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अडानी ग्रुप के हाथों में जाएगा मुंबई एयरपोर्ट, मैक्जिमम हिस्सेदारी खरीदने की तैयारी में, एयरपोर्ट के बाद और क…

मुंबई एयरपोर्ट के इस अधिग्रहण के साथ ही अडानी समूह के पास नए तैयर होने वाले नवी मुंबई एयरपोर्ट का भी ठेका चला जाएगा। इससे पहले बीते सप्ताह हुई कैबिनेट मीटिंग में जयपुर, त्रिवेंद्रम और गुवाहाटी एयरपोर्ट का ठेका अडानी समूह को दिए को मंजूरी दी गई थी।

देश के दूसरे सबसे बड़े मुंबई एयरपोर्ट का संचालन दिग्गज कारोबारी गौतम अडानी के नेतृत्व वाले अडानी ग्रुप के हाथों में जा सकता है। अडानी समूह GVK ग्रुप के साथ विवाद के निपटारे के बाद 74% हिस्सेदारी खरीदने जा रहा है । अब तक GVK ग्रुप बहुसंख्यक हिस्सेदारी के साथ मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन कर रहा था। मुबंई इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के सबसे व्यस्त और लाभप्रद एयरपोर्टों में से एक है। मुंबई एयरपोर्ट में हिस्सेदारी के बाद 6 एयरपोर्ट अडानी ग्रुप के अधीन आ जाएंगे। इसके बाद अडानी ग्रुप देश का दूसरा सबसे बड़ा प्राइवेट एयरपोर्ट ऑपरेटर बन जाएगा। फिलहाल देश का सबसे बड़ा प्राइवेट एयरपोर्ट ऑपरेटर जीएमआर ग्रुप है, जो दिल्ली और हैदराबाद एयरपोर्ट जैसे हवाई अड्डों का संचालन कर रहा है।

मुंबई एयरपोर्ट के इस अधिग्रहण के साथ ही अडानी समूह के पास नए तैयार होने वाले नवी मुंबई एयरपोर्ट का भी ठेका चला जाएगा। इससे पहले बीते सप्ताह हुई कैबिनेट मीटिंग में जयपुर, त्रिवेंद्रम और गुवाहाटी एयरपोर्ट का ठेका अडानी समूह को दिए को मंजूरी दी गई थी। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया था कि अडानी ग्रुप को एयरपोर्ट्स का संचालन दिए जाने से एयरपोर्ट अथॉरिटी को कुल 1,070 करोड़ रुपये की रकम मिलेगी। इन हवाई अड्डों के ऑपरेशन, मैनेजमेंट और डिवेलपमेंट की जिम्मेदारी अडानी समूह को 50 साल तक के लिए दी गई है। यही नहीं आने वाले दिनों में अहमदाबाद, लखनऊ और मंगलुरू एयरपोर्ट का संचालन भी अडानी समूह के हाथों में जा सकता है। ग्रुप ने बीते साल इन सभी 6 एयरपोर्ट्स के संचालन के ठेके के लिए सबसे ऊंची बोली लगाई थी।

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