Dharma & Karma 

कैसा होगा आज आपका दिन जानिये आचार्य जी से

कैसा रहेगा आज का आपका दिन

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी

🌹🌸🌹🙏
सम्पर्क सूत्र -9518782511
🌹🌸🌹🌸🌹🌸🌹🌸🌹🌸
|| जय श्री राधे ||
🙏🌹🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌹🙏
ll जय श्री राधे ll
🌹🌸🌹🌸🌹🌸🌹🌸🌹🌸

दिनाँक -: 06/08/2019,मंगलवार
षष्ठी, शुक्ल पक्ष
श्रावण
“””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि—————षष्ठी13:30:00 तक
पक्ष—————————–शुक्ल
नक्षत्र————–चित्रा22:22:39
योग—————साघ्य17:19:14
करण————-तैतुल13:30:00
करण————–गरज24:30:42
वार————————-मंगलवार
माह—————————श्रावण
चन्द्र राशि——–कन्या11:00:30
चन्द्र राशि———————–तुला
सूर्य राशि———————– कर्क
रितु——————————-वर्षा
आयन——————-दक्षिणायण
संवत्सर———————-विकारी
संवत्सर (उत्तर)———–परिधावी
विक्रम संवत—————–2076
विक्रम संवत (कर्तक)——2075
शाका संवत——————1941

वृन्दावन
सूर्योदय—————–05:46:05
सूर्यास्त—————–19:03:49
दिन काल—————13:17:44
रात्री काल————–10:42:47
चंद्रोदय—————–11:08:06
चंद्रास्त——————23:07:47

लग्न—-कर्क19°10′ , 109°10′

सूर्य नक्षत्र——————आश्लेषा
चन्द्र नक्षत्र———————-चित्रा
नक्षत्र पाया———————रजत

🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩

पो—-चित्रा 11:00:30

रा—-चित्रा 16:40:27

री—-चित्रा 22:22:39

रू—-स्वाति 28:07:12

💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य=कर्क 19°12 ‘ आश्लेषा , 1 डी
चन्द्र =कन्या 26°23′ चित्रा ‘ 2 पो
बुध=कर्क 01°30 ‘ पुनर्वसु’ 4 ही
शुक्र= कर्क 16 ° 50, आश्लेषा ‘ 1 डी
मंगल=कर्क 28°48 ‘आश्लेषा’ 4 डो
गुरु=वृश्चिक 20°31 ‘ ज्येष्ठा , 2 या
शनि=धनु 22°43′ पू oषा o ‘ 3 फा
राहू=मिथुन 22°05 ‘ पुनर्वसु , 2 को
केतु=धनु 22 ° 05′ पूo षाo, 4 ढा

🚩💮🚩शुभा$शुभ मुहूर्त🚩💮🚩

राहू काल 15:44 – 17:24अशुभ
यम घंटा 09:06 – 10:45अशुभ
गुली काल 12:25 – 14:05अशुभ
अभिजित 11:58 -12:52शुभ
दूर मुहूर्त 08:26 – 09:19अशुभ
दूर मुहूर्त 23:21 – 24:14*अशुभ

💮चोघडिया, दिन
रोग 05:46 – 07:26अशुभ
उद्वेग 07:26 – 09:06अशुभ
चर 09:06 – 10:45शुभ
लाभ 10:45 – 12:25शुभ
अमृत 12:25 – 14:05शुभ
काल 14:05 – 15:44अशुभ
शुभ 15:44 – 17:24शुभ
रोग 17:24 – 19:04अशुभ

🚩चोघडिया, रात
काल 19:04 – 20:24अशुभ
लाभ 20:24 – 21:45शुभ
उद्वेग 21:45 – 23:05अशुभ
शुभ 23:05 – 24:25शुभ अमृत 24:25 – 25:46शुभ चर 25:46 – 27:06शुभ रोग 27:06 – 28:26अशुभ काल 28:26 – 29:47*अशुभ

💮होरा, दिन
मंगल 05:46 – 06:53
सूर्य 06:53 – 07:59
शुक्र 07:59 – 09:06
बुध 09:06 – 10:12
चन्द्र 10:12 – 11:18
शनि 11:18 – 12:25
बृहस्पति 12:25 – 13:31
मंगल 13:31 – 14:38
सूर्य 14:38 – 15:44
शुक्र 15:44 – 16:51
बुध 16:51 – 17:57
चन्द्र 17:57 – 19:04

