क्या आप जानते हैं कि 25 मार्च बुधवार से नवरात्रि का शुभारंभ हो रहा है? आज आप राशिफल के साथ पढ़िये कैसे करें स्थापना और सम्पूर्ण पूजा विधि…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🌸🙏
सम्पर्क सूत्र – 9518782511
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏
🙏🌸🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌸🙏
🙏ll जय श्री राधे ll*🙏
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏

दिनाँक -: 24/03/2020,मंगलवार
अमावस्या, कृष्ण पक्ष
चैत्र
“”””””””””””””'”””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि —–अमावस्या 14:57:14 तक
पक्ष —————————-कृष्ण
नक्षत्र ——–उ०भा० 28:17:51
योग ————-शुक्ल 14:41:38
करण ———-नागव 14:57:15
करण —–किन्स्तुघ्ना 28:11:47
वार ———————–मंगलवार
माह —————————— चैत्र
चन्द्र राशि ———————मीन
सूर्य राशि ———————–मीन
रितु —————————वसन्त
आयन ——————–उत्तरायण
संवत्सर ———————-विकारी
संवत्सर (उत्तर) ———-परिधावी
विक्रम संवत —————-2076
विक्रम संवत (कर्तक)——2076
शाका संवत —————-1941

मुम्बई
सूर्योदय —————–06:40:07
सूर्यास्त —————–18:49:17
दिन काल ————- 12:09:10
रात्री काल ————-11:49:59
चंद्रास्त —————–18:56:09
चंद्रोदय —————–31:18:35

लग्न —-मीन 9°44′ , 339°44′

सूर्य नक्षत्र ———उत्तराभाद्रपदा
चन्द्र नक्षत्र ———उत्तराभाद्रपदा
नक्षत्र पाया ———————ताम्र

   *🙏🌸पद, चरण🌸🙏*

दू —-उत्तराभाद्रपदा 08:04:22

थ —-उत्तराभाद्रपदा 14:48:47

झ —-उत्तराभाद्रपदा 21:33:18

ञ —-उत्तराभाद्रपदा 28:17:51

       *🙏🌸ग्रह गोचर🌸🙏*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य=मीन 09°22 ‘ उ o भा o, 2 थ
चन्द्र =मीन 05°23 ‘उ o भा ‘ 1 दू
बुध = कुम्भ 11°50 ‘ शतभिषा’ 2 सा
शुक्र= मेष 25°55, भरणी ‘ 4 लो
मंगल=मकर 01°30′ उ o षा o ‘ 2 भो
गुरु=धनु 29°50 ‘ उ oषाo , 1 भे
शनि=मकर 05°43′ उ oषा o ‘ 3 जा
राहू=मिथुन 09°42 ‘ आर्द्रा , 1 कु
केतु=धनु 09 ° 42 ‘ मूल , 3 भा

      *🌸शुभा$शुभ मुहूर्त🌸*

राहू काल 15:28 – 16:59 अशुभ
यम घंटा 09:23 – 10:54 अशुभ
गुली काल 12:26 – 13:57 अशुभ
अभिजित 12:01 -12:50 शुभ
दूर मुहूर्त 08:46 – 09:35 अशुभ
दूर मुहूर्त 23:15 – 24:03* अशुभ

🌸गंड मूल 28:18* – अहोरात्र अशुभ

🌸पंचक अहोरात्र अशुभ

🌸चोघडिया, दिन
रोग 06:20 – 07:51 अशुभ
उद्वेग 07:51 – 09:23 अशुभ
चर 09:23 – 10:54 शुभ
लाभ 10:54 – 12:26 शुभ
अमृत 12:26 – 13:57 शुभ
काल 13:57 – 15:28 अशुभ
शुभ 15:28 – 16:59 शुभ
रोग 16:59 – 18:31 अशुभ

🌸चोघडिया, रात
काल 18:31 – 19:59 अशुभ
लाभ 19:59 – 21:28 शुभ
उद्वेग 21:28 – 22:57 अशुभ
शुभ 22:57 – 24:25* शुभ
अमृत 24:25* – 25:53* शुभ
चर 25:53* – 27:22* शुभ
रोग 27:22* – 28:50* अशुभ
काल 28:50* – 30:18* अशुभ

