Dharma & Karma 

ॐ ह्रीं गंगाय ॐ ह्रीं स्वाहा तीर्थों का स्मरण करते हुये स्नान करना चाहिये, फिर…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी
सम्पर्क सूत्र -9518782511
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|| जय श्री राधे ||
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अथ पंचांगम् 🙏🌷🙏
ll जय श्री राधे ll
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दिनाँक -: 15/08/2019गुरुवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
श्रावण
“”””””””””””””””””””””””‘””””””””'”””””””(समाप्ति काल)

तिथि————पूर्णिमा17:58:57 तक
पक्ष—————————–शुक्ल
नक्षत्र————-श्रवण08:01:27
योग————सौभाग्य11:58:26
करण—————भाव17:58:57
वार—————————गुरूवार
माह—————————श्रावण
चन्द्र राशि———मकर21:27:21
चन्द्र राशि———————-कुम्भ
सूर्य राशि———————– कर्क
रितु——————————-वर्षा
आयन——————-दक्षिणायण
संवत्सर———————-विकारी
संवत्सर (उत्तर)———–परिधावी
विक्रम संवत—————–2076
विक्रम संवत (कर्तक)——-2075
शाका संवत——————1941

वृन्दावन
सूर्योदय—————–05:50:45
सूर्यास्त——————18:56:21
दिन काल—————13:05:36
रात्री काल————–10:54:53
चंद्रास्त——————06:09:57
चंद्रोदय——————19:05:56

लग्न—-कर्क27°48′ , 117°48′

सूर्य नक्षत्र——————आश्लेषा
चन्द्र नक्षत्र———————श्रवण
नक्षत्र पाया———————-ताम्र

🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩

खो—-श्रवण 08:01:27

गा—-धनिष्ठा 14:44:07

गी—-धनिष्ठा 21:27:21

गु—-धनिष्ठा 28:11:06

💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य=कर्क 26°52 ‘ आश्लेषा , 4 डो
चन्द्र =मकर 10°23 ‘ श्रवण ‘ 1 खी
बुध=कर्क 08°10 ‘ पुष्य ‘ 2 हे
शुक्र= कर्क 26 ° 20, आश्लेषा ‘ 4 डो
मंगल=कर्क 02°42 ‘ मघा ‘ 1 मा
गुरु=वृश्चिक 20°26 ‘ ज्येष्ठा , 2 या
शनि=धनु 22°43′ पू oषा o ‘ 3 फा
राहू=मिथुन 21°40 ‘ पुनर्वसु , 1 के
केतु=धनु 21 ° 40′ पूo षाo, 3 फा

🚩💮🚩शुभा$शुभ मुहूर्त🚩💮🚩

राहू काल 14:02 – 15:40अशुभ
यम घंटा 05:51 – 07:29अशुभ
गुली काल 09:07 – 10:45अशुभ
अभिजित 11:57 -12:50शुभ
दूर मुहूर्त 10:13 – 11:05अशुभ
दूर मुहूर्त 15:27 – 16:19अशुभ

🚩पंचक21:27 – अहोरात्रअशुभ

💮चोघडिया, दिन
लाभ 05:50 – 07:29शुभ
अमृत 07:29 – 09:07शुभ
काल 09:07 – 10:45अशुभ
शुभ 10:45 – 12:24शुभ
रोग 12:24 – 14:02अशुभ
उद्वेग 14:02 – 15:41अशुभ
चर 15:41 – 17:19शुभ
लाभ 17:19 – 18:57शुभ

🚩चोघडिया, रात
उद्वेग 18:57 – 20:19अशुभ
शुभ 20:19 – 21:41शुभ
अमृत 21:41 – 23:02शुभ
चर 23:02 – 24:24शुभ रोग 24:24 – 25:46अशुभ काल 25:46 – 27:07अशुभ लाभ 27:07 – 28:29शुभ उद्वेग 28:29 – 29:51*अशुभ

💮होरा, दिन
बृहस्पति 05:51 – 06:56
मंगल 06:56 – 08:02
सूर्य 08:02 – 09:07
शुक्र 09:07 – 10:13
बुध 10:13 – 11:18
चन्द्र 11:18 – 12:24
शनि 12:24 – 13:29
बृहस्पति 13:29 – 14:34
मंगल 14:34 – 15:40
सूर्य 15:40 – 16:45
शुक्र 16:45 – 17:51
बुध 17:51 – 18:56

