🍯कुंभ राशि के लोग विवेक का प्रयोग करें। भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होकर कार्यसिद्धि होगी, और अन्य राशि का…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🌸🙏🌸
सम्पर्क सूत्र – 9518782511
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏
🙏🌸🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌸🙏
🙏ll जय श्री राधे ll*🙏
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏

दिनाँक -: 05/07/2020,रविवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
आषाढ
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि ———पूर्णिमा 10:13:25 तक
पक्ष —————————शुक्ल
नक्षत्र ——-पूर्वाषाढा 23:00:51
योग ————–ऐन्द्र 23:00:55
करण ————-बव 10:13:25
करण ———-बालव 21:43:39
वार ————————–रविवार
माह ————————- आषाढ
चन्द्र राशि ——–धनु 29:00:21
चन्द्र राशि ——————मकर
सूर्य राशि —————— मिथुन
रितु —————————-ग्रीष्म
सायन —————————वर्षा
आयन ——————–उत्तरायण
सायन ——————दक्षिणायण
संवत्सर ———————–शार्वरी
संवत्सर (उत्तर) ————-प्रमादी
विक्रम संवत —————-2077
विक्रम संवत (कर्तक) —-2076
शाका संवत —————-1942

मुम्बई
सूर्योदय —————–06:07:07
सूर्यास्त —————–19:19:06
दिन काल ————–13:11:58
रात्री काल ————-10:48:21
चंद्रास्त —————–06:45:36
चंद्रोदय —————–19:40:39

लग्न —-मिथुन 19°20′ , 79°20′

सूर्य नक्षत्र ——————–आर्द्रा
चन्द्र नक्षत्र —————-पूर्वाषाढा
नक्षत्र पाया ———————ताम्र

🙏🌸पद, चरण🌸🙏

धा —-पूर्वाषाढा 11:07:31
फा —-पूर्वाषाढा 17:03:16
ढा —-पूर्वाषाढा 23:00:51

🌸 चोघडिया, दिन
उद्वेग 05:30 – 07:14 अशुभ
चर 07:14 – 08:57 शुभ
लाभ 08:57 – 10:40 शुभ
अमृत 10:40 – 12:24 शुभ
काल 12:24 – 14:07 अशुभ
शुभ 14:07 – 15:51 शुभ
रोग 15:51 – 17:34 अशुभ
उद्वेग 17:34 – 19:17 अशुभ

🌸 चोघडिया, रात
शुभ 19:17 – 20:34 शुभ
अमृत 20:34 – 21:51 शुभ
चर 21:51 – 23:07 शुभ
रोग 23:07 – 24:24* अशुभ
काल 24:24* – 25:41* अशुभ
लाभ 25:41* – 26:57* शुभ
उद्वेग 26:57* – 28:14* अशुभ
शुभ 28:14* – 29:31* शुभ

🌸 दिशा शूल ज्ञान————-पश्चिम
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौजी खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🌸अग्नि वास ज्ञान
15 + 1 + 1 = 17 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

🌸 शिव वास एवं फल
15 + 15 + 5 = 35 ÷ 7 = 0 शेष
शमशान वास = मृत्यु कारक

🌸विशेष जानकारी🌸

  • मुड़िया पूनो वृन्दावन, गोवर्धन परिक्रमा
  • व्यास पूर्णिमा (गुरु पूर्णिमा)
  • सर्वार्थ सिद्धि योग रात्रि 23:01 से
  • गजेन्द्र मोक्ष उत्सव रंगजी वृन्दावन
  • चंद्र ग्रहण (भारत में अदृश्य) 🌸शुभ विचार🌸

येषां श्रीमद्यशोदा सुतपदकमले नास्ति भक्तिर्नराणां
येषामाभीरकन्याप्रियगुणकथने नानुरक्ता रसज्ञा ।
येषां श्रीकृष्णलीलाललितरसकथा सादरौनैव कर्णौ
धिक्तांधिक्तांधिगेतांकथ यति सततं कीर्तनस्थोमॄदंगः ।।
।।चा o नी o।।

धिक्कार है उन्हें जिन्हें भगवान् श्री कृष्ण जो माँ यशोदा के लाडले है उन के चरण कमलो में कोई भक्ति नहीं. मृदंग की ध्वनि धिक् तम धिक् तम करके ऐसे लोगो का धिक्कार करती है.

