Dharma & Karma (ज्योतिष शास्त्र) Dream Zone 

आज भैरव अष्टमी पर्व है, जानें भगवान भैरव के 8 रूप, और कौन-सी मनोकामना के लिए किसकी करें पूजा…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबऻग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र-🌸🙏🌸 सम्पर्क सूत्र -9518782511
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏
🙏🌸🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌸🙏
🙏ll जय श्री राधे ll*🙏
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏

दिनाँक -: 07/12/2020,सोमवार
सप्तमी, कृष्ण पक्ष
मार्गशीर्ष
“”””””””””'”‘””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि ———सप्तमी 18:46:36 तक
पक्ष —————————-कृष्ण
नक्षत्र ————मघा 14:31:33
योग ———विश्कुम्भ 28:16:29
करण ——विष्टि भद्र 07:19:36
करण ————-बव 18:46:36
करण ———-बालव 30:05:33
वार ————————-सोमवार
माह ————————मार्गशीर्ष
चन्द्र राशि ——————–सिंह
सूर्य राशि ——————-वृश्चिक
रितु —————————–शरद
सायन ————————हेमन्त
आयन ——————दक्षिणायण
संवत्सर ———————–शार्वरी
संवत्सर (उत्तर) ————-प्रमादी
विक्रम संवत —————-2077
विक्रम संवत (कर्तक) —-2077
शाका संवत —————-1942

मुम्बई
सूर्योदय —————-06:58:16
सूर्यास्त —————–17:23:21
दिन काल ————–10:25:04
रात्री काल ————-13:35:37
चंद्रास्त —————-12:22:59
चंद्रोदय —————–23:51:23

लग्न —-वृश्चिक 21°15′ , 231°15′

सूर्य नक्षत्र ——————ज्येष्ठा
चन्द्र नक्षत्र ———————मघा
नक्षत्र पाया ——————–रजत

🙏🌸 पद, चरण 🌸🙏

मू —————-मघा 08:37:54
मे —————-मघा 14:31:33
मो —-पूर्वाफाल्गुनी 20:23:12
टा —-पूर्वाफाल्गुनी 26:12:54

🌸 राहू काल 08:16 – 09:35 अशुभ

🌸 अभिजित 11:50 -12:32 शुभ

🌸 गंड मूल 06:58 – 14:32 अशुभ

🌸 चोघडिया, दिन
अमृत 06:58 – 08:16 शुभ
काल 08:16 – 09:35 अशुभ
शुभ 09:35 – 10:53 शुभ
रोग 10:53 – 12:11 अशुभ
उद्वेग 12:11 – 13:29 अशुभ
चर 13:29 – 14:47 शुभ
लाभ 14:47 – 16:05 शुभ
अमृत 16:05 – 17:23 शुभ

🌸 चोघडिया, रात
चर 17:23 – 19:05 शुभ
रोग 19:05 – 20:47 अशुभ
काल 20:47 – 22:29 अशुभ
लाभ 22:29 – 24:11* शुभ
उद्वेग 24:11* – 25:53* अशुभ
शुभ 25:53* – 27:35* शुभ
अमृत 27:35* – 29:17* शुभ
चर 29:17* – 30:59* शुभ

   *🌸 दिशा शूल ज्ञान---------------------पूर्व*

परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🌸 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
15 + 7 + 2 + 1 = 25 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

🌸 शिव वास एवं फल -:
22 + 22 + 5 = 49 ÷ 7 = 0 शेष
शमशान वास = मृत्यु कारक

🌸 भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
प्रातः 07:16 तक समाप्त
मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनी

*🌸विशेष जानकारी🌸*
  • अपराजिता सप्तमी
  • काल भैरवाष्टमी
  • झंडा दिवस 🙏🌸 शुभ विचार 🌸🙏

अध्वा जरा मनुष्याणां वाजिनां बंधनं जरा ।
अमैथुनं जरा स्त्रीणां वस्त्राणामातपं जरा ।।
।।चा o नी o।।

सतत भ्रमण करना व्यक्ति को बूढ़ा बना देता है. यदि घोड़े को हरदम बांध कर रखते है तो वह बूढा हो जाता है. यदि स्त्री उसके पति के साथ प्रणय नहीं करती हो तो बुढी हो जाती है. धुप में रखने से कपडे पुराने हो जाते है.