🚩

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

💮दिशा शूल ज्ञान————–उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

  6 + 3 + 1 = 10 ÷ 4 = 2 शेष

आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

💮 शिव वास एवं फल -:

6 + 6 + 5 = 17 ÷ 7 = 3 शेष

वृषभारूढ़ = शुभ कारक

🚩भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮

अभ्यासाध्दार्यते विद्या कुलं शीलेन धार्यते ।
गुणेन ज्ञायते त्वार्यः कोपो नेत्रेण गम्यते ।।
।।चा o नी o।।

जो वैदिक ज्ञान की निंदा करते है, शास्र्त सम्मत जीवनशैली की मजाक उड़ाते है, शांतीपूर्ण स्वभाव के लोगो की मजाक उड़ाते है, बिना किसी आवश्यकता के दुःख को प्राप्त होते है.

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: विश्वरूपदर्शनयोग अo-11

स्थाने हृषीकेश तव प्रकीर्त्या जगत्प्रहृष्यत्यनुरज्यते च ।,
रक्षांसि भीतानि दिशो द्रवन्ति सर्वे नमस्यन्ति च सिद्धसङ्‍घा: ॥,

अर्जुन बोले- हे अन्तर्यामिन्! यह योग्य ही है कि आपके नाम, गुण और प्रभाव के कीर्तन से जगत अति हर्षित हो रहा है और अनुराग को भी प्राप्त हो रहा है तथा भयभीत राक्षस लोग दिशाओं में भाग रहे हैं और सब सिद्धगणों के समुदाय नमस्कार कर रहे हैं॥,36॥,
🙏
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
🌻🙏🌸🌹🌻🙏🌸🌹🙏🌻
दिशाशूल – उत्तर दिशा में
व्रत पर्व विवरण – मंगलागौरी पूजन
💥 *विशेष – षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
🌷 *बुधवारी अष्टमी* 🌷
07 अगस्त 2019 बुधवार को दोपहर 11:41 से 08 अगस्त सूर्योदय तक बुधवारी अष्टमी है ।
👉🏻 मंत्र जप एवं शुभ संकल्प हेतु विशेष तिथि
🙏🏻 सोमवती अमावस्या, रविवारी सप्तमी, मंगलवारी चतुर्थी, बुधवारी अष्टमी – ये चार तिथियाँ सूर्यग्रहण के बराबर कही गयी हैं।
🙏🏻 *इनमें किया गया जप-ध्यान, स्नान , दान व श्राद्ध अक्षय होता है। (शिव पुराण, विद्यश्वर संहिताः अध्याय 10)
🌷 *शिव के द्वादश बारह ज्योतिर्लिंग की कथा और महत्त्व*
🙏 १२ ज्योतिर्लिंगों का महत्व व महिमा
🙏 भगवान शिव की भक्ति का महिना सावन शुरू हो चुका है। शिवमहापुराण के अनुसार एकमात्र भगवान शिव ही ऐसे देवता हैं, जो निष्फल व सफल दोनों हैं। यही कारण है कि एकमात्र शिव का पूजन लिंग व मूर्ति दोनों रूपों में किया जाता है। भारत में १२ प्रमुख ज्योतिर्लिंग हैं। इन सभी का अपना महत्व व महिमा है।
🙏 ऐसी मान्यता भी है कि सावन के महिने में यदि भगवान शिव के ज्योतिर्लिंगों के दर्शन किए जाएं तो जन्म-जन्म के कष्ट दूर हो जाते हैं। यही कारण है कि सावन के महिने में भारत के प्रमुख १२ ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है। आज हम आपको बता रहे हैं इन १२ ज्योतिर्लिंगों का महत्व व महिमा-:
🙏 १] सोमनाथ : सोमनाथ ज्योतिर्लिंग भारत का ही नहीं अपितु इस पृथ्वी का पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। यह मंदिर गुजरात राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित है। इस मंदिर के बारे में मान्यता है, कि जब चंद्रमा को दक्ष प्रजापति ने श्राप दिया था, तब चंद्रमा ने इसी स्थान पर तप कर इस श्राप से मुक्ति पाई थी। ऐसा भी कहा जाता है कि इस शिवलिंग की स्थापना स्वयं चन्द्र देव ने की थी। विदेशी आक्रमणों के कारण यह 17 बार नष्ट हो चुका है। हर बार यह बिगड़ता और बनता रहा है।
🙏 २] मल्लिकार्जुन : यह ज्योतिर्लिंग आंध्रप्रदेश में कृष्णा नदी के तट पर श्रीशैल नाम के पर्वत पर स्थित है। इस मंदिर का महत्व भगवान शिव के कैलाश पर्वत के समान कहा गया है। अनेक धार्मिक शास्त्र इसके धार्मिक और पौराणिक महत्व की व्याख्या करते हैं।
🙏 कहते हैं कि इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने मात्र से ही व्यक्ति को उसके सभी पापों से मुक्ति मिलती है। एक पौराणिक कथा के अनुसार जहां पर यह ज्योतिर्लिंग है, उस पर्वत पर आकर शिव का पूजन करने से व्यक्ति को अश्वमेघ यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होते हैं।
🙏 ३] महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग : यह ज्योतिर्लिंग मध्यप्रदेश की धार्मिक राजधानी कही जाने वाली उज्जैन नगरी में स्थित है। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की विशेषता है कि ये एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है। यहां प्रतिदिन सुबह की जाने वाली भस्मारती विश्व भर में प्रसिद्ध है। महाकालेश्वर की पूजा विशेष रूप से आयु वृद्धि और आयु पर आए हुए संकट को टालने के लिए की जाती है। उज्जैनवासी मानते हैं कि भगवान महाकालेश्वर ही उनके राजा हैं और वे ही उज्जैन की रक्षा कर रहे हैं।
