🍯कुंभ वाहन, मशीनरी व अग्नि इत्यादि के प्रयोग में लापरवाही न करें। कोई आकस्मिक खर्च हो सकता है…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🌸🙏
सम्पर्क सूत्र – 9518782511
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏
🙏🌸🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌸🙏
🙏ll जय श्री राधे ll*🙏
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏

दिनाँक -: 06/05/2020,बुधवार
चतुर्दशी, शुक्ल पक्ष
वैशाख
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि ——–चतुर्दशी 19:44:09 तक
पक्ष —————————शुक्ल
नक्षत्र ———–चित्रा 13:50:21
योग ————-सिद्वि 20:37:03
करण ———–गरज 09:32:10
करण ——–वाणिज 19:44:09
वार ————————-बुधवार
माह ———— ————-वैशाख
चन्द्र राशि ——————–तुला
सूर्य राशि ——————— मेष
रितु —————————-वसंत
आयन ———————उत्तरायण
संवत्सर ———————–शार्वरी
संवत्सर (उत्तर) ————-प्रमादी
विक्रम संवत —————-2077
विक्रम संवत (कर्तक)——2076
शाका संवत —————-1942

मुम्बई
सूर्योदय —————–06:08:52
सूर्यास्त —————–19:01:28
दिन काल ————–12:52:35
रात्री काल ————-11:06:54
चंद्रोदय —————–18:54:10
चंद्रास्त —————–30:00:10

लग्न —-मेष 21°49′ , 21°49′

सूर्य नक्षत्र ——————-भरणी
चन्द्र नक्षत्र ——————–चित्रा
नक्षत्र पाया ——————–रजत

*🙏🌸पद, चरण🌸🙏*

रा —-चित्रा 08:32:19

री —-चित्रा 13:50:21

रू —-स्वाति 19:08:36

रे —-स्वाति 24:27:15

🌸चोघडिया, दिन
लाभ 05:37 – 07:17 शुभ
अमृत 07:17 – 08:57 शुभ
काल 08:57 – 10:36 अशुभ
शुभ 10:36 – 12:16 शुभ
रोग 12:16 – 13:56 अशुभ
उद्वेग 13:56 – 15:35 अशुभ
चर 15:35 – 17:15 शुभ
लाभ 17:15 – 18:55 शुभ

🌸चोघडिया, रात
उद्वेग 18:55 – 20:15 अशुभ
शुभ 20:15 – 21:35 शुभ
अमृत 21:35 – 22:55 शुभ
चर 22:55 – 24:16* शुभ
रोग 24:16* – 25:36* अशुभ
काल 25:36* – 26:56* अशुभ
लाभ 26:56* – 28:16* शुभ
उद्वेग 28:16* – 29:37* अशुभ

🌸दिशा शूल ज्ञान————-उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा इलायची खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🌸 अग्नि वास ज्ञान
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

   14 + 4 + 1 = 19  ÷ 4 = 3 शेष

मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

   *🌸शिव वास एवं फल*

14 + 14 + 5 = 33 ÷ 7 = 5 शेष

ज्ञानवेलायां = कष्ट कारक

🌸भद्रा वास एवं फल

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

रात्रि 19:44 से प्रारम्भ

पाताल लोक = धनलाभ कारक

   *🌸विशेष जानकारी🌸*
  • पूर्णिमा व्रत
  • नृसिंह जयन्ती
  • माँ छिन्नमस्ता जयन्ती
  • श्री आद्यशंकराचार्य कैलाश गमन दिवस *🌸शुभ विचार🌸*

विद्वान् प्रशस्यते लोके विद्वान्सर्वत्र गौरवम् ।
विद्यया लभते सर्व विद्या सर्वत्र पूज्यते ।।
।।चा o नी o।।

विद्वान् व्यक्ति लोगो से सम्मान पाता है. विद्वान् उसकी विद्वत्ता के लिए हर जगह सम्मान पाता है. यह बिलकुल सच है की विद्या हर जगह सम्मानित है.

