Dharma & Karma 

किस राशि का कैसा रहेगा दिन और आचार्य जी के अनुसार वैदिक रक्षा-सूत्र की अहमियत

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी

🌹🌸🌹🙏
सम्पर्क सूत्र +91 9518782511
🌹🌸🌹🌸🌹🌸🌹🌸🌹🌸
|| जय श्री राधे ||*
🙏🌹🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌹🙏
ll जय श्री राधे ll**
🌹🌸🌹🌸🌹🌸🌹🌸🌹🌸

दिनाँक -:08/08/2019,गुरुवार
अष्टमी, शुक्ल पक्ष
श्रावण
“””””””””””””””””””””””””””(समाप्ती काल)

तिथि————-अष्टमी10:30:27 तक
पक्ष—————————–शुक्ल
नक्षत्र———-विशाखा21:27:00
योग—————शुक्ल12:58:06
करण—————भाव10:30:28
करण————-बालव22:10:19
वार—————————गुरूवार
माह—————————श्रावण
चन्द्र राशि———–तुला5:25:25
चन्द्र राशि——————–वृश्चिक
सूर्य राशि————————कर्क
रितु——————————-वर्षा
आयन——————-दक्षिणायण
संवत्सर———————-विकारी
संवत्सर (उत्तर)———–परिधावी
विक्रम संवत—————-2076
विक्रम संवत (कर्तक)——2075
शाका संवत—————–1941

मुम्बई
सूर्योदय—————–06:15:08
सूर्यास्त——————19:12:17
दिन काल—————13:15:08
रात्री काल————–10:45:22
चंद्रोदय——————13:10:10
चंद्रास्त——————24:27:33

लग्न—-कर्क21°5′ , 111°5

‘सूर्य नक्षत्र——————आश्लेषा
चन्द्र नक्षत्र——————विशाखा
नक्षत्र पाया——————–रजत

          पद, चरण  

तू—-विशाखा 09:26:08

ते—-विशाखा 15:25:20

तो—-विशाखा 21:27:00

ना—-अनुराधा 27:31:08

            ग्रह गोचर  

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य=कर्क 21°12 ‘ आश्लेषा , 2 डू
चन्द्र =तुला 25°23′ विशाखा 2 तू
बुध=कर्क 02°30 ‘ पुनर्वसु’ 4 ही
शुक्र= कर्क 19 ° 50, आश्लेषा ‘ 1 डी
मंगल=कर्क 29°48 ‘आश्लेषा’ 4 डो
गुरु=वृश्चिक 20°31 ‘ ज्येष्ठा , 2 या
शनि=धनु 22°43′ पू oषा o ‘ 3 फा
राहू=मिथुन 21°50 ‘ पुनर्वसु , 2 को
केतु=धनु 21 ° 50′ पूo षाo, 4 ढा

          शुभा$शुभ मुहूर्त

राहू काल 14:04 – 15:43अशुभ
यम घंटा 05:47 – 07:27अशुभ
गुली काल 09:06 – 10:45अशुभ
अभिजित 11:58 -12:51शुभ
दूर मुहूर्त 10:12 – 11:05अशुभ
दूर मुहूर्त 15:30 – 16:23अशुभ

💮चोघडिया, दिन
शुभ 05:47 – 07:27शुभ
रोग 07:27 – 09:06अशुभ
उद्वेग 09:06 – 10:45अशुभ
चर 10:45 – 12:25शुभ
लाभ 12:25 – 14:04शुभ
अमृत 14:04 – 15:43शुभ
काल 15:43 – 17:23अशुभ
शुभ 17:23 – 19:02शुभ

🚩चोघडिया, रात
अमृत 19:02 – 20:23शुभ
चर 20:23 – 21:44शुभ
रोग 21:44 – 23:04अशुभ
काल 23:04 – 24:25अशुभ लाभ 24:25 – 25:46शुभ उद्वेग 25:46 – 27:06अशुभ शुभ 27:06 – 28:27शुभ अमृत 28:27 – 29:48*शुभ

