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7 दिन के बाद खुल जाएंगे स्कूल, बच्चों को भेजने से पहले जान लें ये बड़ी बातें…

देश में लगातार कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं और मौत के ग्राफ में भी लगातार इजाफा हो रहा है. इन सबसे बीच देश में अनलॉक 4 की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. मॉल से लेकर मेट्रो तक सभी सेवाएं सभी संभव एहतियात के साथ खोलने की प्रक्रिया चल रही है. अनलॉक 4 में सरकार ने कक्षा 9 से लेकर 12 तक के स्कूल को खोलने का निर्णय लिया है जिसे लेकर गाइडलाइंस भी जारी कर दी गई है।

कोरोना महामारी के कारण मार्च से बंद स्कूल देश के कुछ राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में 21 सितंबर से खुलने जा रहे हैं. लेकिन ये स्वैच्छिक होगा, यानी कि जो छात्र जाना चाहते हैं, वो अपने शिक्षकों से सलाह लेने के लिए स्कूल जा सकते हैं. किसी को स्कूल जाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकेगा. आपको बता दें कि मार्च में कोरोना की दस्तक के बाद से ही स्कूलों पर ताला लटका हुआ है. कोरोना काल में बच्चे अबतक ऑनलाइन क्लासेस के माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं. अभी जब तक कोरोना का खतरा टल नहीं जाता औऱ सरकार की ओर से कोई स्पष्ट निर्देश नहीं आते, 1 से 8 तक की कक्षा के बच्चे ऑनलाइन ही पढ़ेंगे।

स्कूल जाने से पहले जानें ये बात

  1. गाइडलाइंस के अनुसार सिर्फ कंटेंनमेंट जोन के बाहर के स्कूल खोले जा सकेंगे और कंटेंनमेंट जोन के बाहर रहने वाले स्टाफ और स्टूडेंट को ही स्कूल में एंट्री दी जाएगी.
  2. यदि आपके बच्चे का स्कूल कंटेंनमेंट जोन में है या फिर आपका घर कंटेनमेंट जोन में है तो आपके बच्चे को स्कूल जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी.
  3. स्कूल आने वाले छात्रों के पास अभिवावक की लिखित अनुमति होना जरूरी है. छात्रों का स्कूल आना किसी भी तरह से अनिवार्य नहीं होगा, यह सिर्फ वॉलेंटियरी बेसिस पर निर्भर करेगा.
  4. स्कूल में छात्रों, शिक्षकों और अन्य स्टाफ को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना आवश्यक होगा. क्लास में भी सभी तरह के नियम लागू होंगे. यह सभी नियम अन्य शिक्षण संस्थानों जैसे पर भी लागू करना जरूरी है।

कोरोना से जंग को लेकर पहले से जारी नियमों और गाइड लाइंस के साथ सरकार ने स्कूलों के लिए अलग से विस्तार से निर्देश जारी करने का काम किया है जिसे स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर जाकर आप देख सकते हैं.

  1. स्‍टूडेंट्स के बीच कम से कम 6 फीट की दूसरी होनी जरूरी है. इसके अलावा फेस कवर/मास्‍क अनिवार्य किया गया है. फिलहाल बायोमीट्रिक अटेंडेंस से दूर रहने को कहा गया है.
  2. स्कूल के अंदर भी थोड़ी-थोड़ी देर में हाथों को साबुन से धुलना या सैनिटाइज करना जरूरी है. स्कूल परिसर में इधर-उधर थूकने पर पाबंदी है.
  3. गेट पर हर छात्र और स्टाफ की थर्मल स्क्रीनिंग होगी, गेट पर ही उनके हाथ भी सैनिटाइज कराने की व्यवस्था होगी.
  4. बच्चे अपना कोई भी सामान जैसे, पेन, पेंसिल, नोटबुक या कोई अन्य सामान आपस में शेयर नहीं कर सकेंगे. साथ ही स्कूल के ग्राउंड में किसी भी तरह खेल या शारीरिक एक्टिविटी की इजाजत नहीं होगी।

स्कूल आने वाले सभी लोगों के लिए आरोग्य सेतु एप रखना जरूरी है. साथ ही सभी स्कूलों को पल्स ऑक्सिमीटर का इंतजाम करना जरूरी है।

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