*🌸सुभाषितानि🌸*

गीता -: विभूतियोग अo-10

स्वयमेवात्मनात्मानं वेत्थ त्वं पुरुषोत्तम ।,
भूतभावन भूतेश देवदेव जगत्पते ॥,

हे भूतों को उत्पन्न करने वाले! हे भूतों के ईश्वर! हे देवों के देव! हे जगत्‌ के स्वामी! हे पुरुषोत्तम! आप स्वयं ही अपने से अपने को जानते हैं॥,15॥,

🌸 व्रत पर्व विवरण🌸

🌸 गुरू पूर्णिमा ब्रत
🌸 विशेष – पूर्णिमा के दिन ब्रह्मचर्य पालन करे तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)

🌸 विद्यालाभ के लिए मंत्र🌸
🙏🏻 ‘ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं वाग्वादिनि सरस्वति मम जिव्हाग्रे वद वद ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं नम: स्वाहा |’
➡ यह मंत्र 5 जुलाई को रात्रि 11:02 से 11:45 बजे तक 108 बार जप लें और फिर मंत्रजप के बाद उसी दिन जीभ पर लाल चंदन से ‘ह्रीं’ मंत्र लिख दें |
😛 जिसकी जीभ पर यह मंत्र इस विधि से लिखा जायेगा उसे विद्यालाभ व अदभुत विद्वत्ता की प्राप्ति होगी |

🌸 इसलिए जरूरी है जीवन में गुरु का होना🌸
🙏🏻 हिंदू धर्म में आषाढ़ पूर्णिमा गुरु भक्ति को समर्पित गुरु पूर्णिमा का पवित्र दिन भी है। भारतीय सनातन संस्कृति में गुरु को सर्वोपरि माना है। वास्तव में यह दिन गुरु के रूप में ज्ञान की पूजा का है। गुरु का जीवन में उतना ही महत्व है, जितना माता-पिता का।
🙏🏻 माता-पिता के कारण इस संसार में हमारा अस्तित्व होता है। किंतु जन्म के बाद एक सद्गुरु ही व्यक्ति को ज्ञान और अनुशासन का ऐसा महत्व सिखाता है, जिससे व्यक्ति अपने सतकर्मों और सद्विचारों से जीवन के साथ-साथ मृत्यु के बाद भी अमर हो जाता है। यह अमरत्व गुरु ही दे सकता है। सद्गुरु ने ही भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम बना दिया, इसलिए गुरु पूर्णिमा को अनुशासन पर्व के रूप में भी मनाया जाता है।
🙏🏻 इस प्रकार व्यक्ति के चरित्र और व्यक्तित्व का संपूर्ण विकास गुरु ही करता है। जिससे जीवन की कठिन राह को आसान हो जाती है। सार यह है कि गुरु शिष्य के बुरे गुणों को नष्ट कर उसके चरित्र, व्यवहार और जीवन को ऐसे सद्गुणों से भर देता है। जिससे शिष्य का जीवन संसार के लिए एक आदर्श बन जाता है। ऐसे गुरु को ही साक्षात ईश्वर कहा गया है इसलिए जीवन में गुरु का होना जरूरी है।

छायाकल्प चन्द्र ग्रहण विवरण
*5 जुलाई 2020 – आषाढ़ पूर्णिमा
*पूरे भारत मे नही दिखेगा ।
*कोई भी नियम पालने कि आवश्यकता नहीं है ।
*गुरु पूर्णिमा का पर्व किसी भी समय मना सकते हैं ।

*● ग्रहण स्पर्श ~ 08:37 प्रातः
*● ग्रहण मध्य ~ 10:00 प्रातः
*● ग्रहण मोक्ष ~ 11:22 प्रातः
*● ग्रहणकाल ~ 2 घण्टे 45 मिनट

🌸 गुरु पूजन🌸
🌸 गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः |
गुरुर्साक्षात परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः ||
ध्यानमूलं गुरुर्मूर्ति पूजामूलं गुरोः पदम् |
मंत्रमूलं गुरोर्वाक्यं मोक्षमूलं गुरोः कृपा ||
अखंडमंडलाकारं व्याप्तं येन चराचरम् |
तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्री गुरवे नमः ||
त्वमेव माता च पिता त्वमेव, त्वमेव बंधुश्च सखा त्वमेव |
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव, त्वमेव सर्वं मम देव देव ||
ब्रह्मानंदं परम सुखदं केवलं ज्ञानमूर्तिं |
द्वन्द्वातीतं गगनसदृशं तत्त्वमस्यादिलक्षयम् ||
एकं नित्यं विमलं अचलं सर्वधीसाक्षीभूतम् |
भावातीतं त्रिगुणरहितं सदगुरुं तं नमामि ||
🙏🏻 ऐसे महिमावान श्री सदगुरुदेव के पावन चरणकमलों का षोड़शोपचार से पूजन करने से साधक-शिष्य का हृदय शीघ्र शुद्ध और उन्नत बन जाता है | मानसपूजा इस प्रकार कर सकते हैं |
🙏🏻 मन ही मन भावना करो कि हम गुरुदेव के श्री चरण धो रहे हैं … सर्वतीर्थों के जल से उनके पादारविन्द को स्नान करा रहे हैं | खूब आदर एवं कृतज्ञतापूर्वक उनके श्रीचरणों में दृष्टि रखकर … श्रीचरणों को प्यार करते हुए उनको नहला रहे हैं … उनके तेजोमय ललाट में शुद्ध चन्दन से तिलक कर रहे हैं … अक्षत चढ़ा रहे हैं … अपने हाथों से बनाई हुई गुलाब के सुन्दर फूलों की सुहावनी माला अर्पित करके अपने हाथ पवित्र कर रहे हैं … पाँच कर्मेन्द्रियों की, पाँच ज्ञानेन्द्रियों की एवं ग्यारहवें मन की चेष्टाएँ गुरुदेव के श्री चरणों में अर्पित कर रहे हैं …
🌸 कायेन वाचा मनसेन्द्रियैवा बुध्यात्मना वा प्रकृतेः स्वभावात् |
करोमि यद् यद् सकलं परस्मै नारायणायेति समर्पयामि ||
🙏🏻 शरीर से, वाणी से, मन से, इन्द्रियों से, बुद्धि से अथवा प्रकृति के स्वभाव से जो जो करते हैं वह सब समर्पित करते हैं | हमारे जो कुछ कर्म हैं, वे सब आपके श्री चरणों में समर्पित हैं … हमारा कर्त्तापन का भाव, हमारा भोक्तापन का भाव आपके श्रीचरणों में समर्पित है |
🙏🏻 इस प्रकार ब्रह्मवेत्ता सदगुरु की कृपा को, ज्ञान को, आत्मशान्ति को, हृदय में भरते हुए, उनके अमृत वचनों पर अडिग बनते हुए अन्तर्मुख हो जाओ … आनन्दमय बनते जाओ

