अगर आपके कारोबार में भी लगातार हो रहा है घाटा? तो ये टिप्स आजमाकर देखें! चंद दिनों में परेशानियां दूर होती नजर आएगी…

वास्तु शास्त्र के मुताबिक, हमारी जिंदगी में होने वाले हर अच्छे बुरे बदलाव का कारण वास्तु होता है. ऐसे हमें जब भी हमें किसी परेशानी का सामना करना पड़े तो वास्तु के नियमों का पालन करना चाहिए. फिर चाहे व्यापार में घाटा हो या फिर किसी नौकरी में सफलता नहीं मिल रही हो तो हमें वास्तु के नियमों के मुताबिक कार्य करना शुरु कर देना चाहिए. जिससे चंद दिनों में आपको सफलता मिल जाएगी. आज हम आपको कुछ ऐसे ही वास्तु टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो लगातार घाटे में जा रहे आपके बिजनेस को तेजी से फायदे में लाना शुरु कर देगा. तो चलिए लगातार बिजनेस में हो रहे घाटे से उबारने के लिए आपको वास्तु टिप्स देते हैं।

अगर किसी का बिजनेस घाटे में जा रहा है काफी लंबे समय से उन्हें फायदा नहीं हो रहा तो घर के दक्षिण-पूर्व दिशा में काले रंग का इस्तेमाल करना शुभ माना जाता है. ऐसा क्यों करना चाहिए? तो इसे इस प्रकार से समझें. काले रंग का तत्व पानी है. पानी लकड़ी का पोषक है. दक्षिण-पूर्व दिशा में थोड़ी-बहुत मात्रा में काला रंग करवाने से दक्षिण-पूर्व से जुड़े तत्वों को मदद मिलेगी. अगर जीवन में व्यापार एकदम रूक गया हो, विकास हो ही ना रहा हो और बड़ी बेटी परेशान हो या कमर या कुल्हे में कोई तकलीफ हो गई हो तो दक्षिण-पूर्व दिशा के एकदम निचले हिस्से में थोड़ा-सा काला रंग करवाने से चीजों में सुधार होने लगता है. इस वास्तु टिप्स को अपनाकर आप अपने घर का वास्तुदोष ठीक कर सकते हैं।

आपको बता दें कि अग्नि और लकड़ी देखने में अन्योन्याषित लगते हैं, लेकिन दोनों के बीच का सत्य सिर्फ यही है कि अग्नि लकड़ी को जलाती है. तो अगर हम आग्नेय कोण में लाल रंग का इस्तेमाल करेंगे तो आग्नेय कोण से जुडे तत्व, यानी व्यापार और विकास, बड़ी बेटी का जीवन सब प्रभावित होंगे और लाल रंग की दिशा से संबंधित तत्व खर्च हो जायेंगे. वहीं लाल रंग की दिशा दक्षिण है, जिसका संबंध यश और कीर्ति से है, मझली बेटी से है, आंख से है. तो आग्नेय कोण के तत्व व्यापार और विकास, यश की प्राप्ति के लिए किए गए कार्यों के प्रयास बाधित होंगे. बड़ी बेटी का इंटरेस्ट मझली बेटी की वजह से दबेगा, इसलिए कोशिश करें की दक्षिण-पूर्व दिशा में लाल रंग का इस्तेमाल न करें। हां एक बात और बता दूं कि अगर आपको किसी भी प्रकार की आशंका हो कोई और चीज जानना या समझना हो तो आप आचार्य रमेश चंद्र तिवारी जी से सीधे संपर्क करके अपने संकट का निवारण कर सकते हैं। लोगों की मदद करके आचार्य जी को खुशी मिलती है।

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