क्या होता है कालसर्प! कैसे करें इसका निवारण!! राशियों का अद्भुत खेल!!! आपकी अपनी राशि क्या कहती है…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी
सम्पर्क सूत्र -9518782511
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🙏🌹🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌹🙏
ll जय श्री राधे ll

दिनाँक -: 14/09/2019,शनिवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
भाद्रपद
“””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि————पूर्णिमा10:02:23 तक
पक्ष—————————–शुक्ल
नक्षत्र—–पूर्वाभाद्रपदा22:54:55
योग—————–शूल21:24:03
करण—————भाव10:02:24
करण————-बालव23:14:05
वार————————–शनिवार
माह————————–भाद्रपद
चन्द्र राशि——–कुम्भ16:11:17
चन्द्र राशि———————- मीन
सूर्य राशि———————– सिंह
रितु——————————-वर्षा
आयन——————-दक्षिणायण
संवत्सर———————-विकारी
संवत्सर (उत्तर)———–परिधावी
विक्रम संवत—————–2076
विक्रम संवत (कर्तक)——-2075
शाका संवत——————1941

मुम्बई
सूर्योदय—————– 06:04:53
सूर्यास्त——————18:24:28
दिन काल—————12:19:35
रात्री काल————–11:40:51
चंद्रास्त——————06:24:05
चंद्रोदय——————18:49:56

लग्न—-सिंह 26°48′ , 146°48′

सूर्य नक्षत्र———–उत्तवाफाल्गुनी
चन्द्र नक्षत्र————-पूर्वाभाद्रपदा

          पद, चरण  

सो—-पूर्वाभाद्रपदा 09:27:14

दा—-पूर्वाभाद्रपदा 16:11:17

दी—-पूर्वाभाद्रपदा 22:54:51

दू—-उत्तराभाद्रपदा 29:38:03

           ग्रह गोचर  

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य=सिंह 26°42 ‘ उ o फा o, 1 टे
चन्द्र =कुम्भ24°23 ‘पूo भाo’ 2 सो
बुध=कन्या 05°26 ‘उo फ़ा o’ 3 पा
शुक्र= कन्या 05°13, उ oफा o’ 3 पा
मंगल=सिंह 22°12 ‘ पू oफ़ा o ‘ 3 टी
गुरु=वृश्चिक 22°01 ‘ ज्येष्ठा , 2 या
शनि=धनु 22°13′ पू oषा o ‘ 3 फा
राहू=मिथुन 19°51 ‘ आर्द्रा , 4 छ
केतु=धनु 19 ° 51′ पूo षाo, 2 धा

     शुभा$शुभ मुहूर्त

राहू काल 09:10 – 10:42अशुभ
यम घंटा 13:47 – 15:20अशुभ
गुली काल 06:05 – 07:37अशुभ
अभिजित 11:50 -12:39शुभ
दूर मुहूर्त 07:44 – 08:33अशुभ

  पंचकअहोरात्रअशुभ

      चोघडिया, दिन

काल 06:05 – 07:37अशुभ
शुभ 07:37 – 09:10शुभ
रोग 09:10 – 10:42अशुभ
उद्वेग 10:42 – 12:15अशुभ
चर 12:15 – 13:47शुभ
लाभ 13:47 – 15:20शुभ
अमृत 15:20 – 16:52शुभ
काल 16:52 – 18:24अशुभ

     चोघडिया, रात

लाभ 18:24 – 19:52शुभ
उद्वेग 19:52 – 21:20अशुभ
शुभ 21:20 – 22:47शुभ
अमृत 22:47 – 24:15शुभ चर 24:15 – 25:43शुभ रोग 25:43 – 27:10अशुभ काल 27:10 – 28:38अशुभ लाभ 28:38 – 30:05*शुभ

