शत्रु सक्रिय रहेंगे, स्वास्थ्य भी कमजोर रहेगा, भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी, मगर हर एक की राशि में नहीं, किसकी राशि में क्या है? आप स्वयं पढ़ें…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🌸🙏
सम्पर्क सूत्र – 9518782511
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏
🙏🌸🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌸🙏
🙏ll जय श्री राधे ll*🙏
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏

दिनाँक -: 27/04/2020,सोमवार
चतुर्थी, शुक्ल पक्ष
वैशाख
“”””””'””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि ———-चतुर्थी 14:29:19 तक
पक्ष ————————–शुक्ल
नक्षत्र ——–मृगशिरा 24:28:21
योग ——–अतिगंड 23:35:24
करण ——विष्टि भद्र 14:29:19
करण ————भाव 26:52:17
वार ———————–सोमवार
माह ————————–वैशाख
चन्द्र राशि ——-वृषभ11:45:05
चन्द्र राशि ——————मिथुन
सूर्य राशि ———————मेष
रितु —————————-वसंत
सायन ————————–ग्रीष्म
आयन ———————उत्तरायण
संवत्सर ———————–शार्वरी
संवत्सर (उत्तर) ————-प्रमादी
विक्रम संवत —————-2077
विक्रम संवत (कर्तक)——2076
शाका संवत —————-1942

मुम्बई
सूर्योदय —————–06:13:55
सूर्यास्त —————–18:58:24
दिन काल ————–12:44:28
रात्री काल ————-11:14:54
चंद्रोदय —————–09:11:50
चंद्रास्त —————–22:47:57

लग्न —- मेष 13°6′ , 13°6′

सूर्य नक्षत्र —————–अश्विनी
चन्द्र नक्षत्र —————-मृगशिरा
नक्षत्र पाया ——————–लोहा

    *🙏🌸पद, चरण🌸🙏*

वो —- मृगशिरा 11:45:05

का —- मृगशिरा 18:07:37

की —- मृगशिरा 24:28:21

     *🌸ग्रह गोचर🌸*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य=मेष 13°22 ‘ अश्विनी, 4 ला
चन्द्र =वृषभ 26°23 ‘ मृगशिरा ‘ 2 वो
बुध = मेष 04°10 ‘ अश्विनी ‘ 1 चु
शुक्र= वृषभ 23°55, रोहिणी ‘ 4 वु
मंगल=मकर 24°30′ धनिष्ठा ‘ 1 गा
गुरु=मकर 02°50 ‘ उ oषाo , 2 भो
शनि=मकर 07°43′ उ oषा o ‘ 4 जी
राहू=मिथुन 07°55 ‘ आर्द्रा , 1 कु
केतु=धनु 07 ° 55 ‘ मूल , 3 भा

    *🌸शुभा$शुभ मुहूर्त*

राहू काल 07:23 – 09:01 अशुभ
यम घंटा 10:39 – 12:17 अशुभ
गुली काल 13:55 – 15:33 अशुभ
अभिजित 11:51 -12:43 शुभ
दूर मुहूर्त 12:43 – 13:35 अशुभ
दूर मुहूर्त 15:20 – 16:13 अशुभ

🌸चोघडिया, दिन
अमृत 05:44 – 07:23 शुभ
काल 07:23 – 09:01 अशुभ
शुभ 09:01 – 10:39 शुभ
रोग 10:39 – 12:17 अशुभ
उद्वेग 12:17 – 13:55 अशुभ
चर 13:55 – 15:33 शुभ
लाभ 15:33 – 17:11 शुभ
अमृत 17:11 – 18:50 शुभ

🌸चोघडिया, रात
चर 18:50 – 20:11 शुभ
रोग 20:11 – 21:33 अशुभ
काल 21:33 – 22:55 अशुभ
लाभ 22:55 – 24:17* शुभ
उद्वेग 24:17* – 25:38* अशुभ
शुभ 25:38* – 27:00* शुभ
अमृत 27:00* – 28:22* शुभ
चर 28:22* – 29:44* शुभ

