Dharma & Karma (ज्योतिष शास्त्र) Dream Zone 

अगर आप ऋण से मुक्त होना चाहते हैं तो 20 अक्टूबर को इस महा योग पर इस ग्रह देव के 21 नामों से ऐसा करेंगें तो,आप ऋण से मुक्त हो…

🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺
|| जय श्री राधे ||
🌺🙏 महर्षि पाराशर पंचांग 🙏🌺
🙏🌺🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌺🙏
ll जय श्री राधे ll
🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺

दिनाँक -: 19/10/2020,सोमवार
तृतीया, शुक्ल पक्ष
आश्विन
“”””””””””””””””””‘””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि ———तृतीया 14:07:11 तक
पक्ष —————————शुक्ल
नक्षत्र ——-अनुराधा 27:51:22
योग ——-आयुष्मान 13:16:30
करण ————–गर 14:07:11
करण ———वणिज 24:38:15
वार ————————-सोमवार
माह ————————-आश्विन
चन्द्र राशि —————–वृश्चिक
सूर्य राशि ——————– तुला
रितु —————————–शरद
आयन ——————-दक्षिणायण
संवत्सर ———————–शार्वरी
संवत्सर (उत्तर) ————प्रमादी
विक्रम संवत —————-2077
विक्रम संवत (कर्तक)——2076
शाका संवत —————-1942
सूर्योदय —————-06:22:48
सूर्यास्त —————–17:44:56
दिन काल ————–11:22:08
रात्री काल ———— 12:38:27
चंद्रोदय —————-08:56:01
चंद्रास्त —————–19:58:50

लग्न —-तुला 1°57′ , 181°57′

सूर्य नक्षत्र ——————-चित्रा
चन्द्र नक्षत्र —————-अनुराधा
नक्षत्र पाया ——————–रजत

🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩

ना —-अनुराधा 11:30:23

नी —-अनुराधा 16:55:20

नू —-अनुराधा 22:22:18

ने —-अनुराधा 27:51:22

💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य=तुला01°52 ‘ चित्रा , 3 रा
चन्द्र =वृश्चिक 03°23 ‘ अनुराधा’ 3 रो
बुध = (व)तुला 15°57 ‘ स्वाति ‘ 3 रो
शुक्र= सिंह 24°55,पू oफाo ‘ 4 टू
मंगल=(व)मीन 25°30′ रेवती ‘ 3 च
गुरु=धनु 24°22 ‘ पू oषा o , 4 ढा
शनि=मकर 01°43′ उ oषा o ‘ 2 भो
राहू=(व)वृषभ 28°45 ‘मृगशिरा , 2 वो
केतु=(व)वृश्चिक 28°45 ज्येष्ठा , 4 यू

🚩💮🚩शुभा$शुभ मुहूर्त🚩💮🚩

राहू काल 07:48 – 09:13 अशुभ
यम घंटा 10:39 – 12:04 अशुभ
गुली काल 13:29 – 14:54 अशुभ
अभिजित 11:41 -12:27 शुभ
दूर मुहूर्त 12:27 – 13:12 अशुभ
दूर मुहूर्त 14:43 – 15:29 अशुभ

🚩गंड मूल 27:51* – अहोरात्र अशुभ

💮चोघडिया, दिन
अमृत 06:23 – 07:48 शुभ
काल 07:48 – 09:13 अशुभ
शुभ 09:13 – 10:39 शुभ
रोग 10:39 – 12:04 अशुभ
उद्वेग 12:04 – 13:29 अशुभ
चर 13:29 – 14:54 शुभ
लाभ 14:54 – 16:20 शुभ
अमृत 16:20 – 17:45 शुभ

🚩चोघडिया, रात
चर 17:45 – 19:20 शुभ
रोग 19:20 – 20:55 अशुभ
काल 20:55 – 22:29 अशुभ
लाभ 22:29 – 24:04* शुभ
उद्वेग 24:04* – 25:39* अशुभ
शुभ 25:39* – 27:14* शुभ
अमृत 27:14* – 28:49* शुभ
चर 28:49* – 30:23* शुभ

💮होरा, दिन
चन्द्र 06:23 – 07:20
शनि 07:20 – 08:16
बृहस्पति 08:16 – 09:13
मंगल 09:13 – 10:10
सूर्य 10:10 – 11:07
शुक्र 11:07 – 12:04
बुध 12:04 – 13:01
चन्द्र 13:01 – 13:58
शनि 13:58 – 14:54
बृहस्पति 14:54 – 15:51
मंगल 15:51 – 16:48
सूर्य 16:48 – 17:45

