🏹धनु राशि वालों सावधान! किसी कार्य के प्रति अनहोनी की आशंका रहेगी। अन्य अपनी राशि अनुसार बरतें सावधानी…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🌸🙏
सम्पर्क सूत्र – 9518782511
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏
🙏🌸🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌸🙏
🙏ll जय श्री राधे ll*🙏
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏

दिनाँक -: 30/04/2020,गुरुवार
सप्तमी, शुक्ल पक्ष
वैशाख
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि ———सप्तमी 14:38:41 तक
पक्ष —————————शुक्ल
नक्षत्र ———–पुष्य 25:51:43
योग ————–शूल 20:07:36
करण ——-वाणिज 14:38:41
करण ——विष्टि भद्र 26:07:27
वार ————————-गुरूवार
माह ————————–वैशाख
चन्द्र राशि ———————कर्क
सूर्य राशि ————————मेष
रितु —————————-वसंत
सायन ————————–ग्रीष्म
आयन ———————उत्तरायण
संवत्सर ———————–शार्वरी
संवत्सर (उत्तर) ————-प्रमादी
विक्रम संवत —————-2077
विक्रम संवत (कर्तक) —-2076
शाका संवत —————-1942

मुम्बई
सूर्योदय —————–06:12:07
सूर्यास्त —————–18:59:23
दिन काल ————–12:47:16
रात्री काल ————-11:12:09
चंद्रोदय —————–11:55:08
चंद्रास्त —————–25:27:43

लग्न —-मेष 16°01′ , 16°01′

सूर्य नक्षत्र ——————-भरणी
चन्द्र नक्षत्र ———————पुष्य
नक्षत्र पाया ——————–रजत

  *🙏🌸पद, चरण🌸🙏*

हु —-पुष्य 08:02:02

हे —-पुष्य 14:01:02

हो —-पुष्य 19:57:35

ड —-पुष्य 25:51:43

🌸चोघडिया, दिन
शुभ 05:42 – 07:21 शुभ
रोग 07:21 – 08:59 अशुभ
उद्वेग 08:59 – 10:38 अशुभ
चर 10:38 – 12:17 शुभ
लाभ 12:17 – 13:55 शुभ
अमृत 13:55 – 15:34 शुभ
काल 15:34 – 17:13 अशुभ
शुभ 17:13 – 18:51 शुभ

🌸चोघडिया, रात
अमृत 18:51 – 20:12 शुभ
चर 20:12 – 21:34 शुभ
रोग 21:34 – 22:55 अशुभ
काल 22:55 – 24:16* अशुभ
लाभ 24:16* – 25:37* शुभ
उद्वेग 25:37* – 26:59* अशुभ
शुभ 26:59* – 28:20* शुभ
अमृत 28:20* – 29:41* शुभ

🌸दिशा शूल ज्ञान————-दक्षिण
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा केशर खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🌸 अग्नि वास ज्ञान
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

 7 + 5 + 1 = 13 ÷ 4 = 1 शेष

पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

  *🌸शिव वास एवं फल*

7 + 7 + 5 = 19 ÷ 7 = 5 शेष

ज्ञानवेलायां = कष्ट कारक

🌸भद्रा वास एवं फल

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

दोपहर 14:39 से रात्रि 26:02 तक

मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनी

    *🌸विशेष जानकारी🌸*
  • गंगा सप्तमी (गंगा जयन्ती)
  • सर्वार्थ एवं अमृत सिद्धि योग 25:52 तक *🌸शुभ विचार🌸*

न देवो विद्यते काष्ठे न पाषाणे न मृण्मये ।
भावे हि विद्यते देवस्तस्माद्भावो हि कारणम् ।।
।।चा o नी o।।

देवता न काठ में, पत्थर में, और न मिट्टी ही में रहते हैं वे तो रहते हैं भाव में। इससे यह निष्कर्ष निकला कि भाव ही सबका कारण है।

    *🌸सुभाषितानि🌸*

गीता -: भक्तियोग अo-12

तुल्यनिन्दास्तुतिर्मौनी सन्तुष्टो येन केनचित्‌।,
अनिकेतः स्थिरमतिर्भक्तिमान्मे प्रियो नरः॥,