🚩होरा, रात
चन्द्र 18:56 – 19:51
शनि 19:51 – 20:46
बृहस्पति 20:46 – 21:40
मंगल 21:40 – 22:35
सूर्य 22:35 – 23:29
शुक्र 23:29 – 24:24
बुध 24:24* – 25:18
चन्द्र25:18* – 26:13
शनि 26:13* – 27:08
बृहस्पति 27:08* – 28:02
मंगल 28:02* – 28:57
सूर्य 28:57* – 29:51

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

💮दिशा शूल ज्ञान————-दक्षिण
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा केशर युक्त दही खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

   15 + 5 + 1 = 21 ÷ 4 = 1 शेष

पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

💮 शिव वास एवं फल -:

15 + 15 + 5 = 35 ÷ 7 = 0 शेष

शमशान वास = मृत्यु कारक

🚩भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮

  • श्रावण झूला समाप्त
  • श्रावणी उपाकर्म (ऋषि पूजन)
  • रक्षा बंधन पर्व
  • गज ग्राह लीला रंगजी मन्दिर वृन्दावन
  • सहस्रवत्ती प्रदीपन नामोच्चारण आरती दाऊजी

💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮

वृथा वृष्टिस्समुद्रेषु वृथा तृप्तेषु भोजनम् ।
वृथा दानं धनाढ्येषु वृथा दीपोऽदीवाऽपि च ।।
।।चा o नी o।।

निर्धन को धन की कामना. पशु को वाणी की कामना. लोगो को स्वर्ग की कामना. देव लोगो को मुक्ति की कामना.

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: विश्वरूपदर्शनयोग अo-11

किरीटिनं गदिनं चक्रहस्तमिच्छामि त्वां द्रष्टुमहं तथैव।,
तेनैव रूपेण चतुर्भुजेनसहस्रबाहो भव विश्वमूर्ते॥,

मैं वैसे ही आपको मुकुट धारण किए हुए तथा गदा और चक्र हाथ में लिए हुए देखना चाहता हूँ।, इसलिए हे विश्वस्वरूप! हे सहस्रबाहो! आप उसी चतुर्भुज रूप से प्रकट होइए॥,46॥,

💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत
व्रत पर्व विवरण – श्रावणी पूर्णिमा, रक्षाबंधन, हयग्रीव जयंती, संस्कृत दिवस अमरनाथ यात्रा समाप्त, स्वतंत्रता दिवस
💥 विशेष – पूर्णिमा के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
💥 इस बार 15 अगस्त 2019 गुरुवार को भद्रा सुर्योदय से पहले ही समाप्त हो रही है, इसलिए सुबह सुर्योदय से शाम 5.59 तक पूर्णिमा होने से, राखी कभी भी बाँधी जा सकती है । परन्तु उत्तम मुर्हुत राखी बाँधने के लिए दोपहर 01.48 से शाम 04.22 तक का है ।
🌷 विद्यार्थी विशेष 🌷*
पर समझो कोई बच्चा कमजोर है ज्यादा… पढ़ नहीं सकता तो उसको सिखा दें ॐ हयग्रीवाय नम : ॐ हयग्रीवाय नम : ॐ हयग्रीवाय नम : ॐ हयग्रीवाय नम :अपने आराध्य को स्मरण करके जप करें |
🙏🏻 भगवान विष्णु के चौबीस अवतार थे उसमे हयग्रीव अवतार हैं | ये अग्निपुराण में अग्निदेव वशिष्ठ से कहते हैं |
💥 विशेष – 15 अगस्त 2019 गुरुवार को हयग्रीव जयंती हैं ।


🙏🏻 रक्षाबंधन के पर्व पर दस प्रकार का स्नान
🙏🏻 श्रावण महिने में रक्षाबंधन की पूर्णिमा 15 अगस्त 2019 गुरुवार वाले दिन वेदों में दस प्रकार का स्नान बताया गया है |
1⃣ भस्म स्नान – उसके लिए यज्ञ की भस्म थोडीसी लेकर वो ललाट पर थोड़ी शरीर पर लगाकर स्नान किया जाता है | यज्ञ की भस्म अपने यहाँ तो है आश्रम में, पर समझो आप अपने घर पर किसी को बताना चाहें की यज्ञ की भस्म थोड़ी लगाकर श्रावणी पूर्णिमा को दसविद स्नान में पहले ये बताया है | तो वहाँ यज्ञ की भस्म कहाँ से आयेगी तो गौचंदन धूपबत्ती घरों में जलाते हैं साधक | शाम को गौचंदन धूपबत्ती जलाकर जप करें अपने इष्टमंत्र, गुरुमंत्र का तो वो जलते जलते उसकी भस्म तो बचेगी ना | तो जप भी एक यज्ञ है | तो गौचंदन की भस्म होगी यज्ञ की भस्म पवित्र मानी जाती है | वैसे गौचंदन है वो, देशी गाय के गोबर, जड़ीबूटी और देशी घी से बनती है | तो पहला भस्म स्नान बताया है |
2⃣ मृत्तिका स्नान

