Dharma & Karma (ज्योतिष शास्त्र) Dream Zone 

धनु राशि वालों की धर्म-कर्म में आस्था बढ़ेगी। आर्थिक उन्नति व कार्यप्रणाली सुधारने के लिए नई योजना बनेगी। तत्काल लाभ, सामाजिक सेवाकार्य…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धनिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र – सम्पर्क सूत्र – 9518782511
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏
🙏🌸🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌸🙏
🙏ll जय श्री राधे ll*🙏
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दिनाँक -: 28/12/2020,सोमवार
चतुर्दशी, शुक्ल पक्ष
मार्गशीर्ष
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि ————चतुर्दशी अहोरात्र तक
पक्ष —————————-शुक्ल
नक्षत्र ———रोहिणी 15:38:36
योग —————शुभ 16:15:54
करण ————–गर 19:10:38
वार ————————-सोमवार
माह ———————– मार्गशीर्ष
चन्द्र राशि ——वृषभ 28:38:34
चन्द्र राशि —————–मिथुन
सूर्य राशि ———————- धनु
रितु —————————-हेमंत
आयन ——————–उत्तरायण
संवत्सर ———————–शार्वरी
संवत्सर (उत्तर)————- प्रमादी
विक्रम संवत —————-2077
विक्रम संवत (कर्तक)——2077
शाका संवत —————-1942

मुम्बई
सूर्योदय —————–07:09:55
सूर्यास्त —————–17:32:04
दिन काल —————10:22:08
रात्री काल ————-13:38:12
चंद्रोदय —————–16:06:01
चंद्रास्त —————–30:18:53

लग्न —-धनु 12°38′ , 252°38′

सूर्य नक्षत्र ———————मूल
चन्द्र नक्षत्र ——————रोहिणी
नक्षत्र पाया ——————–लोहा

🙏🌸 पद, चरण 🌸🙏

वी ————रोहिणी 09:05:57
वु ————रोहिणी 15:38:36
वे ———–मृगशिरा 22:09:29
वो ———–मृगशिरा 28:38:34

🌸 राहू काल 08:28 – 09:45 अशुभ
🌸 अभिजित 12:00 -12:42 शुभ

🌸 चोघडिया, दिन
अमृत 07:10 – 08:28 शुभ
काल 08:28 – 09:45 अशुभ
शुभ 09:45 – 11:03 शुभ
रोग 11:03 – 12:21 अशुभ
उद्वेग 12:21 – 13:39 अशुभ
चर 13:39 – 14:57 शुभ
लाभ 14:57 – 16:14 शुभ
अमृत 16:14 – 17:32 शुभ

🌸 चोघडिया, रात
चर 17:32 – 19:14 शुभ
रोग 19:14 – 20:57 अशुभ
काल 20:57 – 22:39 अशुभ
लाभ 22:39 – 24:21* शुभ
उद्वेग 24:21* – 26:03* अशुभ
शुभ 26:03* – 27:46* शुभ
अमृत 27:46* – 29:28* शुभ
चर 29:28* – 31:10* शुभ

🌸 दिशा शूल ज्ञान———————पूर्व
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🌸 अग्नि वास ज्ञान -:

14 + 2 + 1 = 17 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

🌸 शिव वास एवं फल -:

14 + 14 + 5 = 33 ÷ 7 = 5 शेष
ज्ञानवेलायां = कष्ट कारक

*🌸विशेष जानकारी🌸*
  • सर्वार्थसिद्धि योग 15:38 से
  • त्रिपुर भैरव जयन्ती 🙏🌸 शुभ विचार 🌸🙏

नराणां नापितो धूर्तः पक्षिणां चैव वायसः ।
चतुष्पदां श्रृगालस्तु स्त्रीणां धुर्ता च मालिनी ।।
।।चा o नी o।।

इन सब को आपनी माता समझें .
१. राजा की पत्नी
२. गुरु की पत्नी
३. मित्र की पत्नी
४. पत्नी की माँ
५. आपनी माँ.

*🌸 सुभाषितानि 🌸*

गीता -: कर्मसंन्यासयोग अo-05

योगयुक्तो विशुद्धात्मा विजितात्मा जितेन्द्रियः ।,
सर्वभूतात्मभूतात्मा कुर्वन्नपि न लिप्यते ॥,

जिसका मन अपने वश में है, जो जितेन्द्रिय एवं विशुद्ध अन्तःकरण वाला है और सम्पूर्ण प्राणियों का आत्मरूप परमात्मा ही जिसका आत्मा है, ऐसा कर्मयोगी कर्म करता हुआ भी लिप्त नहीं होता॥,7॥,

🌸 व्रत पर्व विवरण -🌸

🌸 विशेष – चतुर्दशी व पूर्णिमा को ब्रह्मचर्य का पालन करे ।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