जो निंदा-स्तुति को समान समझने वाला, मननशील और जिस किसी प्रकार से भी शरीर का निर्वाह होने में सदा ही संतुष्ट है और रहने के स्थान में ममता और आसक्ति से रहित है- वह स्थिरबुद्धि भक्तिमान पुरुष मुझको प्रिय है॥,19॥,

🌸व्रत पर्व विवरण🌸

🌸विशेष – सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

🌸पापनाशिनी, पुण्यप्रदायिनी गंगा🌸
➡ 30 अप्रैल 2020 गुरुवार को श्री गंगा सप्तमी (गंगा जयंती) है ।
🙏🏻 जैसे मंत्रों में ॐकार, स्त्रियों में गौरीदेवी, तत्त्वों में गुरुतत्त्व और विद्याओं में आत्मविद्या उत्तम है, उसी प्रकार सम्पूर्ण तीर्थों में गंगातीर्थ विशेष माना गया है, गंगाजी की वंदना करते हुए कहा गया हैः
🌸 संसारविषनाशिन्यै जीवनायै नमोऽस्तु ते।
तापत्रितयसंहन्त्र्यै प्राणेश्यै ते नमो नमः।।
🙏🏻 ‘देवी गंगे ! आप संसाररूपी विष का नाश करने वाली हैं, आप जीवनरूपा है, आप आधिभौतिक, आधिदैविक और आध्यात्मिक तीनों प्रकार के तापों का संहार करने वाली तथा प्राणों की स्वामिनी हैं । आपको बार-बार नमस्कार है।'(स्कंद पुराण, काशी खं.पू. 27.160)
🙏🏻 जिस दिन गंगा जी की उत्पत्ति हुई वह दिन गंगा जयंती (वैशाख शुक्ल सप्तमी) और जिस दिन गंगाजी पृथ्वी पर अवतरित हुई वह दिन ‘गंगा दशहरा’ (ज्येष्ठ शुक्ल दशमी) के नाम से जाना जाता है। इन दिनों में गंगा जी में गोता मारने से विशेष सात्त्विकता, प्रसन्नता और पुण्यलाभ होता है। वैशाख, कार्तिक और माघ मास की पूर्णिमा, माघ मास की अमावस्या तथा कृष्णपक्षीय अष्टमी तिथि को गंगास्नान करने से भी विशेष पुण्यलाभ होता है।

🌸गंगा स्नान का फल🌸
🙏🏻 “जो मनुष्य आँवले के फल और तुलसीदल से मिश्रित जल से स्नान करता है, उसे गंगा स्नान का फल मिलता है ।” (पद्म पुराण , उत्तर खंड)

