2 सितम्बर बुधवार पूर्णिमा से महालय श्राद्ध आरम्भ हो रहा है, श्राद्ध पक्ष में अपनाए जाने वाले सभी मुख्य नियम जानें, और अपने…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🌸🙏🌸
सम्पर्क सूत्र – 9518782511
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏
🙏🌸🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌸🙏
🙏ll जय श्री राधे ll*🙏
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏

दिनाँक -: 01/09/2020,मंगलवार
चतुर्दशी, शुक्ल पक्ष
भाद्रपद
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि ——–चतुर्दशी 09:38:16 तक
पक्ष —————————शुक्ल
नक्षत्र ———धनिष्ठा 16:36:47
योग ———अतिगंड 13:02:28
करण ———वणिज 09:38:16
करण ——विष्टि भद्र 22:11:50
वार ———————–मंगलवार
माह ————————-भाद्रपद
चन्द्र राशि ——————- कुम्भ
सूर्य राशि ———————–सिंह
रितु —————————–वर्षा
आयन —————– दक्षिणायण
संवत्सर ———————–शार्वरी
संवत्सर (उत्तर) ————-प्रमादी
विक्रम संवत —————-2077
विक्रम संवत (कर्तक)——2076
शाका संवत —————-1942

मुम्बई
सूर्योदय —————- 06:24:36
सूर्यास्त —————- 18:51:47
दिन काल ————- 12:27:11
रात्री काल ————-11:33:00
चंद्रास्त —————- 06:19:00
चंद्रोदय —————–18:37:21

लग्न —-सिंह 14°55′ , 134°55′

सूर्य नक्षत्र ———-पूर्वाफाल्गुनी
चन्द्र नक्षत्र ——————धनिष्ठा
नक्षत्र पाया ——————–ताम्र

🙏🌸पद, चरण🌸🙏

गु ——धनिष्ठा 10:11:15
गे ——-धनिष्ठा 16:36:47
गो —-शतभिषा 23:03:42
सा —-शतभिषा 29:31:58

🌸राहू काल 15:29 – 17:04 अशुभ
अभिजित 11:54 -12:44 शुभ

🌸 चोघडिया, दिन
रोग 05:59 – 07:34 अशुभ
उद्वेग 07:34 – 09:09 अशुभ
चर 09:09 – 10:44 शुभ
लाभ 10:44 – 12:19 शुभ
अमृत 12:19 – 13:54 शुभ
काल 13:54 – 15:29 अशुभ
शुभ 15:29 – 17:04 शुभ
रोग 17:04 – 18:38 अशुभ

🌸 चोघडिया, रात
काल 18:38 – 20:04 अशुभ
लाभ 20:04 – 21:29 शुभ
उद्वेग 21:29 – 22:54 अशुभ
शुभ 22:54 – 24:19* शुभ
अमृत 24:19* – 25:44* शुभ
चर 25:44* – 27:09* शुभ
रोग 27:09* – 28:35* अशुभ
काल 28:35* – 29:59* अशुभ

🌸 दिशा शूल ज्ञान————-उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🌸अग्नि वास ज्ञान
14 + 3 + 1 = 18 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

🌸शिव वास एवं फल
14 + 14 + 5 = 33 ÷ 7 = 5 शेष
ज्ञानवेलायां = कष्ट कारक

🌸भद्रा वास एवं फल
प्रातः 09:38 से 22:14तक समाप्त
मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनी

*🌸विशेष जानकारी🌸*
  • श्री अनन्त चतुर्दशी
  • पूर्णिमा श्राध्द (महालया प्रारम्भ) 🙏🌸शुभ विचार🌸🙏

यस्मिन् देशे न सम्मानो न वृत्तिर्न च बान्धवः ।
न च विद्यागमऽप्यस्ति वासस्तत्र न कारयेत् ।।
।।चा o नी o।।

उस देश मे निवास न करें जहाँ आपकी कोई ईज्जत नहीं हो, जहा आप रोजगार नहीं कमा सकते, जहा आपका कोई मित्र नहीं और जहा आप कोई ज्ञान आर्जित नहीं कर सकते।

  *🌸सुभाषितानि🌸*

गीता -: राजविद्याराजगुह्ययोग अo-09

क्षिप्रं भवति धर्मात्मा शश्वच्छान्तिं निगच्छति ।,
कौन्तेय प्रतिजानीहि न मे भक्तः प्रणश्यति ॥,

