Dharma & Karma (ज्योतिष शास्त्र) Dream Zone 

आप सभी को दीपावली की हार्दिक शुभ कामना, आज पूजा का शुभ मुहूर्त! किस मंत्र से करें जाप? आज की एक पूजा एक साल की पूजा के…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबऻग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र-🌸🙏🌸
सम्पर्क सूत्र-9518782511
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏
🙏🌸🙏 अथ पंचांगम् ‌ 🙏🌸🙏
🙏ll जय श्री राधे ll*🙏
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏

दिनाँक -: 14/11/2020,शनिवार
चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष
कार्तिक
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि ——–चतुर्दशी 14:17:22 तक
पक्ष —————————कृष्ण
नक्षत्र ———-स्वाति 20:08:19
योग ——आयुष्मान 07:29:38
योग ———-सौभाग्य 27:14:24
करण ———शकुनी 14:17:22
करण ——–चतुष्पद 24:26:10
वार ————————-शनिवार
माह ———————— कार्तिक
चन्द्र राशि ——————– तुला
सूर्य राशि ———————–तुला
रितु —————————–शरद
आयन ——————दक्षिणायण
संवत्सर ———————–शार्वरी
संवत्सर (उत्तर) ————-प्रमादी
विक्रम संवत —————-2077
विक्रम संवत (कर्तक)——2076
शाका संवत —————-1942

मुम्बई
सूर्योदय —————–06:41:15
सूर्यास्त —————–17:41:19
दिन काल ————-11:00:04
रात्री काल ————-13:00:34
चंद्रास्त —————-17:12:29
चंद्रोदय —————–30:31:41

लग्न —-तुला 27°59′ , 207°59′

सूर्य नक्षत्र —————विशाखा
चन्द्र नक्षत्र ——————-स्वाति
नक्षत्र पाया ——————रजत

🌸🙏🌸पद, चरण🌸🙏🌸

रे —————स्वाति 09:36:52
रो ————–स्वाति 14:52:34
ता ————–स्वाति 20:08:19
ती ———–विशाखा 25:24:14
तू ———–विशाखा 30:40:32

🌸 राहू काल 09:22 – 10:43 अशुभ
🌸 अभिजित 11:42 -12:25 शुभ

🌸 चोघडिया, दिन
काल 06:41 – 08:01 अशुभ
शुभ 08:01 – 09:22 शुभ
रोग 09:22 – 10:43 अशुभ
उद्वेग 10:43 – 12:04 अशुभ
चर 12:04 – 13:24 शुभ
लाभ 13:24 – 14:45 शुभ
अमृत 14:45 – 16:06 शुभ
काल 16:06 – 17:26 अशुभ

🌸 चोघडिया, रात
लाभ 17:26 – 19:06 शुभ
उद्वेग 19:06 – 20:45 अशुभ
शुभ 20:45 – 22:25 शुभ
अमृत 22:25 – 24:04* शुभ
चर 24:04* – 25:43* शुभ
रोग 25:43* – 27:23* अशुभ
काल 27:23* – 29:02* अशुभ
लाभ 29:02* – 30:41* शुभ

 *🌸 दिशा शूल ज्ञान---------------------पूर्व* 

परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो लौंग अथवा कालीमिर्च खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🌸 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
15 + 14 + 7 + 1 = 37 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

🌸 शिव वास एवं फल -:
29 + 29 + 5 = 63 ÷ 7 = 0 शेष
शमशान वास = मृत्यु कारक

*🌸विशेष जानकारी🌸*
  • रूपचतुर्दशी (प्रातः स्नान)
  • दीपावली (लक्ष्मी पूजन)
  • सर्वार्थ सिद्धि योग 20:08 तक
  • बाल दिवस
  • शनिश्चरी अमावस्या 🙏🌸 शुभ विचार 🌸🙏

विद्यार्थी सेवकः पान्थः क्षुधार्तो भयकातरः ।
भाण्डारी प्रतिहारी च सप्त सुप्तान् प्रबोधयेत् ।।
।।चा o नी o।।

