)
🙏🏻 सूतजी ने ऋषियों से कहा : “महर्षियों ! ‘प्र’ नाम है प्रकृति से उत्पन्न संसाररूपी महासागर का | प्रणव इससे पार करने के लिए (नव) नाव है | इसलिए इस ॐकार को ‘प्रणव’ की संज्ञा देते हैं | ॐकार अपना जप करनेवाले साधकों से कहता है – ‘प्र –प्रपंच, न – नहीं है, व: – तुम लोगों के लिए |’ अत: इस भाव को लेकर भी ज्ञानी पुरुष ‘ॐ’ को ‘प्रणव’ नाम से जानते हैं | इसका दूसरा भाव है : ‘प्र – प्रकर्षेण, न – नयेत, व: -युष्मान मोक्षम इति वा प्रणव: | अर्थात यह तुम सब उपासकों को बलपूर्वक मोक्ष तक पहुँचा देगा|’ इस अभिप्राय से भी ऋषि-मुनि इसे ‘प्रणव’ कहते हैं | अपना जप करनेवाले योगियों के तथा अपने मंत्र की पूजा करनेवाले उपासको के समस्त कर्मो का नाश करके यह उन्हें दिव्य नूतन ज्ञान देता है, इसलिए भी इसका नाम प्रणव – प्र (कर्मक्षयपूर्वक) नव (नूतन ज्ञान देनेवाला) है |


🙏🏻 इस मायारहित महेश्वर को ही नव अर्थात नूतन कहते हैं | वे परमात्मा प्रधान रूप से नव अर्थात शुद्धस्वरुप है, इसलिए ‘प्रणव’ कहलाते हैं | प्रणव साधक को नव अर्थात नवीन (शिवस्वरूप) कर देता है, इसलिए भी विद्वान पुरुष इसे प्रणव के नाम से जानते हैं अथवा प्र – प्रमुख रूप से नव – दिव्य परमात्म – ज्ञान प्रकट करता है, इसलिए यह प्रणव है |
🙏🏻 यध्यपि जीवन्मुक्त के लिए किसी साधन की आवश्यकता नहीं है क्योंकि वह सिद्धरुप है, तथापि दूसरों की दृष्टि में जब तक उसका शरीर रहता है, टीवी तक उसके द्वारा प्रणव – जप की सहज साधना स्वत: होती रहती है | वह अपनी देह का विलय होने तक सूक्ष्म प्रणव मंत्र का जप और उसके अर्थभूत परमात्म-तत्त्व का अनुसंधान करता रहता है | जो अर्थ का अनुसंधान न करके केवल मंत्र का जप करता है, उसे निश्चय ही योग की प्राप्ति होती है | जिसने इस मंत्र का ३६ करोड़ जप कर लिया हो, उसे अवश्य ही योग प्राप्त हो जाता है | ‘अ’ शिव है, ‘उ’ शक्ति है और ‘मकार’ इन दोनों की एकता यह त्रितत्त्वरूप है, ऐसा समझकर ‘ह्रस्व प्रणव’ का जप करना चाहिए | जो अपने समस्त पापों का क्षय करना चाहते हैं, उनके लिए इस ह्रस्व प्रणव का जप अत्यंत आवश्यक है |
🙏🏻वेद के आदि में और दोनों संध्याओं की उपासना के समय भी ॐकार का उच्चारण करना चाहिए | भगवान शिव ने भगवान ब्रम्हाजी और भगवान विष्णु से कहा : “मैंने पूर्वकाल में अपने स्वरूपभूत मंत्र का उपदेश किया है, जो ॐकार के रूप में प्रसिद्ध है | वह महामंगलकारी मंत्र है | सबसे पहले मेरे मुख से ॐकार ( ॐ ) प्रकट हुआ, जो मेरे स्वरूप का बोध करानेवाला है | ॐकार वाचक है और मैं वाच्य हूँ | यह मंत्र मेरा स्वरुप ही है | प्रतिदिन ॐकार का निरंतर स्मरण करने से मेरा ही सदा स्मरण होता है |


🙏🏻 मुनीश्वरो ! प्रतिदिन दस हजार प्रणवमंत्र का जप करें अथवा दोनों संध्याओं के समय एक-एक हजार प्रणव का जप किया करें | यह क्रम भी शिवप्रद की प्राप्ति करानेवाला है |
🙏🏻 ‘ॐ’ इस मंत्र का प्रतिदिन मात्र एक हजार जप करने पर सम्पूर्ण मनोरथों की सिद्धि होती है |
🙏🏻 प्रणव के ‘अ’ , ‘उ’ और ‘म’ इन तीनों अक्षरों से जीव और ब्रम्ह की एकता का प्रतिपादन होता है – इस बात को जानकर प्रणव ( ॐ ) का जप करना चाहिए | जपकाल में यह भावना करनी चाहिए कि ‘हम तीनों लोकों की सृष्टि करनेवाले ब्रम्हा, पालन करनेवाले विष्णु तथा संहार करनेवाले रुद्र जो स्वयंप्रकाश चिन्मय हैं, उनकी उपसना करते हैं | यह ब्रम्हस्वरूप ॐकार हमारी कर्मन्द्रियों और ज्ञानेन्द्रियों की वृत्तियों को, मन की वृत्तियों को तथा बुद्धि की वृत्तियों को सदा भोग और मोक्ष प्रदान करनेवाले धर्म एवं ज्ञान की ओर प्रेरित करें | प्रणव के इस अर्थ का बुद्धि के द्वारा चिंतन करता हुआ जो इसका जप करता है, वह निश्चय ही ब्रम्ह को प्राप्त कर लेता है | अथवा अर्थानुसंधान के बिना भी प्रणव का नित्य जप करना चाहिए

