Dharma & Karma (ज्योतिष शास्त्र) 

आज राशिफ़ल के साथ आपको शिव जी के द्वादश बारह ज्योतिर्लिंग की कथा और महत्त्व के बारे में बता रहे हैं आचार्य रमेश चंद्र तिवारी जी…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🌸🙏🌸
सम्पर्क सूत्र – 9518782511
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏
🙏🌸🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌸🙏
🙏ll जय श्री राधे ll*🙏
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏

दिनाँक -: 29/07/2020,बुधवार
दशमी, शुक्ल पक्ष
श्रावण
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि ———-दशमी 25:15:37 तक
पक्ष —————————शुक्ल
नक्षत्र ——-विशाखा 08:32:06
योग ————-शुक्ल 15:32:48
करण ———–तैतुल 14:05:09
करण ————–गर 25:15:37
वार ————————–बुधवार
माह ————————–श्रावण
चन्द्र राशि ——————-वृश्चिक
सूर्य राशि ———————–कर्क
रितु —————————–वर्षा
आयन —————– दक्षिणायण
संवत्सर ———————–शार्वरी
संवत्सर (उत्तर) ————-प्रमादी
विक्रम संवत —————-2077
विक्रम संवत (कर्तक) —-2076
शाका संवत —————-1942

मुम्बई
सूर्योदय ————— 06:15:33
सूर्यास्त —————–19:14:07
दिन काल ————–12:58:34
रात्री काल ————-11:01:45
चंद्रोदय —————–14:31:37
चंद्रास्त —————–26:02:37

लग्न —- कर्क 12°14′ , 102°14′

सूर्य नक्षत्र ——————–पुष्य
चन्द्र नक्षत्र —————-विशाखा
नक्षत्र पाया ——————रजत

🙏🌸पद, चरण🌸🙏

तो —-विशाखा 08:32:06
ना —-अनुराधा 14:17:24
नी —-अनुराधा 20:03:43
नू —-अनुराधा 25:51:04

🌸चोघडिया, दिन
लाभ 05:42 – 07:23 शुभ
अमृत 07:23 – 09:04 शुभ
काल 09:04 – 10:45 अशुभ
शुभ 10:45 – 12:26 शुभ
रोग 12:26 – 14:06 अशुभ
उद्वेग 14:06 – 15:47 अशुभ
चर 15:47 – 17:28 शुभ
लाभ 17:28 – 19:09 शुभ

🌸चोघडिया, रात
उद्वेग 19:09 – 20:28 अशुभ
शुभ 20:28 – 21:47 शुभ
अमृत 21:47 – 23:07 शुभ
चर 23:07 – 24:26* शुभ
रोग 24:26* – 25:45* अशुभ
काल 25:45* – 27:04* अशुभ
लाभ 27:04* – 28:24* शुभ
उद्वेग 28:24* – 29:43* अशुभ

🌸 दिशा शूल ज्ञान————-उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🌸अग्नि वास ज्ञान
10 + 4 + 1 = 15 ÷ 4 = 3 शेष
मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

🌸शिव वास एवं फल
10 + 10 + 5 = 25 ÷ 7 = 4 शेष
सभायां = सन्ताप कारक

🌸विशेष जानकारी🌸

  • सर्वार्थ एवं अमृत सिद्धि योग 08:32 से
  • झूलन यात्रा प्रारम्भ
  • बुध पूजन 🙏🌸शुभ विचार🌸🙏

दाने तपसि शौर्यं वा विज्ञाने विनये नये ।
विस्मयो न हि कर्तव्यो बहुरत्ना वसुन्धरा ।।
।।चा o नी o।।

हमें अभिमान नहीं होना चाहिए जब हम ये बाते करते है..

१. परोपकार
२. आत्म संयम
३. पराक्रम
४. शास्त्र का ज्ञान हासिल करना.
५. विनम्रता
६. नीतिमत्ता
यह करते वक़्त अभिमान करने की इसलिए जरुरत नहीं क्यों की दुनिया बहुत कम दिखाई देने वाले दुर्लभ रत्नों से भरी पड़ी है.

