Dharma & Karma 

आज आपकी राशिफ़ल की क्या है भविष्यवाणी

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी
सम्पर्क सूत्र +91 9518782511
|| जय श्री राधे ||
🙏🌷🙏
अथ पंचांगम् 🙏🌷🙏
ll जय श्री राधे ll
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Presents

दिनाँक -: 21/08/2019,बुधवार
षष्ठी, कृष्ण पक्ष
भाद्रपद
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि——————षष्ठी अहोरात्र तक
पक्ष—————————–कृष्ण
नक्षत्र———–अश्विनी24:46:49
योग—————-गण्ड16:55:32
करण————–गरज18:21:49
वार—————————बुधवार
माह————————–भाद्रपद
चन्द्र राशि————————मेष
सूर्य राशि———————– सिंह
रितु——————————-वर्षा
आयन——————-दक्षिणायण
संवत्सर———————-विकारी
संवत्सर (उत्तर)———–परिधावी
विक्रम संवत—————–2076
विक्रम संवत (कर्तक)——-2075
शाका संवत——————1941

मुम्बई
सूर्योदय—————–06:22:02
सूर्यास्त——————19:01:04
दिन काल—————12:56:57
रात्री काल————–11:03:31
चंद्रास्त——————10:51:12
चंद्रोदय——————22:49:51

लग्न—-सिंह 3°34′ , 123°34′

सूर्य नक्षत्र———————-मघा
चन्द्र नक्षत्र——————-अश्विनी
नक्षत्र पाया——————–स्वर्ण

*🌹🌷🌹 पद, चरण 🌹🌷🌹

चे—-अश्विनी 11:40:39

चो—-अश्विनी 18:14:36

ला—-अश्विनी 24:46:49

*🌹🌷🌹 ग्रह गोचर 🌹🌷🌹

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य=सिंह 03°42 ‘ मघा , 1 मा
चन्द्र =मेष 21°23 ‘ अश्विनी ‘ 2 चे
बुध=कर्क 19°16 ‘आश्लेषा ‘ 1 डी
शुक्र= कर्क 05 ° 30, मघा ‘ 2 मी
मंगल=सिंह 07°02 ‘ मघा ‘ 3 मू
गुरु=वृश्चिक 20°28 ‘ ज्येष्ठा , 2 या
शनि=धनु 22°43′ पू oषा o ‘ 3 फा
राहू=मिथुन 21°10 ‘ पुनर्वसु , 1 के
केतु=धनु 21 ° 10′ पूo षाo, 3 फा

🌹🌷🌹शुभा$शुभ मुहूर्त 🌹🌷🌹

राहू काल 12:22 – 13:59अशुभ
यम घंटा 07:31 – 09:08अशुभ
गुली काल 10:45 – 12:22अशुभ
अभिजित 11:56 -12:48अशुभ
दूर मुहूर्त 11:56 – 12:48अशुभ

🌷गंड मूल05:54 – 24:47*अशुभ

🌷चोघडिया, दिन
लाभ 05:54 – 07:31शुभ
अमृत 07:31 – 09:08शुभ
काल 09:08 – 10:45अशुभ
शुभ 10:45 – 12:22शुभ
रोग 12:22 – 13:59अशुभ
उद्वेग 13:59 – 15:36अशुभ
चर 15:36 – 17:14शुभ
लाभ 17:14 – 18:51शुभ

🌷चोघडिया, रात
उद्वेग 18:51 – 20:14अशुभ
शुभ 20:14 – 21:37शुभ
अमृत 21:37 – 22:59शुभ
चर 22:59 – 24:22शुभ रोग 24:22 – 25:45अशुभ काल 25:45 – 27:08अशुभ लाभ 27:08 – 28:31शुभ उद्वेग 28:31 – 29:54*अशुभ

🌷होरा, दिन
बुध 05:54 – 06:58
चन्द्र 06:58 – 08:03
शनि 08:03 – 09:08
बृहस्पति 09:08 – 10:13
मंगल 10:13 – 11:17
सूर्य 11:17 – 12:22
शुक्र 12:22 – 13:27
बुध 13:27 – 14:32
चन्द्र 14:32 – 15:36
शनि 15:36 – 16:41
बृहस्पति 16:41 – 17:46
मंगल 17:46 – 18:51