🙏 ४] ओंकारेश्वर : ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध शहर इंदौर के समीप स्थित है। जिस स्थान पर यह ज्योतिर्लिंग स्थित है, उस स्थान पर नर्मदा नदी बहती है और पहाड़ी के चारों ओर नदी बहने से यहां ॐ का आकार बनता है। ॐ शब्द की उत्पति ब्रह्मा के मुख से हुई है। इसलिए किसी भी धार्मिक शास्त्र या वेदों का पाठ ॐ के साथ ही किया जाता है। यह ज्योतिर्लिंग ॐकार अर्थात ॐ का आकार लिए हुए है, इस कारण इसे ओंकारेश्वर नाम से जाना जाता है।
🙏 ५] केदारनाथ : केदारनाथ स्थित ज्योतिर्लिंग भी भगवान शिव के १२ प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में आता है। यह उत्तराखंड में स्थित है। बाबा केदारनाथ का मंदिर बद्रीनाथ के मार्ग में स्थित है। केदारनाथ समुद्र तल से ३५८४ मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। केदारनाथ का वर्णन स्कन्द पुराण एवं शिव पुराण में भी मिलता है। यह तीर्थ भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। जिस प्रकार कैलाश का महत्व है उसी प्रकार का महत्व शिव जी ने केदार क्षेत्र को भी दिया है।
🙏 ६] भीमाशंकर : भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के पूणे जिले में सह्याद्रि नामक पर्वत पर स्थित है। भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग को मोटेश्वर महादेव के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर के विषय में मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा से इस मंदिर का दर्शन प्रतिदिन सुबह सूर्य निकलने के बाद करता है, उसके सात जन्मों के पाप दूर हो जाते हैं तथा उसके लिए स्वर्ग के मार्ग खुल जाते हैं।
🙏 ७] काशी विश्वनाथ: विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग भारत के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह उत्तर प्रदेश के काशी नामक स्थान पर स्थित है। काशी सभी धर्म स्थलों में सबसे अधिक महत्व रखती है। इसलिए सभी धर्म स्थलों में काशी का अत्यधिक महत्व कहा गया है। इस स्थान की मान्यता है कि प्रलय आने पर भी यह स्थान बना रहेगा। इसकी रक्षा के लिए भगवान शिव इस स्थान को अपने त्रिशूल पर धारण कर लेंगे और प्रलय के टल जाने पर काशी को उसके स्थान पर पुन: रख देंगे।
🙏 ८] त्र्यंबकेश्वर : यह ज्योतिर्लिंग गोदावरी नदी के करीब महाराष्ट्र राज्य के नासिक जिले में स्थित है। इस ज्योतिर्लिंग के सबसे अधिक निकट ब्रह्मागिरि नाम का पर्वत है। इसी पर्वत से गोदावरी नदी शुरू होती है। भगवान शिव का एक नाम त्र्यंबकेश्वर भी है। कहा जाता है कि भगवान शिव को गौतम ऋषि और गोदावरी नदी के आग्रह पर यहां ज्योतिर्लिंग रूप में रहना पड़ा। ९] वैद्यनाथ : श्री वैद्यनाथ शिवलिंग का समस्त ज्योतिर्लिंगों की गणना में नौवां स्थान बताया गया है। भगवान श्री वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग का मन्दिर जिस स्थान पर स्थित है, उसे वैद्यनाथ धाम कहा जाता है। यह स्थान झारखंड राज्य (पूर्व में बिहार ) के देवघर जिला में पड़ता है।
🙏 १०] नागेश्वर ज्योतिर्लिंग : यह ज्योतिर्लिंग गुजरात के बाहरी क्षेत्र में द्वारिका स्थान में स्थित है। धर्म शास्त्रों में भगवान शिव नागों के देवता है और नागेश्वर का पूर्ण अर्थ नागों का ईश्वर है। भगवान शिव का एक अन्य नाम नागेश्वर भी है। द्वारका पुरी से भी नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की दूरी १७ मील की है। इस ज्योतिर्लिंग की महिमा में कहा गया है कि जो व्यक्ति पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ यहां दर्शन के लिए आता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है।
🙏 ११] रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग : यह ज्योतिर्लिंग तमिलनाडु राज्य के रामनाथपुरं नामक स्थान में स्थित है। भगवान शिव के १२ ज्योतिर्लिंगों में से एक होने के साथ-साथ यह स्थान हिंदुओं के चार धामों में से एक भी है। इस ज्योतिर्लिंग के विषय में यह मान्यता है कि इसकी स्थापना स्वयं भगवान श्रीराम ने की थी। भगवान राम के द्वारा स्थापित होने के कारण ही इस ज्योतिर्लिंग को भगवान राम का नाम रामेश्वरम दिया गया है।
🙏 *१२] घृष्णेश्वर मन्दिर : घृष्णेश्वर महादेव का प्रसिद्ध मंदिर महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर के समीप दौलताबाद के पास स्थित है। इसे घृसणेश्वर या घुश्मेश्वर के नाम से भी जाना जाता है। दूर-दूर से लोग यहां दर्शन के लिए आते हैं और आत्मिक शांति प्राप्त करते हैं। भगवान शिव के १२ ज्योतिर्लिंगों में से यह अंतिम ज्योतिर्लिंग है। बौद्ध भिक्षुओं द्वारा निर्मित एलोरा की प्रसिद्ध गुफाएं इस मंदिर के समीप स्थित हैं। यहीं पर श्री एकनाथजी गुरु व श्री जनार्दन महाराज की समाधि भी है

