जन्म राशि और नाम राशि में क्या फर्क होता है ? ज़िंदगी में किसे अपनाना चाहिए…

ज्योतिष में विश्वास करने वाले लोग अकसर एक बात को लेकर दुविधा में रहते हैं कि अपने जीवन के बारे में जानने के लिए जन्म राशि देंखे या नाम राशि। ज्योतिष शास्त्र में लोगों की इस समस्या का समाधान दिया गया है। हिंदू धर्म में बच्चे के जन्म के साथ ही उसकी कुंडली भी तैयार कर दी जाती है। और फिर उसी कुंडली के अनुसार ज्योतिषी सलाह से बच्चे का नाम रखा जाता है। लेकिन कुछ लोग जन्म कुंडली के नाम से अपने बच्चे का नाम रखना अच्छा नहीं मानते हैं। जिस कारण लगभग हर व्यक्ति की दो राशियां हो जाती है, एक वो जो उसके जन्म से जुड़ी है और दूसरी वह जो उसके बुलाने के नाम के अनुसार हो जाती है। यहां आप जानेंगे दोनों राशियों के बीच के अंतर और उसके महत्व के बारे में…

ये भी जानना जरूरी है कि दोनों राशियों में क्या अंतर होता है। जन्म के समय जिस बच्चे का जिस नक्षत्र में जन्म होता है उसके अनुसार रखे जाने वाले नाम से जो राशि बनती है उसे जन्म राशि कहा जाता है। और जो नाम अपनी इच्छा से बुलाने का रखा जाता है उस नाम के पहले अक्षर से जो राशि बनती है उसे नाम राशि कहा जाता है।

बेहतर क्या हैं जन्म राशि या नाम राशि

हम सभी अक्सर अपने दिन की शुरुआत राशिफल को पढने के बाद तथा अपने दिन को अच्छा बनाने के लिए ज्योतिषों द्वारा बताये गये उपायों को करने के बाद ही करते हैं।

आज के आधुनिक समय में टी.वी, अख़बार, रेडियों आदि सभी संचार के माध्यमों में दिन बेहतर बनाने के लिए राशिफल दिए जाते हैं तथा इस पर व्यक्ति विश्वास भी अधिक करते हैं. लेकिन अक्सर व्यक्ति इस उलझन में पड़े रहते हैं कि वो जन्म राशि पर विश्वास करें या नाम की राशि पर. ज्योतिष शास्त्र में व्यक्ति की राशि की इस उलझन को संस्कृत के एक श्लोक के द्वारा प्रदर्शित किया गया हैं।

श्लोक –
विद्यारम्भे विवाहे च सर्व संस्कार कर्मषु।

जन्म राशिः प्रधानत्वं, नाम राशि व चिन्तयेत्।।

इस श्लोक का अर्थ हैं की व्यक्ति शिक्षा के आरम्भ में, विवाह, यज्ञ आदि संस्कारित तथा धार्मिक कार्यों में जन्म कुंडली तथा जन्म राशि का ही प्रमुख रूप से प्रयोग किया जाता हैं तथा व्यक्ति के जन्म का पूरा वर्णन भी उसकी जन्म कुंडली में मिलता हैं।

इसी प्रकार साप्ताहिक या मासिक राशिफल का अपना एक अलग ही महत्व हैं तथा राशिफल जानने के लिए कुछ व्यक्ति अपने नाम से सम्बन्धित राशि का प्रयोग प्रमुख रूप से करते हैं।

पश्चिमी या पाश्चात्य देशों की एक प्रसिद्ध ज्योतिषशास्त्री “ ऐलिन लियो” का कहना हैं कि नाम व्यक्ति की अस्मिता का एक चिन्ह हैं तथा इसी नाम से वह समाज में जाना जाता हैं. व्यक्ति अपने नाम का प्रयोग ही अपने दैनिक कार्यों को करने के लिए करता हैं तथा नाम का व्यक्ति के कार्यों से गहरा सम्बन्ध भी जुड़ जाता हैं. इसी लिए किसी भी व्यक्ति को राशिफल अपने नाम राशि के अनुसार देखना चाहिए।

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