💮होरा, दिन
बृहस्पति 05:47 – 06:53
मंगल 06:53 – 07:59
सूर्य 07:59 – 09:06
शुक्र 09:06 – 10:12
बुध 10:12 – 11:18
चन्द्र 11:18 – 12:25
शनि 12:25 – 13:31
बृहस्पति 13:31 – 14:37
मंगल 14:37 – 15:43
सूर्य 15:43 – 16:50
शुक्र 16:50 – 17:56
बुध 17:56 – 19:02

🚩होरा, रात
चन्द्र 19:02 – 19:56
शनि 19:56 – 20:50
बृहस्पति 20:50 – 21:44
मंगल 21:44 – 22:37
सूर्य 22:37 – 23:31
शुक्र 23:31 – 24:25
बुध 24:25* – 25:19
चन्द्र 25:19* – 26:13
शनि 26:13* – 27:06
बृहस्पति 27:06* – 28:00
मंगल 28:00* – 28:54
सूर्य 28:54* – 29:48

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

          दिशा शूल

ज्ञान————–दक्षिण*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा केशर खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🌹 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

  8 + 5 + 1 = 14  ÷ 4 = 2 शेष

आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

    शिव वास एवं फल -:*

8 + 8 + 5 = 21 ÷ 7 = 0 शेष

शमशान भूमि = मृत्यु कारक

🌹भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

           विशेष जानकारी    
  • सर्वार्थ सिद्धि योग 21:26 से शुभ विचार

अन्यथा वेदपाण्डित्यं शास्त्रमाचारमन्यथा ।
अन्यथा वदता शांतंलोकाःक्लिश्यन्ति चाऽन्यथा ।।
।।चा o नी o।।

वासना के समान दुष्कर कोई रोग नहीं. मोह के समान कोई शत्रु नहीं. क्रोध के समान अग्नि नहीं. स्वरुप ज्ञान के समान कोई बोध नहीं.
सुभाषितानि

गीता -: विश्वरूपदर्शनयोग अo-11
त्वमादिदेवः पुरुषः पुराणस्त्वमस्य विश्वस्य परं निधानम्‌ ।,
वेत्तासि वेद्यं च परं च धाम त्वया ततं विश्वमनन्तरूप ।, ।,

आप आदिदेव और सनातन पुरुष हैं, आप इन जगत के परम आश्रय और जानने वाले तथा जानने योग्य और परम धाम हैं।, हे अनन्तरूप! आपसे यह सब जगत व्याप्त अर्थात परिपूर्ण हैं॥,38॥,

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🌼*व्रत पर्व विवरण –
🌼 *विशेष – अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌼 अष्टमी तिथि के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
🌹 भूख नहीं लगती हो तो
🌼 भूख नहीं लगती है मजबूत बनना है तो-आंवले का रस, अदरक का रस, पुदीने का रस और शक्कर मिलाकर पी लो, टानिक बनती है | स्वास्थ्य बढ़िया रहता है |


