Dharma & Karma 

भारत वर्ष में रहने वाले व्यक्ति को अगर सौ जन्मों के पापों से मुक्त होना है तो…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी
सम्पर्क सूत्र +919518782511
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|| जय श्री राधे ||
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अथ पंचांगम् 🙏🌷🙏
ll जय श्री राधे ll
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Presents

दिनाँक -: 22/08/2019,गुरुवार
षष्ठी, कृष्ण पक्ष
भाद्रपद
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि—————षष्ठी07:06:06 तक
पक्ष—————————–कृष्ण
नक्षत्र————-भरणी26:35:37
योग—————–वृद्वि17:02:13
करण———–वाणिज07:06:06
करण———विष्टि भद्र19:42:08
वार—————————गुरूवार
माह————————–भाद्रपद
चन्द्र राशि————————मेष
सूर्य राशि———————– सिंह
रितु——————————-वर्षा
आयन——————-दक्षिणायण
संवत्सर———————-विकारी
संवत्सर (उत्तर)———–परिधावी
विक्रम संवत—————–2076
विक्रम संवत (कर्तक)——2075
शाका संवत——————1941

मुम्बई
सूर्योदय—————–06:22:16
सूर्यास्त——————19:00:20
दिन काल—————12:55:28
रात्री काल ————–11:05:00
चंद्रास्त——————11:29:53
चंद्रोदय——————22:58:45

लग्न—- सिंह4°31′ , 124°31′

सूर्य नक्षत्र———————–मघा
चन्द्र नक्षत्र——————–भरणी
नक्षत्र पाया ——————–स्वर्ण

🌹🌷🌹 पद, चरण 🌹🌷🌹

ली—-भरणी 07:17:08

लू—-भरणी 13:45:23

ले—-भरणी 20:11:40

लो—-भरणी 26:35:37

🌹🌷🌹 ग्रह गोचर 🌹🌷🌹

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य=सिंह 04°42 ‘ मघा , 2 मी
चन्द्र =मेष 15°23 ‘ भरणी ‘ 1 ली
बुध=कर्क 21°16 ‘आश्लेषा ‘ 2 डू
शुक्र= कर्क 06 ° 40, मघा ‘ 3 मू
मंगल=सिंह 08°12 ‘ मघा ‘ 3 मू
गुरु=वृश्चिक 20°28 ‘ ज्येष्ठा , 2 या
शनि=धनु 22°43′ पू oषा o ‘ 3 फा
राहू=मिथुन 21°10 ‘ पुनर्वसु , 1 के
केतु=धनु 21 ° 10′ पूo षाo, 3 फा

🌹🌷🌹शुभा$शुभ मुहूर्त🌹🌷🌹

राहू काल 13:59 – 15:36अशुभ
यम घंटा 05:54 – 07:31अशुभ
गुली काल 09:08 – 10:45अशुभ
अभिजित 11:56 -12:48शुभ
दूर मुहूर्त 10:13 – 11:04अशुभ
दूर मुहूर्त 15:23 – 16:15अशुभ

🌷चोघडिया, दिन
शुभ 05:54 – 07:31शुभ
रोग 07:31 – 09:08अशुभ
उद्वेग 09:08 – 10:45अशुभ
चर 10:45 – 12:22शुभ
लाभ 12:22 – 13:59शुभ
अमृत 13:59 – 15:36शुभ
काल 15:36 – 17:13अशुभ
शुभ 17:13 – 18:50शुभ

🌷चोघडिया, रात
अमृत 18:50 – 20:13शुभ
चर 20:13 – 21:36शुभ
रोग 21:36 – 22:59अशुभ
काल 22:59 – 24:22अशुभ लाभ 24:22 – 25:45शुभ उद्वेग 25:45 – 27:08अशुभ शुभ 27:08 – 28:32शुभ अमृत 28:32 – 29:55*शुभ

होरा, दिन
बृहस्पति 05:54 – 06:59
मंगल 06:59 – 08:03
सूर्य 08:03 – 09:08
शुक्र 09:08 – 10:13
बुध 10:13 – 11:17
चन्द्र 11:17 – 12:22
शनि 12:22 – 13:27
बृहस्पति 13:27 – 14:31
मंगल 14:31 – 15:36
सूर्य 15:36 – 16:40
शुक्र 16:40 – 17:45
बुध 17:45 – 18:50