🌸दिशा शूल ज्ञान————-उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🌸 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

   15 + 15 + 3 + 1 = 34  ÷ 4 = 2 शेष

आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

  *🌸शिव वास एवं फल -:*

30 + 30 + 5 = 65 ÷ 7 = 2 शेष

गौरि सन्निधौ = शुभ कारक

🌸भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

        *🌸विशेष जानकारी🌸*
  • देवपितृकार्य अमावस्या
  • सर्वार्थ सिद्धि योग
  • चांद्र संवतसर समाप्त
  • *🙏🌸शुभ विचार🌸🙏*

सुखार्थी चेत्यजेद्विद्यां विद्यार्थी चेत्त्यजेत्सुखम् ।
सुखार्थीनः कुतो विद्या सुखं विद्यार्थिनः कुतः ।।
।।चा o नी o।।

जिसे अपने इन्द्रियों की तुष्टि चाहिए, वह विद्या अर्जन करने के सभी विचार भूल जाए. और जिसे ज्ञान चाहिए वह अपने इन्द्रियों की तुष्टि भूल जाये. जो इन्द्रिय विषयों में लगा है उसे ज्ञान कैसा, और जिसे ज्ञान है वह व्यर्थ की इन्द्रिय तुष्टि में लगा रहे यह संभव नहीं.

            *🌸सुभाषितानि🌸*

गीता -: मोक्षसन्यासयोग अo-18

चेतसा सर्वकर्माणि मयि सन्न्यस्य मत्परः।,
बुद्धियोगमुपाश्रित्य मच्चित्तः सततं भव॥,

सब कर्मों को मन से मुझमें अर्पण करके (गीता अध्याय 9 श्लोक 27 में जिसकी विधि कही है) तथा समबुद्धि रूप योग को अवलंबन करके मेरे परायण और निरंतर मुझमें चित्तवाला हो॥,57॥,

🌸व्रत पर्व विवरण🌸

🌸 विशेष – अमावस्या के दिन ब्रह्मचर्य पालन करे तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)

🌸 नवरात्रि पूजन विधि 🌸
25 मार्च 2020 बुधवार से नवरात्रि प्रारंभ ।
🙏🏻नवरात्रि के प्रत्येक दिन माँ भगवती के एक स्वरुप श्री शैलपुत्री, श्री ब्रह्मचारिणी, श्री चंद्रघंटा, श्री कुष्मांडा, श्री स्कंदमाता, श्री कात्यायनी, श्री कालरात्रि, श्री महागौरी, श्री सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। यह क्रम चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को प्रातःकाल शुरू होता है। प्रतिदिन जल्दी स्नान करके माँ भगवती का ध्यान तथा पूजन करना चाहिए। सर्वप्रथम कलश स्थापना की जाती है।
कलश / घट स्थापना विधि
🌸घट स्थापना शुभ मुहूर्त
25 मार्च 2020 बुधवार को सुबह से
🙏🏻देवी पुराण के अनुसार मां भगवती की पूजा-अर्चना करते समय सर्वप्रथम कलश / घट की स्थापना की जाती है। घट स्थापना करना अर्थात नवरात्रि की कालावधि में ब्रह्मांड में कार्यरत शक्ति तत्त्व का घट में आवाहन कर उसे कार्यरत करना । कार्यरत शक्ति तत्त्व के कारण वास्तु में विद्यमान कष्टदायक तरंगें समूल नष्ट हो जाती है। धर्मशास्त्रों के अनुसार कलश को सुख-समृद्धि, वैभव और मंगल कामनाओं का प्रतीक माना गया है। कलश के मुख में विष्णुजी का निवास, कंठ में रुद्र तथा मूल में ब्रह्मा स्थित हैं और कलश के मध्य में दैवीय मातृशक्तियां निवास करती हैं।


