Dharma & Karma 

आज आपके राशि का क्या है फलादेश ! अगर आपने चंद्र दर्शन कर लिया तो…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी
सम्पर्क सूत्र +91 9518782511
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|| जय श्री राधे ||
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अथ पंचांगम् 🙏🌷🙏
ll जय श्री राधे ll
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Presents

दिनाँक -:02/09/2019सोमवार
चतुर्थी, शुक्ल पक्ष
भाद्रपद
“”””””””””””””””””‘””””””””””””””””””””‘(समाप्ति काल)

तिथि————-चतुर्थी25:53:44 तक
पक्ष—————————–शुक्ल
नक्षत्र—————हस्त08:32:30
योग—————शुक्ल26:02:56
करण———–वाणिज15:21:06
करण———विष्टि भद्र25:53:44
वार————————–सोमवार
माह————————–भाद्रपद
चन्द्र राशि——–कन्या19:23:50
चन्द्र राशि———————- तुला
सूर्य राशि————————सिंह
रितु——————————-वर्षा
आयन——————-दक्षिणायण
संवत्सर———————-विकारी
संवत्सर (उत्तर)———–परिधावी
विक्रम संवत—————–2076
विक्रम संवत (कर्तक)——-2075
शाका संवत——————1941

मुम्बई
सूर्योदय—————–06:24:27
सूर्यास्त——————18:52:30
दिन काल—————12:38:40
रात्री काल————–11:21:47
चंद्रोदय——————08:09:31
चंद्रास्त——————20:42:30

लग्न—-सिंह14°12′ , 134°12′

सूर्य नक्षत्र———–पूर्वा फाल्गुनी
चन्द्र नक्षत्र———————-हस्त
नक्षत्र पाया———————रजत

🌹🌷🌹 पद, चरण 🌹🌷🌹

ठ—-हस्त 08:32:30

पे—-चित्रा 13:57:10

पो—-चित्रा 19:23:50

रा—-चित्रा 24:52:37

🌹🌷🌹 ग्रह गोचर 🌹🌷🌹

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य=सिंह 15°42 ‘ पू o फा o, 1 मो
चन्द्र =कन्या 21°23 ‘ हस्त ‘ 4 ठ
बुध=सिंह 13°16 ‘ मघा’ 4 मे
शुक्र= सिंह 20 ° 10, पू oफा o’ 2 टा
मंगल=सिंह 14°12 ‘ मघा ‘ 4 मे
गुरु=वृश्चिक 20°48 ‘ ज्येष्ठा , 2 या
शनि=धनु 22°13′ पू oषा o ‘ 3 फा
राहू=मिथुन 20°25 ‘ पुनर्वसु , 1 के
केतु=धनु 20 ° 25′ पूo षाo, 3 फा

🌹🌷🌹शुभा$शुभ मुहूर्त🌹🌷🌹

राहू काल 07:34 – 09:09अशुभ
यम घंटा 10:44 – 12:19अशुभ
गुली काल 13:54 – 15:28अशुभ
अभिजित 11:53 -12:44शुभ
दूर मुहूर्त 12:44 – 13:35अशुभ
दूर मुहूर्त 15:16 – 16:06अशुभ

🌷चोघडिया, दिन
अमृत 05:59 – 07:34शुभ
काल 07:34 – 09:09अशुभ
शुभ 09:09 – 10:44शुभ
रोग 10:44 – 12:19अशुभ
उद्वेग 12:19 – 13:54अशुभ
चर 13:54 – 15:28शुभ
लाभ 15:28 – 17:03शुभ
अमृत 17:03 – 18:38शुभ

🚩चोघडिया, रात
चर 18:38 – 20:03शुभ
रोग 20:03 – 21:29अशुभ
काल 21:29 – 22:54अशुभ
लाभ 22:54 – 24:19शुभ उद्वेग 24:19 – 25:44अशुभ शुभ 25:44 – 27:09शुभ अमृत 27:09 – 28:35शुभ चर 28:35 – 29:59*शुभ

🌷होरा, दिन
चन्द्र 05:59 – 07:03
शनि 07:03 – 08:06
बृहस्पति 08:06 – 09:09
मंगल 09:09 – 10:12
सूर्य 10:12 – 11:16
शुक्र 11:16 – 12:19
बुध 12:19 – 13:22
चन्द्र 13:22 – 14:25
शनि 14:25 – 15:28
बृहस्पति 15:28 – 16:32
मंगल 16:32 – 17:35
सूर्य 17:35 – 18:38

🌷होरा, रात
शुक्र 18:38 – 19:35
बुध 19:35 – 20:32
चन्द्र 20:32 – 21:29
शनि 21:29 – 22:25
बृहस्पति 22:25 – 23:22
मंगल 23:22 – 24:19
सूर्य 24:19* – 25:16
शुक्र 25:16* – 26:13
बुध 26:13* – 27:09
चन्द्र 27:09* – 28:06
शनि 28:06* – 29:03
बृहस्पति 29:03* – 29:59