🌸सुभाषितानि🌸

गीता -: विभूतियोग अo-10

नान्तोऽस्ति मम दिव्यानां विभूतीनां परन्तप ।,
एष तूद्देशतः प्रोक्तो विभूतेर्विस्तरो मया ॥,

हे परंतप! मेरी दिव्य विभूतियों का अंत नहीं है, मैंने अपनी विभूतियों का यह विस्तार तो तेरे लिए एकदेश से अर्थात्‌ संक्षेप से कहा है॥,40

🌸 व्रत पर्व विवरण🌸

🌸 शिव के द्वादश बारह ज्योतिर्लिंग की कथा और महत्त्व
🌸 १२ ज्योतिर्लिंगों का महत्व व महिमा
🌸 भगवान शिव की भक्ति का महिना सावन शुरू हो चुका है। शिवमहापुराण के अनुसार एकमात्र भगवान शिव ही ऐसे देवता हैं, जो निष्फल व सफल दोनों हैं। यही कारण है कि एकमात्र शिव का पूजन लिंग व मूर्ति दोनों रूपों में किया जाता है। भारत में १२ प्रमुख ज्योतिर्लिंग हैं। इन सभी का अपना महत्व व महिमा है।
🌸 ऐसी मान्यता भी है कि सावन के महिने में यदि भगवान शिव के ज्योतिर्लिंगों के दर्शन किए जाएं तो जन्म-जन्म के कष्ट दूर हो जाते हैं। यही कारण है कि सावन के महिने में भारत के प्रमुख १२ ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है। आज हम आपको बता रहे हैं इन १२ ज्योतिर्लिंगों का महत्व व महिमा-:


🌸 १] सोमनाथ : सोमनाथ ज्योतिर्लिंग भारत का ही नहीं अपितु इस पृथ्वी का पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। यह मंदिर गुजरात राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित है। इस मंदिर के बारे में मान्यता है, कि जब चंद्रमा को दक्ष प्रजापति ने श्राप दिया था, तब चंद्रमा ने इसी स्थान पर तप कर इस श्राप से मुक्ति पाई थी। ऐसा भी कहा जाता है कि इस शिवलिंग की स्थापना स्वयं चन्द्र देव ने की थी। विदेशी आक्रमणों के कारण यह 17 बार नष्ट हो चुका है। हर बार यह बिगड़ता और बनता रहा है।
🌸 २] मल्लिकार्जुन : यह ज्योतिर्लिंग आंध्रप्रदेश में कृष्णा नदी के तट पर श्रीशैल नाम के पर्वत पर स्थित है। इस मंदिर का महत्व भगवान शिव के कैलाश पर्वत के समान कहा गया है। अनेक धार्मिक शास्त्र इसके धार्मिक और पौराणिक महत्व की व्याख्या करते हैं।
🌸 कहते हैं कि इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने मात्र से ही व्यक्ति को उसके सभी पापों से मुक्ति मिलती है। एक पौराणिक कथा के अनुसार जहां पर यह ज्योतिर्लिंग है, उस पर्वत पर आकर शिव का पूजन करने से व्यक्ति को अश्वमेघ यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होते हैं।
🌸 ३] महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग : यह ज्योतिर्लिंग मध्यप्रदेश की धार्मिक राजधानी कही जाने वाली उज्जैन नगरी में स्थित है। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की विशेषता है कि ये एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है। यहां प्रतिदिन सुबह की जाने वाली भस्मारती विश्व भर में प्रसिद्ध है। महाकालेश्वर की पूजा विशेष रूप से आयु वृद्धि और आयु पर आए हुए संकट को टालने के लिए की जाती है। उज्जैनवासी मानते हैं कि भगवान महाकालेश्वर ही उनके राजा हैं और वे ही उज्जैन की रक्षा कर रहे हैं।
🌸 ४] ओंकारेश्वर : ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध शहर इंदौर के समीप स्थित है। जिस स्थान पर यह ज्योतिर्लिंग स्थित है, उस स्थान पर नर्मदा नदी बहती है और पहाड़ी के चारों ओर नदी बहने से यहां ॐ का आकार बनता है। ॐ शब्द की उत्पति ब्रह्मा के मुख से हुई है। इसलिए किसी भी धार्मिक शास्त्र या वेदों का पाठ ॐ के साथ ही किया जाता है। यह ज्योतिर्लिंग ॐकार अर्थात ॐ का आकार लिए हुए है, इस कारण इसे ओंकारेश्वर नाम से जाना जाता है।