इन सातो को जगा दे यदि ये सो जाए…
१. विद्यार्थी
२. सेवक
३. पथिक
४. भूखा आदमी
५. डरा हुआ आदमी
६. खजाने का रक्षक
७. खजांची

    *🌸 सुभाषितानि 🌸*

गीता -: आत्मसंयमयोग अo-06

योगी युञ्जीत सततमात्मानं रहसि स्थितः ।,
एकाकी यतचित्तात्मा निराशीरपरिग्रहः ॥,

मन और इन्द्रियों सहित शरीर को वश में रखने वाला, आशारहित और संग्रहरहित योगी अकेला ही एकांत स्थान में स्थित होकर आत्मा को निरंतर परमात्मा में लगाए॥,10॥

🌸व्रत पर्व विवरण –🌸

दर्श अमावस्या, नरक चतुर्दशी (तैलाभ्यंग स्नान), दीपावली, महालक्ष्मी-शारदा-कुबेर पूजन
🌸 विशेष – चतुर्दशी और अमावस्या के दिन ब्रह्मचर्य पालन करे तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)

🌸 दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त –
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त्त :17:30:04 से 19:25:54 तकअवधि :1 घंटे 55 मिनट
प्रदोष काल :17:27:41 से 20:06:58 तकवृषभ काल :17:30:04 से 19:25:54 तक
व्यापारिक प्रतिष्ठान, शोरूम, दुकान, गद्दी की पूजा, कुर्सी की पूजा, गल्ले की पूजा, तुला पूजा, मशीन-कंप्यूटर, कलम-दवात आदि की पूजा का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त अभिजित- दोपहर 12 बजकर 09 मिनट से आरम्भ हो जाएगा

🌸 दिवाली के दिन 🌸
🎇 दिवाली के दिन अपने घर के बाहर सरसों के तेल का दिया जला देना, इससे गृहलक्ष्मी बढ़ती है ।
🎇 दिवाली की रात प्रसन्नतापूर्वक सोना चाहिये ।
🍚 थोड़ी खीर कटोरी में डाल के और नारियल लेकर के घूमना और मन में “लक्ष्मी- नारायण” जप करना और खीर ऐसी जगह रखना जहाँ किसी का पैर ना पड़े और गाये, कौए आदि खा जाएँ और नारियल अपने घर के मुख्य द्वार पर फोड़ देना और इसकी प्रसादी बाँटना । इससे घर में आनंद और सुख -शांति रहेगी ।
🎇 दिवाली के दिन अपने घर के मुख्य द्वार पर नीम व अशोक (आसोपाल ) के पत्तों का तोरण लगा देना , इस पर से पसार होने वाले की रोग प्रतिकारक शक्ति बढेगी ।
🎇 दिवाली के दीन अगर घर के लोग गाय के गोबर के जलते हुए कंडे पर ५-५ आहुतियाँ डालते हैं, तो उस घर में सम्पदा व संवादिता की सम्भावना बढ़ जाती है । घी, गुड़, चन्दन चूरा, देशी कपूर, गूगल, चावल, जौ और तिल । ५-५ आहुति इन मंत्र को पढ़कर डालें – स्थान देवताभ्यो नमः, ग्राम देवताभ्यो नमः, कुल देवताभ्यो नमः । फिर २-५ आहुतियाँ लक्ष्मीजी के लिए ये मंत्र बोलकर डालें -श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमलवासिन्यै स्वाहा ।

🌸 दिवाली की रात मंत्र सिद्धि 🌸
🎇 दिवाली की रात भूलना नहीं जप, ध्यान, सुमिरन सफल होता है, इसलिये स्वास्थ्य का मंत्र जप लेना और संम्पति प्राप्तिवाले संम्पति का लक्ष्मी का मंत्र अथवा श्री हरि वाला मंत्र जप लेना और भगवत प्राप्ति वाले तो संकल्प करना –
🌸 ॐकार मंत्र गायत्री छंद परमात्मा ऋषि |
अंतर्यामी देवता, अंतर्यामी प्रीति अर्थे जपे विनियोग |
लंबा श्वास लो ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ………