🌷होरा, रात
सूर्य 18:51 – 19:46
शुक्र 19:46 – 20:41
बुध 20:41 – 21:37
चन्द्र 21:37 – 22:32
शनि 22:32 – 23:27
बृहस्पति 23:27 – 24:22
मंगल 24:22* – 25:18
सूर्य 25:18* – 26:13
शुक्र 26:13* – 27:08
बुध 27:08* – 28:04
चन्द्र 28:04* – 28:59
शनि 28:59* – 29:54

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

🌷दिशा शूल ज्ञान————-उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🌹 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

   15 + 6 + 4 + 1 = 26 ÷ 4 = 2 शेष

आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

🌹 शिव वास एवं फल -:

21 + 21 + 5 = 47 ÷ 7 = 5 शेष

ज्ञानवेलायां = कष्ट कारक

🌹भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

🌹🌷🌹 विशेष जानकारी 🌹🌷🌹

  • हलषष्ठी

🌹🌷🌹 शुभ विचार 🌹🌷🌹

जनिता चोपनेता च यस्तु विद्यां प्रयच्छति ।
अन्नदाता भयत्राता पञ्चैते पितरः स्मृताः ।।
।।चा o नी o।।

अर्जित विद्या अभ्यास से सुरक्षित रहती है.
घर की इज्जत अच्छे व्यवहार से सुरक्षित रहती है.
अच्छे गुणों से इज्जतदार आदमी को मान मिलता है.
किसीभी व्यक्ति का गुस्सा उसकी आँखों में दिखता है.

🌹🌷🌹 सुभाषितानि 🌹🌷🌹

गीता -: विश्वरूपदर्शनयोग अo-11

नाहं वेदैर्न तपसा न दानेन न चेज्यया।,
शक्य एवं विधो द्रष्टुं दृष्ट्वानसि मां यथा ॥,

जिस प्रकार तुमने मुझको देखा है- इस प्रकार चतुर्भुज रूप वाला मैं न वेदों से, न तप से, न दान से और न यज्ञ से ही देखा जा सकता हूँ॥,53॥,

🌹🌷🌹 दैनिक राशिफल 🌹🌷🌹

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
पुराना रोग उभर सकता है। योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। विरोधी सक्रिय रहेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। मित्रों की सहायता कर पाएंगे। आय में वृद्धि होगी। शेयर मार्केट से लाभ होगा। नौकरी में प्रभाव वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। घर-परिवार में सुख-शांति रहेगी। जल्दबाजी न करें।

🐂वृष
व्यवसाय में ध्यान देना पड़ेगा। व्यर्थ समय न गंवाएं। पूजा-पाठ में मन लगेगा। कानूनी अड़चन दूर होगी। जल्दबाजी से हानि संभव है। थकान रहेगी। कुसंगति से बचें। निवेश शुभ रहेगा। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। दूसरों के काम में हस्तक्षेप न करें। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

👫मिथुन
घर-परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। चोट व दुर्घटना से बड़ी हानि हो सकती है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। फालतू खर्च होगा। विवाद को बढ़ावा न दें। अपेक्षाकृत कार्यों में विलंब होगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। आय में निश्चितता रहेगी। शत्रुभय रहेगा।

🦀कर्क
कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति निर्मित होगी। प्रेम-प्रसंग में जोखिम न लें। व्यापार में लाभ होगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। निवेश में सोच-समझकर हाथ डालें। शत्रु पस्त होंगे। विवाद में न पड़ें। अपेक्षाकृत कार्य समय पर होंगे। प्रसन्नता रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। व्यस्तता रहेगी। प्रमाद न करें।

🐅सिंह
बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। स्थायी संपत्ति से बड़ा लाभ हो सकता है। समय पर कर्ज चुका पाएंगे। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न तथा संतुष्ट रहेंगे। निवेश शुभ फल देगा। घर-परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी, ध्यान रखें।

🙍कन्या
पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। समय की अनुकूलता का लाभ मिलेगा। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। अपने काम पर ध्यान दें। लाभ होगा।