     होरा, दिन

शनि 06:05 – 07:07
बृहस्पति 07:07 – 08:08
मंगल 08:08 – 09:10
सूर्य 09:10 – 10:11
शुक्र 10:11 – 11:13
बुध 11:13 – 12:15
चन्द्र 12:15 – 13:16
शनि 13:16 – 14:18
बृहस्पति 14:18 – 15:20
मंगल 15:20 – 16:21
सूर्य 16:21 – 17:23
शुक्र 17:23 – 18:24

  होरा, रात

बुध 18:24 – 19:23
चन्द्र 19:23 – 20:21
शनि 20:21 – 21:20
बृहस्पति 21:20 – 22:18
मंगल 22:18 – 23:17
सूर्य 23:17 – 24:15
शुक्र 24:15* – 25:13
बुध 25:13* – 26:12
चन्द्र 26:12* – 27:10
शनि 27:10* – 28:09
बृहस्पति 28:09* – 29:07
मंगल 29:07* – 30:05

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

दिशा शूल ज्ञान-------------पूर्व*

परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

       अग्नि वास ज्ञान  

यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

   15 + 7 + 1 = 23 ÷ 4 = 3 शेष

पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

     शिव वास एवं फल 

15 + 15 + 5 = 35 ÷ 7 = 0 शेष

शमशान भूमि = मृत्यु कारक

   भद्रा वास एवं फल 

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

      विशेष जानकारी    
  • पूर्णिमा
  • पड़वा श्राध्द शुभ विचार

कालः पचति भूतानि कालः संहरते प्रजाः ।
कालः सुप्तेषु जागर्ति कालो हि दुरतिक्रमः ।।
।।चा o नी o।।

काल सभी जीवो को निपुणता प्रदान करता है. वही सभी जीवो का संहार भी करता है. वह जागता रहता है जब सब सो जाते है. काल को कोई जीत नहीं सकता.


🌹 कालसर्प दोष 🌹
🚩 भाद्रपद मास की पूर्णिमा से आश्विन मास की अमावस्या तक का समय श्राद्ध पक्ष कहलाता है। इस बार श्राद्ध पक्ष का प्रारंभ 13 सितंबर, शुक्रवार से हो रहा है, जिसका समापन 28 सितम्बर, शनिवार को होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष हो, वे अगर श्राद्ध पक्ष में इस दोष के निवारण के लिए उपाय व पूजन करें तो शुभ फलों की प्राप्ति होती है तथा कालसर्प दोष के दुष्प्रभाव में कमी आती है।*


🚩 ज्योतिष के अनुसार, कालसर्प दोष मुख्य रूप से 12 प्रकार का होता है, इसका निर्धारण जन्म कुंडली देखकर ही किया जा सकता है। प्रत्येक कालसर्प दोष के निवारण के लिए अलग-अलग उपाय हैं। यदि आप जानते हैं कि आपकी कुंडली में कौन सा कालसर्प दोष है तो उसके अनुसार आप श्राद्ध पक्ष में कभी भी ये उपाय कर सकते हैं। कालसर्प दोष के प्रकार व उनके निवारण के लिए उपाय इस प्रकार हैं-
🐍 अनन्त कालसर्प दोष
👉🏻 – अनन्त कालसर्प दोष होने पर श्राद्ध पक्ष में एकमुखी, आठमुखी या नौमुखी रुद्राक्ष धारण करें।
🚩 – यदि इस दोष के कारण स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है तो श्राद्ध के दौरान रांगे (एक धातु) से बना सिक्का पानी में प्रवाहित करें।
🐍 कुलिक कालसर्प दोष
👉🏻 – कुलिक नामक कालसर्प दोष होने पर श्राद्ध पक्ष में दो रंग वाला कंबल अथवा गर्म वस्त्र दान करें।
🚩 – चांदी की ठोस गोली बनवाकर उसकी पूजा करें और उसे अपने पास रखें।
🐍 वासुकि कालसर्प दोष
👉🏻 – वासुकि कालसर्प दोष होने पर रात को सोते समय सिरहाने पर थोड़ा बाजरा रखें और सुबह उठकर उसे पक्षियों को खिला दें।
🚩 – श्राद्ध के दौरान किसी भी दिन लाल धागे में तीन, आठ या नौमुखी रुद्राक्ष धारण करें।
🐍 शंखपाल कालसर्प दोष
👉🏻 – शंखपाल कालसर्प दोष के निवारण के लिए श्राद्ध पक्ष के दौरान किसी भी दिन 400 ग्राम साबुत बादाम बहते पानी में प्रवाहित करें।
🚩 – शिवलिंग का दूध से अभिषेक करें।