🚩होरा, रात
शुक्र 17:45 – 18:48
बुध 18:48 – 19:51
चन्द्र 19:51 – 20:55
शनि 20:55 – 21:58
बृहस्पति 21:58 – 23:01
मंगल 23:01 – 24:04
सूर्य 24:04* – 25:07
शुक्र 25:07* – 26:11
बुध 26:11* – 27:14
चन्द्र 27:14* – 28:17
शनि 28:17* – 29:20
बृहस्पति 29:20* – 30:23

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

💮दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

3 + 2 + 1 = 6 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

💮 शिव वास एवं फल -:

3 + 3 + 5 = 11 ÷ 7 = 4 शेष

सभायां = सन्ताप कारक

🚩भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

रात्रि 24:42 से प्रारम्भ

स्वर्ग लोक = शुभ कारक

💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮

  • नवरात्रि तृतीय दिवस (चन्द्रघंटा देवी) पूजन
  • सर्वार्थ सिद्धि योग 27:51 तक,
  • श्री भट्टदेवाचार्य जी महाराज पाटोत्सव

💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮

गम्यते यदि मॄगन्द्रमन्दिरं
लभ्यते करिकपीलमौक्तिकम् ।
जम्बुकालयगते च प्राप्यते
वस्तुपुच्छखरचर्मखण्डनम् ।।
।।चा o नी o।।

एक अनपढ़ आदमी की जिंदगी किसी कुत्ते की पूछ की तरह बेकार है. उससे ना उसकी इज्जत ही ढकती है और ना ही कीड़े मक्खियों को भागने के काम आती है.

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: ज्ञानविज्ञानयोग अo-07

दैवी ह्येषा गुणमयी मम माया दुरत्यया ।,
मामेव ये प्रपद्यन्ते मायामेतां तरन्ति ते ॥,

क्योंकि यह अलौकिक अर्थात अति अद्भुत त्रिगुणमयी मेरी माया बड़ी दुस्तर है, परन्तु जो पुरुष केवल मुझको ही निरंतर भजते हैं, वे इस माया को उल्लंघन कर जाते हैं अर्थात्‌ संसार से तर जाते हैं॥,14॥,

🌸 व्रत पर्व विवरण🌸

🌸 विशेष – तृतीया को परवल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

खास है दुर्गा सप्तशती इस लिए इसका पाठ अवश्य करे
श्री दुर्गा सप्तशती नारायण वतार श्री व्यासजी द्वारा रचित महापुराणों में मार्कण्डेयपुराण से ली गई है. इसमें सात सौ पद्यों का समावेश होने के कारण इसे सप्तशती कहा गया है. दुर्गा सप्तशती में 360 शक्तियों का वर्णन है. इसके 700 श्लोकों को तीन भागों में बांटा गया गया है. इसमें महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की महिमा का वर्णन है. मां जगदंबे की साधना के लिए किए जाने वाले दुर्गा सप्तशती के 13 पाठों का अपना विशेष महत्व है.
इसमें अलग-अलग पाठ अलग-अलग बाधाओं के निवारण के लिए किए जाते हैं। आइए जानते हैं कि दुर्गा सप्तशती के किस पाठ को करने से क्या फल मिलता है.

प्रथम अध्याय – दुर्गा सप्तशती का प्रथम पाठ करने से सभी प्रकार की चिंताएं दूर होती हैं.

द्वितीय अध्याय – दुर्गा सप्तशती का द्वितीय पाठ करने से किसी भी तरह की शत्रुबाधा दूर होती है और कोर्ट-कचहरी आदि से जुड़े मुकदमे में विजय प्राप्त होती है.

तृतीय अध्याय – दुर्गा सप्तशती के तृतीय अध्याय का पाठ करने से शत्रुओं का नाश होता है.

चतुर्थ अध्याय – दुर्गा सप्तशती के चतुर्थ अध्याय का पाठ करने से मां जगदंबे के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होता है.

पंचम अध्याय – दुर्गा सप्तशती के पांचवें अध्याय का पाठ करने से भक्ति, शक्ति एवं देवी दर्शन का आशीर्वाद मिलता है.

षष्ठ अध्याय – दुर्गा सप्तशती के छठवें अध्याय का पाठ करने से दुख, दारिद्रय, भय आदि दूर होता है.

सप्तम अध्याय – दुर्गा सप्तशती के सातवें अध्याय का पाठ करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

अष्टम अध्याय – दुर्गा सप्तशती का आठवां अध्याय वशीकरण एवं मित्रता करने के लिए विशेष रूप से किया जाता है.

नवम अध्याय – दुर्गा सप्तशती के नौवें अध्याय का पाठ संतान की प्राप्ति और उन्नति के लिए किया जाता है. किसी खोई चीज को पाने के लिए भी यह पाठ अत्यंत सिद्ध एवं प्रभावशाली है.