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

🌼दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🌹 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

   4 + 2 + 1 = 7 ÷ 4 = 3 शेष

पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

🌹 शिव वास एवं फल -:

4 + 4 + 5 = 13 ÷ 7 = 6 शेष

क्रीड़ायां = शोक ,दुःख कारक

🌹भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

दोपहर 15:25 से रात्रि 25:55 तक

पाताल लोक = धनलाभ कारक

🌹🌷🌹विशेष जानकारी 🌹🌷🌹

  • गणेश चतुर्थी व्रत (चंद्र दर्शन निशेष)
  • पत्थर चौथ
    सौ गुना फलदायी “शिवा चतुर्थी”*
    02 सितम्बर, सोमवार को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी है ।
    🙏🏻 भविष्य पुराण के अनुसार ‘भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी का नाम ‘शिवा’ है | इस दिन किये गये स्नान, दान, उपवास, जप आदि सत्कर्म सौ गुना हो जाते हैं |
    👩🏼 इस दिन जो स्री अपने सास-ससुर को गुड़ के तथा नमकीन पुए खिलाती है वह सौभाग्यवती होती है | पति की कामना करनेवाली कन्या को विशेषरूप से यह व्रत करना चाहिए 🙏🏻गणेश-कलंक चतुर्थी* 🌷 🙏🏻 *( ‘ॐ गं गणपतये नम:’ मंत्र का जप करने और गुड़मिश्रित जल से गणेशजी को स्नान कराने एवं दूर्वा व सिंदूर की आहुति देने से विघ्न-निवारण होता है तथा मेधाशक्ति बढ़ती है | )
    *गणेश चतुर्थी पर चंद्र दर्शन कलंक निवारण के उपाय*
    इस वर्ष 02 सितम्बर, सोमवार को (चन्द्रास्त : रात्रि 09.26)
  • 🙏🏻 भारतीय शास्त्रों में गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन निषेध माना गया है इस दिन चंद्र दर्शन करने से व्यक्ति को एक साल में मिथ्या कलंक लगता है। भगवान श्री कृष्ण को भी चंद्र दर्शन का मिथ्या कलंक लगने के प्रमाण हमारे शास्त्रों में विस्तार से वर्णित है।
    🌷 भाद्रशुक्लचतुथ्र्यायो ज्ञानतोऽज्ञानतोऽपिवा।
    अभिशापीभवेच्चन्द्रदर्शनाद्भृशदु:खभाग्॥
    🙏🏻 अर्थातः जो जानबूझ कर अथवा अनजाने में ही भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को चंद्रमा का दर्शन करेगा, वह अभिशप्त होगा। उसे बहुत दुःख उठाना पडेगा।
    🙏🏻 गणेश पुराण के अनुसार भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन चंद्रमा देख लेने पर कलंक अवश्य लगता है। ऐसा गणेश जी का वचन है।
    🙏🏻 भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन न करें यदि भूल से चंद्र दर्शन हो जाये तो उसके निवारण के निमित्त श्रीमद्‌भागवत के १०वें स्कंध, ५६-५७वें अध्याय में उल्लेखित स्यमंतक मणि की चोरी कि कथा का श्रवण करना लाभकारक है। जिससेे चंद्रमा के दर्शन से होने वाले मिथ्या कलंक का ज्यादा खतरा नहीं होगा।
    🌷 चंद्र-दर्शन दोष निवारण हेतु मंत्र 🌷
    🙏🏻 यदि अनिच्छा से चंद्र-दर्शन हो जाये तो व्यक्ति को निम्न मंत्र से पवित्र किया हुआ जल ग्रहण करना चाहिये। मंत्र का २१, ५४ या १०८ बार जप करें । ऐसा करने से वह तत्काल शुद्ध हो निष्कलंक बना रहता है। मंत्र निम्न है।
    🌷 सिंहः प्रसेनमवधीत्‌ , सिंहो जाम्बवता हतः।
    सुकुमारक मा रोदीस्तव, ह्येष स्यमन्तकः ॥
    🙏🏻 अर्थात: सुंदर सलोने कुमार! इस मणि के लिये सिंह ने प्रसेन को मारा है और जाम्बवान ने उस सिंह का संहार किया है, अतः तुम रोओ मत। अब इस स्यमंतक मणि पर तुम्हारा ही अधिकार है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, अध्यायः ७८)
    🙏🏻 *चौथ के चन्द्रदर्शन से कलंक लगता है | इस मंत्र-प्रयोग अथवा स्यमन्तक मणि कथा के वचन या श्रवण से उसका प्रभाव कम हो जाता है 🌹🙏

🌹🌷🌹 शुभ विचार 🌹🌷🌹

ऋणकर्ता पिता शत्रुमाता च व्यभिचारिणी ।
भार्या रूपवती शत्रुः पुत्रः शत्रुरपण्डितः ।।
।।चा o नी o।।

अपने ही घर में व्यक्ति के ये शत्रु हो सकते है…
उसका बाप यदि वह हरदम कर्ज में डूबा रहता है.
उसकी माँ यदि वह दुसरे पुरुष से संग करती है.
सुन्दर पत्नी
वह लड़का जिसने शिक्षा प्राप्त नहीं की.

