क्या आप जानते हैं कि आपको कौन सी संतान होगी? आपके भाग्य में संतान है भी !! या…

आइये जानते हैं हस्तरेखा ज्योतिष के माध्यम से सन्तान रेखा के बारे में जो बतलायेगी आपके संतान…
भाग्य में संतान सुख का प्रमाण ज्योतिष के अनुसार कई चीजों में होता है जैसे कुंडली या हस्त रेखाओं में। हाथ की संतान रेखा भाग्य में संतान सुख की एक बेहद अहम निशानी है।

कहां होती है संतान रेखा? संतान रेखाएं ठीक विवाह रेखा के ऊपर होती हैं। बुध पर्वत यानि छोटी अंगुली के ठीक नीचे के भाग में विवाह रेखा होती है| वहीं मौजुद खड़ी रेखाएं संतान रेखा कहलाती हैं। संतान प्राप्ति के योगों को कई अन्य रेखाएं भी प्रभावित करती हैं जैसे मणिबंध रेखा, अंगुठे के नीचे पाई जाने वाली छोटी रेखा आदि।

कैसे पढ़े संतान रेखा… संतान रेखा स्पष्ट हैं तो इसका अर्थ है संतान अच्छी और माता पिता का सम्मान करने वाली होगी।

  • अस्पष्ट और टूटी रेखाएं बच्चें के स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं।
  • इसके अलावा संतान योग को मणिबंध रेखाएं भी प्रभावित करती हैं। यदि पहली मणिबंध रेखा का झुकाव कलाई की तरफ है और वह हथेली में प्रविष्ट होती दिखे तो इसका अर्थ है जातक को संतान प्राप्ति में दुख होंगा ।🚩

    आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🌸 सम्पर्क – 9518782511
Spread the love

Written by 

Related Posts

Leave a Comment

fifteen + 3 =

WhatsApp chat