वह शीघ्र ही धर्मात्मा हो जाता है और सदा रहने वाली परम शान्ति को प्राप्त होता है।, हे अर्जुन! तू निश्चयपूर्वक सत्य जान कि मेरा भक्त नष्ट नहीं होता॥,31॥,

🌸 व्रत पर्व विवरण🌸

🌸 विशेष – चतुर्दशी व पूर्णिमा के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करे तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है ।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः

🌸 श्राद्ध पक्ष में अपनाए जाने वाले सभी मुख्य नियम
➡ 02 सितम्बर 2020 बुधवार पूर्णिमा से महालय श्राद्ध आरम्भ ।
👉🏻 1) श्राद्ध के दिन भगवदगीता के सातवें अध्याय का माहात्मय पढ़कर फिर पूरे अध्याय का पाठ करना चाहिए एवं उसका फल मृतक आत्मा को अर्पण करना चाहिए।
👉🏻 2) श्राद्ध के आरम्भ और अंत में तीन बार निम्न मंत्र का जप करें l
मंत्र ध्यान से पढ़े :
🌸 ll देवताभ्यः पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च l
नमः स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नमः ll
🙏🏻 (समस्त देवताओं, पितरों, महायोगियों, स्वधा एवं स्वाहा सबको हम नमस्कार करते हैं l ये सब शाश्वत फल प्रदान करने वाले हैं l)
👉🏻 3) “श्राद्ध में एक विशेष मंत्र उच्चारण करने से, पितरों को संतुष्टि होती है और संतुष्ट पितर आप के कुल खानदान को आशीर्वाद देते हैं
मंत्र ध्यान से पढ़े :
🌸 ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वधादेव्यै स्वाहा|
👉🏻 4) जिसका कोई पुत्र न हो, उसका श्राद्ध उसके दौहिक (पुत्री के पुत्र) कर सकते हैं l कोई भी न हो तो पत्नी ही अपने पति का बिना मंत्रोच्चारण के श्राद्ध कर सकती है l
👉🏻 5) पूजा के समय गंध रहित धूप प्रयोग करें और बिल्व फल प्रयोग न करें और केवल घी का धुआं भी न करें|
🙏🏻 श्राद्ध महिमा
🌸 श्राद्ध में पालने योग्य नियम 🌸
🙏🏻 श्रद्धा और मंत्र के मेल से पितरों की तृप्ति के निमित्त जो विधि होती है उसे ‘श्राद्ध’ कहते हैं।
🙏🏻 हमारे जिन संबंधियों का देहावसान हो गया है, जिनको दूसरा शरीर नहीं मिला है वे पितृलोक में अथवा इधर-उधर विचरण करते हैं, उनके लिए पिण्डदान किया जाता है।
🙏बच्चों एवं संन्यासियों के लिए पिण्डदान नहीं किया जाता।
🙏🏻 विचारशील पुरुष को चाहिए कि जिस दिन श्राद्ध करना हो उससे एक दिन पूर्व ही संयमी, श्रेष्ठ ब्राह्मणों को निमंत्रण दे दे। परंतु श्राद्ध के दिन कोई अनिमंत्रित तपस्वी ब्राह्मण घर पर पधारें तो उन्हें भी भोजन कराना चाहिए।
🙏🏻 भोजन के लिए उपस्थित अन्न अत्यंत मधुर, भोजनकर्ता की इच्छा के अनुसार तथा अच्छी प्रकार सिद्ध किया हुआ होना चाहिए। पात्रों में भोजन रखकर श्राद्धकर्ता को अत्यंत सुंदर एवं मधुर वाणी से कहना चाहिए कि ‘हे महानुभावो ! अब आप लोग अपनी इच्छा के अनुसार भोजन करें।’
🙏🏻 श्रद्धायुक्त व्यक्तियों द्वारा नाम और गोत्र का उच्चारण करके दिया हुआ अन्न पितृगण को वे जैसे आहार के योग्य होते हैं वैसा ही होकर मिलता है। (विष्णु पुराणः 3.16,16)
🙏🏻 श्राद्धकाल में शरीर, द्रव्य, स्त्री, भूमि, मन, मंत्र और ब्राह्मण-ये सात चीजें विशेष शुद्ध होनी चाहिए।
🙏🏻 श्राद्ध में तीन बातों को ध्यान में रखना चाहिएः शुद्धि, अक्रोध और अत्वरा (जल्दबाजी नही करना)।
श्राद्ध में मंत्र का बड़ा महत्त्व है। श्राद्ध में आपके द्वारा दी गयी वस्तु कितनी भी मूल्यवान क्यों न हो, लेकिन आपके द्वारा यदि मंत्र का उच्चारण ठीक न हो तो काम अस्त-व्यस्त हो जाता है। मंत्रोच्चारण शुद्ध होना चाहिए और जिसके निमित्त श्राद्ध करते हों उसके नाम का उच्चारण भी शुद्ध करना चाहिए।
जिनकी देहावसना-तिथि का पता नहीं है, उनका श्राद्ध अमावस्या के दिन करना चाहिए।
🙏🏻 हिन्दुओं में जब पत्नी संसार से जाती है तो पति को हाथ जोड़कर कहती हैः ‘मुझसे कुछ अपराध हो गया हो तो क्षमा करना और मेरी सदगति के लिए आप प्रार्थना करना।’ अगर पति जाता है तो हाथ जोड़ते हुए पत्नी से कहता हैः ‘जाने-अनजाने में तेरे साथ मैंने कभी कठोर व्यवहार किया हो तो तू मुझे क्षमा कर देना और मेरी सदगति के लिए प्रार्थना करना।’
🙏🏻 हम एक दूसरे की सदगति के लिए जीते जी भी सोचते हैं, मरते समय भी सोचते हैं और मरने के बाद भी सोचते हैं।