होरा, रात
चन्द्र 18:50 – 19:45
शनि 19:45 – 20:41
बृहस्पति 20:41 – 21:36
मंगल 21:36 – 22:31
सूर्य 22:31 – 23:27
शुक्र 23:27 – 24:22
बुध 24:22* – 25:18
चन्द्र 25:18* – 26:13
शनि 26:13* – 27:08
बृहस्पति 27:08* – 28:04
मंगल 28:04* – 28:59
सूर्य 28:59* – 29:55

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

🌼दिशा शूल ज्ञान————-दक्षिण
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा वेसन के लडडू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🌷 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

   15 + 6 + 5 + 1 = 27 ÷ 4 = 3 शेष

पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

🌷 शिव वास एवं फल -:

21 + 21 + 5 = 47 ÷ 7 = 5 शेष

ज्ञानवेलायां = कष्ट कारक

🌷भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

प्रातः 07:05 से सांय 19:26 तक समाप्त

स्वर्ग लोक = शुभ कारक

🌹🌷🌹 शुभ विचार 🌹🌷🌹

राजपत्नी गुरोः पत्नी मित्र पत्नी तथैव च ।
पत्नी माता स्वमाता च पञ्चैता मातरः स्मृता ।।
।।चा o नी o।।

धर्मं की रक्षा पैसे से होती है.
ज्ञान की रक्षा जमकर आजमाने से होती है.
राजा से रक्षा उसकी बात मानने से होती है.
घर की रक्षा एक दक्ष गृहिणी से होती है.

🌹🌷🌹 सुभाषितानि 🌹🌷🌹

गीता -: विश्वरूपदर्शनयोग अo-11

भक्त्या त्वनन्यया शक्य अहमेवंविधोऽर्जुन ।,
ज्ञातुं द्रष्टुं च तत्वेन प्रवेष्टुं च परन्तप ॥,

परन्तु हे परंतप अर्जुन! अनन्य भक्ति (अनन्यभक्ति का भाव अगले श्लोक में विस्तारपूर्वक कहा है।,) के द्वारा इस प्रकार चतुर्भुज रूपवाला मैं प्रत्यक्ष देखने के लिए, तत्व से जानने के लिए तथा प्रवेश करने के लिए अर्थात एकीभाव से प्राप्त होने के लिए भी शक्य हूँ॥,54॥,

🌹🌷🌹 दैनिक राशिफल 🌹🌷🌹

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। जरा सी लापरवाही से अधिक हानि हो सकती है। पुराना रोग बाधा का कारण बन सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। अपेक्षित कार्यों में विलंब हो सकता है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। पार्टनरों से मतभेद संभव है। व्यवसाय ठीक चलेगा। समय नेष्ट है।

🐂वृष
पारिवारिक चिंता बनी रहेगी। अनहोनी की आशंका रहेगी। शत्रुभय रहेगा। कानूनी अड़चन दूर होगी। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। रुके हुए कार्यों में गति आएगी। घर-बाहर सभी अपेक्षित कार्य पूर्ण होंगे। दूसरों के कार्य की जवाबदारी न लें।

👫मिथुन
प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। जीवनसाथी से अनबन हो सकती है। स्थायी संपत्ति खरीदने-बेचने की योजना बन सकती है। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं। छोटे भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी। संचित कोष में वृद्धि होगी। प्रमाद न करें।

🦀कर्क
लाभ के अवसर हाथ आएंगे। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। व्यापार में अधिक लाभ होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। लेन-देन में सावधानी रखें। शत्रुओं का पराभव होगा। विवाद को बढ़ावा न दें। भय रहेगा। प्रमाद न करें।

🐅सिंह
पारिवारिक समस्याओं में इजाफा होगा। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। भागदौड़ रहेगी। दूर से बुरी खबर मिल सकती है। विवाद को बढ़ावा न दें। बनते कामों में बाधा हो सकती है। दूसरों से अपेक्षा न करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। मातहतों से अनबन हो सकती है। कुसंगति से हानि होगी।

