120 की रफ्तार से दस्तक देने जा रहा है निसर्ग, सेना NDRF और प्रशासन सभी हैं अलर्ट पर, और सीएम ने…

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में कोरोना तो पहले से कहर बरपा रहा था, अब निसर्ग नाम का चक्रवाती तूफान आज दोपहर या शाम अपनी धमक दिखाएगा. जब तूफान टकराएगा तो 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. मुंबई को अपने इतिहास में पहली बार एक बड़े तूफान और भारी बारिश का सामना करना पड़ेगा. भारी से भारी बारिश तो मुंबई वालों को झेलने की आदत है, लेकिन 120 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार, मुंबईकर पहली बार देखेंगे।

आज मुंबई, पालघर, अलीबाग और ठाणे में इस बड़े तूफान का असर दिखेगा. तूफान निसर्ग को देखते हुए इंडिगो एयरलाइंस ने तीन फ्लाइट को छोड़कर आज मुंबई से अपनी आने-जाने वाली 17 फ्लाइट रद्द कर दी हैं. हालांकि, इसमें भी बदलाव की संभावना है।

निसर्ग का लैंडफॉल रायगढ़ के अलीबाग में होने की आशंका है. बुधवार को मुंबई, पालघर, ठाणे और रायगढ़ जिले और उत्तर मध्य महाराष्ट्र में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. आज मुंबई, रायगढ़, पालघर और ठाणे में तूफानी हवाओं की स्पीड 120 प्रति किमी घंटे पहुंच सकती है. इस तूफान की वजह से समंदर में लहरें अगर 1-2 मीटर की हुईं तो मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ के निचले इलाकों में पानी भर सकता है।

अगर महाराष्ट्र के दक्षिणी तट से देखें तो सिंधुदुर्ग, रत्नागिरि, रायगढ़, मुंबई, पालगढ़ से होते हुए दमन और गुजरात में नवसारी तक इसका भयंकर असर हो सकता है. इस तूफान के बढ़ते असर ने सबकी धड़कनें तेज कर दी हैं. कोस्ट गार्ड के जवानों ने समंदर में उतरने वालों को अलर्ट करना शुरू कर दिया है।

गुजरात में तो निसर्ग का ट्रेलर दिखने लगा है. अहमदाबाद में बीती रात जमकर बारिश हुई. गुजरात के नवसारी के आसपास के समंदर में तो ऊंची-ऊंची लहरें भी उठनी शुरू हो गई हैं. प्रशासन ने लोगों को समुद्र तटों से दूर रहने की हिदायत दे दी है।

मुंबई से करीब 450 किलोमीटर दूर अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है. कुछ समय में इसके चक्रवाती तूफान की शक्ल में बदलने का अनुमान है. इसके बुधवार दोपहर या शाम तक तट से टकराने की आशंका है. इसकी रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा होने का अनुमान है. इस दौरान भारी बारिश की भी आशंका जताई गई है, जिससे समुद्री किनारों पर रहने वालों को सतर्क किया जा रहा है।

मौसम विभाग के मुताबिक दमन, दीव और दादर नगर हवेली में तूफान का असर सबसे ज्यादा रहेगा. मुंबई समेत उत्तरी महाराष्ट्र के कई इलाकों और कोंकण में भारी बारिश का अलर्ट है. साथ ही दक्षिणी गुजरात के कई इलाकों में भी तूफान का असर ज्यादा होने की आशंका है. तूफान के खतरे को देखते हुए सेना और एनडीआरएफ की टीमें अलर्ट मोड में हैं।

क्यों डरे हुए हैं पालघर के लोग इसका मुख्य कारण जानकर आप भी कहने लगेगें की डरना लाज़मी है क्योंकि जब 2018 में पालघर के एक गांव में हाईटाइड की वजह से साढ़े तीन सौ घर बह गए थे. अब आज आ रहे निसर्ग तूफान के चलते यहां के लोग बहुत डरे हुए हैं. शहरों के मुकाबले गांव में रहने वाले लोग निसर्ग तूफान को लेकर ज्यादा डरे हुए हैं. पैंतीस हजार की आबादी वाले पालघर के सतपती गांव के लोगों ने आंधी-तूफान में बचाव के लिए अपने घरों की छत पर पत्थर और बालू से भरे बोरे रखे हुए हैं।

कुछ लोगों को प्रशासन ने स्कूल और कम्युनिटी सेंटर पहुंचाया है. ग्रामीणों ने अपनी नावों को तूफान से बचाने के लिए बहुत मजबूती से बांधा है. पालघर में प्रशासन के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती उन मछुआरों से संपर्क करने की है जो तूफान से बेखबर समंदर में मछलियां पकड़ने गए थे. पालघर में एहतियातन एनडीआरएफ की दो कंपनियां तैनात कर दी गई हैं. वो लोगों को बचाव के लिए तैयार कर रही हैं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी लोगों से दो दिनों तक घर के अंदर रहने की अपील की है. उन्होंने कहा कि निसर्ग पहले के चक्रवात के मुकाबले ज्यादा खतरनाक होगा. हम प्रार्थना कर रहे हैं कि यहां पहुंचने से पहले वो कमजोर हो जाए. सीएम ने कहा कि तीनों ही सेना और एनडीआरएफ की टीमें अलर्ट हैं।

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