मुझे ऐसे कई पड़ावों से होकर नहीं गुजरना पड़ा है जिनसे आमतौर पर लोग गुजरते हैं – जान्‍हवी कपूर

जान्हवी ने इनसाइडर आउडसाइडर और विशेषाधिकार की बहस पर बोलते हुए कहा कि बीते महीने में इस तरह की भावनाओं में उछाल देखने को मिला है और उन्हें उम्मीद है कि हर रिलीज के दौरान उन्हें ऐसी चीजों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

नेपोटिज्म को लेकर ट्रोलिंग का शिकार होने को लेकर जान्हवी कपूर ने कहा, ‘मैं पहले ही सिस्टम में बहुत तेजी से आगे बढ़ी हूं और मुझे ऐसे कई पड़ावों से होकर नहीं गुजरना पड़ा है जिनसे आमतौर पर लोग गुजरते हैं। मुझे ऐसा मौका मिला है कि जो लोगों को आसानी से नहीं मिलता। मेरा रास्ता काफी आसान है और ऐसे में अगर थोड़ी बहुत कठिनाइयां आती हैं, लोगों को मुझे स्वीकारने में परेशानी होती है तो मैं इसे स्वीकार करती हूं।


आगे उन्होंने कहा, ‘मैंने अपने सफर का वो हिस्सा तेजी से पूरा कर लिया है जहां लोगों को लंबा समय बिताना पड़ता है, ऐसे में मेरी यात्रा यहां से शुरु होती है और मैं इसमें आने वाली परिस्थितियों को स्वीकार करूंगी।

लोगों का भावनाओं को लेकर आदर दिखाते हुए जान्हवी कपूर ने कहा, ‘मुझे लगता है फिल्मों को लेकर और लोग जो सोचते हैं उस बारे में थोड़ी संवेदनशीलता दिखाने की जरूरत है। लोग आपसे कुछ मांग कर सकते हैं।


अपने फिल्मों में अपने अभिनय पर बोलते हुए कहा, ‘मुझे पता है मैंने जो किया उसे लेकर मुझमें आत्मविश्वास भरा हुआ है, मुझे फिल्म की कहानी पर भी भरोसा है। मुझे नहीं लगता मैंने जो भी किया उसमें कुछ शर्मिंदा होने जैसा या फिर माफी मांगने लायक है।’ इससे पहले जान्हवी के सह-अभिनेता अंगद बेदी ने भी फिल्म को लेकर हो रही आलोचना को गलत बताया।

कारगिल गर्ल के नाम से मशहूर गुंजन सक्‍सेना की कहानी पर्दे पर आने वाली है। लंबे समय से इस फ‍िल्‍म पर काम चल रहा था और अब फाइनली यह रिलीज को तैयार है। जान्‍हवी कपूर स्‍टारर फ‍िल्‍म गुंजन सक्‍सेना: द कारगिल गर्ल 12 अगस्‍त को र‍िलीज होगी। कोरोना महामारी के चलते यह फ‍िल्‍म सिनेमाघरों में नहीं बल्कि ओटीटी प्‍लेटफॉर्म पर रिलीज होगी। खुद जान्‍हवी कपूर ने इस फ‍िल्‍म की रिलीज डेट की जानकारी फैंस को दी है।

शरण शर्मा निर्देशित यह नई फिल्म भारतीय वायु सेना के पायलट गुंजन सक्सेना के जीवन पर एक बायोपिक है, जो श्रीविद्या राजन के साथ युद्ध क्षेत्र में उड़ान भरने वाली पहली भारतीय महिला फाइटर पायलट बनीं। गुंजन ने 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान सैनिकों को बचाया था और युद्ध के दौरान साहस व धैर्य दिखाने के लिए उन्हें शौर्य वीर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

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