🌸होरा, दिन
चन्द्र 05:44 – 06:50
शनि 06:50 – 07:55
बृहस्पति 07:55 – 09:01
मंगल 09:01 – 10:06
सूर्य 10:06 – 11:12
शुक्र 11:12 – 12:17
बुध 12:17 – 13:22
चन्द्र 13:22 – 14:28
शनि 14:28 – 15:33
बृहस्पति 15:33 – 16:39
मंगल 16:39 – 17:44
सूर्य 17:44 – 18:50

🌸होरा, रात
शुक्र 18:50 – 19:44
बुध 19:44 – 20:39
चन्द्र 20:39 – 21:33
शनि 21:33 – 22:28
बृहस्पति 22:28 – 23:22
मंगल 2 3:22 – 24:17
सूर्य 24:17* – 25:11
शुक्र 25:11* – 26:06
बुध 26:06* – 27:00
चन्द्र 27:00* – 27:55
शनि 27:55* – 28:49
बृहस्पति 28:49* – 29:44

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

🌸दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🌸 अग्नि वास ज्ञान
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

   4 + 2 + 1 =  7 ÷ 4 = 3 शेष

मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

🌸 शिव वास एवं फल

4 + 4 + 5 = 13 ÷ 7 = 6 शेष

क्रीड़ायां = शोक,दुःख कारक

🌸भद्रा वास एवं फल

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

दोपहर 14:29 तक समाप्त

स्वर्ग लोक = शुभ कारक

   *🌸    विशेष जानकारी*
  • सर्वार्थ एवं अमृत सिद्धि योग 24:28 तक *🙏🌸 शुभ विचार*

अजीर्णे भेषजं वारि जार्णे वारि बलप्रदम् ।
भोजने चाऽमृतं वारि भोजनान्ते विषप्रदम् ।।
।।चा oनी o।।

जल अपच की दवा है. जल चैतन्य निर्माण करता है, यदि उसे भोजन पच जाने के बाद पीते है. पानी को भोजन के बाद तुरंत पीना विष पिने के समान है.

      *🌸  सुभाषितानि*

गीता -: भक्तियोग अo-12

अनपेक्षः शुचिर्दक्ष उदासीनो गतव्यथः।,
सर्वारम्भपरित्यागी यो मद्भक्तः स मे प्रियः॥,

जो पुरुष आकांक्षा से रहित, बाहर-भीतर से शुद्ध (गीता अध्याय 13 श्लोक 7 की टिप्पणी में इसका विस्तार देखना चाहिए) चतुर, पक्षपात से रहित और दुःखों से छूटा हुआ है- वह सब आरम्भों का त्यागी मेरा भक्त मुझको प्रिय है॥,16॥,

 🌸 *व्रत पर्व विवरण* 🌸

🌸 विशेष – चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है ।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

🌸 विघ्न- बाधाओं से मुक्ति हेतु 🌸
🙏🏻‘श्री’ माने सौंदर्य, ‘श्री’ माने लक्ष्मी, ‘श्री’ माने ऐश्वर्य, ‘श्री’ माने सफलता | ईश्वर के रास्ते चलने पर किसीके जीवन में विघ्न-बाधाएँ हों तो ‘श्री ॐ स्वाहा |’ इस मंत्र की एक माला रोज करने से विघ्न-बाधाएँ नष्ट होती हैं |