3⃣ गोमय स्नान – गोमय स्नान माना गौ गोबर उसमे थोडा गोझरण ये मिक्स हो उसका स्नान (उसका मतलब थोडा ले लिया और शरीर को लगा दिया ) क्यों वेद ने कहा इसलिए गौमाता के गोबर में (देशी गाय के) लक्ष्मी का वास माना गया है | गोमय वसते लक्ष्मी पवित्रा सर्व मंगला | स्नानार्थम सम संस्कृता देवी पापं हर्गो मय || तो हमारे भीतर भक्तिरूपी लक्ष्मी बढ़ती जाय, बढ़ती जाय जैसे गौ के गोबर में लक्ष्मी का वास वो हमने थोडा लगाकर स्नान किया, हमारे भीतर भक्तिरूपी संपदा बढती जाय | गीता में जो दैवी लक्षणों के २६ लक्षण बतायें हैं वो मेरे भीतर बढ़ते जायें | ये तीसरा गोमय स्नान |
4⃣ पंचगव्य स्नान – गौ का गोबर, गोमूत्र, गाय के दूध के दही, गाय का दूध और घी ये पंचगव्य | कई बार आपको पता है पंचगव्य पीते हैं | तो पंचगव्य स्नान थोड़ा सा ही बन जाये तो बहुत बढियाँ नहीं बने तो गौ का गोबरवाला तो है | माने पाँच तत्व से हमारा शरीर बना हुआ है वो स्वस्थ रहें, पुष्ट रहें, बलवान रहें ताकी सेवा और साधना करते रहे, भक्ति करते रहें |
5⃣ गोरज स्नान – गायों के पैरों की मिट्टी थोड़ी ले ली, और वो लगा ली | गवां ख़ुरेंम ये वेद में आता है इसका नाम है दशविद स्नान | रक्षाबंधन के दिन किया जाता है | गवां ख़ुरेंम निर्धुतं यद रेनू गग्नेगतं | सिरसा तेल सम्येते महापातक नाशनं || अपने सिर पर वो गाय की खुर की मिट्टी लगा दी तो महापातक नाशनं | ये वेद भगवान कहते हैं |


6⃣ धान्यस्नान – जो हमारे गुरुदेव सप्तधान्य स्नान की बात बताते हैं | वो सब आश्रमों में मिलता है | गेंहूँ, चावल, जौ, चना, तिल, उड़द और मुंग ये सात चीजे | ये धान्यस्नान बताया | धान्योषौधि मनुष्याणां जीवनं परमं स्मरतं तेन स्नानेन देवेश मम पापं व्यपोहतु | सप्तधान स्नान ये भी पूनम के दिन लगाने का विधान है |
7⃣ फल स्नान – वेद भगवान कहते हैं फल स्नान मतलब कोई भी फल का थोडा रस लगा दिया | और कोई नहीं तो आँवला बढियाँ फल है | आँवला हरा तो मिलेगा नहीं तो थोडा आँवले का पाऊडर ले लिया और लगा दिया गया हो फल स्नान | मतलब हमारे जीवन में अनंत फल की प्राप्ति हो और सांसारिक फल की आसक्ति छूट जाय | इसलिए आज पूर्णिमा को हे भगवान फल के रस से थोडा स्नान कर रहें हैं | किसी को और फल मिल जाये और थोडा लगा दिये जाय तो कोई घाटा नहीं हैं |
8⃣ सर्वोषौधि स्नान – सर्वोषौधि माना आयुर्वेदिक औषधि खाना नहीं | इस स्नान में कई जड़ीबूटी आती हैं | उसमे दूर्वा, सरसों, हल्दी, बेलपत्र ये सब डालते हैं उसमें वो थोडासा पाऊडर लेके शरीर पर रगड के स्नान किया जाता है | मेरी सब इन्द्रियाँ आँख, कान, नाक, जीभ,त्वचा ये सब पवित्र हो | इसमें सर्वोषौधि स्नान, और मेरा मन पवित्र रहें| मेरे मन में किसी के प्रति बुरे विचार न आये |