🌹 वैदिक रक्षा-सूत्र ( रक्षाबंधन) 🌹
🌹 वैदिक रक्षाबंधन – प्रतिवर्ष श्रावणी-पूर्णिमा को रक्षाबंधन का त्यौहार होता है, इस बार 15 अगस्त 2019 गुरुवार के दिन है। इस दिन बहनें अपने भाई को रक्षा-सूत्र बांधती हैं । यह रक्षा सूत्र यदि वैदिक रीति से बनाई जाए तो शास्त्रों में उसका बड़ा महत्व है ।
🌹 वैदिक रक्षा सूत्र बनाने की विधि 🌹
🌹 इसके लिए ५ वस्तुओं की आवश्यकता होती है –
(१) दूर्वा (घास) (२) अक्षत (चावल) (३) केसर (४) चन्दन (५) सरसों के दाने ।
🌹 इन ५ वस्तुओं को रेशम के कपड़े में लेकर उसे बांध दें या सिलाई कर दें, फिर उसे कलावा में पिरो दें, इस प्रकार वैदिक राखी तैयार हो जाएगी ।
🌹 इन पांच वस्तुओं का महत्त्व
(१) दूर्वा – जिस प्रकार दूर्वा का एक अंकुर बो देने पर तेज़ी से फैलता है और हज़ारों की संख्या में उग जाता है, उसी प्रकार मेरे भाई का वंश और उसमे सदगुणों का विकास तेज़ी से हो । सदाचार, मन की पवित्रता तीव्रता से बढ़ता जाए । दूर्वा गणेश जी को प्रिय है अर्थात हम जिसे राखी बाँध रहे हैं, उनके जीवन में विघ्नों का नाश हो जाए ।(२) अक्षत – हमारी गुरुदेव के प्रति श्रद्धा कभी क्षत-विक्षत ना हो सदा अक्षत रहे ।
(३) केसर – केसर की प्रकृति तेज़ होती है अर्थात हम जिसे राखी बाँध रहे हैं, वह तेजस्वी हो । उनके जीवन में आध्यात्मिकता का तेज, भक्ति का तेज कभी कम ना हो ।
(४) चन्दन – चन्दन की प्रकृति तेज होती है और यह सुगंध देता है । उसी प्रकार उनके जीवन में शीतलता बनी रहे, कभी मानसिकa तनाव ना हो । साथ ही उनके जीवन में परोपकार, सदाचार और संयम की सुगंध फैलती रहे ।
(५) सरसों के दाने – सरसों की प्रकृति तीक्ष्ण होती है अर्थात इससे यह संकेत मिलता है कि समाज के दुर्गुणों को, कंटकों को समाप्त करने में हम तीक्ष्ण बनें ।
🌹 इस प्रकार इन पांच वस्तुओं से बनी हुई एक राखी को सर्वप्रथम गुरुदेव के श्री-चित्र पर अर्पित करें । फिर बहनें अपने भाई को, माता अपने बच्चों को, दादी अपने पोते को शुभ संकल्प करके बांधे ।
🌹 महाभारत में यह रक्षा सूत्र माता कुंती ने अपने पोते अभिमन्यु को बाँधी थी । जब तक यह धागा अभिमन्यु के हाथ में था तब तक उसकी रक्षा हुई, धागा टूटने पर अभिमन्यु की मृत्यु हुई ।
🌹 इस प्रकार इन पांच वस्तुओं से बनी हुई वैदिक राखी को शास्त्रोक्त नियमानुसार बांधते हैं हम पुत्र-पौत्र एवं बंधुजनों सहित वर्ष भर सुखी रहते हैं ।

रक्षा सूत्र बांधते समय ये श्लोक बोलें

येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबलः ।
तेन त्वाम रक्ष बध्नामि, रक्षे माचल माचल: ।

Presents

मेष-
आज पारिवारिक-जीवन में अस्थिरता रह सकती है। आपका अपने माता-पिता के साथ कुछ वैचारिक मतभेद हो सकता हैं।  प्रेम संबंधों के लिए समय शुभ है। नौकरीपेशा जातक कठिन परिश्रम से अपने वरिष्ठों को संतुष्ट कर सकते हैं। यदि आप अपना दृष्टिकोण बदल लें और ईमानदारी से काम करें तो आने वाले दिनों में आपकी रैंक, पारिश्रमिक और लोकप्रियता बढ़ सकती है। आप कुछ नवीन शौक विकसित कर सकते हैं।  

वृष-
आर्थिक एवं व्यापारिक रूप से लाभदायक यात्राएं संभव हैं।आपके लिए यह सुखद अनुभव रहेगा। आत्मविश्वास विश्वास और स्फूर्ति से परिपूर्ण आप अच्छा मुनाफा कमाएं। पारिवारिक परिवेश में तनावपूर्ण स्थितियों के चलते पारिवारिक सदस्य आपकी सफलता का पूर्ण आनंद नहीं ले पाएंगे। प्रेमियों को प्रेम संबंधों में आई ग़लतफ़हमी का सामना सामान्य से अधिक साहस और कुशलता के साथ करना होगा। मित्र संबंध अपेक्षा के अनुसार अधिक उपयोगी नहीं हो सकते हैं।