   *🌸सुभाषितानि🌸*

गीता -: विश्वरूपदर्शनयोग अo-11

पश्य मे पार्थ रूपाणि शतशोऽथ सहस्रशः ।,
नानाविधानि दिव्यानि नानावर्णाकृतीनि च ॥,

श्री भगवान बोले- हे पार्थ! अब तू मेरे सैकड़ों-हजारों नाना प्रकार के और नाना वर्ण तथा नाना आकृतिवाले अलौकिक रूपों को देख॥,5॥,

🌸व्रत पर्व विवरण🌸

🌸 विशेष – चतुर्दशी व पूर्णिमा के दिन तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

🌸 वैशाख मास की अंतिम तीन तिथि🌸
➡वैशाख मास की अंतिम तीन तिथि का महत्व (5 ,6 एवं 7 मई 2020)
🙏🏻 स्कन्दपुराण के वैष्णव खण्ड के अनुसार
🙏🏻वैशाख मास की अंतिम तीन तिथि (त्रयोदशी, चतुर्दशी, पूर्णिमा) बहुत पवित्र और शुभकारक हैं उनका नाम “पुष्करिणी” है। ये सब पापों का क्षय करनेवाली हैं | जो सम्पूर्ण वैशाख मास में ब्राम्हमुहूर्त में पुण्यस्नान, व्रत, नियम आदि करने में असमर्थ हों, वह यदि इन ३ तिथियों में भी उसे करें तो वैशाख मास का पूरा फल पा लेता है |
🙏🏻 पूर्वकाल में वैशाख शुक्ल एकादशी को शुभ अमृत प्रकट हुआ। द्वादशी को भगवान विष्णु ने उसकी रक्षा की। त्रयोदशी को उन श्री हरि ने देवताओं को सुधापान कराया। चतुर्दशी को देवविरोधी दैत्यों का संहार किया और पूर्णिमा के दिन समस्त देवताओं को उनका साम्राज्य प्राप्त हो गया। इसलिए देवताओं ने संतुष्ट होकर इन तीन तिथियों को वर दिया – “वैशाख की ये तीन शुभ तिथियाँ मनुष्यों के पापों का नाश करने वाली तथा उन्हें पुत्र-पौत्रादि फल देनेवाली हों। जो सम्पूर्ण वैशाख में प्रात: पुण्य स्नान न कर सका हो, वह इन तिथियों में उसे कर लेने पर पूर्ण फल को ही पाता है। वैशाख में लौकिक कामनाओं को नियंत्रित करने पर मनुष्य निश्चय ही भगवान विष्णु का सायुज्य प्राप्त कर लेता है।”
🙏🏻 जो वैशाख मास में अंतिम ३ दिन ‘गीता’ का पाठ करता है, उसे प्रतिदिन अश्वमेध यज्ञ का फल मिलता है |
🙏🏻 जो इन तीनों दिन ‘श्रीविष्णुसहस्रनाम’ का पाठ करता है, उसके पुण्यफल का वर्णन करने में तो इस भूलोक व स्वर्गलोक में कौन समर्थ है | जो इन तीन दिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करता है उसके पुण्यफल की व्याख्या करने में पृथ्वीलोक तथा स्वर्गलोक में कोई समर्थ नहीं।
🙏🏻 जो वैशाख पूर्णिमा को सहस्रनामों के द्वारा भगवान् मधुसूदन को दूध से स्नान कराता है वो वैकुण्ठ धाम को जाता है।
🙏🏻जो वैशाख के अंतिम ३ दिनों में ‘भागवत’ शास्त्र का श्रवण करता है, वह जल में कमल के पत्तों की भांति कभी पापों में लिप्त नहीं होता |
🙏🏻 इन अंतिम ३ दिनों में शास्त्र-पठन व पुन्य्कर्मों से कितने ही मनुष्यों ने देवत्व प्राप्त कर लिया और कितने ही सिद्ध हो गये | अत: वैशाख के अंतिम दिनों में स्नान, दान, पूजन अवश्य करना चाहिए |

🙏🏻पंचक
14मई2020 शाम 07.20 से
19मई 2020 शाम 07.53 तक

एकादशी
18मई 2020 सोमवार

प्रदोष
19मई 2020 मंगलवार

अमावस्या
22मई 2020 शुक्रवार

पूर्णमासी
7मई 2020 गुरुवार

सुबह अपनी हथेलियों को देखने से लक्ष्मी, सरस्वती, और हरि के दर्शन होते है। जिससे धन, ज्ञान और सुख की प्राप्ति होती है।