🙏 (‘शिव पुराण’ अंतर्गत विद्धेश्वर संहिता से संकलित)

👉🏻 भिन्न-भिन्न काल में ‘ॐ’ की महिमा
➡ आर्दा नक्षत्र से युक्त चतुर्दशी के योग में (दिनांक 18 जुलाई 2020 को रात्रि 12:42 से 19 जुलाई रात्रि 09:40 तक) प्रणव का जप किया जाय तो वह अक्षय फल देनेवाला होता है ।

🌸एकादशी
गुरुवार, 30 जुलाई श्रावण पुत्रदा एकादशी

🌸प्रदोष
शनिवार, 18 जुलै शनि प्रदोष व्रत (कृष्ण)

🌸अमावस्या
20 जुलाई 2020 – सोमवार – श्रावण अमावस्या (हरियाली, सोमवती अमावस्या)

🌸दैनिक राशिफल🌸

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
डूबी हुई रकम प्राप्त होने के योग हैं। यात्रा लाभदायक रहेगी। आय में वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में चैन रहेगा। कोई बुरी खबर मिल सकती है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। दुष्टजनों से सावधानी आवश्यक है।

🐂वृष
फालतू खर्च होगा। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। धन की तंगी होगी। बेकार बातों पर ध्यान न दें। विचारों की स्पष्टता न होने से उलझनें रहेंगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। नौकरी में स्थानांतरण या परिवर्तन संभव है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यापार-व्यवसाय ठीक-ठीक चलेगा।

👫मिथुन
योजना फलीभूत होगी। मनमाफिक स्थानांतरण या पदोन्नति हो सकती है। कार्यस्थल पर सुधार होगा। सामाजिक कार्य करने की इच्छा रहेगी। मान-सम्मान मिलेगा। घर-परिवार की चिंता रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। दूर से अच्छी खबर मिल सकती है।

🦀कर्क
राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। कोई रुका काम बन सकता है। तीर्थयात्रा की योजना बनेगी। तंत्र-मंत्र में रुचि जागृत होगी। सत्संग का लाभ प्राप्त होगा। कारोबार लाभदायक रहेगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। प्रतिद्वंद्वी शांत रहेंगे। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें।

🐅सिंह
चोट व दुर्घटना से शारीरिक हानि की संभावना है। दुष्टजनों से दूरी बनाए रखें। बिना वजह कहासुनी हो सकती है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। यात्रा यथासंभव टालें। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। धैर्य रखें।

🙎‍♀️कन्या
ऐश्वर्य के साधनों पर बड़ा खर्च हो सकता है। भूमि व भवन आदि के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। नौकरी में चैन रहेगा। शत्रु पस्त होंगे। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। सभी कार्य पूर्ण होंगे।

⚖️तुला
दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। शेयर मार्केट से आशातीत लाभ होगा। नौकरी में सहकर्मियों का साथ मिलेगा। राजकीय बाधा दूर होगी। तनाव व चिंता में कमी होगी। स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। समय अनुकूल है। प्रसन्नता में वृद्धि होगी।

🦂वृश्चिक
प्रियजनों के साथ बेवजह रिश्तों में खटास आ सकती है। लोगों की अपेक्षाएं बढ़ेंगी। हताशा का अनुभव होगा। मन की बात किसी को न बतलाएं। संवेदनशीलता बढ़ेगी। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। अपरिचित व्यक्तियों पर अंधविश्वास न करें।

🏹धनु
भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। यात्रा लाभदायक रहेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। कोई बड़ा काम होने से प्रसन्नता रहेगी। समय की अनुकूलता का लाभ लें। कारोबारी लाभ बढ़ेगा। नौकरी में उच्चाधिकारी की प्रसन्नता प्राप्त होगी। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। निवेश शुभ रहेगा। जल्दबाजी न करें।

🐊मकर
पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बन सकता है। शैक्षणिक व शोध कार्य मनोनुकूल रहेंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। उत्साह व प्रसन्नता में वृद्धि होगी। नौकरी में कोई नया कार्य कर पाएंगे। अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। व्यापार ठीक चलेगा।

🍯कुंभ
नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। मेहनत का फल प्राप्त होगा। अपेक्षित कार्य समय पर पूरे होंगे। मित्रों का सहयोग कर पाएंगे। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। सुख के साधन जुटेंगे। कारोबारी लाभ बढ़ेगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड मनोनुकूल लाभ देंगे।

🐟मीन
भूले-बिसरे साथी तथा रिश्तेदारों से मुलाकात होगी। आत्मसम्मान बना रहेगा। अच्छी खबर प्राप्त होगी। कोई बड़ा काम करने का मन बनेगा। मान-सम्मान मिलेगा। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। घर-बाहर प्रसन्नता बनी रहेगी।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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