आज राशिफ़ल में क्या होगा के साथ जानिए की घर में पीपल का पेड़ क्यों नही लगाना चाहिए और क्या…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🌸🙏
सम्पर्क सूत्र – 9518782511
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏
🙏🌸🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌸🙏
🙏ll जय श्री राधे ll*🙏
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏

दिनाँक -: 31/05/2020,रविवार
नवमी, शुक्ल पक्ष
ज्येष्ठ
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि ———-नवमी 17:36:14 तक
पक्ष —————————-शुक्ल
नक्षत्र ———उ०फा०27:00:02
योग —————वज्र 16:28:29
करण ———-बालव 06:49:13
करण ———कौलव 17:36:14
करण ———–तैतुल 28:18:32
वार ————————–रविवार
माह —————————- ज्येष्ठ
चन्द्र राशि ——-सिंह 10:18:02
चन्द्र राशि ——————कन्या
सूर्य राशि ——————-वृषभ
रितु —————————-ग्रीष्म
आयन ——————–उत्तरायण
संवत्सर ———————–शार्वरी
संवत्सर (उत्तर) ————-प्रमादी
विक्रम संवत —————-2077
विक्रम संवत (कर्तक) —-2076
शाका संवत —————-1942

मुम्बई
सूर्योदय —————–06:01:32
सूर्यास्त —————–19:11:03
दिन काल ————–13:09:31
रात्री काल ————-10:50:24
चंद्रोदय —————–13:46:59
चंद्रास्त —————–26:26:01

लग्न —-वृषभ 15°54′ , 45°54

सूर्य नक्षत्र ——————रोहिणी
चन्द्र नक्षत्र ———उत्तराफाल्गुनी
नक्षत्र पाया ——————–रजत

🙏🌸पद, चरण🌸🙏

टे —-उत्तराफाल्गुनी 10:18:02

टो —-उत्तराफाल्गुनी 15:53:13

पा —-उत्तराफाल्गुनी 21:27:11

पी —-उत्तराफाल्गुनी 27:00:02

🙏🌸ग्रह गोचर🌸🙏

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य=वृषभ 15°22 ‘ रोहिणी, 2 वा
चन्द्र = सिंह 27°23 ‘ उ o फा o ‘ 4 मे
बुध = मिथुन 08°10 ‘ आर्द्रा ‘ 1 कु
शुक्र= वृषभ 21°55, रोहिणी ‘ 4 वु
मंगल=कुम्भ 17°30′ शतभिषा ‘ 4 सू
गुरु=मकर 02°02 ‘ उ oषाo , 2 भो
शनि=मकर 07°43′ उ oषा o ‘ 4 जी
राहू=मिथुन 06°15 ‘ मृगशिरा , 4 की
केतु=धनु 06 ° 15 ‘ मूल , 2 यो

🌸चोघडिया, दिन
उद्वेग 05:25 – 07:08 अशुभ
चर 07:08 – 08:51 शुभ
लाभ 08:51 – 10:34 शुभ
अमृत 10:34 – 12:17 शुभ
काल 12:17 – 13:59 अशुभ
शुभ 13:59 – 15:43 शुभ
रोग 15:43 – 17:26 अशुभ
उद्वेग 17:26 – 19:09 अशुभ

🌸चोघडिया, रात
शुभ 19:09 – 20:26 शुभ
अमृत 20:26 – 21:43 शुभ
चर 21:43 – 22:59 शुभ
रोग 22:59 – 24:17* अशुभ
काल 24:17* – 25:34* अशुभ
लाभ 25:34* – 26:51* शुभ
उद्वेग 26:51* – 28:08* अशुभ
शुभ 28:08* – 29:25* शुभ

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

🌸 दिशा शूल ज्ञान————-पश्चिम
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौजी खाके यात्रा कर सकते है
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🌸 अग्नि वास ज्ञान
9 + 1 + 1 = 11 ÷ 4 = 3 शेष
मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

🌸शिव वास एवं फल
9 + 9 + 5 = 23 ÷ 7 = 2 शेष
गौरि सन्निधौ = शुभ कारक

 *🌸विशेष जानकारी🌸*
  • शुक्रास्त 14:10 पर
  • सर्वार्थ एवं अमृत सिद्धि योग 27:00 से
  • श्री हरि जयन्ती
  • महेश नवमी (जयन्ती) 🙏🌸शुभ विचार🌸🙏

निर्गुणस्य हतं रूपं दुःशीलस्य हतं कुलम् ।
असिध्दस्य हता विद्या अभोगेन हतं धनम् ।।
।।चा o नी o।।

निति भ्रष्ट होने से सुन्दरता का नाश होता है. हीन आचरण से अच्छे कुल का नाश होता है. पूर्णता न आने से विद्या का नाश होता है. उचित विनियोग के बिना धन का नाश होता है.