9⃣ कुशोधक स्नान – कुश होता है वो थोडा पानी में मिला दिया और थोडा पानी हिला दिया | क्योंकि जो अपने घर में कुश रखते हैं ना तो उनके पास कोई मलिन आत्माएँ नहीं आ सकती | भूत, प्रेत आदि का जोर नहीं चलता | कुश क्या है ? जब भगवान का धरती पर वराह अवतार हुआ था | तो उनके शरीर से वो उखणकर जमीन पर गिरने लगे वही आज कुश के रूप में पाये जाते हैं, वो परम पवित्र है | वो कुश जहाँ पर हो वहाँ पर मलिन आत्मा नहीं आती हो तो भाग जाती हैं | तो कुश पानी में थोडा हिला दिया और प्रार्थना कर दी की, मेरे मन में जो मलिन विचार हैं, गंदे विचार हैं या कभी कभी आ जाते हैं वो सब भाग जाये | हरि ॐ … हरि ॐ … ॐ ,… करके उसे पानी में नहा दिया |
1⃣0⃣ हिरण्य स्नान – हिरण्य स्नान माने अगर अपने पास कोई सोने की चीज है | कोई सोने का गहना वो बाल्टी में डाल दिया, हिला दिया और स्नान कर लिया | हिलाने के बाद वो निकाल लेना बाल्टी में पड़ा नहीं रहे |


🙏🏻 तो ये दशविद स्नान वेद में बताया | श्रावण मास के पूर्णिमा का दिन किया जाता है | आप इसमें से आप जितने कर सकते हो उतने कर लेना | १ – २ न कर पाये तो जय सियाराम … कह दें प्रभु ! हमसे जितना हो सकता था वो किया |
और जब शरीर पर पानी डाल रहे हैं तो ये श्लोक बोलना –
🌷 नमामि गंगे तव पाद पंकजं सुरासुरैः वंदित दिव्यरूपं |
भुक्तिचं मुक्तिचं ददासनित्यं भावानुसारें न सारे न सदा स्मरानाम ||
गंगेच यमुनेच गोदावरी सरस्वती नर्मदे सिंधु कावेरी | जलस्म्ये सन्निधिं कुरु ||
ॐ ह्रीं गंगाय ॐ ह्रीं स्वाहा ||
🙏🏻 तीर्थों का स्मरण करते हुये स्नान करें | तो ये बड़ा पुण्यदायी स्नान श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन) के दिन प्रभात को किया जाना चाहिये ऐसा वेद का आदेश है |

मेष: राशि वालों के लिए धन प्राप्ति का योग बना हुआ है। निवेश से लाभ मिलेगा। निकट संबंधियों से मेल मुलाकात हो सकती है। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन के योग हैं। कारोबार से संबंधित यात्रा मंगलमय रहेगी। आर्थिक योजनाएं सफल होंगी। शुभ समाचार मिलेगा। भाग्य 95% साथ देगा।

वृषभ:

आज भाग्य आपका साथ देगा। बीते दिनों में जिन लाभों से आप वंचित रह गए हैं, उन्हें पाने का प्रयास सफल होगा। मंदिर या किसी धर्मिक स्थल की यात्रा कर सकते हैं। भाई-बहनों से लाभ होगा। शारीरिक और मानसिक रूप से आप आनंद का अनुभव करेंगे। भाग्य 80% साथ देगा।

मिथुन:
आज शत्रुओं द्वारा रचे जा रहे षड्यंत्र से सावधान रहने की आवश्यकता है। आज का दिन संयम पूर्वक बिताना होगा। हो सके तो आज कोई नई डील ना करें। महत्वपूर्ण निर्णयों को आज टाल देना बेहतर होगा। पारिवारिक जीवन में ताल-मेल की कमी हो सकती है। आज अपनी चीजों को संभालकर रखें, गुम होने की आशंका है। भाग्य 48%साथ देगा।

कर्क:

आज का दिन मंगलमय बीतेगा। जीवनसाथी और निकट संबंधियों से सहयोग मिलेगा। नकारात्मक विचारों से बचें। क्रोध और वाणी पर नियंत्रण रखें, अन्यथा हानि हो सकती है। विदेश में स्थित संबंधियों के समाचार से मन प्रफुल्लित होगा। भाग्य 79% साथ देगा।

सिंह:
आज का दिन उत्साहवर्धक है, हर क्षेत्र में भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। अगर कहीं पैसा फंसा है तो आज मिल सकता है। कहीं से शुभ सूचना मिल सकती है। मित्रों या संबंधियों से उपहार मिलने का भी योग है। कार्यक्षेत्र में अनुकूलता से प्रगति होगी। भाग्य 75% साथ देगा।

कन्या:
किसी प्रिय व्यक्ति से मुलाकात होगी। रुचिकर भोजन मिल सकता है। दोस्तों से संग कहीं बाहर खान-पान का भी संयोग बना सकता है। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों से पूरा सहयोग मिलेगा। रात तक घर में किसी मेहमान का आगमन हो सकता है। दिन आनंद-उत्साह में बीतेगा। भाग्य 83% साथ देगा।