🙍कन्या
पुराने किए गए प्रयासों का लाभ मिलना प्रारंभ होगा। मित्रों की सहायता कर पाएंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। किसी बड़े काम करने की योजना बनेगी। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। भाइयों का सहयोग मिलेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी।

⚖तुला
दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। सुख के साधन जुटेंगे। पराक्रम बढ़ेगा। घर में मेहमानों का आगमन होगा। व्यय होगा। किसी पारिवारिक आयोजन का हिस्सा बन सकते हैं। निवेश शुभ रहेगा। व्यापार ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। शत्रु परास्त होंगे।

🦂वृश्चिक
शारीरिक कष्ट से बाधा संभव है। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। नौकरी में उच्चाधिकारी की प्रसन्नता प्राप्त होगा। आय में वृद्धि होगी। निवेश शुभ रहेगा। पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। लेन-देन में जल्दबाजी न करें।

🏹धनु
यात्रा में सावधानी रखें। जल्दबाजी से हानि होगी। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे। पुराना रोग उभर सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। दूसरों के कार्य में दखल न दें। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। आय में निश्चितता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। लाभ बढ़ेगा।

🐊मकर
कोई बड़ी बाधा आ सकती है। राजभय रहेगा। जल्दबाजी से काम बिगड़ेंगे। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। किसी के व्यवहार से स्वाभिमान को चोट पहुंच सकती है। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। व्यापार में वृद्धि होगी।

🍯कुंभ
नई योजना बनेगी जिसका लाभ तुरंत नहीं मिलेगा। सामाजिक कार्य करने में रुचि रहेगी। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। शारीरिक कष्ट संभव है। चिंता तथा तनाव हावी रहेंगे। सभी तरफ से सफलता प्राप्त होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। व्यापार में वृद्धि होगी। आय बढ़ेगी। घर में प्रसन्नता रहेगी। ऐश्वर्य पर व्यय हो सकता है।

🐟मीन
पूजा-पाठ में मन लगेगा। कोर्ट व कचहरी के काम बनेंगे। अध्यात्म में रुचि बढ़ेगी। व्यापार लाभदायक रहेगा। नौकरी में चैन रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का सहयोग प्राप्त होगा। बेचैनी रहेगी। चोट व रोग से बचें। विवेक से कार्य करें। लाभ में वृद्धि होगी। मान-सम्मान मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी।

🌷 जन्माष्टमी 🌷
🙏🏻 भारतवर्ष में रहनेवाला जो प्राणी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत करता है, वह सौ जन्मों के पापों से मुक्त हो जाता है | – ब्रह्मवैवर्त पुराण
🌷 गर्भवती देवी के लिये–जन्माष्टमी व्रत 🌷
👩🏻 *जो गर्भवती देवी जन्माष्टमी का व्रत करती हैं….. उसका गर्भ ठीक से पेट में रह सकता है और ठीक समय जन्म होता है….. ऐसा भविष्यपुराण में लिखा है |
*हजार एकादशी का फल देनेवाला व्रत* 🌷
🙏 जन्माष्टमी के दिन किया हुआ जप अनंत गुना फल देता है । उसमें भी जन्माष्टमी की पूरी रात, जागरण करके जप-ध्यान का विशेष महत्व है ।
🙏 भविष्य पुराण में लिखा है कि जन्माष्टमी का व्रत अकाल मृत्यु नहीं होने देता है । जो जन्माष्टमी का व्रत करते हैं, उनके घर में गर्भपात नहीं होता ।
🙏 एकादशी का व्रत हजारों – लाखों पाप नष्ट करनेवाला अदभुत ईश्वरीय वरदान है लेकिन एक जन्माष्टमी का व्रत हजार एकादशी व्रत रखने के पुण्य की बराबरी का है ।
🙏 एकादशी के दिन जो संयम होता है उससे ज्यादा संयम जन्माष्टमी को होना चाहिए ।
बाजारु वस्तु तो वैसे भी साधक के लिए विष है लेकिन जन्माष्टमी के दिन तो चटोरापन, चाय, नाश्ता या इधर – उधर का कचरा अपने मुख में न डालें ।
🙏 *इस दिन तो उपवास का आत्मिक अमृत पान करें ।अन्न, जल, तो रोज खाते – पीते रहते हैं, अब परमात्मा का रस ही पियें । अपने अहं को खाकर समाप्त कर दें
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