दशम अध्याय – दुर्गा सप्तशती के दसवें अध्याय का पाठ करने पर नौवें अध्याय के समान ही फल प्राप्त होता है.

एकादश अध्याय – दुर्गा सप्तशती के दसवें अध्याय का पाठ तमाम तरह की भौतिक सुविधाएं प्राप्त करने के लिए किया जाता है.

द्वादश अध्याय – दुर्गा सप्तशती के बारहवें अ​ध्याय का पाठ मान-सम्मान एवं लाभ दिलाने वाला है.

त्रयोदश अध्याय – दुर्गा सप्तशती के तेरहवें अध्याय का पाठ ​विशेष रूप से मोक्ष एवं भक्ति के लिए किया जाता है।


🌸 मंगलवारी चतुर्थी 🌸
➡ 20 अक्टूबर 2020 ( पुण्यकाल सूर्योदय से दोपहर 11:19 तक )
🌸 मंत्र जप व शुभ संकल्प की सिद्धि के लिए विशेष योग
🙏🏻 मंगलवारी चतुर्थी को किये गए जप-संकल्प, मौन व यज्ञ का फल अक्षय होता है ।
👉🏻 मंगलवार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना … जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है…

🌸 मंगलवारी चतुर्थी 🌸
🙏 अंगार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना …जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है…
🌸> बिना नमक का भोजन करें
🌸> मंगल देव का मानसिक आह्वान करो
🌸 > चन्द्रमा में गणपति की भावना करके अर्घ्य दें
💵 कितना भी कर्ज़दार हो ..काम धंधे से बेरोजगार हो ..रोज़ी रोटी तो मिलेगी और कर्जे से छुटकारा मिलेगा |

🌸 मंगलवार चतुर्थी 🌸
👉 भारतीय समय के अनुसार 20 अक्टूबर को (सूर्योदय से दोपहर 11:19 तक) चतुर्थी है, इस महा योग पर अगर मंगल ग्रह देव के 21 नामों से सुमिरन करें और धरती पर अर्घ्य देकर प्रार्थना करें,शुभ संकल्प करें तो आप सकल ऋण से मुक्त हो सकते हैं..
👉🏻मंगल देव के 21 नाम इस प्रकार हैं :-
1) ॐ मंगलाय नमः
2) ॐ भूमि पुत्राय नमः
3 ) ॐ ऋण हर्त्रे नमः
4) ॐ धन प्रदाय नमः
5 ) ॐ स्थिर आसनाय नमः
6) ॐ महा कायाय नमः
7) ॐ सर्व कामार्थ साधकाय नमः
8) ॐ लोहिताय नमः
9) ॐ लोहिताक्षाय नमः
10) ॐ साम गानाम कृपा करे नमः
11) ॐ धरात्मजाय नमः
12) ॐ भुजाय नमः
13) ॐ भौमाय नमः
14) ॐ भुमिजाय नमः
15) ॐ भूमि नन्दनाय नमः
16) ॐ अंगारकाय नमः
17) ॐ यमाय नमः
18) ॐ सर्व रोग प्रहाराकाय नमः
19) ॐ वृष्टि कर्ते नमः
20) ॐ वृष्टि हराते नमः
21) ॐ सर्व कामा फल प्रदाय नमः
🙏 ये 21 मन्त्र से भगवान मंगल देव को नमन करें ..फिर धरती पर अर्घ्य देना चाहिए..अर्घ्य देते समय ये मन्त्र बोले :-
भूमि पुत्रो महा तेजा
कुमारो रक्त वस्त्रका
ग्रहणअर्घ्यं मया दत्तम
ऋणम शांतिम प्रयाक्ष्मे
🙏 हे भूमि पुत्र!..महा क्यातेजस्वी,रक्त वस्त्र धारण करने वाले देव मेरा अर्घ्य स्वीकार करो और मुझे ऋण से शांति प्राप्त कराओ..*पंचक

🌸 एकादशी
पापांकुशा एकादशी- 27 अक्टूबर दिन मंगलवार

🌸 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं
दिनांक 19 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 1 होगा। आप राजसी प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। आपको अपने ऊपर किसी का शासन पसंद नहीं है। आप साहसी और जिज्ञासु हैं। आपका मूलांक सूर्य ग्रह के द्वारा संचालित होता है। आप अत्यंत महत्वाकांक्षी हैं। आपकी मानसिक शक्ति प्रबल है।
आपको समझ पाना बेहद मुश्किल है। आप आशावादी होने के कारण हर स्थिति का सामना करने में सक्षम होते हैं। आप सौन्दर्यप्रेमी हैं। आपमें सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला आपका आत्मविश्वास है। इसकी वजह से आप सहज ही महफिलों में छा जाते हैं।