�तुला:

सावधान रहकर कार्य करने का दिन है। अपनी कार्य योजना को गुप्त रखें नहीं तो नुकसान हो सकता है। व्यर्थ के तर्क-वितर्क से दूर रहें। यात्रा हो सके तो आज टालें, वाहन धीमी गति से चलाएं। माता के साथ मनमुटाव न हो, ध्यान रखें। भाग्य 65% तक साथ देगा।

वृश्चिक:
किस्मत के भरोसे ना बैठें। मेहनत से सफलता प्राप्ति के योग बन रहे हैं। जिन क्षेत्रों में प्रयास करेंगे उनमें पूरा लाभ मिलेगा। खरीदारी में धन खर्च होगा। प्रिय व्यक्ति का साथ मिलेगा। शेयर और लंबी अवधि के निवेश कर सकते हैं। भाग्य 72% साथ देगा।

धनु:
सितारे आज अनुकूल नहीं हैं इसलिए संयम और समझदारी से काम लें। आर्थिक मामलों में किसी प्रकार का जोखिम लेने से बचें। शेयर और दूसरे निवेश के मामलों से आज दूर रहना ही फायदेमंद रहेगा। खान-पान का ध्यान रखें, किसी बात से तनाव रहेगा। भाग्य 55% साथ देगा।

मकर:

लंबे समय से रुके हुए कार्य आज पूर्ण होंगे। नौकरी के लिए प्रयास करने वालों को आज सफलता मिल सकती है। शिक्षा के क्षेत्र में प्रदर्शन बेहतर होगा। नया कारोबार शुरू करने के लिए आज शुभ दिन है। उच्च पदाधिकारी आपके कार्य से प्रसन्न होंगे। भाग्य 76% साथ देगा।

कुंभ:
अनावश्यक खर्च मानसिक तनाव दे सकता है। आपसे ईर्ष्या करने वाले आज आपको प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। सुनी-सुनाई बातों पर विश्वास न करें। नए वस्त्र और आभूषणों के पीछे धन व्यय होगा। भाग्य 60% साथ देगा।

मीन:
आज बेहद शुभ दिन है। आपके सभी कार्य तीव्र गति पकड़ेंगे। मनचाही मुराद पूरी होगी। दांपत्य जीवन में निकटता और मधुरता आएगी। विरोधियों का पक्ष कमजोर होगा। समाज में ख्याति मिलेगी। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा। भाग्य 82% साथ देगा। –

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं
आप बेहद भाग्यशाली हैं कि आपका जन्म 5 तारीख को हुआ है। 5 का मूलांक भी 5 ही होता है। ऐसे व्यक्ति अधिकांशत: मितभाषी होते हैं। कवि, कलाकार तथा अनेक विद्याओं के जानकार होते हैं। आपमें गजब की आकर्षण शक्ति होती है। आपमें लोगों को सहज अपना बना लेने का विशेष गुण होता है। अनजान व्यक्ति की मदद के लिए भी आप सदैव तैयार रहते हैं। आपमें किसी भी प्रकार का परिवर्तन करना मुश्किल है। अर्थात अगर आप अच्छे स्वभाव के व्यक्ति हैं तो आपको कोई भी बुरी संगत बिगाड़ नहीं सकती। अगर आप खराब आचरण के हैं तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको सुधार नहीं सकती। लेकिन सामान्यत: 5 तारीख को पैदा हुए व्यक्ति सौम्य स्वभाव के ही होते हैं। 
 
शुभ दिनांक : 1, 5, 7, 14, 23 
 
शुभ अंक : 1, 2, 3,  5,  9, 32, 41, 50

शुभ वर्ष : 2030, 2032, 2034, 2050, 2059, 2052

ईष्टदेव : देवी महालक्ष्मी, गणेशजी, मां अम्बे।

शुभ रंग : हरा, गुलाबी, जामुनी, क्रीम

कैसा रहेगा यह वर्ष
यह वर्ष आपके लिए सफलताओं भरा रहेगा। अभी तक आ रही परेशानियां भी इस वर्ष दूर होती नजर आएंगी। परिवारिक प्रसन्नता रहेगी। संतान पक्ष से खुशखबर आ सकती है। नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए यह वर्ष निश्चय ही सफलताओं भरा रहेगा। दाम्पत्य जीवन में मधुर वातावरण रहेगा। अविवाहित भी विवाह में बंधने को तैयार रहें। व्यापार-व्यवसाय में प्रगति से प्रसन्नता रहेगी।
मंगलमस्तु 🌹🌹🌹

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