🌸 किसी की मृत्यु के वक्त 🌸
🙏🏻कहीं भी मृत्यु हो गई तो उसका तुम भला करना | तुलसी की सुखी लकड़ीयाँ अपने घर में रख लो | कही भी अपने अड़ोस- पड़ोस में किसी की मृत्यु हुई तो उसके होठों पर, आँखों पर, शरीर पर, छाती पर तुलसी की सुखी लकड़ीयाँ थोड़ी रख लो और तुलसी की लकड़ी से उसका अग्निदान शुरू करो |
🙏🏻 उसका कितना भी पाप होगा, दुर्गति से रक्षा होगी, नरकों से रक्षा होगी अथवा तुलसी की लकड़ीयाँ न हो तो तुलसी की माला उसके गले में डाल दो, शव के.. मुर्दे के.. तो भी उसको राहत मिलेगी कर्मबंधन से |
🙏🏻 तुलसी के पत्ते उसके मुहँ में डाल दो | तुलसी का पानी जरा छिटक दो | हरी ॐ ॐ ॐ.. का कीर्तन कराओ | फिर हास्य न कराओ | हरी ॐ ॐ.. शांति ॐ.. तुम आत्मा हो | तुम चैतन्य हो | तुम शरीर नहीं हो | शरीर बदलता है | आत्मा ज्यों का त्यों | ॐ ॐ.. कुटुम्बियों को मंगलमय जीवन मृत्यु पुस्तक पढावो और कुटुंबी उसके लिए बोले क्योंकि मृतक व्यक्ति सवा दो घंटे के बाद मूर्छा से जगता है, जैसे आप मुर्दे को देखते हो, ऐसे ही वो अपने मुर्दे शरीर को देखता है | तो सूचना दो | तुम शरीर नहीं हो…. तुम अमर आत्मा हो | मरनेवाले तुम नही हो|
🙏🏻 पिताजी,भाई,पड़ोसी जो भी हो मृत व्यक्ति का नाम ले के ये तो शरीर का नाम है आप अनाम है | शरीर साकार है, आप निराकार है | शरीर जड़ था तुम्हारे बिना भगू भाई ! मानो भगू भाई मर गए | ॐ ॐ.. आपने मृतक व्यक्ति की बड़ी भारी सेवा कर दी | उसके विचारों में आत्मज्ञान भरने का महापुण्य किया है |जो आत्मज्ञान देता है, वो तो ईश्वर रूप हो जाता है | आपका आत्मा तो ईश्वर रूप है ही है | कोई भी मर जाए, चाहे दुश्मन मर जाए, वैर मत रखो | उसकी सदगति हो, उसका भला हो |
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏
फसा हुआ धन वापिस लेने के लिए
1: अपना गुरु और शुक्र मजबूत करें

2:पितृ दोष दूर करें

3:ऐसा माना जाता है कि पीली कौड़ी माँ लक्ष्मी जी का प्रतिनिधित्व करती है। इसलिए पाँच पीली कौड़ी पूजा के स्थान पर रख दें। इससे आपका फंसा हुआ धन वापस आने लगेगा।

मंगल एवं बुधवार को क़र्ज़ का लेनदेन न करें। शास्त्रों में ऐसा कहा जाता है कि मंगलवार को कभी क़र्ज़ नहीं लेना चाहिए। इस दिन क़र्ज़ लेने वाला व्यक्ति हमेशा क़र्ज़ के बोझ तले दबा रहता है। वहीं बुधवार के दिन कभी उधार नहीं देना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस दिन दी गई उधारी के वापस आने के योग कम होते हैं।
11 लौंग, 11 साबुत नमक की डली को नीले कपड़े में बांध दें और उस व्यक्ति का ध्यान करते हुए रात्रि 10 बजे के आस-पास किसी चौराहे पर जाकर चुपचाप इसे रख कर आ जाए। ऐसा करने से दिया हुआ धन वापिस मिलने लगेगा। यह फंसा हुआ धन प्राप्ति का सरल उपाय है।

     *🌸दैनिक राशिफल*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
बेचैनी रहेगी। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। कोर्ट व कचहरी में अनुकूलता रहेगी। धनार्जन होगा। संतान के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। परिवार के सहयोग से दिन उत्साहपूर्ण व्यतीत होगा। योजनानुसार कार्य करने से लाभ की संभावना है। आर्थिक सुदृढ़ता रहेगी।