मिथुन- 
चल रही परियोजनाओं और कार्यों में बाधाएं संभव हैं। किसी भी बहस या टकराव से बचें। निवेश को स्थगित करना सबसे अच्छा होगा। किसी भी संपत्ति के सौदे को अंतिम रूप देने से पहले सभी दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें। अन्यथा नुकसान हो सकता है। शुभचिंतकों और दोस्तों का समर्थन आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा और आपको समय-समय पर अच्छी सलाह मिलेगी। कुछ स्वास्थ्य का मुद्दा अचानक उठ सकता है। शादीशुदा ज़िंदगी सामान्य रहेगी।

कर्क-
व्यापारिक सन्दर्भ में रुके हुए कार्य पूर्णता की ओर गति बढ़ाएंगे। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को जल्द ही सफलता मिलेगी। आप में से कुछ वित्तीय बाधाओं का सामना कर सकते हैं, लेकिन इससे निपटने के लिए आप नई रणनीति बनाने के लिए भी कदम उठाएंगे। आपका स्वास्थ्य ठीक रहेगा लेकिन तनाव से दूर रहें।

सिंह-
आज आप बहुत भाग्यशाली होंगे और अधिकारियों से विशेष सहयोग प्राप्त करेंगे। आप अपने सभी प्रयासों में सफल होंगे।आपकी कुछ पोषित इच्छाओं की पूर्ति होगी और आपके पास नए अधिग्रहण हो सकते हैं। आपका पारिवारिक-जीवन आरामदायक परिवेश से खुश रहेगा और सामाजिक रूप से आप अधिक लोकप्रियता हासिल करेंगे।

कन्या-
व्यावसायिक जीवन में सफलता आपके लिए पहले से अधिक सहजता के साथ आएगी। छात्र किसी दिलचस्प परियोजना में शामिल हो सकते हैं। व्यापार में तेजी आएगी और नए रास्ते खुलेंगे। साझेदारी भी फायदेमंद रहेगी। छोटे व्यवसायी विरोधाभासी रूप से बड़े लोगों की तुलना में अधिक लाभ लाएंगे। कड़ी मेहनत से आपको अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा। स्वास्थ्य सम्बंधित परेशानी हो सकती है।

तुला-
आप शैक्षिक रूप से बहुत सफल होंगे और आपका नाम और प्रसिद्धि व्यापक होगी। आप अच्छे स्वास्थ्य का आनंद लेंगे और आपका आत्मविश्वास-स्तर भी काफी बढ़ जाएगा। व्यवसायिक  क्षेत्र में, आप अपने वरिष्ठों और सहकर्मियों का ध्यान समान रूप से आकर्षित करेंगे। प्राधिकरण और रैंक के व्यक्ति आपको पक्ष देंगे और आप एक उच्च जिम्मेदार पद पर आसीन हो सकते हैं। आपकी आमदनी बढ़ेगी और आप उदार अनुलाभ का भी आनंद लेंगे। आपका पारिवारिक-जीवन आनंदमय होगा और आपके बच्चे आपके लिए गर्व का स्रोत बनेंगे।

वृश्चिक-
लंबे समय से रुके हुए कार्य में सफलचता मिलेगी। परिवार आपके लिए प्राथमिक है और आप उन्हें खुश करने के लिए किसी भी हद तक जाएंगे। नौकरी के मोर्चे पर बदलाव या स्थानांतरण के लिए यह अच्छा समय है। नई प्रतिबद्धताओं को बाद में लिया
जा सकता है। यात्रा अपने कार्यक्रम में शामिल हो सकती है, इसके लिए तैयार रहें। कार्य क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए, आप नए लोगों से मिल सकते हैं । कुछ लोगो द्वारा दिए गए नवीन विचार आपके काम में सहयोग करेंगे।

