कड़ाके की ठंड से जन जीवन अस्त-व्यस्त…

अंबेडकरनगर
शीतलहर. जिला प्रशासन व नगर पालिका परिषद की ओर से नहीं की गयी है अलाव की समुचित व्यवस्था अलाव की व्यवस्था नहीं होने से फुटपाथ पर जिंदगी गुजर बसर करने वाले लोगों की बढ़ती ही जा रही है परेशानी. लोगों का दिन तो किसी तरह कट जाता है लेकिन रात ठंड के कारण नहीं कटती है। शीतलहर व कड़ाके की ठंड से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. लोग ठंड की वजह से घर में दुबकने को विवश हो गये हैं, लेकिन जिला प्रशासन व नगर पालिका प्रशासन की ओर से शहर के किसी भी हिस्से में अलाव की समुचित व्यवस्था नहीं की गयी है. जिसके कारण गरीब सहित फुटपाथ पर जीवन गुजर बसर करने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. जबकि सरकार की ओर से अलाव की व्यवस्था के लिए राशि का आवंटन भी किया गया है. इसके बावजूद कही भी अलाव की व्यवस्था नहीं होने से फुटपाथ पर जीवन गुजर बसर करने वाले लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है. वैसे लोगों का दिन तो किसी तरह कट जाता है लेकिन रात ठंड के कारण नहीं कटती है. इसके साथ ही जिला प्रशासन की ओर से गरीबों के लिए कंबल वितरण की कोई व्यवस्था नहीं की गयी है. गरीब व फुटपाथ पर रहने वाले लोगों का एक मात्र सहारा प्रशासन की ओर से दी जाने वाली कंबल होती है. लेकिन जिला प्रशासन ने अब तक कही भी कंबल वितरण काम शुरू नहीं किया है.

इधर स्वयंसेवी संगठन की ओर से पहल की जा सकी है. गौरतलब हो कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की परेशानी कड़ाके की ठंड ने बढ़ा दी है. जिले का न्यूनतम तापमान 15 डिग्री तक पहुंच गया था. शीतलहर के साथ पछुआ हवा का बहना पूरे दिन जारी रहा. सुबह देर तक लोग घरों में दुबके रहे. ठंड के बढ़ने से लोगों के कामकाज में भी असर होने लगा है. खासकर मेहनतकश मजदूर की परेशानी अधिक बढ़ गयी है. दूसरी तरफ ठंड को लेकर सरकारी व गैर सरकारी विद्यालय में पठन-पाठन को स्थगित रखा गया. इधर ठंड के बढ़ने से हर तबके के लोगों में परेशानी बढ़ गयी है. महंगाई के कारण लोग गरम कपड़े की खरीददारी नहीं कर पा रहे हैं. कुछ सक्षम लोग जुगाड़ कर गरम कपड़े की खरीदारी कर लेते हैं. वहीं इस बढ़ती ठंड ने फुटपाथ दुकानदारों व फुटपाथ पर रहने वाले लोगों के लिये परेशानी का सबब बना हुआ है. फुटपाथ पर रहने वाले लोगों की बढ़ी परेशानी ठंड व तेज हवा से फुटपाथ पर रहने वाले लोगों की परेशानी अधिक बढ़ गयी है. फूटपाथ पर रहने वाले लोगों के साथ-साथ शहरी क्षेत्र के फूटपाथ दुकानदारों की भी परेशानी बढ़ी हुयी है. पिछले एक सप्ताह से शीतलहर व तापमान में हुयी गिरावट की वजह से ठंड का प्रकोप साफ दिख रहा है. मेहनतकश व मजदुर वर्ग के लोगों की स्थिति और भी दयनीय है.महंगाई की मार झेल रहे ऐसे लोगों को पुराने गरम कपड़े से काम चलाना पड़ रहा है. फुटपाथ पर पुराने कपड़े बेचने वालों के यहां भीड़ देखी गयी. जबकि इस बार अन्य वर्षो की तुलना में गर्म कपड़े की बिक्री भी काफी कम हो रही है. हालांकि सक्षम लोग जुगाड़ करके किसी तरह गरम कपड़े बाजार से खरीद रहे हैं. तेज हवा चलने से ठंड ने कनकनी पैदा कर दी है. देर तक लोग घर में दुबके रहते हैं. सूर्योदय भी दोपहर बाद ही दिखता है. आमलोगों के साथ-साथ पशुओं की भी इस ठंड में परेशानी बढ़ गयी है. प्रशासन द्वारा अलाव की समुचित व्यवस्था किये जाने के बावजूद अधिकांश जगहों पर अलाव नहीं देखा जा रहा है. खासकर शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश चौराहों पर भी अलाव की व्यवस्था नहीं देखी गयी. प्रशासन द्वारा भी अब तक यह नहीं बताया गया कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में कहां-कहां अलाव की व्यवस्था कर दी गयी है।

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