⚖तुला
दूर से बुरी खबर मिल सकती है। दौड़धूप अधिक होगी। बेवजह तनाव रहेगा। किसी व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है। फालतू बातों पर ध्यान न दें। मेहनत अधिक व लाभ कम होगा। किसी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। शत्रुओं की पराजय होगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। आय में निश्चितता रहेगी।

🦂वृश्चिक
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। चिंता बनी रहेगी। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। मेहनत का फल मिलेगा। कार्यसिद्धि होगी। निवेश लाभदायक रहेगा। व्यापार-व्यवसाय में मनोनुकूल लाभ होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। निवेश शुभ रहेगा। व्यस्तता रहेगी।

🏹धनु
उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। विरोधी सक्रिय रहेंगे। जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें। बड़ा काम करने का मन बनेगा। झंझटों से दूर रहें। कानूनी अड़चन का सामना करना पड़ सकता है। फालतू खर्च होगा। व्यापार मनोनुकूल लाभ देगा। जोखिम बिलकुल न लें।

🐊मकर
नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति संभव है। यात्रा लाभदायक रहेगी। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। कारोबारी बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। निवेश में सोच-समझकर हाथ डालें। आशंका-कुशंका रहेगी। पुराना रोग उभर सकता है। लापरवाही न करें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

🍯कुंभ
फालतू खर्च पर नियंत्रण रखें। बजट बिगड़ेगा। कर्ज लेना पड़ सकता है। शारीरिक कष्ट से बाधा उत्पन्न होगी। लेन-देन में सावधानी रखें। अपरिचित व्यक्तियों पर अंधविश्वास न करें। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। आय होगी। संतुष्टि नहीं होगी।

🐟मीन
यात्रा लाभदायक रहेगी। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है, प्रयास करें। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। शेयर मार्केट से बड़ा लाभ हो सकता है। संचित कोष में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। कारोबारी सौदे बड़े हो सकते हैं। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य प्रभावित होगा, सावधानी रखें।


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🌼 *व्रत पर्व विवरण –
🌹 *विशेष – षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

🌷 घर में अन्न भंडार भरपूर रहे उस लिए 🌷
👉🏻 *जिस दिन कोई भाई और बहने घर में अनाज खरीदकर लाने हो तो लाते लाते ॐ अनंताय नम : ….. ॐ अनंताय नम : ….. स्मरण करके ॐ अनंताय नम: मन में जप करें | घर में कभी अन्न की कमी नहीं रहेगी | भंडार भरपूर रहे गुरु का , ईश्वर ध्यान करें 🌷

🌷 लक्ष्मी के नाराज होने के कारण 🌷
१] कमल-पुष्प, बिल्वपत्र को लाँघने अथवा पैरों से कुचलने पर लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती हैं |
२] जो निर्वस्त्र होकर स्नान करता है, नदियों, तालाबों के जल में मल-मूत्र त्यागता है उसको लक्ष्मी अपने शत्रु कर्ज के हवाले कर देती हैं |
३] जो भूमि या भवन की दीवारों पर अनावश्यक लिखता है, कुत्सित अन्न खाता है उस पर भी लक्ष्मी कृपा नहीं करती हैं |
४] जो पैर से पैर रगडकर धोता है, अतिथियों का सम्मान नहीं करता, याचकों को दुत्कारता है, पशु-पक्षियों को चारा, दाना आदि नहीं डालता है, गाय पर प्रहार करता है ऐसे व्यक्ति को लक्ष्मी तुरंत छोड़ देती हैं |
५] जो संध्या के समय घर-प्रतिष्ठान में झाड़ू लगाता है, जो प्रात: एवं संध्याकाल में ईश्वर की आराधना नहीं करता, तुलसी के पौधे की उपेक्षा, अनादर करता है उसको लक्ष्मी उसके दुर्भाग्य के हाथों में सौंप देती हैं |🙏

🌷 माल बिकता नहीं हो तो 🌷
दुकान है माल पड़ा रहता है | बिकता भी नहीं , पड़ा रहता है तो जो माल पड़ा रहता है , उसे दुकान में उत्तर और पश्चिम दिशा के बीच वायव्य कोण पड़ता है उधर रख दो | तो वायव्य दिशा यानी वायु भगवान् की दिशा है , तो माल वायु वेग से बिकेगा |

🙏🏻🌷🌻☘🌸🌹🌼🌺💐🙏🏻

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