🌸 श्राद्ध सम्बन्धी बातें 🌸
➡ श्राद्ध कर्म करते समय जो श्राद्ध का भोजन कराया जाता है, तो ११.३६ से १२.२४ तक उत्तम काल होता है l
➡ गया, पुष्कर, प्रयाग और हरिद्वार में श्राद्ध करना श्रेष्ठ माना गया है l
➡ गौशाला में, देवालय में और नदी तट पर श्राद्ध करना श्रेष्ठ माना गया है l
➡ सोना, चांदी, तांबा और कांसे के बर्तन में अथवा पलाश के पत्तल में भोजन करना-कराना अति उत्तम माना गया है l लोहा, मिटटी आदि के बर्तन काम में नहीं लाने चाहिए l
➡ श्राद्ध के समय अक्रोध रहना, जल्दबाजी न करना और बड़े लोगों को या बहुत लोगों को श्राद्ध में सम्मिलित नहीं करना चाहिए, नहीं तो इधर-उधर ध्यान बंट जायेगा, तो जिनके प्रति श्राद्ध सद्भावना और सत उद्देश्य से जो श्राद्ध करना चाहिए, वो फिर दिखावे के उद्देश्य में सामान्य कर्म हो जाता है l
➡ सफ़ेद सुगन्धित पुष्प श्राद्ध कर्म में काम में लाने चाहिए l लाल, काले फूलों का त्याग करना चाहिए l अति मादक गंध वाले फूल अथवा सुगंध हीन फूल श्राद्ध कर्म में काम में नहीं लाये जाते हैं l

🌸श्राद्ध पक्ष 2020 की महत्वपूर्ण तिथियां
पूर्णिमा श्राद्ध- 2 सितंबर 2020
पंचमी श्राद्ध- 7 सितंबर 2020
एकादशी श्राद्ध- 13 सितंबर 2020
सर्वपितृ अमावस्या- 17 सितंबर 2020

🌸पंचक
31 अगस्त मध्यरात्रि बाद 3.48 से 5 सितंबर मध्यरात्रि बाद 2.22 बजे तक

🌸 एकादशी
इन्दिरा एकादशी – 13 सितंबर 2020
पद्मिनी एकादशी – 27 सितंबर 2020
परम एकादशी – 13 अक्टूबर 2020
पापांकुशा एकादशी – 27 अक्टूबर 2020

🌸प्रदोष
15 सितंबर ( मंगलवार ) भौम प्रदोष व्रत ( कृष्ण )
29 सितंबर ( मंगलवार ) भौम प्रदोष व्रत ( शुक्ल )

14 अक्‍टूबर ( बुधवार ) प्रदोष व्रत ( कृष्ण )
28 अक्‍टूबर ( बुधवार ) प्रदोष व्रत ( शुक्ल

