Dharma & Karma (ज्योतिष शास्त्र) 

🙎‍♀️कन्या चोट व रोग से शारीरिक कष्ट संभव है। परिवार के छोटे सदस्यों के स्वास्थ्य व अध्ययन संबंधी चिंता रहेगी, अगर आपने…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🌸🙏🌸🙏🌸
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏
🙏🌸🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌸🙏
🙏ll जय श्री राधे ll*🙏
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏

दिनाँक -: 23/07/2020,गुरुवार
तृतीया, शुक्ल पक्ष
श्रावण
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि ———तृतीया 17:02:36 तक
पक्ष —————————-शुक्ल
नक्षत्र ————मघा 17:42:54
योग ——–व्यतापता 12:00:20
करण ———–तैतुल 06:13:48
करण ————–गर 17:02:36
करण ———वणिज 27:48:58
वार ————————-गुरूवार
माह —————————श्रावण
चन्द्र राशि ——————–सिंह
सूर्य राशि ——————– कर्क
रितु —————————–वर्षा
आयन —————– दक्षिणायण
संवत्सर ———————–शार्वरी
संवत्सर (उत्तर) ————-प्रमादी
विक्रम संवत ————— 2077
विक्रम संवत (कर्तक) —-2076
शाका संवत —————-1942

मुम्बई
सूर्योदय —————–06:13:28
सूर्यास्त —————–19:16:19
दिन काल ————–13:02:51
रात्री काल ————-10:57:30
चंद्रोदय —————- 08:34:47
चंद्रास्त —————–21:47:38

लग्न —– कर्क 6°30′ , 96°30′

सूर्य नक्षत्र ——————–पुष्य
चन्द्र नक्षत्र ———————मघा
नक्षत्र पाया ——————–रजत

🌸 पद, चरण 🌸

मी —-मघा 06:30:22
मू —- मघा 12:07:00
मे —- मघा 17:42:54
मो —-पूर्वाफाल्गुनी 23:18:13
टा —-पूर्वाफाल्गुनी 28:53:02

🌸चोघडिया, दिन
शुभ 05:39 – 07:21 शुभ
रोग 07:21 – 09:02 अशुभ
उद्वेग 09:02 – 10:44 अशुभ
चर 10:44 – 12:26 शुभ
लाभ 12:26 – 14:07 शुभ
अमृत 14:07 – 15:49 शुभ
काल 15:49 – 17:30 अशुभ
शुभ 17:30 – 19:12 शुभ

🌸 चोघडिया, रात
अमृत 19:12 – 20:31 शुभ
चर 20:31 – 21:49 शुभ
रोग 21:49 – 23:07 अशुभ
काल 23:07 – 24:26* अशुभ
लाभ 24:26* – 25:44* शुभ
उद्वेग 25:44* – 27:03* अशुभ
शुभ 27:03* – 28:21* शुभ
अमृत 28:21* – 29:40* शुभ

🌸 दिशा शूल ज्ञान————-दक्षिण
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा केशर खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🌸अग्नि वास ज्ञान
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
3 + 5 + 1 = 9 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

🌸शिव वास एवं फल
3 + 3 + 5 = 11 ÷ 7 = 4 शेष
सभायां = सन्ताप कारक

🌸भद्रा वास एवं फल
रात्रि 27:48 से प्रारम्भ
मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनी

🌸विशेष जानकारी🌸

  • हरियाली तीज(कजली तीज)
  • मधुश्रवा तृतीया
  • बिहारी जी स्वर्ण हिंडोला में विराजमान 🌸शुभ विचार🌸

वयसः परिणामेऽपि यः खलः खलः एव सः ।
सम्पक्वमपि माधुर्यं नापयातीन्द्रवारुणम् ।।
।।चा o नी o।।

जो व्यक्ति अपने बुढ़ापे में भी मुर्ख है वह सचमुच ही मुर्ख है. उसी प्रकार जिस प्रकार इन्द्र वरुण का फल कितना भी पके मीठा नहीं होता.

