कोरोना को हर हाल में हराना है, राशिफल में किस राशि में क्या होगा? क्यों होगा? और क्या नही होगा? आज के धर्म एंड कर्म में…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🌸🙏
सम्पर्क सूत्र – 9518782511
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏
🙏🌸🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌸🙏
🙏ll जय श्री राधे ll*🙏
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏

दिनाँक -: 16/03/2020,सोमवार
अष्टमी, कृष्ण पक्ष
चैत्र
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल )

तिथि ———अष्टमी 26:59:13 तक
पक्ष —————————-कृष्ण
नक्षत्र ———-ज्येष्ठा 11:11:24
योग ————-सिद्वि 13:30:16
करण ———-बालव 15:03:17
करण ———कौलव 26:59:13
वार ————————-सोमवार
माह ——————————चैत्र
चन्द्र राशि —–वृश्चिक 11:11:24
चन्द्र राशि ———————–धनु
सूर्य राशि ———————-मीन
रितु ————————–शिशिर
आयन ——————- उत्तरायण
संवत्सर ———————-विकारी
संवत्सर (उत्तर) ———-परिधावी
विक्रम संवत —————-2076
विक्रम संवत (कर्तक)——2076
शाका संवत —————-1941

मुम्बई
सूर्योदय —————–06:46:51
सूर्यास्त —————–18:47:17
दिन काल —————12:00:26
रात्री काल ————-11:58:43
चंद्रास्त —————–11:05:05
चंद्रोदय —————–25:42:00

लग्न —-मीन 1°47′ , 331°47′

सूर्य नक्षत्र ———–पूर्वाभाद्रपदा
चन्द्र नक्षत्र ——————-ज्येष्ठा
नक्षत्र पाया ———————ताम्र

   *🙏🌸पद, चरण🌸🙏*

यू —-ज्येष्ठा 11:11:24

ये —-मूल 17:15:46

यो —-मूल 23:22:54

भा —-मूल 29:32:44

     *🙏🌸ग्रह गोचर🌸🙏*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य=मीन 01°22 ‘ पू o भा o, 4 दी
चन्द्र =वृश्चिक27°23 ‘ ज्येष्ठा ‘ 4 यू
बुध = कुम्भ 05°50 ‘ धनिष्ठा’ 4 गे
शुक्र= मेष 17°55, भरणी ‘ 2 लू
मंगल=धनु 25°30′ पू o षा o ‘ 4 ढा
गुरु=धनु 27°50 ‘ उ oषाo , 1 भे
शनि=मकर 05°43′ उ oषा o ‘ 3 जा
राहू=मिथुन 10°12 ‘ आर्द्रा , 2 घ
केतु=धनु 10 ° 12 ‘ मूल , 4 भी

🌸शुभा$शुभ मुहूर्त🌸

राहू काल 07:58 – 09:28 अशुभ
यम घंटा 10:58 – 12:28 अशुभ
गुली काल 13:58 – 15:28 अशुभ
अभिजित 12:04 -12:52 शुभ
दूर मुहूर्त 12:52 – 13:40 अशुभ
दूर मुहूर्त 15:16 – 16:03 अशुभ

🌸 गंड मूल अहोरात्र अशुभ

🌸 चोघडिया, दिन
अमृत 06:29 – 07:58 शुभ
काल 07:58 – 09:28 अशुभ
शुभ 09:28 – 10:58 शुभ
रोग 10:58 – 12:28 अशुभ
उद्वेग 12:28 – 13:58 अशुभ
चर 13:58 – 15:28 शुभ
लाभ 15:28 – 16:57 शुभ
अमृत 16:57 – 18:27 शुभ

🌸 चोघडिया, रात
चर 18:27 – 19:57 शुभ
रोग 19:57 – 21:27 अशुभ
काल 21:27 – 22:57 अशुभ
लाभ 22:57 – 24:27* शुभ
उद्वेग 24:27* – 25:57* अशुभ
शुभ 25:57* – 27:27* शुभ
अमृत 27:27* – 28:57* शुभ
चर 28:57* – 30:27* शुभ

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

🌸दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🌸 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

   15 + 8 + 2 + 1 =  26 ÷ 4 = 2 शेष

आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

  *🌸शिव वास एवं फल -:*

23 + 23 + 5 = 51 ÷ 7 = 2 शेष

गौरि सन्निधौ = शुभ कारक

🌸भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

       🌸विशेष जानकारी🌸*
  • शीतला अष्ठमी (बासोड़ा पूजन)
  • रंग जी रथोत्सव
  • ऋषभदेव जयन्ती
  • केशरिया मेला 🙏🌸शुभ विचार🌸🙏*