🌸 शुभ दिनांक : 1, 10, 19, 28
🌸 शुभ अंक : 1, 10, 19, 28, 37, 46, 55, 64, 73, 82
🌸 शुभ वर्ष : 2026, 2044, 2053, 2062
🌸 ईष्टदेव : सूर्य उपासना तथा मां गायत्री
🌸 शुभ रंग : लाल, केसरिया, क्रीम,

🌸 कैसा रहेगा यह वर्ष
यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद रहेगा। अधूरे कार्यों में सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष उत्तम रहेगा। पारिवारिक मामलों में महत्वपूर्ण कार्य होंगे। अविवाहितों के लिए सुखद स्थिति बन रही है। विवाह के योग बनेंगे। नौकरीपेशा के लिए समय उत्तम हैं। पदोन्नति के योग हैं। बेरोजगारों के लिए भी खुशखबर है इस वर्ष आपकी मनोकामना पूरी होगी।

 *🌸 दैनिक राशिफल 🌸*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
प्रयास सफल रहेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। पराक्रम बढ़ेगा। आय में वृद्धि होगी। पराक्रम बढ़ेगा। किसी बड़े काम को करने में रुझान रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रशंसा प्राप्त होगी। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड से लाभ होगा। चोट व रोग से बचें। सुख के साधन जुटेंगे। घर में तनाव रह सकता है।
🐂वृष
शुभ समाचार प्राप्त होंगे। घर में मेहमानों का आगमन होगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। विवेक से कार्य करें। विरोधी सक्रिय रहेंगे। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में चैन रहेगा। आय में वृद्धि होगी। मित्रों के साथ समय मनोरंजक व्यतीत होगा। प्रमाद न करें।
👫मिथुन
पुराना रोग उभर सकता है। किसी बड़ी समस्या से सामना हो सकता है। लेन-देन में विशेष सावधानी रखें। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। दु:खद समाचार मिल सकता है। किसी व्यक्ति से बेवजह विवाद हो सकता है। व्यर्थ भागदौड़ होगी। कार्य में विलंब होगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। आय में निश्चितता रहेगी।
🦀कर्क
किसी गलती का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। जल्दबाजी व लापरवाही न करें। अज्ञात भय सताएगा। पुराना रोग उभर सकता है। भागदौड़ रहेगी। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी।

🐅सिंह
कुसंगति से हानि होगी। पूजा-पाठ में मन लगेगा। कोर्ट व कचहरी के कार्य अनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। परिवार के साथ समय अच्‍छा व्यतीत होगा। आर्थिक उन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। कारोबार अच्छा चलेगा। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्नता रहेंगे। भाइयों का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता बनी रहेगी।
🙍‍♀️कन्या
नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। कारोबार में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। नए व्यापारिक अनुबंध होंगे। धनार्जन होगा। लंबे समय से रुके कार्यों में गति आएगी। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। शत्रु परास्त होंगे। स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें।
⚖️तुला
पुराने शत्रु परेशान कर सकते हैं। थकान व कमजोरी रह सकती है। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। भाग्य का साथ रहेगा। व्यापार में वृद्धि के योग हैं। निवेश शुभ रहेगा। आय होगी। प्रमाद न करें।
🦂वृश्चिक
अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। दूसरों से अपेक्षा पूर्ण नहीं होने से खिन्नता रहेगी। कार्य में विलंब होगा। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। पारिवारिक चिंता बनी रहेगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। व्यस्तता रहेगी।

🏹धनु
धनलाभ के अवसर प्राप्त होंगे। शत्रु परास्त होंगे। कोर्ट व कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। वाहन व मशीनरी आदि के प्रयोग में सावधानी रखें, विशेषकर स्त्रियां रसोई में ध्यान रखें। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। किसी व्यक्ति से बेवजह विवाद हो सकता है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें।
🐊मकर
रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। निवेश के सुखद परिणाम आएंगे। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। किसी बड़ी बाधा के दूर होने से प्रसन्नता रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। पुराना रोग उभर सकता है। विवाद से क्लेश संभव है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें।
🍯कुंभ
जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। सुख के साधन जुटेंगे। कारोबार में वृद्धि होगी। निवेशादि शुभ रहेंगे। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। स्त्री पक्ष से लाभ होगा। अज्ञात भय रहेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। आय में निश्चितता होगी। ऐश्वर्य पर व्यय होगा।
🐟मीन
लेन-देन में जल्दबाजी न करें। किसी अपरिचित पर अतिविश्वास न करें। आय में वृद्धि होगी। भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। कोई बड़ा लाभ हो सकता है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। भाग्य बेहद अनुकूल है, लाभ लें। चोट व रोग से बचें। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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