🌹🌷🌹 सुभाषितानि🌹🌷🌹

गीता -: भक्तियोग अo-12

अथैतदप्यशक्तोऽसि कर्तुं मद्योगमाश्रितः ।,
सर्वकर्मफलत्यागं ततः कुरु यतात्मवान्‌ ॥,

यदि मेरी प्राप्ति रूप योग के आश्रित होकर उपर्युक्त साधन को करने में भी तू असमर्थ है, तो मन-बुद्धि आदि पर विजय प्राप्त करने वाला होकर सब कर्मों के फल का त्याग (गीता अध्याय 9 श्लोक 27 में विस्तार देखना चाहिए) कर॥,11॥,


🌹🌷🌹 दैनिक राशिफल 🌹🌷🌹

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। कोर्ट व कचहरी के काम मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। कुबुद्धि हावी रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। मित्रों से संबंध सुधरेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। विरोधी सक्रिय रहेंगे। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रह सकता है।

🐂वृष
वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। पुराना रोग परेशानी का कारण रह सकता है। दूसरों के कार्य में दखल न दें। बड़ों की सलाह मानें। लाभ होगा। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। मानसिक बेचैनी रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। धैर्य रखें।

👫मिथुन
प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। बेवजह कहासुनी हो सकती है। कानूनी अड़चन दूर होगी। व्यापार में वृद्धि होगी। नौकरी में सहकर्मियों का साथ मिलेगा। निवेश शुभ रहेगा। प्रसन्नता रहेगी। लेन-देन में जल्दबाजी न करें।

🦀कर्क
किसी अपने के व्यवहार से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। शारीरिक कष्ट संभव है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। शत्रु पस्त होंगे। वाणी पर नियंत्रण रखें। स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। आर्थिक उन्नति के प्रयास सफल होंगे। निवेश शुभ रहेगा। व्यापार में वृद्धि होगी।

🐅सिंह
घर के सदस्यों के स्वास्थ्य व अध्ययन संबंधी चिंता रहेगी। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का मौका मिलेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। दुष्टजनों से दूरी बनाए रखें। निवेश शुभ रहेगा। व्यापार में वृद्धि होगी। नौकरी में उच्चाधिकारी सहयोग करेंगे।

🙍कन्या
शत्रु हानि पहुंचा सकते हैं। दु:खद समाचार मिल सकता है। व्यर्थ भागदौड़ रहेगी। लाभ के अवसर हाथ से निकलेंगे। बेवजह कहासुनी हो सकती है। पुराना रोग उभर सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यापार ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। धैर्य रखें।

⚖तुला
शत्रु पस्त होंगे। सुख के साधन जुटेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। पराक्रम बढ़ेगा। लंब समय से रुके कार्य सहज रूप से पूर्ण होंगे। कार्य की प्रशंसा होगी। शेयर मार्केट में सफलता मिलेगी। व्यापार-व्यवसाय में वृद्धि होगी। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। शुभ समय।

🦂वृश्चिक
घर में अतिथियों का आगमन होगा। व्यय होगा। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। अज्ञात भय रहेगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नता का माहौल रहेगा।

🏹धनु
आंखों का ख्याल रखें। अज्ञात भय सताएगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। कानूनी अड़चन आ सकती है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। लॉटरी व सट्टे से दूर रहें। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। नौकरी में प्रमोशन प्राप्त हो सकता है। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी।

🐊मकर
स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। किसी अपरिचित पर अतिविश्वास न करें। विवाद से क्लेश होगा। दूसरों के उकसाने में न आएं। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यवसाय की गति धीमी रहेगी। आय में निश्चितता रहेगी। कोई बड़ी समस्या आ सकती है। धैर्य रखें।

🍯कुंभ
शारीरिक कष्ट संभव है तथा तनाव रहेंगे। सुख के साधन प्राप्त होंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। लंबे समय से रुके कार्यों में गति आएगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी।

🐟मीन
चोट व रोग से परेशानी संभव है। आराम तथा मनोरंजन के साधन उपलब्ध होंगे। यश बढ़ेगा। व्यापार वृद्धि होगी। नई योजना बनेगी जिसका तत्काल लाभ नहीं मिलेगा। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। विरोधी सक्रिय रहेंगे। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। प्रमाद न करें।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🙏🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🙏

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