🐂वृष
पुराना रोग उभर सकता है। चोट व दुर्घटना से बचें। वस्तुएं संभालकर रखें। बाकी सामान्य रहेगा। व्यापार-व्यवसाय सामान्य रहेगा। दूरदर्शिता एवं बुद्धि चातुर्य से कठिनाइयां दूर होंगी। राज्य तथा व्यवसाय में सफलता मिलने के योग हैं। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी।

👫मिथुन
पूजा-पाठ में मन लगेगा। कोर्ट व कचहरी के काम निबटेंगे। लाभ के अवसर मिलेंगे। प्रसन्नता रहेगी। कुछ मानसिक अंतर्द्वंद्व पैदा होंगे। पारिवारिक उलझनों के कारण मानसिक कष्ट रहेगा। धैर्य एवं संयम रखकर काम करना होगा। यात्रा आज न करें।

🦀कर्क
राजमान प्राप्त होगा। नए अनुबंध होंगे। नई योजना बनेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। कार्य में व्यय की अधिकता रहेगी। दांपत्य जीवन में भावनात्मक समस्याएँ रह सकती हैं। व्यापार में नए अनुबंध आज नहीं करें।

🐅सिंह
लेन-देन में सावधानी रखें। बकाया वसूली के प्रयास सफल रखें। व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। कानूनी मामले सुधरेंगे। धन का प्रबंध करने में कठिनाई आ सकती है। आहार की अनियमितता से बचें। व्यापार, नौकरी में उन्नति होगी।

🙎कन्या
ऐश्वर्य पर व्यय होगा। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। राजकीय कार्य में परिवर्तन के योग बनेंगे। आलस्य का परित्याग करें। आपके कामों की लोग प्रशंसा करेंगे। व्यापार लाभप्रद रहेगा। नई कार्ययोजना के योग प्रबल हैं।

⚖तुला
रोजगार मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। नौकरी में अधिकार बढ़ेंगे। व्यावसायिक समस्या का हल निकलेगा। नई योजना में लाभ की संभावना है। घर में मांगलिक आयोजन हो सकते हैं। जीवनसाथी से संबंध घनिष्ठ होंगे।

🦂वृश्चिक
पुराने मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। मान बढ़ेगा। स्वजनों से मेल-मिलाप होगा। नौकरी में ऐच्छिक पदोन्नति की संभावना है। किसी की आलोचना न करें। खानपान का ध्यान रखें। आर्थिक संपन्नता बढ़ेगी।

🏹धनु
यात्रा सफल रहेगी। प्रयास सफल रहेंगे। वाणी पर नियंत्रण रखें। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। लाभ होगा। व्यापार-व्यवसाय में उन्नति के योग हैं। वाणी पर संयम आवश्यक है। जीवनसाथी से मदद मिलेगी। सामाजिक यश-सम्मान बढ़ेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

🐊मकर
पुराना रोग उभर सकता है। शोक समाचार मिल सकता है। भागदौड़ रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। अधूरे कामों में गति आएगी। व्यावसायिक गोपनीयता भंग न करें। गीत-संगीत में रुचि बढ़ेगी। आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।

🍯कुंभ
पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। पारिवारिक उन्नति होगी। सुखद यात्रा के योग बनेंगे। स्वविवेक से कार्य करना लाभप्रद रहेगा।

🐟मीन
शत्रु सक्रिय रहेंगे। स्वास्थ्य कमजोर होगा। भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। बेरोजगारी दूर होगी। लाभ होगा। मान-प्रतिष्ठा में कमी आएगी। कामकाज में बाधाएँ आ सकती हैं। कर्मचारियों पर व्यर्थ संदेह न करें। आर्थिक तंगी रहेगी।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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