वित्तंदेहि गुणान्वितेष मतिमन्नाऽन्यत्रदेहि क्वचित् ।
प्राप्तं वारिनिधेर्जलं घनमुचां माधुर्ययुक्तं सदा
जीवाः स्थावरजड्गमाश्च सकला संजीव्य भूमण्डलं ।
भूयः पश्यतदेवकोटिगुणितंगच्छस्वमम्भोनिधिम् ।।
।।चा o नी o।।

हे विद्वान् पुरुष ! अपनी संपत्ति केवल पात्र को ही दे और दूसरो को कभी ना दे. जो जल बादल को समुद्र देता है वह बड़ा मीठा होता है. बादल वर्षा करके वह जल पृथ्वी के सभी चल अचल जीवो को देता है और फिर उसे समुद्र को लौटा देता है.

       *🌸सुभाषितानि🌸*

गीता -: मोक्षसन्यासयोग अo-18

श्रेयान्स्वधर्मो विगुणः परधर्मात्स्वनुष्ठितात्‌।,
स्वभावनियतं कर्म कुर्वन्नाप्नोति किल्बिषम्‌॥,

अच्छी प्रकार आचरण किए हुए दूसरे के धर्म से गुणरहित भी अपना धर्म श्रेष्ठ है, क्योंकि स्वभाव से नियत किए हुए स्वधर्मरूप कर्म को करता हुआ मनुष्य पाप को नहीं प्राप्त होता॥,47॥,

🌸 व्रत पर्व विवरण🌸

🌸 विशेष – अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
🌸 अष्टमी तिथि के दिन ब्रह्मचर्य पालन करे तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)

🌸 दही कैसी खाना🌸
👉🏻 दही खट्टा दुश्मन को भी नहीं खिलाना और दही खाने से तो नाड़ियों में blockage होता है बड़ी उम्र में; दही को मथ के लस्सी बनाओ फिर मक्खन सब खा लो; लस्सी पी सकते हैं, दही नहीं, और दही खट्टा तो बहुत नुकसान करता है
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🌸 व्यतिपात योग 🌸
🙏🏻 व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है।
🙏🏻वाराह पुराण में ये बात आती है व्यतिपात योग की।
🙏🏻व्यतिपात योग माने क्या कि देवताओं के गुरु बृहस्पति की धर्मपत्नी तारा पर चन्द्र देव की गलत नजर थी जिसके कारण सूर्य देव अप्रसन्न हुऐ नाराज हुऐ, उन्होनें चन्द्रदेव को समझाया पर चन्द्रदेव ने उनकी बात को अनसुना कर दिया तो सूर्य देव को दुःख हुआ कि मैने इनको सही बात बताई फिर भी ध्यान नही दिया और सूर्यदेव को अपने गुरुदेव की याद आई कि कैसा गुरुदेव के लिये आदर प्रेम श्रद्धा होना चाहिये पर इसको इतना नही थोडा भूल रहा है ये, सूर्यदेव को गुरुदेव की याद आई और आँखों से आँसु बहे वो समय व्यतिपात योग कहलाता है। और उस समय किया हुआ जप, सुमिरन, पाठ, प्रायाणाम, गुरुदर्शन की खूब महिमा बताई है वाराह पुराण में।
🌸विशेष ~ व्यतिपात योग – 16 मार्च 2020 सोमवार को दोपहर 01:34 से 17 मार्च मंगलवार को दोपहर 12:24 तक व्यतिपात योग है।
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पंचक 21मार्च 2020 सुबह 6बज के 20मिनट से 26मार्च शाम 7बज के 15मिनट तक
एकादशी 19मार्च
प्रदोष 21मार्च
अमावस्या 24मार्च

🙏🏻”कोरोना” को हराना है
“””सावधानी”” ही इलाज है
जो गमछा लू से बचने के लिए इस्तेमाल करते है उसी को मास्क की तरह इस्तेमाल करे।
साबुन से हर 30मिनट्स में हाथ 20सेकंड के लिए धोए।कोई भी सैनिटाइजर की जरूरत नही पड़ेगी।
घर मे फ्लोर कलीनर में फिटकरी और कपूर को पीस के गो मूत्र और साफ पानी
में मिला के रोज़ दो बार पोछा लगाए यही सबसे अच्छा सैनिटाइज करने का तरीका है।