मां लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के लिए उनके अलग-अलग तरह के भोग भी लगाए जाते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं। ऐसी चीजें जिन्हें आप धनतेरस और दिवाली पर मां लक्ष्मी के भोग में शामिल कर मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

फलों में आप लक्ष्मी जी की पूजा में सिघाड़ा,अनार, श्रीफल अर्पित कर सकते हैं। दिवाली की पूजा में सीताफल को भी रखा जाता है। इसके अलावा दिवाली की पूजा में कुछ लोग ईख भी रखते हैं। सिंघाड़ा भी नदी के किनारे पाया जाता है इसलिए मां लक्ष्मी को सिंघाड़ा भी बहुत पंसद है। मिष्ठान में मां लक्ष्मी को केसरभात, चावल की खीर जिसमें केसर पड़ा हो, हलवा आदि भी बहुत पसंद हैं।
इसके साथ ही बेसन के लड्डू यानी पीले रंग की मिठाई भी मां लक्ष्मी को अर्पित की जा सकती हैं। वहीं माता लक्ष्मी को चकिशमिश, चारोली, मखाने और काजू जैसे नेवैद्य भी अर्पित करने चाहिए
माता लक्ष्मी की तस्वीर या मूर्ति पर मोगरे का इत्र अर्पित करें।
गुलाब का इत्र चढ़ाने से रति और कामसुख की प्राप्ति होती है।
माता महालक्ष्मी को केवड़े का इत्र अर्पित करने से मानसिक शांति की प्राप्ति होती है।
माता को चंदन का इत्र चढ़ाने से भाग्य में वृद्धि होने लगती है।
🌸दिवाली के समय बताई गयी कुछ बातें –
कार्तिक अमावस्या के दिन दिवाली का पर्व मनाया जाता है, इस दिन भगवान गणेश के साथ महालक्ष्मी की भी पूजा की जाती है और उनका आह्वान भी किया जाता है। दीपावली की रात सभी साधनाओं के लिए सर्वाधिक उपयुक्त माना गया है। अमावस्या की इस रात को माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए कई उपाय किए जाते हैं

दिवाली की रात लक्ष्मी पूजा के दौरान 9 गोमती चक्र और पीली कोड़ी माता के पास रख दें। फिर उनको लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रख दें। ऐसा करने से वर्षभर घर में सृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। साथ ही मां लक्ष्मी की आशीर्वाद से कभी भी पैसों की कमी नहीं होती है।

अगर आपको लगातार आर्थिक हानि का सामना करना पड़ रहा है तो दिवाली की पात लक्ष्मी पूजन के साथ 11 अभिमंत्रित गोमती चक्रों को हल्दी से तिलक लगाएं और उनकी भी पूजा करें। इसके बाद अगली अमावस्या को बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें। इसके बाद आपको जरूर फायदा शुरू हो जाएगा।

दीपावली की रात 5 साबुत सुपारी, काली हल्‍दी और 5 कौड़ी लेकर गंगाजल से धोकर लाल कपड़े में बांधकर दिवाली पूजन के समय चांदी की कटोरी या थाली में रखकर पूजन करें। इसके बाद अगले दिन सुबह सारा सामान धन रखने वाली जगह पर रख दें। ऐसा करने से हमेशा मां लक्ष्‍मी आपके घर विराजी रहेंगी।

दुकानदार और कारोबारी दिवाली की रात एक साबुत फिटकरी का टुकड़ा लें। टुकड़े को दुकान के चारों तरफ घुमाएं और किसी चौराहे पर जाकर उत्तर दिशा की तरफ फेंक दें। ध्यान रहे कि फिर पीछे मुडकर न दें। ऐसा करने से ग्राहक आपकी दुकान की तरफ आकर्षित होंगे और धन लाभ में वृद्धि होगी।