🌸 पिशाच मोचिनी तिथि (श्राद्ध) 🌸
➡ पिशाचमोचन श्राद्ध तिथिः मार्गशीर्ष शुक्ल चतुर्दशी जो इस वर्ष 28 दिसम्बर 2020 सोमवार को प्रातः 06:21 से 29 दिसम्बर, मंगलवार को सुबह 07:54 तक मार्गशीर्ष शुक्ल चतुर्दशी है।
🙏🏻 इस दिन प्रेत योनि को प्राप्त जीवों (पूर्वजों) के निमित्त तर्पण आदि करने से उनकी सदगति होती है |जिनके घर-परिवार, आस-पडोस या परिचय में किसी की अकाल मृत्यु हुई हो या कोई भूत-प्रेत अथवा पितृबाधा से पीड़ित हो, वे पिशाच मोचिनी तिथि को उनकी सदगति, आत्मशांति और मुक्ति के लिए संकल्प करके श्राद्ध – तर्पण अवश्य करें | भूत-प्रेतादि से ग्रस्त व्यक्ति इसे अवश्य करें |
➡ विधिः प्रातः स्नान के बाद दक्षिणमुख होकर बैठें। तिलक, आचमन आदि के बाद पीतल या ताँबे के थाल अथवा तपेली आदि मे पानी लें। उसमें दूध, दही, घी, शक्कर, शहद, कुम -कुम, अक्षत, तिल, कुश मिलाकर रखें। हाथ में शुद्ध जल लेकर संकल्प करें कि ʹअमुक व्यक्ति (नाम) के प्रेतत्व निवारण हेतु हम आज पिशाचमोचन श्राद्ध तिथि को यह पिशाचमोचन श्राद्ध कर रहे हैं।ʹ हाथ का जल जमीन पर छोड़ दें। फिर थोड़े काले तिल अपने चारों ओर जमीन पर छिड़क दें कि भगवान विष्णु हमारे श्राद्ध की असुरों से रक्षा करें। अब अनामिका उँगली में कुश की अँगूठी पहनकर (ʹૐ अर्यमायै नमःʹ) मंत्र बोलते हुए पितृतीर्थ से 108 तर्पण करें अर्थात् थाल में से दोनों हाथों की अंजली भर-भर के पानी लें एवं दायें हाथ की तर्जनी उँगली व अँगूठे के बीच से गिरे, इस प्रकार उसी पात्र में डालते रहें। ( तर्पण पीतल या ताँबे के थाल अथवा तपेली में बनाकर रखे जल से करना है।)
🙏🏻 108 तर्पण हो जाने के बाद दायें हाथ में शुद्ध जल लेकर संकल्प करें कि सर्व प्रेतात्माओं की सदगति के निमित्त किया गया, यह तर्पण कार्य भगवान नारायण के श्रीचरणों में समर्पित है। फिर तनिक शांत होकर भगवद्-शांति में बैठें। बाद में तर्पण के जल को पीपल में चढ़ा दें।

🌸 मार्गशीर्ष मास की शुक्ल मास चतुर्दशी 🌸
🙏🏻 मस्त्यपुराण कहता है कि – मार्गशीर्ष मास शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि के दिन अगर कोई शिवजी का १७ नामों से पूजन करे या वो १७ मंत्र बोलकर उनको प्रणाम करे | जो शिव है वो गुरु है और जो गुरु है वो शिव है | अपने गुरुदेव का भी स्मरण करते करते करें , तो भी उन तक पहुँच जाता है | और ज्यादा किसी को समस्या है वो विशेष रूप से, १७ नाम मस्त्यपुराण में बताया है | उसी दिन खास महिमा है उसकी, मार्गशीर्ष मास के बारे में जानते होंगे, जो भगवत गीता पाठ करते हैं | तो भगवान ने गीता के १० वे अध्याय में कहाँ है – ‘मासा नाम मार्गशीर्षोंहम’ की जो मार्गशीर्ष मास में भगवान ने अपनी विभूति बताया और उसमे शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी |
👉🏻 १७ नाम इस प्रकार 👈🏻
१) ॐ शिवाय नम:
२) ॐ सर्वात्मने नम:
३) ॐ त्रिनेत्राय नम:
४) ॐ हराय नम:
५) ॐ इन्द्र्मुखाय नम:
६) ॐ श्रीकंठाय नम:
७) ॐ सत्योजाताय नम:
८) ॐ वामदेवाय नम:
९) ॐ अघोरहृदयाय नम:
१०) ॐ तत्पुरुषाय नम:
११) ॐ ईशानाय नम:
१२) ॐ अनंतधर्माय नम:
१३) ॐ ज्ञानभुताय नम:
१४) ॐ अनंतवैराग्यसिंघाय नम:
१५) ॐ प्रधानाय नम:
१६) ॐ व्योमात्मने नम:
१७) ॐ युक्तकेशात्मरूपाय नम:
🙏🏻 तो जिनको जीवन में कष्ट आदि हैं उनको दूर करने में मदद मिलती है | और दो नाम पार्वतीजी के बोलेंगे उसी दिन – ॐ पुष्ट्ये नम: , ॐ तुष्टये नम: माँ पार्वती को नमन करके ये दो मंत्र उस दिन बोले की मैं श्रद्धा और भक्ति से पुष्ट बनूँ क्योंकि पार्वतीजी ‘भवानी शंकरों वन्दे श्रद्धा विश्वास रुपिनों’ आप श्रद्धा की मूर्ति है माँ मैं श्रद्धा से पुष्ट बनूँ मैं गुरुदेव के प्रति विचार रूपी सात्विक श्रद्धा से पुष्ट बनूँ |
🌸शिव गायत्री मंत्र – ॐ तत्पुरुषाय विद्महे | महादेवाय धीमहि, तन्नो रूद्र प्रचोदयात् ।।