🌸सुभाषितानि🌸

गीता -: विभूतियोग अo-10

अक्षराणामकारोऽस्मि द्वंद्वः सामासिकस्य च ।,
अहमेवाक्षयः कालो धाताहं विश्वतोमुखः ॥,

मैं अक्षरों में अकार हूँ और समासों में द्वंद्व नामक समास हूँ।, अक्षयकाल अर्थात्‌ काल का भी महाकाल तथा सब ओर मुखवाला, विराट्स्वरूप, सबका धारण-पोषण करने वाला भी मैं ही हूँ॥,33॥,

🌸 व्रत पर्व विवरण🌸
🌸- तृतीया को परवल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला होता है ।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

अगर किसी व्यक्ति की शादी में लगातार बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं तो इसके लिए आप सुबह सूर्य को हल्दी मिले जल से अर्घ्य दें। अर्घ्य के बाद लोटे पर लगी हल्दी को अपने माथे से लगा लें, ऐसा लगातार आप एक महीना तक करते रहें। आपकी शादी की सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी।
🌸 नागपंचमी🌸
🙏🏻 श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 25 जुलाई, शनिवार को है। इस दिन नागों की पूजा करने का विधान है। हिंदू धर्म में नागों को भी देवता माना गया है। महाभारत आदि ग्रंथों में नागों की उत्पत्ति के बारे में बताया गया है। इनमें शेषनाग, वासुकि, तक्षक आदि प्रमुख हैं। नागपंचमी के अवसर पर हम आपको ग्रंथों में वर्णित प्रमुख नागों के बारे में बता रहे हैं-
🐍 वासुकि नाग
धर्म ग्रंथों में वासुकि को नागों का राजा बताया गया है। ये हैं भगवान शिव के गले में लिपटे रहते हैं। (कुछ ग्रंथों में महादेव के गले में निवास करने वाले नाग का नाम तक्षक भी बताया गया है)। ये महर्षि कश्यप व कद्रू की संतान हैं। इनकी पत्नी का नाम शतशीर्षा है। इनकी बुद्धि भगवान भक्ति में लगी रहती है। जब माता कद्रू ने नागों को सर्प यज्ञ में भस्म होने का श्राप दिया तब नाग जाति को बचाने के लिए वासुकि बहुत चिंतित हुए। तब एलापत्र नामक नाग ने इन्हें बताया कि आपकी बहन जरत्कारु से उत्पन्न पुत्र ही सर्प यज्ञ रोक पाएगा।
तब नागराज वासुकि ने अपनी बहन जरत्कारु का विवाह ऋषि जरत्कारु से करवा दिया। समय आने पर जरत्कारु ने आस्तीक नामक विद्वान पुत्र को जन्म दिया। आस्तीक ने ही प्रिय वचन कह कर राजा जनमेजय के सर्प यज्ञ को बंद करवाया था। धर्म ग्रंथों के अनुसार, समुद्र मंथन के समय नागराज वासुकि की नेती (रस्सी) बनाई गई थी। त्रिपुरदाह (इस युद्ध में भगवान शिव ने एक ही बाण से राक्षसों के तीन पुरों को नष्ट कर दिया था) के समय वासुकि शिव धनुष की डोर बने थे।
🐍 शेषनाग
शेषनाग का एक नाम अनंत भी है। शेषनाग ने जब देखा कि उनकी माता कद्रू व भाइयों ने मिलकर विनता (ऋषि कश्यप की एक और पत्नी) के साथ छल किया है तो उन्होंने अपनी मां और भाइयों का साथ छोड़कर गंधमादन पर्वत पर तपस्या करनी आरंभ की। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्मा ने उन्हें वरदान दिया कि तुम्हारी बुद्धि कभी धर्म से विचलित नहीं होगी।
🐍 ब्रह्मा ने शेषनाग को यह भी कहा कि यह पृथ्वी निरंतर हिलती-डुलती रहती है, अत: तुम इसे अपने फन पर इस प्रकार धारण करो कि यह स्थिर हो जाए। इस प्रकार शेषनाग ने संपूर्ण पृथ्वी को अपने फन पर धारण कर लिया। क्षीरसागर में भगवान विष्णु शेषनाग के आसन पर ही विराजित होते हैं। धर्म ग्रंथों के अनुसार, भगवान श्रीराम के छोटे भाई लक्ष्मण व श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम शेषनाग के ही अवतार थे।
👉🏻 शेष कल………

