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आखिरकार लंबे इंतजार के बाद NPCI से WhatsApp को मिल ही गई मंजूरी, अब आप…

नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने व्हाट्सएप को भारत में अपनी पेमेंट सर्विस WHATSAPP PAY शुरू करने की इजाजत दे दी है। NPCI ने बताया है कि कंपनी इस फीचर को ग्रेडेड मैनर में शुरू कर सकती है और अधिकतम 2 करोड़ रजिस्टर यूपीआई यूजर्स के साथ ही इस फीचर को शुरू करने की इजाजत फिलहाल मिली है।

नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने व्हाट्सएप को भारत में अपनी पेमेंट सर्विस WhatsApp Pay शुरू करने की इजाजत दे दी है। NPCI ने बताया है कि कंपनी इस फीचर को ग्रेडेड मैनर में शुरू कर सकती है और अधिकतम 2 करोड़ रजिस्टर यूपीआई यूजर्स के साथ ही इस फीचर को शुरू करने की इजाजत फिलहाल मिली है। इसकी तुलना करने पर आप पाएंगे कि PhonePe ने हाल में ही 25 करोड़ यूजर्स के मार्क को छू लिया है।

व्हाट्सएप ने पिछले हफ्ते शुक्रवार को कहा कि उसने नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) से अनुमति पाने के बाद भारत में अपनी भुगतान सेवाओं WhatsApp Pay की शुरुआत की है। फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी ने 2018 में भारत में अपनी यूपीआई आधारित भुगतान सेवा का परीक्षण शुरू किया था, जो उपयोगकर्ताओं को धनराशि भेजने और पाने के लिए मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करने की अनुमति देती है।

इतना ही नहीं अब WhatsApp सिर्फ चैटिंग और पेमेंट्स ही ही नहीं बल्कि शॉपिंग भी की जा सकती है. चैटिंग ऐप WhatsApp में शॉपिंग बटन को पूरी दुनिया में रोल आउट कर दिया है. भारत में भी इस नए फीचर को नए अपडेट में ऐड किया गया है।

कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि WhatsApp शॉपिंग बटन को अपडेट किया गया है. यूजर्स को ऐप में ही एक स्टोरफ्रंट आइकन के रूप में नया बटन दिखाई देगा. यही नया शॉपिंग बटन है. इस आइकन को दबाते ही संबंधित बिजनेस का पूरा कैटेलॉग देखा जा सकता है. किसी प्रोडक्ट पर क्लिक करके उसे खरीदने के लिए चैट शुरू की जा सकती है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक WhatsApp में अब वॉइस कॉल बटन की जगह शॉपिंग आइकन दिखाई देगा. कंपनी का कहना है कि बहुत जल्द ऐप में ऐड टू कार्ट और चेक आउट बटन भी शामिल किए जाएंगे।

यह परीक्षण करीब 10 लाख उपयोगकर्ताओं के बीच किया गया, क्योंकि इसके लिए नियामक मंजूरियों का इंतजार था। एनपीसीआई ने गुरुवार को व्हाट्सएप को देश में क्रमिक रूप से भुगतान सेवा शुरू करने की अनुमति दी, और शुरुआत में यूपीआई में पंजीकृत अधिकतम दो करोड़ उपयोगकर्ताओं को यह सेवा दी जाएगी।

व्हाट्सएप ने एक ब्लॉगपोस्ट में कहा, ‘‘आज से, पूरे भारत में लोग व्हाट्सएप के जरिए धन भेज पाएंगे। भुगतान के इस सुरक्षित तरीके में धन भेजना इतना ही आसान है, जितना कोई संदेश भेजना। लोग नकद लेनदेन या बैंक जाए बिना सुरक्षित रूप से परिवार के किसी सदस्य को धन भेज सकते हैं या सामान का मूल्य चुका सकते हैं।’’ इसमें लिखा गया है कि भुगतान सुविधा को यूपीआई का इस्तेमाल कर एनपीसीआई के साथ साझेदारी में तैयार किया गया है, जो एक तत्काल भुगतान प्रणाली है और 160 से अधिक समर्थित बैंकों के साथ लेनदेन को सक्षम बनाता है।

ब्लॉग पोस्ट के मुताबिक, ‘‘आईफोन और एंड्रॉइड ऐप के नवीनतम संस्करण पर लोगों के लिए व्हाट्सएप पर भुगतान (WhatsApp Pay) अब उपलब्ध है… हम भारत में डिजिटल भुगतान की सुविधा और उपयोग बढ़ाने के अभियान में शामिल होकर उत्साहित हैं।’’ कंपनी ने आगे बताया कि उसके मंच से धन भेजने के लिए लोगों को एक बैंक खाते और एक डेबिट कार्ड की जरूरत होगी।

व्हाट्सएप के हिसाब से भारत में पांच बैंकों- आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और जियो पेमेंट्स बैंक के साथ काम कर रही है और लोग यूपीआई समर्थित ऐप का उपयोग करके किसी को भी व्हाट्सएप पर धन भेज सकते हैं। ब्लॉग पोस्ट के मुताबिक, ‘‘हमारा मानना है कि लंबे समय में व्हाट्सएप और यूपीआई के मेल से कुछ प्रमुख चुनौतियों का सामना करने में मदद मिल सकती है, जिसमें डिजिटल अर्थव्यवस्था में ग्रामीण भागीदारी को बढ़ाना शामिल है।

कंपनी ने कहा कि उसकी भुगतान सेवा सुरक्षा और गोपनीयता के सिद्धांतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जिसमें प्रत्येक भुगतान के लिए एक व्यक्तिगत यूपीआई पिन दर्ज करना शामिल है। फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘इसके लिए कोई शुल्क नहीं है… क्योंकि ये व्हाट्सएप है, आप जानते हैं कि ये सुरक्षित और गोपनीय भी है। यूपीआई के साथ भारत ने वास्तव में कुछ खास बनाया है और ये सूक्ष्म तथा छोटे कारोबारियों के लिए अवसरों की एक दुनिया खोल रहा है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।

उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप के 10 भारतीय संस्करणों में भुगतान सेवा उपलब्ध होगी। दिलचस्प बात यह है कि व्हाट्सएप को मंजूरी देने के साथ ही एनपीसीआई ने व्हाट्सएप या गूगल पे, फोनपे जैसे उसके प्रतिद्वंद्वियों के लिए कुल यूपीआई लेनदेन की मात्रा पर 30 प्रतिशत की सीमा लगा दी है। इससे एकाधिकार की स्थिति को रोकने में मदद मिलेगी।

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