दिवाली की रात लक्ष्मी पूजन में पांच गोमती चक्र पर केसर और चंदन से ‘श्री ह्रीं श्री’ लिखें और उनको पूजा में उन्हें शामिल करें। इसके बाद उनके समक्ष लक्ष्मी मंत्रों का यथाशक्ति अधिक संख्या में जाप करें। तत्पश्चात उन्हें धन के साथ रखें। वर्ष पर्यंत धन की कमी नहीं होगी,
🎇 पूजा के स्थान पर मोर-पंख रखने से लक्ष्मी-प्राप्ति में मदद मिलती है…
🎇 दीपावली की संध्या को तुलसी जी के निकट दिया जलायें, लक्ष्मीजी को प्रसन्न करने में मदद मिलती है; कार्तिक मास में तुलसीजी के आगे दिया जलाना पुण्य-दाई है, और प्रातः-काल के स्नान की भी बड़ी भारी महिमा है |
🎇 दीपावली, जन्म-दिवस, और नूतन वर्ष के दिन, प्रयत्न-पूर्वक सत्संग सुनना चाहिए |
🎇 दीपावली की रात का जप हज़ार गुना फलदाई होता है; ४ महा-रात्रियाँ हैं – दिवाली, शिवरात्रि, होली, जन्माष्टमी – यह सिद्ध रात्रियाँ हैं, इन रात्रियों का अधिक से अधिक जप करके लाभ लेना चाहिए |
🙏🏻 दीपावली के अगले दिन , नूतन वर्ष होता है ; उस दिन, सुबह उठ कर थोडी देर चुप बैठ जाएँ; फिर, अपने दोनों हाथों को देख कर यह प्रार्थना करें:
🌸 कराग्रे वसते लक्ष्मी, कर-मध्ये च सरस्वती,
कर-मूले तू गोविन्दः, प्रभाते कर दर्शनं ||
अर्थात –
मेरे हाथों के अग्र भाग में लक्ष्मी जी का वास है, मेरे हाथों के मध्य भाग में सरस्वती जी हैं; मेरे हाथों के मूल में गोविन्द हैं, इस भाव से अपने दोनों हाथों के दर्शन करता हूँ…
🙏🏻 फिर, जो नथुना चलता हो, वही पैर धरती पर पहले रखें; दाँया चलता हो, तो ३ कदम आगे बढायें, दांए पैर से ही; बाँया चलता हो, तो ४ कदम आगे बढायें, बाँए पैर से ही;
🙏🏻 नूतन वर्ष का दिन जो व्यक्ति हर्ष और आनंद से बिताता है, उसका पूरा वर्ष हर्ष और आनंद से भरं जाता है

🌸 दिवाली के दिन🌸
🎆 दिवाली के दिन घर के पहले द्वार पर चावल का आटा और हल्दी का मिश्रण करके स्वस्तिक अथवा ॐ लगा देना, ताकि गृह दोष दूर हों और लक्ष्मी की स्थिति हो ।

🌸 लक्ष्मी प्राप्ति के उपाय 🌸
🎆 दीपावली की रात मुख्य दरवाजे के बाहर दोनों तरफ १-१ दिया गेहूँ के ढेर पे जलाएं और कोशिश करें की दिया पूरी रात जले| आपके घर में सुख समृद्धि की वृद्धि होगी|
🙏🏻 जिनके घर में आर्थिक परेशानी हो वो घर में भगवती लक्ष्मी का पूजन करें|
ॐ महालक्ष्मऐ नमः
ॐ विष्णुप्रियाऐ नमः
ॐ श्रीं नमः
🙏🏻 इन मन्त्रों में से किसी एक मंत्र का जप करें|
🌙 रात को चंद्रमा को अर्घ्य दें |
👉🏻 अर्घ्य देते समय :
ॐ सोमाय नमः |
ॐ चन्द्रमसे नमः |
ॐ रोहिणी कान्ताय नमः |
ॐ सोमाय नमः |
ॐ चन्द्रमसे नमः |
ॐ रोहिणी कान्ताय नमः |
👉🏻 इन मन्त्रों से पूजन करें |
🎆 दिवाली की रात को चाँदी की छोटी कटोरी या दिये में कपूर जलने से दैहिक दैविक और भौतिक परेशानी/कष्टों से मुक्ति होती है| दिवाली के दिन स्फटिक की माला से
👉🏻 इन मन्त्रों के जप करने से लक्ष्मी आती हैं
ॐ महालक्ष्मऐ नमः
ॐ विष्णुप्रियाऐ नमः
ॐ श्रीं नमः
🎆 दिवाली की रात गणेशजी को लक्ष्मी जी के बाएं रख कर पूजा की जाये तो कष्ट दूर होते हैं. अगर घर में खींचातानी हो या दुकान में बरकत नहीं हो तो हर रविवार को एक लोटे में जल भर कर २१ बार गायत्री मन्त्र (ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यम भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात) का जप करके जल को दीवारों पर छाँट दे पर ध्यान रहे की पैरों के नीचे जल ना आये इसलिए दीवारों पर ही छाँटना है|