🌷 सामग्री:
👉🏻जौ बोने के लिए मिट्टी का पात्र
👉🏻 जौ बोने के लिए शुद्ध साफ़ की हुई मिटटी
पात्र में बोने के लिए जौ
घट स्थापना के लिए मिट्टी का कलश (“हैमो वा राजतस्ताम्रो मृण्मयो वापि ह्यव्रणः” अर्थात ‘कलश’ सोने, चांदी, तांबे या मिट्टी का छेद रहित और सुदृढ़ उत्तम माना गया है । वह मङ्गलकार्योंमें मङ्गलकारी होता है )

🌸कलश में भरने के लिए शुद्ध जल, गंगाजल
1🌸मौली
2🌸इत्र
3🌸साबुत सुपारी
4🌸दूर्वा
5🌸कलश में रखने के लिए कुछ सिक्के
6🌸पंचरत्न
7🌸अशोक या आम के 5 पत्ते
8🌸कलश ढकने के लिए ढक्कन
9🌸ढक्कन में रखने के लिए बिना टूटे चावल
10🌸पानी वाला नारियल
11🌸नारियल पर लपेटने के लिए लाल कपडा
12🌸फूल माला


🌷 विधि
🙏🏻सबसे पहले जौ बोने के लिए मिट्टी का पात्र लें। इस पात्र में मिट्टी की एक परत बिछाएं। अब एक परत जौ की बिछाएं। इसके ऊपर फिर मिट्टी की एक परत बिछाएं। अब फिर एक परत जौ की बिछाएं। जौ के बीच चारों तरफ बिछाएं ताकि जौ कलश के नीचे न दबे। इसके ऊपर फिर मिट्टी की एक परत बिछाएं। अब कलश के कंठ पर मौली बाँध दें। कलश के ऊपर रोली से ॐ और स्वास्तिक लिखें। अब कलश में शुद्ध जल, गंगाजल कंठ तक भर दें। कलश में साबुत सुपारी, दूर्वा, फूल डालें। कलश में थोडा सा इत्र डाल दें। कलश में पंचरत्न डालें। कलश में कुछ सिक्के रख दें। कलश में अशोक या आम के पांच पत्ते रख दें। अब कलश का मुख ढक्कन से बंद कर दें। ढक्कन में चावल भर दें। श्रीमद्देवीभागवत पुराण के अनुसार “पञ्चपल्लवसंयुक्तं वेदमन्त्रैः सुसंस्कृतम्। सुतीर्थजलसम्पूर्णं हेमरत्नैः समन्वितम्॥” अर्थात कलश पंचपल्लवयुक्त, वैदिक मन्त्रों से भली भाँति संस्कृत, उत्तम तीर्थ के जल से पूर्ण और सुवर्ण तथा पंचरत्न मई होना चाहिए।
🙏🏻 नारियल पर लाल कपडा लपेट कर मौली लपेट दें। अब नारियल को कलश पर रखें। शास्त्रों में उल्लेख मिलता है: “अधोमुखं शत्रु विवर्धनाय,ऊर्ध्वस्य वस्त्रं बहुरोग वृध्यै। प्राचीमुखं वित विनाशनाय,तस्तमात् शुभं संमुख्यं नारीकेलं”। अर्थात् नारियल का मुख नीचे की तरफ रखने से शत्रु में वृद्धि होती है।नारियल का मुख ऊपर की तरफ रखने से रोग बढ़ते हैं, जबकि पूर्व की तरफ नारियल का मुख रखने से धन का विनाश होता है। इसलिए नारियल की स्थापना सदैव इस प्रकार करनी चाहिए कि उसका मुख साधक की तरफ रहे। ध्यान रहे कि नारियल का मुख उस सिरे पर होता है, जिस तरफ से वह पेड़ की टहनी से जुड़ा होता है।
🙏🏻अब कलश को उठाकर जौ के पात्र में बीचो बीच रख दें। अब कलश में सभी देवी देवताओं का आवाहन करें। “हे सभी देवी देवता और माँ दुर्गा आप सभी नौ दिनों के लिए इसमें पधारें।” अब दीपक जलाकर कलश का पूजन करें। धूपबत्ती कलश को दिखाएं। कलश को माला अर्पित करें। कलश को फल मिठाई अर्पित करें। कलश को इत्र समर्पित करें।