  *🌸सुभाषितानि🌸*

गीता -: विश्वरूपदर्शनयोग अo-11

कालोऽस्मि लोकक्षयकृत्प्रवृद्धोलोकान्समाहर्तुमिह प्रवृत्तः ।,
ऋतेऽपि त्वां न भविष्यन्ति सर्वे येऽवस्थिताः प्रत्यनीकेषु योधाः ॥,

श्री भगवान बोले- मैं लोकों का नाश करने वाला बढ़ा हुआ महाकाल हूँ।, इस समय इन लोकों को नष्ट करने के लिए प्रवृत्त हुआ हूँ।, इसलिए जो प्रतिपक्षियों की सेना में स्थित योद्धा लोग हैं, वे सब तेरे बिना भी नहीं रहेंगे अर्थात तेरे युद्ध न करने पर भी इन सबका नाश हो जाएगा॥,32॥,

🌸व्रत पर्व विवरण🌸

🌸 विशेष – नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है ।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः

🌸घर मे पीपल का वृक्ष नही उगना चाइये

वास्तव में इसके अनेक कारण हैं जिन पर मनन करने के बाद प्राचीन ऋषियों ने घर में पीपल का पेड़ लगाना वर्जित माना है।
घर में पीपल का पेड़ लगाने से क्या हानि होती है।

1- पीपल के वृक्ष की छाया शीतल होती है लेकिन घर के लिए ये शुभ नहीं होती। शास्त्रों के अनुसार जिस घर पर पीपल की छाया आए वह उसकी प्रगति में अवरोध बनती है। ऐसे घर में अनेक समस्याएं स्थायी रूप से जड़ जमा लेती हैं।

2- पीपल का वृक्ष अपने आसपास एकांत और निर्जनता पैदा करता है। अतः जिस घर में यह पौधा होगा वहां के लोगों के जीवन पर संकट आते हैं और वे दीर्घायु नहीं होते।

3- पीपल का वृक्ष वंशवृद्धि के लिए भी उचित नहीं होता। इससे संतान पर कष्ट आता है। साथ ही वंशवृद्धि में अनेक समस्याएं आती हैं। अतः घर में पीपल का वृक्ष नहीं होना चाहिए।

4- चूंकि पीपल का वृक्ष उम्र बढ़ने के साथ अधिक भारी हो जाता है। ऐसे में उसके नीचे घर का निर्माण किसी दुर्घटना को आमंत्रण दे सकता है।

5- पीपल का वृक्ष मोक्षदायक होता है। उसके नीचे अनेक धार्मिक संस्कार किए जाते हैं। घर में पीपल होने से उसके लिए शास्त्रों द्वारा निर्धारित किए गए पवित्रता संबंधी नियमों का पालन सहजता से नहीं होता। अतः पीपल का पेड़ घर में लगाने से दोष की प्राप्ति भी हो सकती है।

6- पीपल का वृक्ष वैराग्य लेकर आता है, इसलिए यह वैवाहिक जीवन के लिए शुभ नहीं होता। वास्तु के अनुसार, जिस घर में पीपल का पेड़ होता है वहां दंपत्ति के वैवाहिक जीवन में कई समस्याएं आती हैं।
पीपल का वृक्ष केवल रविवार को ही निकलवाना चाइये

🌸 काम धंधे में सफलता एवं राज योग के लिए
🙏🏻 अगर काम धंधा करते समय सफलता नहीं मिलती हो या विघ्न आते हों तो शुक्ल पक्ष की अष्टमी को बेल के कोमल कोमल पत्तों पर लाल चन्दन लगा कर माँ जगदम्बा को अर्पण करने से …. मंत्र बोले ” ॐ ह्रीं नमः । ॐ श्रीं नमः । ” और थोड़ी देर बैठ कर प्रार्थना और जप करने से राज योग बनता है गुरु मंत्र का जप और कभी कभी ये प्रयोग करें।