🐍 पद्म कालसर्प दोष
👉🏻 – पद्म कालसर्प दोष होने पर श्राद्ध पक्ष के किसी भी दिन से प्रारंभ करते हुए 40 दिनों तक रोज सरस्वती चालीसा का पाठ करें।
🚩 – जरूरतमंदों को पीले वस्त्र का दान करें और तुलसी का पौधा लगाएं।
🐍 महापद्म कालसर्प दोष
👉🏻 – महापद्म कालसर्प दोष के निदान के लिए हनुमान मंदिर में जाकर सुंदरकांड का पाठ करें।
🚩 – श्राद्ध के दौरान गरीब, असहायों को भोजन करवाकर दान-दक्षिणा दें।
🐍 तक्षक कालसर्प दोष
👉🏻 – तक्षक कालसर्प योग के निवारण के लिए 11 नारियल बहते हुए जल में प्रवाहित करें।
🚩 – सफेद वस्त्र और चावल का दान करें।
🐍 कर्कोटक कालसर्प दोष
👉🏻 – कर्कोटक कालसर्प योग होने पर बटुकभैरव के मंदिर में जाकर दही-गुड़ का भोग लगाएं और पूजा करें।
🚩 – शीशे के आठ टुकड़े पानी में प्रवाहित करें।
🐍 शंखचूड़ कालसर्प दोष
👉🏻 – शंखचूड़ नामक कालसर्प दोष की शांति के लिए श्राद्ध के किसी भी दिन रात को सोने से पहले सिरहाने के पास जौ रखें और उसे अगले दिन पक्षियों को खिला दें।
🚩 – पांचमुखी, आठमुखी या नौमुखी रुद्राक्ष धारण करें।


🐍 घातक कालसर्प दोष
👉🏻 – घातक कालसर्प के निवारण के लिए पीतल के बर्तन में गंगाजल भरकर अपने पूजा स्थल पर रखें।
🚩 – चारमुखी, आठमुखी और नौमुखी रुद्राक्ष हरे रंग के धागे में धारण करें।
🐍 विषधर कालसर्प दोष
👉🏻 – विषधर कालसर्प के निदान के लिए परिवार के सदस्यों की संख्या के बराबर नारियल लेकर एक-एक नारियल पर उनका हाथ लगवाकर बहते हुए जल में प्रवाहित करें।
🚩 – भगवान शिव के मंदिर में जाकर यथाशक्ति दान-दक्षिणा दें।
🐍 शेषनाग कालसर्प दोष
👉🏻 – शेषनाग कालसर्प दोष होने पर अंतिम श्राद्ध की पूर्व रात्रि को लाल कपड़े में सौंफ बांधकर सिरहाने रखें और उसे अगले दिन सुबह खा लें।
🚩 – श्राद्ध पक्ष में किसी भी दिन गरीबों को दूध व अन्य सफेद वस्तुओं का दान करें।
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         सुभाषितानि  

गीता -: क्षेत्रज्ञविभागयोग अo-13

ऋषिभिर्बहुधा गीतं छन्दोभिर्विविधैः पृथक्‌ ।,
ब्रह्मसूत्रपदैश्चैव हेतुमद्भिर्विनिश्चितैः ॥,