🌷 कलश स्थापना के बाद माँ दुर्गा की चौकी स्थापित की जाती है।
🙏🏻नवरात्रि के प्रथम दिन एक लकड़ी की चौकी की स्थापना करनी चाहिए। इसको गंगाजल से पवित्र करके इसके ऊपर सुन्दर लाल वस्त्र बिछाना चाहिए। इसको कलश के दायीं ओर रखना चाहिए। उसके बाद माँ भगवती की धातु की मूर्ति अथवा नवदुर्गा का फ्रेम किया हुआ फोटो स्थापित करना चाहिए। मूर्ति के अभाव में नवार्णमन्त्र युक्त यन्त्र को स्थापित करें। माँ दुर्गा को लाल चुनरी उड़ानी चाहिए। माँ दुर्गा से प्रार्थना करें “हे माँ दुर्गा आप नौ दिन के लिए इस चौकी में विराजिये।” उसके बाद सबसे पहले माँ को दीपक दिखाइए। उसके बाद धूप, फूलमाला, इत्र समर्पित करें। फल, मिठाई अर्पित करें।
🙏🏻नवरात्रि में नौ दिन मां भगवती का व्रत रखने का तथा प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करने का विशेष महत्व है। हर एक मनोकामना पूरी हो जाती है। सभी कष्टों से छुटकारा दिलाता है।
🙏🏻नवरात्रि के प्रथम दिन ही अखंड ज्योत जलाई जाती है जो नौ दिन तक जलती रहती है। दीपक के नीचे “चावल” रखने से माँ लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है तथा “सप्तधान्य” रखने से सभी प्रकार के कष्ट दूर होते है
🙏🏻माता की पूजा “लाल रंग के कम्बल” के आसन पर बैठकर करना उत्तम माना गया है
🙏🏻नवरात्रि के प्रतिदिन माता रानी को फूलों का हार चढ़ाना चाहिए। प्रतिदिन घी का दीपक (माता के पूजन हेतु सोने, चाँदी, कांसे के दीपक का उपयोग उत्तम होता है) जलाकर माँ भगवती को मिष्ठान का भोग लगाना चाहिए। मान भगवती को इत्र/अत्तर विशेष प्रिय है।
🙏🏻नवरात्रि के प्रतिदिन कंडे की धुनी जलाकर उसमें घी, हवन सामग्री, बताशा, लौंग का जोड़ा, पान, सुपारी, कर्पूर, गूगल, इलायची, किसमिस, कमलगट्टा जरूर अर्पित करना चाहिए।
🙏🏻लक्ष्मी प्राप्ति के लिए नवरात्रि में पान और गुलाब की ७ पंखुरियां रखें तथा मां भगवती को अर्पित कर दें
🙏🏻मां दुर्गा को प्रतिदिन विशेष भोग लगाया जाता है। किस दिन किस चीज़ का भोग लगाना है ये हम विस्तार में आगे बताएँगे।
🙏🏻प्रतिदिन कन्याओं का विशेष पूजन किया जाता है। श्रीमद्देवीभागवत पुराण के अनुसार “एकैकां पूजयेत् कन्यामेकवृद्ध्या तथैव च। द्विगुणं त्रिगुणं वापि प्रत्येकं नवकन्तु वा॥” अर्थात नित्य ही एक कुमारी का पूजन करें अथवा प्रतिदिन एक-एक-कुमारी की संख्या के वृद्धिक्रम से पूजन करें अथवा प्रतिदिन दुगुने-तिगुने के वृद्धिक्रम से और या तो प्रत्येक दिन नौ कुमारी कन्याओं का पूजन करें ।
🙏🏻 यदि कोई व्यक्ति नवरात्रि पर्यन्त प्रतिदिन पूजा करने में असमर्थ हैं तो उसे अष्टमी तिथि को विशेष रूप से अवश्य पूजा करनी चाहिए। प्राचीन काल में दक्ष के यज्ञ का विध्वंश करने वाली महाभयानक भगवती भद्रकाली करोङों योगिनियों सहित अष्टमी तिथि को ही प्रकट हुई थीं।