🌸 सुख समृद्धि और सौभाग्य की बढोत्तरी के लिए व्रत
🙏🏻जेष्ट मास में सुहागन देवियों के लिए व्रत “उमा ब्रह्मणि व्रत” … भविष्‍योत्‍तर पुराण के अनुसार ज्‍येष्ठ शुक्ल नवमी को हो सके तो आसपास कन्याएं – बेटियां छोटी -छोटी हो तो उनको दूध और चावल की खीर का भोजन करायें | खुद भी खायें और माँ पार्वती के नाम का थोड़ा जप कर दें ये मंत्र बोल कर |
🌸 ॐ पार्वत्‍यै नमः
🌸 ॐ शंकरप्रियायै नमः
🌸 ॐ गौरियै नमः
🌸 ॐ उमायै नमः
🙏🏻ये बोल कर माँ पार्वती को प्रणाम करें तो उस सुहागन देवी के घर में सुख समृद्धि और सौभाग्य की बढोत्तरी होती है |

एकादशी:
जून 2, मंगलवार, निर्जला एकादशी,

प्रदोष व्रत जून 3, 2020, बुधवार,

प्रदोष व्रत जून 18, 2020, गुरुवार

पूर्णमासी:

  1. जून स्नान दान
    (व्रत पूर्णमासी, 5. जून 2020.
  1. 🌸दैनिक राशिफल🌸

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। मित्र व संबंधियों का सहयोग व मार्गदर्शन मिलेगा। कार्य का विस्तार हो सकता है। जरूरी कागजों को ध्यान से पढ़ें।

🐂वृष
पूजा-पाठ में मन लगेगा। सत्संग का लाभ मिलेगा। देव-दर्शन की योजना बनेगी। राजकीय बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। सामाजिक कार्य करने का अवसर मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में वृद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। जोखिम लेने का साहस कर पाएंगे। प्रमाद न करें।

👫मिथुन
वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें। विवाद को बढ़ावा न दें। मेहनत अधिक होगी। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। कीमती वस्तुएं गुम हो सकती है। कुसंगति से बचें। वरिष्ठजनों की सलाह मानें। लाभ होगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। जोखिम न उठाएं।

🦀कर्क
दांपत्य जीवन सुखमय होगा। राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। आय में वृद्धि होगी। मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। घर-बाहर मांगलिक कार्य हो सकता है। प्रसन्नता रहेगी। दूसरों की बातों में न आएं। लेन-देन में सावधानी रखें। लाभ होगा।

🐅सिंह
नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं। संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। रोजगार मिलेगा। परीक्षा व प्रतियोगिता आदि में सफलता प्राप्त होगी। भाग्य का साथ रहेगा। कई दिनों से अटके काम अब पूर्ण होंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। विवाद को बढ़ावा न दें।

🙎‍♀️कन्या
किसी के अनुचित व्यवहार से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। विवाद को बढ़ावा न दें। दु:खद समाचार मिल सकता है। दूसरों से अपेक्षा न करें। स्वयं का कार्य खुद करें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। धैर्य रखें।

⚖️तुला
सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा लाभदायक रहेगी। बड़ा काम करने का मन बनेगा। झंझटों से दूर रहें। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यस्तता रहेगी। घर-परिवार का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। प्रमाद न करें।

🦂वृश्चिक
कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। योजना फलीभूत होगी। नया काम प्रारंभ करने का मन बनेगा। छोटे भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। उत्साह व प्रसन्नता बने रहेंगे। नए अनुबंध हो सकते हैं। तत्काल लाभ नहीं होगा। जल्दबाजी न करें। आय बढ़ेगी। जोखिम न लें।

🏹धनु
रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। पार्टनरों से सहयोग प्राप्त होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। सट्टे व लॉटरी से दूर रहें। व्यस्तता रहेगी। पारिवारिक चिंता रहेगी।

🐊मकर
प्रयास सफल रहेंगे। कार्य को सुचारु रूप से पूर्ण कर पाएंगे। कार्य की प्रशंसा होगी। मित्र व संबंधियों का सहयोग मिलेगा। मान-सम्मान मिलेगा। झंझटों में न पड़ें। बेचैनी रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। बड़ा कार्य करने का मन बनेगा। लाभ होगा।

🍯कुंभ
मेहनत अधिक होगी। किसी अपने के व्यवहार से स्वाभिमान को ठेस पहुंचेगी। फिजूलखर्ची होगी। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। तनाव रहेगा। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। जल्दबाजी न करें।

🐟मीन
घर में अतिथियों का आगमन होगा। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। किसी मांगलिक कार्य की योजना बनेगी। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। मान बढ़ेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। आय में वृद्धि होगी। सेहत कमजोर रहेगी।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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