🌸अमावस्या
गुरुवार, 17 सितंबर अश्विन अमावस्या
शुक्रवार, 16 अक्टूबर आश्विन अमावस्या (अधिक)

🌸पूर्णिमा
बुधवार, 02 सितंबर भाद्रपद पूर्णिमा व्रत
गुरुवार, 01 अक्टूबर आश्विन पूर्णिमा व्रत (अधिक)
शनिवार, 31 अक्टूबर अश्विन पूर्णिमा व्रत

 *🌸दैनिक राशिफल🌸*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि से मनोनुकूल लाभ होगा। मेहनत का फल मिलेगा। कार्य पूर्ण होंगे। प्रसन्नता तथा उत्साह से काम कर पाएंगे। मित्रों तथा संबंधियों की सहायता करने से मान-सम्मान मिलेगा। नौकरी में सहयोगी सहायता करेंगे। व्यापार ठीक चलेगा।

🐂वृष
भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। व्यय होगा। आत्मसम्मान बना रहेगा। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। कोई बड़ा काम करने का मन बनेगा। दुष्ट व्यक्तियों से सावधान रहें। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। व्यस्तता रहेगी। थकान हो सकती है। व्यापार ठीक चलेगा।

👫मिथुन
यात्रा लाभदायक रहेगी। भेंट उपहार की प्राप्ति हो सकती है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। समय की अनुकूलता का लाभ लें। प्रमाद न करें। निवेश शुभ फल देगा। नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

🦀कर्क
दूर से बुरी सूचना प्राप्त हो सकती है। किसी व्यक्ति से विवाद संभव है। स्वाभिमान को चोट पहुंच सकती है। पुराना रोग उभर सकता है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। भावनाओं को वश में रखें। मन की बात किसी को न बताएं। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा।

🐅सिंह
नए संबंध बनाने से पहले विचार कर लें। अपरिचितों पर अधिक भरोसा ठीक नहीं। फालतू खर्च पर नियंत्रण रखें। आर्थिक तंगी रहेगी। नौकरी में अधिकारी की अपेक्षाएं बढ़ेंगी। मन में दुविधा रहेगी। आय में निश्चितता रहेगी। कारोबार अच्छा चलेगा।

🙎‍♀️कन्या
डूबी हुई रकम प्राप्ति होने के योग हैं। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। आय बढ़ेगी। व्यापार- व्यवसाय से संतुष्टि रहेगी। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड से लाभ होगा। किसी समस्या का अंत होगा। प्रसन्नता व उत्साह में वृद्धि होगी। भाग्य का साथ रहेगा।

⚖️तुला
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। पूजा-पाठ में मन लगेगा। सत्संग का लाभ प्राप्त होगा। कोर्ट व कचहरी के कार्यों में गति आएगी। चिंता में कमी रहेगी। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा।

🦂वृश्चिक
कार्यकारी नए अनुबंध हो सकते हैं। योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर सुधार या परिवर्तन हो सकता है। मित्रों तथा संबंधियों की सहायता करने का अवसर प्राप्त होगा। मान-सम्मान मिलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। काम में मन लगेगा।

🏹धनु
चोट व दुर्घटना आदि से शारीरिक व आर्थिक हानि की आशंका है। लापरवाही न करें। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। हताशा का अनुभव होगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। आय में निश्चितता रहेगी। कारोबार ठीक चलेगा। नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ सकती है।

🐊मकर
शैक्षणिक व शोध इत्यादि के कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। नौकरी में कोई नया काम कर पाएंगे। मान-सम्मान मिलेगा। अधिकारी वर्ग प्रसन्न रहेगा। किसी लंबी यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। प्रसन्नता रहेगी।

🍯कुंभ
जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। घर में प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। कारोबार मनोनुकूल लाभ देगा। नौकरी में उच्चाधिकारी की प्रसन्नता प्राप्त होगी। बाहरी वातावरण सुखद रहेगा। निवेश शुभ फल देगा। भाग्य का साथ रहेगा। सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होगी।

🐟मीन
भूमि व भवन संबंधी क्रय-विक्रय की योजना बनेगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। परीक्षा व प्रतियोगिता आदि में सफलता प्राप्त होगी। आय में वृद्धि होगी। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। शारीरिक कष्ट की आशंका प्रबल है।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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