धनु-
आज का दिन बेहद शानदार रहेगा । कठिन समय के बाद आखिरकार आप अपने चेहरे पर मुस्कान के साथ आराम कर सकते हैं। आप अपनी कड़ी मेहनत और श्रम के लिए इनाम की उम्मीद कर सकते हैं। आपको अपनी नौकरी में पदोन्नति मिलेगी। किन्तु जॉब प्रोफाइल में भी बदलाव हो सकता है। 

मकर-
बिजनेस-पार्टनर या करीबी सहयोगी से समस्या हो सकती है। प्रोफेशन से संबंधित यात्राएं वांछित परिणाम नहीं दे पाएंगी। नए कार्यस्थल से जुड़ने या नई परियोजनाओं और उपक्रमों को शुरू करने के लिए दिन ज्यादा अनुकूल नहीं है। प्रेमपूर्ण संपर्क यदि कोई हो, तो यह एक बुरा मोड़ ले सकता है और आप में से कुछ लोग बदनामी और अपमान का शिकार हो सकते हैं। यह समय भावनात्मक रूप से परेशान कर सकता है और अच्छे स्वास्थ्य में नहीं हो सकता है। जीवनसाथी या संतान के कुछ स्वास्थ्य के लिए चिंता हो सकती है।

कुंभ-
आज का दिन आपके लिए मिश्रित प्रभाव दायक है। इस समय आप जो भी बोलें बहुत सोच-समझ कर बोलें। कार्यस्थल पर जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें। आमदनी निरंतर बनी हुई है लेकिन खर्चे भी रहेंगे। आपको  कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं रह सकती है। पारिवारिक माहौल को अच्छा बनाए रखने के लिए चिंतन करना पड़ेगा। समस्याओं परेशानियों का प्रतिरोध करने की कोशिश करें। सम्भव है। 

मीन-
मुश्किल हालात, बीमारी या जद्दोजहद से निकलने में सफल होंगे। आत्म-शक्ति को इकट्ठा कर अन्दर की सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि करने के लिए समय उत्तम है । व्यवसायिक एव व्यापारिक सन्दर्भ में पिछली ग़लतियों से सबक़ लें और अनुभवी जनों की सहायता से निर्णय लेना शुभ रहेगा। आर्थिक स्थिति कुछ हद तक सामान्य रहेगी। आज जीवनसाथी के साथ मनोरंजन स्थलों का आनन्द लिया जा सकता हैा प्रेम विषयों में स्थिति यथावत बनी रहेगी।


आज जिनका जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं


दिनांक 8 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 8 होगा। यह ग्रह सूर्यपुत्र शनि से संचालित होता है। इस दिन जन्मे व्यक्ति धीर गंभीर, परोपकारी, कर्मठ होते हैं। आपकी वाणी कठोर तथा स्वर उग्र है। आप भौतिकतावादी है। आप अदभुत शक्तियों के मालिक हैं। आप अपने जीवन में जो कुछ भी करते हैं उसका एक मतलब होता है। आपके मन की थाह पाना मुश्किल है। आपको सफलता अत्यंत संघर्ष के बाद हासिल होती है। कई बार आपके कार्यों का श्रेय दूसरे ले जाते हैं। 
 
शुभ दिनांक : 8 17, 26 
 
शुभ अंक : 8, 17, 26, 35, 44
शुभ वर्ष : 2016, 2024, 2042

ईष्टदेव : हनुमानजी, शनि देवता

शुभ रंग : काला, गहरा नीला, जामुनी

कैसा रहेगा यह वर्ष
सभी कार्यों में सफलता मिलेगी। जो अभी तक बाधित रहे है वे भी सफल होंगे। व्यापार-व्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी। नौकरीपेशा व्यक्ति प्रगति पाएंगे। बेरोजगार प्रयास करें, तो रोजगार पाने में सफल होंगे। शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे, स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अनुकूल ही रहेगा। राजनैतिक व्यक्ति भी समय का सदुपयोग कर लाभान्वित होंगे।

🙏आपका दिन मंगलमय हो 🙏

Spread the love

Related posts

Leave a Comment

WhatsApp chat