🌸 ५] केदारनाथ : केदारनाथ स्थित ज्योतिर्लिंग भी भगवान शिव के १२ प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में आता है। यह उत्तराखंड में स्थित है। बाबा केदारनाथ का मंदिर बद्रीनाथ के मार्ग में स्थित है। केदारनाथ समुद्र तल से ३५८४ मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। केदारनाथ का वर्णन स्कन्द पुराण एवं शिव पुराण में भी मिलता है। यह तीर्थ भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। जिस प्रकार कैलाश का महत्व है उसी प्रकार का महत्व शिव जी ने केदार क्षेत्र को भी दिया है।
🌸 ६] भीमाशंकर : भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के पूणे जिले में सह्याद्रि नामक पर्वत पर स्थित है। भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग को मोटेश्वर महादेव के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर के विषय में मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा से इस मंदिर का दर्शन प्रतिदिन सुबह सूर्य निकलने के बाद करता है, उसके सात जन्मों के पाप दूर हो जाते हैं तथा उसके लिए स्वर्ग के मार्ग खुल जाते हैं।
🌸 ७] काशी विश्वनाथ: विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग भारत के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह उत्तर प्रदेश के काशी नामक स्थान पर स्थित है। काशी सभी धर्म स्थलों में सबसे अधिक महत्व रखती है। इसलिए सभी धर्म स्थलों में काशी का अत्यधिक महत्व कहा गया है। इस स्थान की मान्यता है कि प्रलय आने पर भी यह स्थान बना रहेगा। इसकी रक्षा के लिए भगवान शिव इस स्थान को अपने त्रिशूल पर धारण कर लेंगे और प्रलय के टल जाने पर काशी को उसके स्थान पर पुन: रख देंगे।
🌸 ८] त्र्यंबकेश्वर : यह ज्योतिर्लिंग गोदावरी नदी के करीब महाराष्ट्र राज्य के नासिक जिले में स्थित है। इस ज्योतिर्लिंग के सबसे अधिक निकट ब्रह्मागिरि नाम का पर्वत है। इसी पर्वत से गोदावरी नदी शुरू होती है। भगवान शिव का एक नाम त्र्यंबकेश्वर भी है। कहा जाता है कि भगवान शिव को गौतम ऋषि और गोदावरी नदी के आग्रह पर यहां ज्योतिर्लिंग रूप में रहना पड़ा।


🌸 ९] वैद्यनाथ : श्री वैद्यनाथ शिवलिंग का समस्त ज्योतिर्लिंगों की गणना में नौवां स्थान बताया गया है। भगवान श्री वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग का मन्दिर जिस स्थान पर स्थित है, उसे वैद्यनाथ धाम कहा जाता है। यह स्थान झारखंड राज्य (पूर्व में बिहार ) के देवघर जिला में पड़ता है।
🌸 १०] नागेश्वर ज्योतिर्लिंग : यह ज्योतिर्लिंग गुजरात के बाहरी क्षेत्र में द्वारिका स्थान में स्थित है। धर्म शास्त्रों में भगवान शिव नागों के देवता है और नागेश्वर का पूर्ण अर्थ नागों का ईश्वर है। भगवान शिव का एक अन्य नाम नागेश्वर भी है। द्वारका पुरी से भी नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की दूरी १७ मील की है। इस ज्योतिर्लिंग की महिमा में कहा गया है कि जो व्यक्ति पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ यहां दर्शन के लिए आता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है।
🌸 ११] रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग : यह ज्योतिर्लिंग तमिलनाडु राज्य के रामनाथपुरं नामक स्थान में स्थित है। भगवान शिव के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक होने के साथ-साथ यह स्थान हिंदुओं के चार धामों में से एक भी है। इस ज्योतिर्लिंग के विषय में यह मान्यता है कि इसकी स्थापना स्वयं भगवान श्रीराम ने की थी। भगवान राम के द्वारा स्थापित होने के कारण ही इस ज्योतिर्लिंग को भगवान राम का नाम रामेश्वरम दिया गया है।
🌸 १२] घृष्णेश्वर मन्दिर : घृष्णेश्वर महादेव का प्रसिद्ध मंदिर महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर के समीप दौलताबाद के पास स्थित है। इसे घृसणेश्वर या घुश्मेश्वर के नाम से भी जाना जाता है। दूर-दूर से लोग यहां दर्शन के लिए आते हैं और आत्मिक शांति प्राप्त करते हैं। भगवान शिव के १२ ज्योतिर्लिंगों में से यह अंतिम ज्योतिर्लिंग है। बौद्ध भिक्षुओं द्वारा निर्मित एलोरा की प्रसिद्ध गुफाएं इस मंदिर के समीप स्थित हैं। यहीं पर श्री एकनाथजी गुरु व श्री जनार्दन महाराज की समाधि भी है।