🙏”कोरोना” को हराना है
“””सावधानी”” ही इलाज है
जो गमछा लू से बचने के लिए इस्तेमाल करते है उसी को मास्क की तरह इस्तेमाल करे।
साबुन से हर 30मिनट्स में हाथ 20सेकंड के लिए धोए।कोई भी सैनिटाइजर की जरूरत नही पड़ेगी।
घर मे फ्लोर कलीनर में फिटकरी और कपूर को पीस के गो मूत्र और साफ पानी
में मिला के रोज़ दो बार पोछा लगाए यही सबसे अच्छा सैनिटाइज करने का तरीका है।

    *🌸दैनिक राशिफल🌸*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। घर में कोई मांगलिक कार्य का आयोजन हो सकता है। अतिथियों का आगमन होगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। राजमान व यश में वृद्धि संभव है। व्यापार ठीक चलेगा।

🐂वृष
जल्दबाजी में कोई कार्य न करें। विवाद संभव है। नौकरी में नई जिम्मेदारी प्राप्त हो सकती है। प्रयास सफल रहेंगे। सामाजिक कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी। मान-सम्मान प्राप्त होगा। ऐश्वर्य के साधनों की प्राप्ति संभव है। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा।

👫मिथुन
चोट व दुर्घटना से शारीरिक हानि संभव है। किसी भी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। दु:खद समाचार मिल सकता है। नए संबंध बनाने से पहले विचार कर लें। मन में काम के प्रति दुविधा रहेगी। गलतफहमी के कारण विवाद संभव है। आय में निश्चितता रहेगी। जोखिम न लें।

🦀कर्क
दांपत्य जीवन में खुशहाली रहेगी। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग को पठन-पाठन व लेखन इत्यादि के कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी।

🐅सिंह
शत्रुओं का पराभव होगा। सुख के साधन जुटेंगे। स्थायी संपत्ति में वृद्धि हो सकती है। कोई कारोबारी बड़ा सौदा बड़ा लाभ दे सकता है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। नौकरी में उन्नति होगी। लाभ में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। जल्दबाजी बिलकुल न करें।

🙎कन्या
किसी प्रभावशाली प्रबुद्ध व्यक्ति से मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। धनलाभ के अवसर बार-बार प्राप्त होंगे। थकान व कमजोरी रह सकती है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। नौकरी में मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार ठीक चलेगा।

⚖तुला
कुसंगति से हानि होगी। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। किसी व्यक्ति से अकारण विवाद हो सकता है। शांति बनाए रखें। पारिवारिक चिंता रहेगी। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में जल्दबाजी न करें।

🦂वृश्चिक
शत्रु परास्त होंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। कोर्ट व कचहरी, सरकारी दफ्तरों में रुका कार्य पूर्ण अनुकूल होगा। प्रसन्नता तथा संतुष्टि रहेंगे। चोट व रोग से बचें। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। पूजा-पाठ में मन लगेगा। साधु-संत का आशीर्वाद मिल सकता है। व्यापार ठीक चलेगा।

🏹धनु
शत्रुभय रहेगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। शारीरिक कष्ट से बाधा संभव है। सुख के साधन जुटेंगे। अच्छे समाचार मिल सकते हैं। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। मित्रों तथा संबंधियों की सहायता करने का अवसर प्राप्त होगा। आय बढ़ेगी।

🐊मकर
स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। कोई बुरी सूचना मिल सकती है। प्रसन्नता में कमी रहेगी। शत्रुता में वृद्धि होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। कारोबारी लाभ में वृद्धि के योग हैं। प्रमाद न करें।

🍯कुंभ
पुराना रोग उभर सकता है। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है। कुसंगति से हानि होगी। किसी भी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। धैर्यशीलता में कमी होगी। कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें। धनार्जन होगा।

🐟मीन
अप्रत्याशित लाभ के योग हैं। सट्टे व लॉटरी के चक्कर में न पड़ें। व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। पार्टनरों से मतभेद दूर होकर सहयोग प्राप्त होगा। किसी बड़ी समस्या से मुक्ति मिलेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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