🌸सुभाषितानि🌸

गीता -: आत्मसंयमयोग अo-06

योऽयं योगस्त्वया प्रोक्तः साम्येन मधुसूदन ।,
एतस्याहं न पश्यामि चञ्चलत्वात्स्थितिं स्थिराम्‌ ॥,

अर्जुन बोले- हे मधुसूदन! जो यह योग आपने समभाव से कहा है, मन के चंचल होने से मैं इसकी नित्य स्थिति को नहीं देखता हूँ॥,33॥,

🌸 व्रत पर्व विवरण –🌸
विशेष – सप्तमी को ताड़ का फल नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

पुण्य प्राप्ति हेतु : कर्पूर जलाने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है। शास्त्रों के अनुसार देवी-देवताओं के समक्ष कर्पूर जलाने से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है। अत: प्रतिदिन सुबह और शाम घर में संध्यावंदन के समय कर्पूर (कपूर) जरूर जलाएं। 
पितृदोष और कालसर्पदोष से मुक्ति हेतु : कर्पूर जलाने से देवदोष व पितृदोष का शमन होता है। अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि हमें शायद पितृदोष है या काल सर्पदोष है। दरअसल, यह राहु और केतु का प्रभाव मात्र है।
प्रतिदिन सुबह, शाम और रात्रि को तीन बार घी में भिगोया हुआ कर्पूर जलाएं। घर के शौचालय और बाथरूप में कर्पूर की 2-2 टिकियां रख दें। बस इतना उपाय ही काफी है।
🌸 भैरव अष्टमी 🌸
🙏🏻 07 दिसम्बर,सोमवार को भैरव अष्टमी पर्व है। यह दिन भगवान भैरव और उनके सभी रूपों के समर्पित होता है। भगवान भैरव को भगवान शिव का ही एक रूप माना जाता है,इनकी पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व माना जाता है। 🙏🏻 भगवान भैरव को कई रूपों में पूजा जाता है। भगवान भैरव के मुख्य 8 रूप माने जाते हैं। उन रूपों की पूजा करने से भगवान अपने सभी भक्तों की रक्षा करते हैं और उन्हें अलग-अलग फल प्रदान करते हैं।
➡ भगवान भैरव के 8 रूप जानें कौन-सी मनोकामना के लिए करें किसकी पूजा
1⃣ कपाल भैरव
इस रूप में भगवान का शरीर चमकीला है, उनकी सवारी हाथी है । कपाल भैरव एक हाथ में त्रिशूल, दूसरे में तलवार तीसरे में शस्त्र और चौथे में पात्र पकड़े हैं। भैरव के इन रुप की पूजा अर्चना करने से कानूनी कारवाइयां बंद हो जाती है । अटके हुए कार्य पूरे होते हैं ।
2⃣ क्रोध भैरव
क्रोध भैरव गहरे नीले रंग के शरीर वाले हैं और उनकी तीन आंखें हैं । भगवान के इस रुप का वाहन गरुण हैं और ये दक्षिण-पश्चिम दिशा के स्वामी माने जाते ह । क्रोध भैरव की पूजा-अर्चना करने से सभी परेशानियों और बुरे वक्त से लड़ने की क्षमता बढ़ती है ।
3⃣ असितांग भैरव
असितांग भैरव ने गले में सफेद कपालों की माला पहन रखी है और हाथ में भी एक कपाल धारण किए हैं । तीन आंखों वाले असितांग भैरव की सवारी हंस है । भगवान भैरव के इस रुप की पूजा-अर्चना करने से मनुष्य में कलात्मक क्षमताएं बढ़ती है ।
4⃣ चंद भैरव
इस रुप में भगवान की तीन आंखें हैं और सवारी मोर है ।चंद भैरव एक हाथ में तलवार और दूसरे में पात्र, तीसरे में तीर और चौथे हाथ में धनुष लिए हुए है। चंद भैरव की पूजा करने से शत्रुओं पर विजय मिलता हैं और हर बुरी परिस्थिति से लड़ने की क्षमता आती है ।
5⃣ गुरू भैरव
गुरु भैरव हाथ में कपाल, कुल्हाडी, और तलवार पकड़े हुए है ।यह भगवान का नग्न रुप है और उनकी सवारी बैल है।गुरु भैरव के शरीर पर सांप लिपटा हुआ है।गुरु भैरव की पूजा करने से अच्छी विद्या और ज्ञान की प्राप्ति होती है ।
6⃣ संहार भैरव
संहार भैरव नग्न रुप में है, और उनके सिर पर कपाल स्थापित है ।इनकी तीन आंखें हैं और वाहन कुत्ता है । संहार भैरव की आठ भुजाएं हैं और शरीर पर सांप लिपटा हुआ है ।इसकी पूजा करने से मनुष्य के सभी पाप खत्म हो जाते है ।
7⃣ उन्मत भैरव
उन्मत भैरव शांत स्वभाव का प्रतीक है । इनकी पूजा-अर्चना करने से मनुष्य की सारी नकारात्मकता और बुराइयां खत्म हो जाती है । भैरव के इस रुप का स्वरूप भी शांत और सुखद है । उन्मत भैरव के शरीर का रंग हल्का पीला हैं और उनका वाहन घोड़ा हैं।
8⃣ भीषण भैरव
भीषण भैरव की पूजा-अर्चना करने से बुरी आत्माओं और भूतों से छुटकारा मिलता है । भीषण भैरव अपने एक हाथ में कमल, दूसरे में त्रिशूल, तीसरे हाथ में तलवार और चौथे में एक पात्र पकड़े हुए है ।भीषण भैरव का वाहन शेर है ।