🌸 दिवाली में 🌸
🎆 दीपावली की सुबह तेल से मालिश करके स्नान करना चाहिये।

🌸 भूत प्रेत से रक्षा
🎆 दिवाली के दिन सरसों के तेल का या शुध्द घी का दिया जलाकर काजल बना ले…ये काजल लगाने से भूत प्रेत पिशाच, डाकिनी से रक्षा होती है…और बुरी नजर से भी रक्षा होती है।

🌸 माँ लक्ष्मी मन्त्र 🌸
🎆 दिवाली की रात कुबेर भगवान ने लक्ष्मी जी की आराधना की थी तो कुबेर बन गए ,जो धनाढ्य लोगो से भी बड़े धनाढ्य हैं..सभी धन के स्वामी हैं..ऐसा इस काल का महत्त्व है.. दिया जला के जप करने वाले को धन, सामर्थ्य , ऐश्वर्य पाए…ध्रुव , राजा प्रियव्रत ने भी आज की रात को लक्ष्मी प्राप्ति का , वैभव प्राप्ति का जप किया था…मन्त्र बहुत सरल है…मन्त्र का फल प्राप्त करने के लिए श्रद्धा से मंत्र सुने –
🌸 माँ लक्ष्मी मन्त्र
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमलवासिन्यै स्वाहा
दिवाली से पहले लोग घरों की सफाई करते हैं। लेकिन धनतेरस के दिन घर के कुछ खास जगहों की सफाई का विशेष महत्व है। मान्यता है कि धनतेरस पर मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की कृपा पाने के लिए घर के कुछ खास कोनों की सफाई जरूरी करनी चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से धन-धान्य में बरकत के साथ मां लक्ष्मी का हमेशा साथ बना रहता है।
1.🌸 वास्तु के अनुसार, घर के ईशान कोण का खास महत्व होता है। वास्तु शास्त्र में इसे देवताओं का स्थान माना गया है। कहते हैं कि आमतौर पर घरों में मंदिर इसी कोण में होता है। घर के ईशान कोण को उत्तर-पूर्व कोण भी कहते हैं। मान्यता है कि धनतेरस के दिन इस कोण की सफाई जरूर करनी चाहिए। कहते हैं कि अगर आप इस घर का कोना कभी इस्तेमाल नहीं करते या गंदा रहता है तो मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त नहीं होता है।
2.🌸 धनतेरस के दिन सवेरे घर के पूर्व के स्थानों की सफाई करना शुभ होता है। कहते हैं कि ऐसा करने से घर में पॉजिटिव ऊर्जा आती है और साथ ही मां लक्ष्मी का स्थायी वास घर में होता है और तरक्की मिलने का योग बनता है।
3.🌸 धनतेरस के दिन उत्तर दिशा का साफ भी होना जरूरी होता है। कहते हैं कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी का साथ हमेशा बना रहता है।

4.🌸 घर के बीचो-बीच की जगह यानी ब्रह्म स्थान सबसे महत्वपूर्ण होता है। मान्यता है कि इस जगह पर बिना जरूरत वाला सामान नहीं रखना चाहिए। साथ ही इस जगह को हर दिन साफ करना चाहिए। धनतेरस के दिन इस जगह की सफाई का विशेष महत्व है। कहते हैं कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है।