मेष- 
अच्छे व्यावसायिक अवसर आपके व्यवसाय को बढ़ाने और विस्तृत करने में अति सहायक सिद्ध होंगे। आप नए क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार होंगे। उद्यमी अच्छा करेंगे। आर्थिक रूप से आप सुरक्षित रहेंगे और संपत्ति में निवेश कर सकते हैं। बच्चे अपने-अपने क्षेत्र में अच्छा करेंगे और आप उनपर गर्व करेंगे। परिवार आपका पूर्ण सहयोग करेगा तथा परिवार में सदस्यों के मध्य स्नेही वातावरण बना रहेगा। लम्बे समय से बीमारी से जूझ रहे जातकों का आत्मविश्वास उन्हें बीमारी से पार पाने में मदद करेगा और स्वास्थ्य में सुधार संभव है I आप शारीरिक और भावनात्मक रूप से बेहतर महसूस करते हैं।

वृष-
आज योजनायों को पूर्ण रूप से क्रियान्वित किया जा सकता है और यह आपको लाभदायक परिणाम दे पाएंगी। नौकरीपेशा जातक कार्यस्थल पर अपने कार्य और कर्तव्यनिष्ठा के लिए उचित प्रशंसा और सम्मान प्राप्त कर सकते हैं। आर्थिक रूप से यह एक शुभ दिन है। लंबी अवधि में भारी लाभ अर्जित करने के लिए में आप नए उद्यम में निवेश कर सकते हैं। इस तरह के निवेश के लिए समय परिपक्व है। प्रेमियों के लिए समय शुभ हैI पारिवारिक जीवन में जीवनसाथी तथा भाई-बहनों के साथ कुछ मन मुटाव हो सकता है बुजुर्गो का स्वास्थ्य कुछ नरम-गरम रह सकता है