🌸 व्रत पर्व विवरण –🌸

विशेष – सप्तमी को ताड़ का फल नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

पुण्य प्राप्ति हेतु : कर्पूर जलाने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है। शास्त्रों के अनुसार देवी-देवताओं के समक्ष कर्पूर जलाने से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है। अत: प्रतिदिन सुबह और शाम घर में संध्यावंदन के समय कर्पूर (कपूर) जरूर जलाएं। 
पितृदोष और कालसर्पदोष से मुक्ति हेतु : कर्पूर जलाने से देवदोष व पितृदोष का शमन होता है। अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि हमें शायद पितृदोष है या काल सर्पदोष है। दरअसल, यह राहु और केतु का प्रभाव मात्र है।
प्रतिदिन सुबह, शाम और रात्रि को तीन बार घी में भिगोया हुआ कर्पूर जलाएं। घर के शौचालय और बाथरूप में कर्पूर की 2-2 टिकियां रख दें। बस इतना उपाय ही काफी है।
🌸 भैरव अष्टमी 🌸
🙏🏻 07 दिसम्बर,सोमवार को भैरव अष्टमी पर्व है। यह दिन भगवान भैरव और उनके सभी रूपों के समर्पित होता है। भगवान भैरव को भगवान शिव का ही एक रूप माना जाता है,इनकी पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व माना जाता है। 🙏🏻 भगवान भैरव को कई रूपों में पूजा जाता है। भगवान भैरव के मुख्य 8 रूप माने जाते हैं। उन रूपों की पूजा करने से भगवान अपने सभी भक्तों की रक्षा करते हैं और उन्हें अलग-अलग फल प्रदान करते हैं।
➡ भगवान भैरव के 8 रूप जानें कौन-सी मनोकामना के लिए करें किसकी पूजा
1⃣ कपाल भैरव
इस रूप में भगवान का शरीर चमकीला है, उनकी सवारी हाथी है । कपाल भैरव एक हाथ में त्रिशूल, दूसरे में तलवार तीसरे में शस्त्र और चौथे में पात्र पकड़े हैं। भैरव के इन रुप की पूजा अर्चना करने से कानूनी कारवाइयां बंद हो जाती है । अटके हुए कार्य पूरे होते हैं ।
2⃣ क्रोध भैरव
क्रोध भैरव गहरे नीले रंग के शरीर वाले हैं और उनकी तीन आंखें हैं । भगवान के इस रुप का वाहन गरुण हैं और ये दक्षिण-पश्चिम दिशा के स्वामी माने जाते ह । क्रोध भैरव की पूजा-अर्चना करने से सभी परेशानियों और बुरे वक्त से लड़ने की क्षमता बढ़ती है ।
3⃣ असितांग भैरव
असितांग भैरव ने गले में सफेद कपालों की माला पहन रखी है और हाथ में भी एक कपाल धारण किए हैं । तीन आंखों वाले असितांग भैरव की सवारी हंस है । भगवान भैरव के इस रुप की पूजा-अर्चना करने से मनुष्य में कलात्मक क्षमताएं बढ़ती है ।
4⃣ चंद भैरव
इस रुप में भगवान की तीन आंखें हैं और सवारी मोर है ।चंद भैरव एक हाथ में तलवार और दूसरे में पात्र, तीसरे में तीर और चौथे हाथ में धनुष लिए हुए है। चंद भैरव की पूजा करने से शत्रुओं पर विजय मिलता हैं और हर बुरी परिस्थिति से लड़ने की क्षमता आती है ।
5⃣ गुरू भैरव
गुरु भैरव हाथ में कपाल, कुल्हाडी, और तलवार पकड़े हुए है ।यह भगवान का नग्न रुप है और उनकी सवारी बैल है।गुरु भैरव के शरीर पर सांप लिपटा हुआ है।गुरु भैरव की पूजा करने से अच्छी विद्या और ज्ञान की प्राप्ति होती है ।
6⃣ संहार भैरव
संहार भैरव नग्न रुप में है, और उनके सिर पर कपाल स्थापित है ।इनकी तीन आंखें हैं और वाहन कुत्ता है । संहार भैरव की आठ भुजाएं हैं और शरीर पर सांप लिपटा हुआ है ।इसकी पूजा करने से मनुष्य के सभी पाप खत्म हो जाते है ।
7⃣ उन्मत भैरव
उन्मत भैरव शांत स्वभाव का प्रतीक है । इनकी पूजा-अर्चना करने से मनुष्य की सारी नकारात्मकता और बुराइयां खत्म हो जाती है । भैरव के इस रुप का स्वरूप भी शांत और सुखद है । उन्मत भैरव के शरीर का रंग हल्का पीला हैं और उनका वाहन घोड़ा हैं।
8⃣ भीषण भैरव
भीषण भैरव की पूजा-अर्चना करने से बुरी आत्माओं और भूतों से छुटकारा मिलता है । भीषण भैरव अपने एक हाथ में कमल, दूसरे में त्रिशूल, तीसरे हाथ में तलवार और चौथे में एक पात्र पकड़े हुए है ।भीषण भैरव का वाहन शेर है ।