पीपल के वृक्ष की सेवा करने से सभी रोगों से मुक्ति मिलती है। रविवार को छोड़कर अन्य सभी दिन सुबह स्नानादि कार्यों से निवृत होकर नियमित रूप से पीपल के वृक्ष पर मीठा जल अर्पित करें अौर उसकी जड़ को छूकर अपने माथे से लगाएं। पुरुष पीपल की 7 परिक्रमा करें, महिलाएं न करें। इसके बाद रोग को दूर करने की प्रार्थना करें, शीघ्र लाभ होग

        *🌸दैनिक राशिफल🌸*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
व्ययवृद्धि होगी। विवेक से कार्य करें। दूसरों पर विश्वास न करें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यापारिक प्रतिष्ठा, लेन-देन अन्य कानूनी परेशानी संभव है। परिवार में किसी से विवाद होने की आशंका है। अनिश्चितता का वातावरण रहेगा। अपने कार्य-निर्णय गुप्त रखें।

🐂वृष
बेरोजगारी दूर होगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। नौकरी, रोजगार में उन्नति, सहयोग संभव है। आवश्यक मार्गदर्शन मिलेगा। संतान पक्ष के स्थायित्व की बात बनेगी। अपने व्यसनों पर नियंत्रण रखना होगा।

👫मिथुन
पुराने मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी। शुभ समाचार मिलेंगे। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। उत्तेजित न हों। लाभ होगा। रोजगार की संभावनाएँ बढ़ेंगी। महत्व के मामले सुलझेंगे। घर में मूल्यवान वस्तुओं को संभालना होगा। विरोधी, शत्रु शांत रहेंगे।

🦀कर्क
मेहनत रंग लाएगी। कार्य की प्रशंसा होगी। यात्रा सफल रहेगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। लाभ होगा। वाहन क्रय करने के योग बनेंगे। इच्छाशक्ति का लाभ मिलेगा। पारिवारिक वातावरण से आशान्वित रहेंगे। स्थायी संपत्ति, क्रय-विक्रय से लाभ की संभावना है।

🐅सिंह
पुराना रोग उभर सकता है। शोक समाचार मिल सकता है, धैर्य रखें। मेहनत अधिक होगी। थकान रहेगी। व्यर्थ खींचतान में नुकसान संभव है। आर्थिक मामलों में विश्वास, भरोसे में नहीं रहें। दिन प्रतिकूल रहेगा। स्वभावगत चंचलता में कमी करना होगी।

🙎कन्या
स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल लाभ देंगे। व्यापार अच्छा चलेगा। आशानुरूप आमदनी होगी। व्यापार-व्यवसाय में अनुभव, निवेश में सफलता मिलेगी। समय का सदुपयोग होगा।

⚖तुला
उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। व्यवसाय ठीक चलेगा। बड़े एवं प्रतिष्ठित लोगों से संबंधों का लाभ मिल सकेगा। जोखिम, जवाबदारी के कामों में सावधानी आवश्यक है। पारिवारिक वातावरण खुशनुमा रहेगा।

🦂वृश्चिक
परिवार का सहयोग प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल लाभ देंगे। कानूनी बाधा दूर होगी। अपरिचित व्यक्तियों के सहयोग से आत्मविश्वास का संचार होगा। खर्चों में कमी का प्रयास करना होगा। लाभकारी निवेश बढ़ेगा।

🏹धनु
पुराना रोग उभर सकता है। कार्य में लापरवाही व जल्दबाजी न करें। कुसंगति से बचें। विवेक से कार्य करें। लाभ होगा। सतर्कता एवं सावधानीपूर्वक व्यापारिक योजनाओं को अंजाम दें। विद्यार्थी शिक्षा में उल्लेखनीय सफलता अर्जित करेंगे। यात्रा न करें।

🐊मकर
धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। महत्वपूर्ण व्यक्ति सहायता को आगे आएंगे। कार्यसिद्धि होगी। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। उत्साहपूर्वक व्यावसायिक योजनाओं को पूरा करेंगे। अचानक धन की प्राप्ति संभव है। कार्यक्षमता एवं कार्यकुशलता बढ़ेगी। अनुज सहयोग करेंगे।

🍯कुंभ
कार्यस्थल पर सुधार होगा। नए अनुबंध हो सकते हैं। मान-सम्मान बढ़ेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। कार्य में प्रगति, उत्साह रहेगा। दूसरों की दखलंदाजी पसंद नहीं आएगी। कर्ज, लेन-देन कम होगा। भेंट, उपहार की प्राप्ति होगी।

🐟मीन
रुका हुआ धन प्राप्त होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। थकान रहेगी। यात्रा सफल रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। नौकरी में पद, स्थिति से लाभान्वित हो पाएँगे। परिश्रम की अधिकता रहेगी। आर्थिक मामलों में लोभ, प्रलोभन से बचें। कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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