मिथुन- 
साहित्य, कला, लेखन, संगीत, फिल्मों या खेल जैसे रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के अवसर मिलेंगे और आकर्षक सौदे हाथ लग सकते हैं I आप स्वयं के लिए यश एव कीर्ति भी अर्जित कर पाएंगे I आपके काम और व्यवसाय में सकारात्मक विकास होगा। अगर आप नौकरी या व्यवसाय बदलना चाहते हैं तो आपको सफलता मिलेगी। आप आध्यात्मिक और धार्मिक गतिविधियों की ओर आकर्षित होंगे। पारिवारिक जीवन खुशहाल रहेगा और बच्चे आप पर गर्व करेंगे। अविवाहितों के जीवन में प्रेम का प्रवेश हो सकता है।

कर्क-
आज आपकी इच्छाएं पूरी हो सकती हैं। महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू की जा सकती हैं। अगर आप उच्च अध्ययन या नौकरी के लिए विदेश जाना चाहते हैं तो आप निराश नहीं होंगे। आपकी कामयाबी में वृद्धि होगी; संपर्क स्थापित होंगे और आप कुछ प्रभावशाली लोगों से भी मिलेंगे। यदि पैतृक संपत्ति के संबंध में कोई मामला लंबित है तो यह आपके पक्ष में तय किया जाएगा। परिवार में कुछ शुभ समाचार प्राप्त होंगे और उत्सव हो सकता है।

सिंह- 
आपके प्रयास फल देंगे और आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। आप एक नई साझेदारी या एसोसिएशन में प्रवेश कर सकते हैं। आपका सामाजिक दायरा बढ़ेगा और आप कुछ महत्वपूर्ण कनेक्शन स्थापित कर पाएंगे। आपके उपन्यास विचारों और कार्य शैली की सराहना की जाएगी। वित्तीय स्थिति में सुधार होगा, लेकिन सावधानी से सोचने के बाद ही नई संपत्ति में निवेश करें। आप आध्यात्मिक गतिविधियों की ओर आकर्षित होंगे। बच्चे अच्छा महसूस करेंगे।

कन्या-
आज आपको कई वित्तीय फ़ायदे हो सकते हैं। आप असीम दौलत के मालिक बन सकते हैं। आय के नए स्त्रोत बनेंगे। व्यवसायिक सन्दर्भ में अच्छा वक़्त है, परिणाम आपके पक्ष में आएगा। आपकी निजी ज़िन्दगी में सब कुछ बढ़िया रहेगा। परिवार और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा लेकिन भाई-बहन के साथ आपका वाद-विवाद हो सकता है। दिन प्रेम संबंधों के लिए अनुकूल तो है किन्तु पड़ोसी से प्रेम होने की स्थिति में सावधानी से काम लेना होगा। प्रेम को पाने के चक्कर में बेवकूफ़ बनने से बचें।

तुला-
  प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वालों के लिए आज का दिन मिश्रित परिणामदायक हो सकता  है। कुछ अनावश्यक तनाव उत्पन्न हो सकता है और जिसके कारण आपका मन थोड़ा विचलित हो सकता है। किसी भी प्रकार के व्यापारिक निर्णय जिसमे आर्थिक जोखिम शामिल हो, उसके लिए समय उपयुक्त नहीं है। प्यार करने वालों के लिए यह समय सहयोगी है। पारिवारिक जीवन में भी समय अनुकूल रहेगा। किन्तु कोई भी निर्णय आवेश में ना लें I कर्ज़ देना इस समय परेशानी पैदा करने वाला होगा।

वृश्चिक-
आज आपके लिए अनावश्यक क्रोध से बचना श्रेयकर रहेगा। हालांकि आर्थिक तनाव रहेगा परन्तु क्रोध से वह समाप्त नहीं होगा। बल्कि उसका समाधान निकालना और अधिक कठिन हो जाएगा। सुदूर यात्रा का योग बहुत प्रबल है जिसमे खट्टे-मीठे दोनों तरह के अनुभव होंगे। संतान की ओर से कुछ चिंता हो सकती है। आर्थिक मामलों में समय लगातार प्रतिकूल बना हुआ है अतः अत्यधिक सावधानी बरतें, किसी के बहकावे में आकर कुछ बड़े और असंगत फैसले ले सकते हैं। जिसका परिणाम आगे चलकर अच्छा नहीं होगा।