🌸 30 दिसम्बर बुधवार मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत

🌸 दैनिक राशिफल 🌸

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति पर व्यय होगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। निवेश शुभ फल देगा। भाग्य का साथ मिलेगा। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है। दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप न करें। प्रमाद से बचें। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे।

🐂वृष
पुराने संगी-साथी तथा रिश्तेदारों से मुलाका‍त होगी। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी। किसी लंबी यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। बुद्धि का प्रयोग लाभ में वृद्धि तथा समस्या में कमी करेगा। व्यापार ठीक चलेगा।

👫मिथुन
प्रयास सफल रहेंगे। काफी समय से लंबित कार्य पूर्ण होने के योग हैं। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। सामाजिक कार्य करने की प्रेरणा किसी वरिष्ठ व्यक्ति से प्राप्त होगी। आय में वृद्धि होगी। निवेश शुभ फल देगा। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा।

🦀कर्क
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। बेवजह तनाव व चिंता रहेंगे। मामूली बात पर विवाद हो सकता है। कारोबार में लाभ होगा। मन में संवेदनशीलता बनी रहेगी। दु:खद समाचार मिल सकता है। नौकरी में कार्यभार रहेगा। विवाद से दूर रहें। पुरानी व्याधि परेशानी का कारण बन सकती है।

🐅सिंह
किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग अपने क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करेगा। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। सभी क्षेत्रों में सफलता प्राप्त होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

🙍‍♀️कन्या
भूमि व भवन की खरीद-फरोख्त की योजना बनेगी। कारोबारी बड़ा लाभ हो सकता है। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता मिलेगी। नौकरी में उच्चाधिकारियों की प्रसन्नता प्राप्त होगी। प्रशंसा मिलेगी। जल्दबाजी व अति उत्साह में कोई कार्य न करें। धनार्जन होगा। प्रसन्नता बनी रहेगी।

⚖️तुला
कोर्ट-कचहरी व सरकारी कार्यालयों में रुके कामों में अनुकूलता रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। दांपत्य जीवन में आनंद बना रहेगा। मातहतों का सहयोग मिलेगा। किसी भी तरह के विवाद में न पड़ें। निवेश शुभ रहेगा। व्यापार-व्यवसाय में गति बनी रहेगी। प्रमाद न करें।

🦂वृश्चिक
पुराना रोग परेशानी का कारण रहेगा। सेहत पर विशेष ध्यान दें। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें। दुष्टजनों से दूरी बनाए रखें। समय नेष्ट है। वाणी पर नियंत्रण आवश्यक है। कारोबारी लाभ में वृद्धि होगी। आय बनी रहेगी। निवेश में जल्दबाजी न करें।

🏹धनु
धर्म-कर्म में आस्था बढ़ेगी। आर्थिक उन्नति व कार्यप्रणाली सुधारने के लिए नई योजना बनेगी। तत्काल लाभ नहीं होगा। सामाजिक सेवाकार्य करने के लिए प्रेरणा मिलेगी। मान-सम्मान मिलेगा। धन प्राप्ति सु्गम होगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं, सावधान रहें।

🐊मकर
किसी जानकार व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। कोर्ट व कचहरी के कार्यों में गति आएगी। व्यापारी वर्ग लाभ की वृद्धि का आनंद ले सकता है। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। सावधानी आवश्यक है। धन प्राप्ति सुगम होगी। तंत्र-मंत्र में रुचि जागृत होगी।

🍯कुंभ
बकाया वसूली समय पर होगी। नौकरी में उच्चाधिकारी की प्रसन्नता प्राप्त होगी। व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। भाग्य अनुकूल है। समय का लाभ लें। प्रमाद न करें।

🐟मीन
आशा व निराशा के बीच समय गुजरेगा। आर्थिक परेशानी रहेगी। फालतू खर्च होगा। बजट बिगड़ेगा। दूसरों से अपेक्षा न करें। समय पर काम नहीं होने से तनाव रहेगा। महत्वपूर्ण निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें। वाणी में हल्के शब्दों का प्रयोग न करें।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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