🌸दैनिक राशिफल🌸

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
सब कुछ ठीक होने के उपरांत भी हताशा का अनुभव होगा। शारीरिक कष्ट संभव है। भागदौड़ अधिक होगी। किसी व्यक्ति से विवाद के कारण क्लेश हो सकता है। कोर्ट व कचहरी के काम अनुकूल रहेंगे। पूजा-पाठ में मन लगेगा। व्यापार ठीक चलेगा।

🐂वृष
जीवनसाथी से अनबन हो सकती है। बेचैनी रहेगी। थकान महसूस होगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। आर्थिक उन्नति के लिए योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। रोजगार में वृद्धि होगी। कोई नया काम मिल सकता है।

👫मिथुन
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। नौकरी में प्रभाव वृद्धि होगी। भाइयों का सहयोग मिलेगा। कोई शारीरिक कष्ट संभव है। बेचैनी रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

🦀कर्क
दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। आय में वृद्धि होगी। कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति अनुकूल रहेगी। विवेक से कार्य करें। लाभ में वृद्धि होगी। नौकरी में मातहतों का साथ मिलेगा। कारोबार संतोषजनक रहेगा। उत्साह से काम कर पाएंगे। आंखों को चोट से बचाएं।

🐅सिंह
कोई सरकारी समस्या खड़ी हो सकती है। कानून का उल्लंघन न करें। जल्दबाजी से काम बिगड़ सकते हैं। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। नौकरी में अधिकारी ज्यादा अपेक्षा करेंगे। वाहन व मशीनरी के कार्य में सावधानी रखें। व्यापार ठीक चलेगा।

🙍‍♀️कन्या
अपनी बात मनवा नहीं पाएंगे। दुविधा रहेगी। पारिवारिक चिंता बनी रहेगी। जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें। आय में निश्चितता रहेगी। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। जल्दबाजी न करें। कोई बड़ा खर्च सामने आएगा। कर्ज लेना पड़ सकता है। किसी से विवाद हो सकता है।

⚖️तुला
यात्रा लाभदायक रहेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। शत्रुओं का पराभव होगा। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है। कार्य के प्रति किया गया प्रवास मनोनुकूल रहेगा। नया काम मिल सकता है। घर-बाहर सभी तरफ से सफलता प्राप्त होगी। जीवन सुखद व्यतीत होगा।

🦂वृश्चिक
अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। जोखिम न लें। नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं। किसी बड़ी समस्या का निवारण होगा। प्रसन्नता रहेगी। व्यापार-व्यवसाय अच्‍छा रहेगा। व्यस्तता रहेगी। प्रमाद न करें।

🏹धनु
थोड़े प्रयास से ही कार्यसिद्धि होगी। सामाजिक कार्य करने की प्रेरणा प्राप्त होगी। कोई नया तथा बड़ा कार्य करने का मन बनेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। निवेश शुभ फल देगा। भाग्य का साथ रहेगा। शारीरिक कष्ट भी आशंका है। विवाद से क्लेश संभव है।

🐊मकर
मन में संशय रहेगा। मेहनत अधिक होगी। यात्रा में सामान का ध्यान रखें। गलतफहमी से विवाद हो सकता है। भावनाओं पर काबू रखें। हितशत्रुओं से सावधानी आवश्यक है। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। नौकरी में कार्यभार रहेगा। धैर्य रखें।

🍯कुंभ
किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकता है। नौकरी में कोई नया कार्य कर पाएंगे। अधिकारी वर्ग प्रसन्न व संतुष्ट रहेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रमाद न करें। विद्यार्थी वर्ग की अध्ययन संबंधी परेशानी दूर होगी। अच्छा मार्गदर्शन प्राप्त होगा।

🐟मीन
रोजगार के प्रयास सफल रहेंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। यात्रा की योजना बन सकती है। भूमि व भवन इत्यादि के खरीद-फरोख्त के कार्य लाभदायक रहेंगे। नौकरी में यश मिलेगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें। साझेदारी सफल रहेगी। लाभ होगा ।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

Spread the love

Written by 

Related Posts

Leave a Comment

fifteen − fourteen =

WhatsApp chat