धनु- 
आपको किसी ऐसे प्रोजेक्ट से अप्रत्याशित लाभ मिलेगा जो आपके दिल के करीब है। आपकी वित्तीय स्थिति में भी सुधार होगा और ऋण पर दिए गए पैसे भी आप जल्द ही वसूल कर पाएंगे। उच्च अध्ययन के लिए प्रयासरत छात्रों को वांछित परिणाम मिलेगा, बशर्ते वे अपने प्रयास  कड़ी मेहनत के साथ जारी रखें। व्यवसायी कुछ सकारात्मक निर्णय ले पाएंगे। यदि आपके पास कुछ विदेशी संपर्क हैं तो ऐसे मजबूत संकेत हैं कि यात्रा सफल होगी। पारिवारिक जीवन शुभ रहेगा।

मकर-
यह उपलब्धियों वाला दिन होगा। आप अपनी महत्वाकांक्षी योजनाओं को अंतिम रूप देने में सक्षम होंगे। रुके हुए कामों में भी प्रगति होगी और परिणाम संतोषजनक रहेंगे। आप लाभ प्राप्त करने में सक्षम होंगे। आप कला और साहित्य की ओर आकर्षित होंगे और जो लोग इन क्षेत्रों से जुड़े हैं, उन्हें अपने काम के लिए सराहना मिलेगी और उनकी छवि भी बढ़ेगी। आज यात्रा संभव है जो लाभकारी रहेगी और आय के नए रास्ते भी खोलेगी। एक परिवार के साथ किसी मनोरंजक स्थल पर घूमने जा सकते हैं

कुंभ-
इस समय आप अपनी कार्यशैली में नया प्रयोग कर सकते हैं। आपके कार्यों को प्रशंसा मिलेगी। आपके काम सफ़ल होंगे। किन्तु आपको थोड़ी सी सावधानी बरतनी होगी। कुछ अनावश्यक खर्चे भी सामने आ सकते हैं।आज आप  धर्म या समाज से जुड़ा कोई कार्य कर सकते हैं। सप्ताह के मध्य भाग में  बेकार की यात्राओं से बचें और घर परिवार का खयाल रखें। स्त्री वर्ग से पूर्ण सहयोग मिलेगा

मीन-
आज का दिन शुभ रहेगा। नौकरीपेशा जातकों को तरक्की मिलेगी। व्यवसायी और उद्यमी अच्छी प्रगति करेंगे। आप में से कुछ एक नया सौदा कर सकते हैं। बदलाव या नौकरी की तलाश करने वालों को निराशा नहीं होगी। वित्तीय स्थिति में सुधार होगा और आय का एक अतिरिक्त स्रोत भी उत्पन्न हो सकता है। पारिवारिक वातावरण जीवंत होगा और आगंतुकों की आवाजाही रहेगी। लंबी दूरी की यात्रा की योजना बनाई जा सकती है।


आज जन्मदिन वालो को हार्दिक शुभकामनाएं


दिनांक 6 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 6 होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति आकर्षक, विनोदी, कलाप्रेमी होते हैं। आपमें गजब का आत्मविश्वास है। इसी आत्मविश्वास के कारण आप किसी भी परिस्थिति में डगमगाते नहीं है। आपको सुगंध का शौक होगा। आप अपनी महत्वाकांक्षा के प्रति गंभीर होते हैं। 6 मूलांक शुक्र ग्रह द्वारा संचालित होता है। अत: शुक्र से प्रभावित बुराई भी आपमें पाई जा सकती है। जैसे स्त्री जाति के प्रति आपमें सहज झुकाव होगा। अगर आप स्त्री हैं तो पुरूषों के प्रति आपकी दिलचस्पी होगी। लेकिन आप दिल के बुरे नहीं है। 
 
शुभ दिनांक : 6, 15, 24 
 
शुभ अंक : 6, 15, 24, 33, 42, 51, 69, 78

शुभ वर्ष : 2016, 2022, 2026

ईष्टदेव : मां सरस्वती, महालक्ष्मी

शुभ रंग : क्रीम, सफेद, लाल, बैंगनी

कैसा रहेगा यह वर्ष
जो विद्यार्थी सीए की परीक्षा देंगे उनके लिए शुभ रहेगा। व्यापार-व्यवसाय में भी सफलता रहेगी। विवाह के योग भी बनेंगे। स्त्री पक्ष का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी। नौकरीपेशा व्यक्ति अपने परिश्रम के बल पर उन्नति के हकदार होंगे। बैक परीक्षाओं में भी सफलता अर्जित करेंगे। दाम्पत्य जीवन में मिली जुली स्थिति रहेगी। आर्थिक मामलों में सभंलकर चलना होगा।

🙏आपका दिन मंगलमय हो 🙏🙏

Spread the love

Related posts

Leave a Comment

WhatsApp chat