*🌸गंगा जयंती महत्व*🌸

🙏🏻 गंगा जयंती हिन्दुओं का एक प्रमुख पर्व है, वैशाख शुक्ल सप्तमी के पावन दिन गंगा जी की उत्पत्ति हुई इस कारण इस पवित्र तिथि को गंगा जयंती के रूप में मनाया जाता है।
🙏🏻 गंगा जयंती के शुभ अवसर पर गंगा जी में स्नान करने से सात्त्विकता और पुण्यलाभ प्राप्त होता है, वैशाख शुक्ल सप्तमी का दिन संपूर्ण भारत में श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया जाता है यह तिथि पवित्र नदी गंगा के पृथ्वी पर आने का पर्व है गंगा जयंती, स्कन्दपुराण, वाल्मीकि रामायण आदि ग्रंथों में गंगा जन्म की कथा वर्णित है।
🙏🏻 भारत की अनेक धार्मिक अवधारणाओं में गंगा नदी को देवी के रूप में दर्शाया गया है, अनेक पवित्र तीर्थस्थल गंगा नदी के किनारे पर बसे हुये हैं, गंगा नदी को भारत की पवित्र नदियों में सबसे पवित्र नदी के रूप में पूजा जाता है, मान्यता है कि गंगा में स्नान करने से मनुष्य के समस्त पापों का नाश होता है, लोग गंगा के किनारे ही प्राण विसर्जन या अंतिम संस्कार की इच्छा रखते हैं तथा मृत्यु पश्चात गंगा में अपनी राख विसर्जित करना मोक्ष प्राप्ति के लिये आवश्यक समझते हैं, लोग गंगा घाटों पर पूजा अर्चना करते हैं और ध्यान लगाते हैं।
🙏🏻 गंगाजल को पवित्र समझा जाता है तथा समस्त संस्कारों में उसका होना आवश्यक माना गया है, गंगाजल को अमृत समान माना गया है, अनेक पर्वों और उत्सवों का गंगा से सीधा संबंध है मकर संक्राति, कुंभ और गंगा दशहरा के समय गंगा में स्नान, दान एवं दर्शन करना महत्त्वपूर्ण समझा माना गया है, गंगा पर अनेक प्रसिद्ध मेलों का आयोजन किया जाता है, गंगा तीर्थ स्थल सम्पूर्ण भारत में सांस्कृतिक एकता स्थापित करता है गंगा जी के अनेक भक्ति ग्रंथ लिखे गए हैं जिनमें श्रीगंगासहस्रनामस्तोत्रम एवं गंगा आरती बहुत लोकप्रिय हैं।
🌸 गंगा जन्म कथा 🌸
🙏🏻 गंगा नदी हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और अनेक धर्म ग्रंथों में गंगा के महत्व का वर्णन प्राप्त होता है, गंगा नदी के साथ अनेक पौराणिक कथाएँ जुड़ी हुई हैं जो गंगा जी के संपूर्ण अर्थ को परिभाषित करने में सहायक है, इसमें एक कथा अनुसार गंगा का जन्म भगवान विष्णु के पैर के पसीनों की बूँदों से हुआ गंगा के जन्म की कथाओं में अतिरिक्त अन्य कथाएँ भी हैं, जिसके अनुसार गंगा का जन्म ब्रह्मदेव के कमंडल से हुआ।
🙏🏻 एक मान्यता है कि वामन रूप में राक्षस बलि से संसार को मुक्त कराने के बाद ब्रह्मदेव ने भगवान विष्णु के चरण धोए और इस जल को अपने कमंडल में भर लिया और एक अन्य कथा अनुसार जब भगवान शिव ने नारद मुनि, ब्रह्मदेव तथा भगवान विष्णु के समक्ष गाना गाया तो इस संगीत के प्रभाव से भगवान विष्णु का पसीना बहकर निकलने लगा जिसे ब्रह्मा जी ने उसे अपने कमंडल में भर लिया और इसी कमंडल के जल से गंगा का जन्म हुआ था।
🌸गंगा जयंती महत्व🌸
🙏🏻 शास्त्रों के अनुसार बैशाख मास शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को ही गंगा स्वर्ग लोक से शिव शंकर की जटाओं में पहुंची थी इसलिए इस दिन को गंगा जयंती और गंगा सप्तमी के रूप में मनाया जाता है, जिस दिन गंगा जी की उत्पत्ति हुई वह दिन गंगा जयंती (वैशाख शुक्ल सप्तमी) और जिस दिन गंगाजी पृथ्वी पर अवतरित हुई वह दिन ‘गंगा दशहरा’ (ज्येष्ठ शुक्ल दशमी) के नाम से जाना जाता है इस दिन मां गंगा का पूजन किया जाता है, गंगा जयंती के दिन गंगा पूजन एवं स्नान से रिद्धि-सिद्धि, यश-सम्मान की प्राप्ति होती है तथा समस्त पापों का क्षय होता है, मान्यता है कि इस दिन गंगा पूजन से मांगलिक दोष से ग्रसित जातकों को विशेष लाभ प्राप्त होता है, विधिविधान से गंगा पूजन करना अमोघ फलदायक होता है।
🙏🏻 पुराणों के अनुसार गंगा विष्णु के अँगूठे से निकली हैं, जिसका पृथ्वी पर अवतरण भगीरथ के प्रयास से कपिल मुनि के शाप द्वारा भस्मीकृत हुए राजा सगर के 60,000 पुत्रों की अस्थियों का उद्धार करने के लिए हुआ था तब उनके उद्धार के लिए राजा सगर के वंशज भगीरथ ने घोर तपस्या कर माता गंगा को प्रसन्न किया और धरती पर लेकर आए, गंगा के स्पर्श से ही सगर के 60 हजार पुत्रों का उद्धार संभव हो सका इसी कारण गंगा का दूसरा नाम भागीरथी पड़ा।