🌸 दैनिक राशिफल 🌸

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
राजमान व यश में वृद्धि होगी। किसी प्रभावशाली व्यक्ति से परिचय होगा। सामाजिक कार्य करने की इच्छा रहेगी। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। काफी समय से लंबित कार्यों में गति आएगी। लाभ के अवसर बढ़ेंगे। कारोबारी नए अनुबंध हो सकते हैं। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। प्रसन्नता बनी रहेगी।
🐂वृष
स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। सुख के साधन जुटेंगे। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देंगे। निवेशादि शुभ रहेंगे। उत्साह में वृद्धि होगी।
👫मिथुन
राजभय रहेगा। जल्दबाजी व लापरवाही न करें। विवाद को बढ़ावा न दें। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। कुसंगति से बचें। हानि होगी। कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर करें। व्यापार-व्यवसाय की गति धीमी रहेगी।
🦀कर्क
वै‍वाहिक प्रस्ताव विवाह के उम्मीदवारों का इंतजार कर रहा है। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। अनहोनी की आशंका रह सकती है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। आय में वृद्धि होगी। प्रसन्नता बनी रहेगी।
🐅सिंह
सामाजिक कार्य करने का मन बनेगा। थोड़े प्रयास से ही रुके काम बनेंगे। पराक्रम व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। उत्साह व प्रसन्नता से कार्य कर पाएंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। अधिकारी वर्ग प्रसन्न रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। थकान व कमजोरी रह सकती है।
🙍‍♀️कन्या
परिवार के छोटे सदस्यों की अध्ययन तथा स्वास्‍थ्य संबंधी चिंता रहेगी। विवाद से क्लेश संभव है। दूर से दु:खद समाचार मिल सकता है। पुराना रोग उभर सकता है। भागदौड़ अधिक होगी। लाभ में कमी रहेगी। उत्साह की कमी महसूस करेंगे। व्यापार ठीक चलेगा।
⚖️तुला
विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। शत्रु पस्त होंगे। उनकी एक नहीं चलेगी। किसी मांगलिक-आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। हल्की हंसी-मजाक से बचें। कार्यक्षेत्र में उत्साह व प्रसन्नता बनी रहेगी।
🦂वृश्चिक
सुख के साधनों पर बड़ा खर्च हो सकता है। लेन-देन में सावधानी रखें। अज्ञात भय रहेगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। शुभ समाचारों की प्राप्ति से प्रसन्नता रहेगी। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कोई बड़ा काम करने की इच्छा प्रबल होगी।
🏹धनु
शत्रु सक्रिय रहेंगे। सावधानी आवश्यक है। घर-परिवार की चिंता रहेगी। चोट व रोग से बचें। कष्ट संभव है। लेन-देन में जल्दबाजी न करे। भूमि व भवन संबंधी कार्य मनोनुकूल लाभ देंगे। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। रोजगार में वृद्धि होगी। कारोबार में वृद्धि होगी। यात्रा संभव है।
🐊मकर
शत्रु कोई बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं। वाहन व मशीनरी के कार्यों में सावधानी रखें। पुराना रोग उभर सकता है। किसी व्यक्ति विशेष से कहासुनी हो सकती है। वाणी पर नियंत्रण रखें। समय पर किसी कार्य का भुगतान नहीं कर पाएंगे। व्यापार-व्यवसाय साधारण रहेगा।
🍯कुंभ
सुख के साधन जुटेंगे। पूजा-पाठ में मन लगेगा। कोर्ट व कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। आय के नए साधन प्राप्त हो सकते हैं। नौकरी में सहकर्मी विशेषकर महिला वर्ग से लाभ होगा। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। किसी बात का विरोध हो सकता है। कष्ट व भय बने रहेंगे। विवेक से कार्य करें।
🐟मीन
दुष्टजनों से सावधान रहें। शारीरिक कष्ट से बाधा तथा हानि संभव है। बेचैनी रहेगी। कोर्ट व कचहरी के काम मनोनुकूल रहेंगे। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। नौकरी में मातहतों का साथ रहेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। अज्ञात भय रहेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। प्रसन्नता रहेगी।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

Spread the love

Written by 

Related Posts

Leave a Comment

fifteen − eight =

WhatsApp chat