🌸 पंचक
4 अगस्त
रात्रि 8.47 से 9 अगस्त सायं 7.05 बजे तक

🌸एकादशी
गुरुवार, 30 जुलाई श्रावण पुत्रदा
एकादशी

🌸दैनिक राशिफल🌸

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
पुराना रोग उभर सकता है। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। बनते काम बिगड़ सकते हैं। व्यवसाय ठीक चलेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। घर-परिवार में मतभेद संभव है। किसी बड़ी समस्या से सामना हो सकता है। समय पर निदान होगा। जोखिम न लें। धैर्य रखें।

🐂वृष
किसी प्रभावशाली व्यक्ति का सहयोग मिलेगा। पारिवारिक मांगलिक कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। यात्रा मनोरंजक रहेगी। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। निवेश शुभ रहेगा। प्रसन्नता में वृद्धि होगी।

👫मिथुन
मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी। पारिवारिक मांगलिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। विवाद को बढ़ावा न दें। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें। घर-परिवार की चिंता रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें।

🦀कर्क
मेहनत का फल पूरा-पूरा मिलेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। मित्र व संबंधियों का सहयोग मिलेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। किसी बड़ी बाधा का निवारण होगा। काम समय पर पूर्ण होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। निवेश शुभ रहेगा।

🐅सिंह
विवाद से क्लेश संभव है। बुरी खबर मिल सकती है। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। आय में कमी रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। अपेक्षित कार्य समय पर न होने से तनाव रहेगा। खर्च की अधिकता रहेगी। आर्थिक नुकसान हो सकता है।

🙎‍♀️कन्या
रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। परिवार तथा नजदीकी लोगों के साथ मनोरंजन का समय मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। मनपसंद भोजन का आनंद मिलेगा। जल्दबाजी से बचें। लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। आलस्य हावी रहेगा।

⚖️तुला
संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। समय पर कार्य होंगे। प्रतिद्वंद्वी शांत रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। पार्टनरों का भरपूर सहयोग मिलेगा। विवेक का प्रयोग लाभ बढ़ाएगा।

🦂वृश्चिक
दांपत्य जीवन में प्रगाढ़ता आएगी। परिवार में कोई आयोजन हो सकता है। प्रसन्नता तथा व्यस्तता रहेगी। उत्साह में वृद्धि होगी। वरिष्ठजन सहयोग व मार्गदर्शन करेंगे। निवेश शुभ रहेगा। बाहर जाने की योजना बनेगी। घर-परिवार के सदस्यों का सहयोग बराबर मिलेगा।

🏹धनु
स्वास्थ्य का पाया कमजोर रह सकता है। घर-परिवार में विवाद हो सकता है। चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। अपेक्षित कार्यों में विलंब हो सकता है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। बुद्धि का प्रयोग करें। धीरे-धीरे सब ठीक होगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। धैर्य रखें।

🐊मकर
तीर्थाटन की योजना बनेगी। सत्संग का लाभ मिलेगा। वरिष्ठजनों का सहयोग प्राप्त होगा। समय पर काम पूरे होंगे। मनोरंजक यात्रा हो सकती है। व्यवसाय ठीक चलेगा। व्यय में वृद्धि हो सकती है। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। सावधान रहें।

🍯कुंभ
योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। आय में वृद्धि होगी। कार्यकुशलता का विकास होगा। घर-बाहर प्रतिष्ठा बढ़ेगी। नए कार्य प्रारंभ करने की रूपरेखा बनेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। मनोरंजन का समय मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें।

🐟मीन
डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। यात्रा मनोरंजक रहेगी। कर्ज समय पर चुका पाएंगे। आय में मनोनुकूल वृद्धि होगी। पारिवारिक मित्रों से मेल-जोल बढ़ेगा। छोटे भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। अपेक्षित कार्य समय-समय पर पूरे होंगे, प्रसन्नता रहेगी। जोखिम नहीं उठाएं।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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