सावधान हो जाइए, मोबाइल पर मिल रहे लिंक को क्लिक करते ही हैक हो सकता है आपका एकाउंट, खाली हो सकता है…

आपके फोन के मैसेज की रिंग टोन बजती है और मैसेज बॉक्स में एक लिंक आता है। यह लिंक किसी ऑनलाइन गेम का हो सकता है। किसी बड़े ऑफर का हो सकता है। या फिर किसी गिफ्ट जीतने का हो सकता है। लॉकडाउन के दौरान ऐसे मैसेज और लिंक की बाढ़ आ गई है। कर्ई लिंक में तो बकायदा मास्क इत्यादि भेजने तक की बात होती है। जैसे ही आप लिंक खोलते हैं आपके फोन में मौजूद डाटा हैक हो सकता है। यह सबसे खतरनाक है। एडीजी बिहार स्पेशल ब्रांच जितेन्द्र सिंह गंगवार कहते हैं कि पहले ठग गांव वालों को ठगते थे, अब यह काम साइबर क्राइम के जरिए होता है। वे स्वीकार करते हैं कि लॉकडाउन में साइबर क्राइम बढ़ गया है।

साइबर सेनानी ग्रुप
एडीजी ने बताया कि साइबर सेनानी ग्रुप बिहार पुलिस द्वारा बनाया गया है। अब तक लगभग एक लाख लोगों को जोड़ा जा चुका है। प्रतिदिन एक मैसेज, पोस्टर भेजा जाता है। लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ-साथ साइबर सुरक्षा, फेक न्यूज विषयों पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। ‘सतर्क रहें, सुरक्षित रहें; जागरूक रहें, जानकार रहें’ हमारा सूत्र है। आपके पास ऐसे ई-मेल आएंगे जो वास्तविक लगते हैं और विश्वसनीय भी। किन्तु ऐसा होता नहीं है। आपके स्‍मार्टफोन और आपके डाटा तक पहुंच बनाने के लिए सीधे मैसेज भेजना, गेमिंग, ई-मेल और वेबसाइट के जरिए फाइल भेजी जाती है।

कैसे बचें साइबर फ्रॉड से
एडीजी जीतेन्द्र गंगवार कहते हैं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनजान व्यक्तियों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें। ये अपराधी आपसे दोस्ती करने के लिए फर्जी आईडी और साइट भी बना लेते हैं। इसी प्रकार अपनी निजी जानकारी शेयर न करें। जैसे-जन्म तिथि, फोन नंबर और पता न डालें। यदि करते भी हैं तो प्राइवेसी र्सेंटग में जाकर गोपनीय कर दें। कभी भी अनजान साइट्स से अनावश्यक सॉफ्टवेयर व एप्स जैसे एप, ऑनलाइन गेम को इंस्टाल न करें। हमने यह ठगी रोकने के लिए एक व्हाटसअप ग्रुप बनाया है। इस पर लगातार अपडेट करते हैं। बीमा व लॉटरी के नाम पर यह ठगी होती है। फेसबुक पर भी हमने जागरूकता के लिए मुहिम चलाई है। भूलकर भी किसी को ओटीपी न भेजें। सतर्क रहने की जरूरत है।

ऐसे करते हैं क्राइम
एडीजी गंगवार बताते हैं कि साइबर क्राइम के ये अपराधी मैसेज भेजते हैं और कहते हैं कि आपके खाते में अभी 2 से लेकर 50 हजार तक पहुंच सकते हैं। आपको अटैच लिंक को क्लिक करना है और सामान्य-सी जानकारी देनी है। जैसे ही आप लिंक पर क्लिक करते हैं आपकी दी गई जानकारी हैकिग साइट पर चली जाती है। इसके बाद आपसे कहा जाएगा कि पैसा दो से तीन दिन में ट्रांसफर हो जाएगा। आपसे इसी बीच बैंक की डिटेल ले ली जाएगी। अचानक आपके खाते से रुपए गायब हो जाते हैं या आपकी दी गई जानकारी के आधार पर शॉपिंग हो जाती है।

Spread the love

Written by 

Related Posts

Leave a Comment

15 + 4 =

WhatsApp chat