कहते है जिसकी सुबह अच्छी होती है उसका पूरा दिन अच्छे से बीतता है। शास्त्रों में भी इस बात पर जोर दिया गया है कि सुबह की शुरूआत अच्छी होने पर दिन भी अच्छा होता है और इसी अच्छे दिन की कामना करने के लिए लोग अलग-अलग तरह के नुस्खे अपनाते है। ऐसी ही एक परंपरा है कि सुबह उठते ही सबसे पहले अपनी हथेलियों को देखना चाहिए इससे कईं लाभ प्राप्त होते हैं।

कर दर्शनम् के एक परंपरा है जिसमें आप सुबह उठते ही अपने दोनों हथेलियों को आपस में मिलाएं और फिर खोल लें औप इस मंत्र का उच्चारण करें-

कराग्रे वसते लक्ष्मी: करमध्ये सरस्वती।
करमूले तू गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम॥

अर्थात- (मेरे) हाथ के आगे वाले भाग में महालक्ष्मी, मध्य भाग में सरस्वती और मूल भाग में भगवान विष्णु का निवास है। मैं इन्हें प्रणाम करता/करती हूं, इनके दर्शन करता/करती हूं।

हाथों का ही दर्शन आवश्यक क्यों होता है: हमारी संस्कृति में कर्म करते रहने का संदेश दिया गया है। हमारे जीवन के चार आधार है धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष जो व्यक्ति इन चारों आधार के लिए काम करता है उससे भगवान खुश रहते है और अपना कृपा उसपर बनाए रखते हैं। केवल अपने कर्मों से हम अपने जीवन को स्वर्ग की ओर या नर्क की ओर ले जा सकते हैं।

    *🌸दैनिक राशिफल🌸*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
किसी भी तरह की बहस में हिस्सा न लें। दांपत्य जीवन सुखी रहेगा। आर्थिक उन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। नई योजना बनेगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन हो सकता है। भाग्य का साथ मिलेगा। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। प्रसन्नता रहेगी।

🐂वृष
भागदौड़ रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। नए काम मिल सकते हैं। विवेक का प्रयोग करें। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

👫मिथुन
अचानक कोई बड़ा खर्च सामने आ सकता है। किसी व्यक्ति से विवाद हो सकता है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। किसी अपरिचित पर अंधविश्वास न करें। जल्दबाजी न करें। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। आय बनी रहेगी।

🦀कर्क
अज्ञात भय सताएगा। चोट व रोग से बचें। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। निवेशादि लाभदायक रहेगा। यात्रा लंबी हो सकती है। अप्रत्याशित लाभ के योग हैं। सट्टे व लॉटरी के चक्कर में न पड़ें। नए काम मिल सकते हैं।

🐅सिंह
किसी प्रकार की अनहोनी की आशंका रहेगी। प्रतिद्वंद्विता में कमी होगी। जल्दबाजी न करें। चोट व रोग से बचें। घर में अतिथियों का आगमन होगा। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मसम्मान बना रहेगा। किसी बात का विरोध होगा।

🙎कन्या
विवाद में न पड़ें। ईर्ष्यालु व्यक्तियों से सावधान रहें। घर-परिवार की चिंता रहेगी। थोड़े प्रयास से ही काम पूरे होंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। असहाय लोगों की सहायता करने का मौका मिल सकता है। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी।

⚖तुला
दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। कोई दु:खद समाचार मिल सकता है। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। किसी भी तरह की बहस में हिस्सा न लें। नौकरी में कार्यभार रहेगा। आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है।

🦂वृश्चिक
किसी कार्य के बारे में चिंता रहेगी। शत्रु सक्रिय रहेंगे। विद्यार्थी वर्ग अपने कार्य ध्यान व लगन से कर पाएंगे। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी।

🏹धनु
शत्रु परास्त होंगे। भूमि व भवन इत्यादि के बड़े कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

🐊मकर
कोर्ट व कचहरी के कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। दांपत्य जीवन मधुर रहेगा। आय में वृद्धि होगी। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। नौकरी में सहकर्मी सहायता करेंगे। निवेशादि लाभदायक रहेंगे।

🍯कुंभ
वाहन, मशीनरी व अग्नि इत्यादि के प्रयोग में लापरवाही न करें। कोई आकस्मिक खर्च होगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। जीवनसाथी के बारे में कोई चिंता रह सकती है। व्यापार अच्छा चलेगा।

🐟मीन
खराब संगति से हानि होगी। किसी प्रकार से धनहानि हो सकती है। यात्रा सफल रहेगी। विवाद से क्लेश हो सकता है। किसी धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकता है। व्यय होगा। धन प्राप्ति सुगम होगी।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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