🌸 व्यतिपात योग🌸
🙏🏻 व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है।
🙏🏻 वाराह पुराण में ये बात आती है व्यतिपात योग की।
🙏🏻 व्यतिपात योग माने क्या कि देवताओं के गुरु बृहस्पति की धर्मपत्नी तारा पर चन्द्र देव की गलत नजर थी जिसके कारण सूर्य देव अप्रसन्न हु नाराज हुए उन्होनें चन्द्रदेव को समझाया पर चन्द्रदेव ने उनकी बात को अनसुना कर दिया तो सूर्य देव को दुःख हुआ कि मैने इनको सही बात बताई फिर भी ध्यान नहीं दिया और सूर्यदेव को गुरुदेव की याद आई कि कैसा गुरुदेव के लिये आदर प्रेम श्रद्धा होना चाहिये पर इसको इतना नहीं थोडा भूल रहा है ये, सूर्यदेव को गुरुदेव की याद आई और आँखों से आँसू बहे वो समय व्यतिपात योग कहलाता है। और उस समय किया हुआ जप, सुमिरन, पाठ, प्रायाणाम, गुरुदर्शन की खूब महिमा बताई है वाराह पुराण में।
🌸 विशेष ~ 22 जुलाई 2020 बुधवार को दोपहर 02:57 से 23 जुलाई, गुरुवार को दोपहर 12:03 तक व्यतिपात योग है ।

🌸एकादशी
गुरुवार, 30 जुलाई श्रावण पुत्रदा एकादशी

🌸दैनिक राशिफल🌸

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
आपकी न्यायपूर्ण बात का भी विरोध होगा। दु:खद समाचार मिल सकता है। किसी निकट के व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है। प्रियजनों से रिश्तों में खटास आ सकती है। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। धनहानि की आशंका है। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी।

🐂वृष
आशंका-कुशंका के चलते निर्णय लेने में विलंब हो सकता है। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। प्रयास सफल रहेंगे। सामाजिक कार्य करने का मन बनेगा। मान-सम्मान मिलेगा। कारोबार मनोनुकूल चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में जवाबदारी बढ़ सकती है।

👫मिथुन
फिजूलखर्ची अधिक होगी। घर में मेहमानों का आगमन होगा। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। शत्रुभय रहेगा। किसी से विवाद हो सकता है। मान कम होगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

🦀कर्क
कोई बड़ा खर्च हो सकता है। आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है। गलतफहमी के कारण विवाद संभव है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। स्वास्थ्य पर खर्च होगा। घर-परिवार की चिंता रहेगी। यात्रा में जल्दबाजी न करें। व्यापार ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी।

🐅सिंह
किसी ईर्ष्यालु व्यक्ति द्वारा हानि हो सकती है। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। कोई बड़ा काम होने से प्रसन्नता रहेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। कारोबार अच्छा चलेगा। निवेशादि शुभ फल देंगे।

🙎‍♀️कन्या
चोट व रोग से शारीरिक कष्ट संभव है। परिवार के छोटे सदस्यों के स्वास्थ्य व अध्ययन संबंधी चिंता रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नया काम मिलेगा। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। मित्रों व संबंधियों से संबंध सुधरेंगे।

⚖️तुला
जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। अनहोनी की आशंका रहेगी। वाहन व मशीनरी आदि के प्रयोग में सावधानी रखें। किसी व्यक्ति विशेष से विवाद हो सकता है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। मानसिक उलझनें रहेंगी। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा।

🦂वृश्चिक
थकान व कमजोरी रह सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। कोई धार्मिक स्थल का कार्यक्रम बन सकता है। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का सहयोग व मार्गदर्शन प्राप्त होगा। आय होगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

🏹धनु
जल्दबाजी में व्यापारिक व्यवहार न करें। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। प्रमाद न कर भरपूर प्रयास करें। नौकरी में प्रभाव वृद्धि होगी। कारोबार मनमाफिक चलेगा। लाभ होगा।

🐊मकर
किसी व्यक्ति के द्वारा अपमान हो सकता है। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का सहयोग प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी।

🍯कुंभ
विवाद को तूल न दें। जल्दबाजी से हानि होगी। शारीरिक कष्ट संभव है। स्थायी संपत्ति के कार्य लाभदायक रहेंगे। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। आय में वृद्धि होगी। घर-बाहर सुखद वातावरण रहेगा। परिवार के साथ सुख-शांति बनी रहेगी।

🐟मीन
पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बन सकता है। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। अध्ययन में मन लगेगा। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। आय बनी रहेगी। चोट व रोग से बचें। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। शत्रु परास्त होंगे।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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