यह क्षेत्र और क्षेत्रज्ञ का तत्व ऋषियों द्वारा बहुत प्रकार से कहा गया है और विविध वेदमन्त्रों द्वारा भी विभागपूर्वक कहा गया है तथा भलीभाँति निश्चय किए हुए युक्तियुक्त ब्रह्मसूत्र के पदों द्वारा भी कहा गया है॥,4॥,

           दैनिक राशिफल   

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। निवेश के सुखद परिणाम आएंगे। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। किसी बड़ी बाधा के दूर होने से प्रसन्नता रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। पुराना रोग उभर सकता है। विवाद से क्लेश संभव है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें।

🐂वृष
अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। दूसरों से अपेक्षा पूर्ण नहीं होने से खिन्नता रहेगी। कार्य में विलंब होगा। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। पारिवारिक चिंता बनी रहेगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। व्यस्तता रहेगी।

👫मिथुन
पुराने शत्रु परेशान कर सकते हैं। थकान व कमजोरी रह सकती है। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। भाग्य का साथ रहेगा। व्यापार में वृद्धि के योग हैं। निवेश शुभ रहेगा। आय होगी। प्रमाद न करें।

🦀कर्क
नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। कारोबार में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। नए व्यापारिक अनुबंध होंगे। धनार्जन होगा। लंबे समय से रुके कार्यों में गति आएगी। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। शत्रु परास्त होंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

🐅सिंह
कुसंगति से हानि होगी। पूजा-पाठ में मन लगेगा। कोर्ट व कचहरी के कार्य अनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। परिवार के साथ समय अच्छा व्यतीत होगा। आर्थिक उन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। कारोबार अच्छा चलेगा। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्नता रहेंगे। भाइयों का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता बनी रहेगी।

🙍कन्या
वाहन व मशीनरी आदि के प्रयोग में सावधानी रखें, विशेषकर स्त्रियां रसोई में ध्यान रखें। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। किसी व्यक्ति से बेवजह विवाद हो सकता है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। धनलाभ के अवसर प्राप्त होंगे। आय में निश्चितता होगी। ऐश्वर्य पर व्यय होगा।

⚖तुला
किसी गलती का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। जल्दबाजी व लापरवाही न करें। अज्ञात भय सताएगा। पुराना रोग उभर सकता है। भागदौड़ रहेगी। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी।

🦂वृश्चिक
पुराना रोग उभर सकता है। किसी बड़ी समस्या से सामना हो सकता है। लेन-देन में विशेष सावधानी रखें। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। दु:खद समाचार मिल सकता है। किसी व्यक्ति से बेवजह विवाद हो सकता है। व्यर्थ भागदौड़ होगी। कार्य में विलंब होगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। आय में निश्चितता रहेगी।

🏹धनु
शुभ समाचार प्राप्त होंगे। घर में मेहमानों का आगमन होगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। विवेक से कार्य करें। विरोधी सक्रिय रहेंगे। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में चैन रहेगा। आय में वृद्धि होगी। मित्रों के साथ समय मनोरंजक व्यतीत होगा। प्रमाद न करें।

🐊मकर
लेन-देन में जल्दबाजी न करें। किसी अपरिचित पर अतिविश्वास न करें। आय में वृद्धि होगी। भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। कोई बड़ा लाभ हो सकता है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। भाग्य बेहद अनुकूल है, लाभ लें। चोट व रोग से बचें। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

🍯कुंभ
प्रयास सफल रहेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। पराक्रम बढ़ेगा। आय में वृद्धि होगी। पराक्रम बढ़ेगा। किसी बड़े काम को करने में रुझान रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रशंसा प्राप्त होगी। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड से लाभ होगा। चोट व रोग से बचें। सुख के साधन जुटेंगे। घर में तनाव रह सकता है।

🐟मीन
शत्रु परास्त होंगे। कोर्ट व कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। सुख के साधन जुटेंगे। कारोबार में वृद्धि होगी। निवेशादि शुभ रहेंगे। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। स्त्री पक्ष से लाभ होगा। अज्ञात भय रहेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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