🙏 पंचक
14मई2020 शाम 07.20 से
19मई 2020 शाम 07.53 तक

एकादशी
4मई 2020 सोमवार
18मई 2020 सोमवार

प्रदोष
5मई 2020 मंगलवार
19मई 2020 मंगलवार

अमावस्या
22मई 2020 शुक्रवार

पूर्णमासी
7मई 2020 गुरुवार

🙏🏻यदि किसी व्यक्ति के घर परिवार के सदस्यों में आए दिन लड़ाई झगड़ा होता रहता है तो इसके लिए प्रतिदिन सुबह पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव कीजिए इससे आपको लाभ जरूर मिलेगा।

  *🌸दैनिक राशिफल🌸*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
डूबी हुई रकम प्राप्ति के योग हैं। किसी लंबी कामकाजी यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। नए कार्य हाथ आएंगे। आय में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। घर-बाहर सभी तरफ सफलता प्राप्त होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा।

🐂वृष
आर्थिक उन्नति के लिए नई योजना बनेगी। तत्काल लाभ नहीं मिलेगा। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। समाजसेवा की प्रेरणा मिलेगी। मान-सम्मान मिलेगा। भाग्य की अनुकूलता रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

👫मिथुन
अध्यात्म में रुझान रहेगा। किसी साधु-संत का आशीर्वाद मिल सकता है। कोर्ट व कचहरी के कार्यों में गति आएगी। धनलाभ होगा। छोटी-मोटी यात्रा हो सकती है। पारिवारिक मतभेद दूर होंगे। ईर्ष्यालु व्यक्तियों से सावधान रहें।

🦀कर्क
वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। किसी व्यक्ति से विवाद हो सकता है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। नौकरी में अधिकारियों की अपेक्षा बढ़ेगी। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। शुभ समाचार प्राप्त होंगे।

🐅सिंह
व्यस्तता के चलते थकान रह सकती है। लापरवाही न करें। कोर्ट-कचहरी तथा सरकारी कार्यालयों के रुके कार्य पूर्ण होंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। किसी कार्य के प्रति चिंता रह सकती है। दांपत्य जीवन मधुर रहेगा। दुष्ट व्यक्तियों से सचेत रहें।

🙎कन्या
किसी शारीरिक कष्ट से परेशानी हो सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। चिंता रहेगी। भूमि व भवन इत्यादि की खरीद-फरोख्त लाभदायक रहेगी। कारोबार में वृद्धि होगी। विरोधी सक्रिय रहेंगे। नौकरी में चैन रहेगा। रोजगार में वृद्धि होगी।

⚖तुला
किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकता है। विवाद को बढ़ावा न दें। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। दुष्टजनों से दूर रहें। विद्यार्थी वर्ग सफलता प्राप्त करेगा। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति से ज्ञान प्राप्ति हो सकती है।

🦂वृश्चिक
पुराना रोग उभर सकता है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। किसी अपने ही व्यक्ति से विवाद हो सकता है। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है, धैर्य रखें। शत्रु शांत रहेंगे। कुसंगति से हानि होगी। भावना में बहकर कोई निर्णय न लें।

🏹धनु
किसी कार्य के प्रति अनहोनी की आशंका रहेगी। थकान रह सकती है। प्रयास सफल रहेंगे। काफी समय से अटके काम पूरे होंगे। समाजसेवा करने की इच्छा जागृत होगी। मान-सम्मान मिलेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे।

🐊मकर
घर में अतिथियों का आगमन होगा। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। सही निर्णय ले पाएंगे। सुख के साधनों पर व्यय होगा। धन प्राप्ति सुगमता से होगी। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। घर-बाहर प्रसन्नता बनी रहेगी।

🍯कुंभ
रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अच्छे कार्यों के प्रति रुचि रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। नया कार्य प्रारंभ हो सकता है। व्यस्तता रहेगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। प्रसन्नता रहेगी।

🐟मीन
किसी से भी कोई बहस न करें। जीवनसाथी से तनाव रह सकता है। अप्रत्याशित बड़ा खर्च सामने आ सकता है। दूसरों से अपेक्षा न करें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रह सकता है। विरोध होगा। पहले किए गए कार्य की प्रशंसा होगी।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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