🌸दैनिक राशिफल🌸

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। आनंददायक यात्रा हो सकती है। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। व्यवसाय से पूर्ण संतुष्टि रहेगी। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। विरोध होगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। बेचैनी रहेगी।

🐂वृष
आय में वृद्धि होगी। नए प्रयोग करने का मन बनेगा। मेहनत सफल रहेगी। पराक्रम व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। संतान संबंधी परेशानी हो सकती है। नौकरीपेशा व्यक्ति पदोन्नति इत्यादि पा सकते हैं। उच्च अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। व्यवसाय में अनुकूलता रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। जल्दबाजी न करें।

👫मिथुन
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। सट्टे व लॉटरी से दूर रहें। किसी बड़ी समस्या से छुटकारा मिलेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। शत्रु परास्त होंगे। लेन-देन में सावधानी रखें। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। पार्टनरों से अनुकूलता प्राप्त होगी।

🦀कर्क
भागदौड़ रहेगी। थकान महसूस होगी। शोक समाचार मिल सकता है। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। अपेक्षाकृत कार्यों में विलंब होने से चिड़चिड़ाहट रहेगी। शांति बनाए रखें। व्यवसाय की गति धीमी रह सकती है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। शत्रुभय रहेगा। चिंता रहेगी।

🐅सिंह
पुराना रोग उभर सकता है। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कुसंगति से हानि होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। मातहतों का सहयोग नहीं मिलेगा। विवाद को बढ़ावा न दें।

🙎‍♀️कन्या
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। नेत्रों में समस्या हो सकती है। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। आय में वृद्धि होगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। भागदौड़ रहेगी। घर के वृद्धजनों का ध्यान रखें। राजकीय व्यक्तियों से लाभ प्राप्त होगा।

⚖️तुला
शुभ समाचार प्राप्त होंगे। घर-परिवार में अतिथियों का आगमन होगा। व्यय होगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। लेन-देन में सावधानी रखें। चोट व रोग से हानि संभव है। पुराना रोग उभर सकता है। आय बनी रहेगी। शत्रुभय रहेगा। जोखिम न लें।

🦂वृश्चिक
वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। राजकीय कोप भुगतना पड़ सकता है। बेचैनी रहेगी। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। कार्यसिद्धि होगी। बाधाओं का निराकरण होगा। मान-सम्मान मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। जोखिम उठाने का मन बनेगा।

🏹धनु
धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। वृद्धजनों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। थकान महसूस होगी। बेचैनी रहेगी। कोर्ट व कचहरी के काम निबटेंगे। लाभ होगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। नौकरी में अधिकार बढ़ेंगे। उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। आय में निश्चितता रहेगी। प्रमाद न करें।

🐊मकर
कष्ट, भय, रोग व चिंता का माहौल बन सकता है। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। किसी के व्यवहार से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। पुराना रोग उभर सकता है। गृह क्लेश हो सकता है। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय-व्यय बराबर रहेगा।

🍯कुंभ
विवेक का प्रयोग करें। भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होकर कार्यसिद्धि होगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। किसी बड़ी समस्या से निजात मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। पारिवारिक सहयोग प्राप्ति सहज होगी। कार्य की बाधा दूर होगी।

🐟मीन
प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। सुख के साधनों पर व्यय होगा। धनलाभ के अवसर हाथ आएंगे। कानूनी अड़चन दूर होगी। प्रसन्नता रहेगी। पारिवारिक उत्सव में शामिल होने का मौका मिल सकता है। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। घर-बाहर अनुकूलता बनी रहेगी।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

Spread the love

Written by 

Related Posts

Leave a Comment

8 + 7 =

WhatsApp chat