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मुम्बई में कोरोना संक्रमितों ने तोड़ा सारा रिकॉर्ड, उधर मोदी सरकार 15 अगस्त को कोरोना वैक्सीन लांच करने की तैयारी में…

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के 6364 नए मामले सामने आये हैं, जो एक दिन में सर्वाधिक हैं. इसके साथ ही प्रदेश में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़ कर एक लाख 92 हजार 990 हो गयी है. प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने इसकी जानकारी दी. विभाग ने कहा है कि प्रदेश में महामारी से 198 लोगों की मौत हो गयी है जिससे मरने वाले लोगों की संख्या बढ़ कर 8376 हो गयी है. विभाग ने बताया कि गुरुवार को एक दिन में सर्वाधिक 6330 मामले सामने आये थे. वहीं अगर केवल मुंबई की बात करें तो यहां कोरोना के 1,372 नए मामले सामने आए हैं जिसके बाद यहां संक्रमितों का आंकड़ा 81,634 हो गया है. संक्रमण से 73 और लोगों की मौत के साथ ही मुंबई में इस जानलेवा वायरस से मरने वालों की संख्या 4,759 हो गई है।

बयान में कहा गया है कि ठीक होने की दर प्रदेश में 54.24 फीसदी है जबकि मृत्यु दर 4.34 प्रतिशत है. इसमें बताया गया है कि प्रदेश में पांच लाख 89 हजार 448 लोग घर में पृथक—वास में है जबकि 42,371 संस्थागत पृथक—वास में हैं. नये मामलों में मुंबई में 1338, पुणे शहर में 698 जबकि औरंगाबाद शहर में 175 मामले शामिल हैं. मुंबई में 69 लोगों की मौत भी हुयी है. बृहन्मुंबई नगर निगम के अनुसार हालांकि, मुंबई में 1372 नये मामले सामने आये हैं जबकि 73 लोगों की मौत हुई है।

आपको बता दें कि देश में हर रोज कोरोना के केस बढ़ते ही जा रहे हैं. शुक्रवार सुबह स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार देश में 20,000 से ज्यादा पॉजिटिव केस सामने आए. पिछले 24 घंटों में देश में COVID-19 के सबसे ज़्यादा 20,903 केस सामने आए, जिसके बाद देश में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 6.25 लाख के पार पहुंच गया है. देश में कोरोना के कुल 6,25,544 केस हो चुके हैं. कोरोना से हुई मौतों का आंकड़ा 18,213 तक पहुंच गया है. पिछले 24 घंटों में 379 लोगों की मौत हुई है।

वहीं मोदी सरकार की बात करें तो आईसीएमआर डीजी बलराम भार्गव ने वैक्सीन की परीक्षण प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के लिए भारत बायोटेक और मेडिकल कॉलेजों के प्रमुख जांचकर्ताओं को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में कहा गया है कि इंसानों पर परीक्षण की प्रक्रिया को 15 अगस्त से पहले पूरा किया जाए।

कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप को रोकने के लिए दुनियाभर में इसके वैक्सीन की तलाश जारी है। भारत में भी कोरोना का टीका बनाए जाने के लिए तेजी से काम हो रहा है।इंडियान काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने इस संबंध में प्रमुख जांचकर्ताओं को खत लिखकर 15 अगस्त तक कोरोना का टीका बनाने लेने को कहा है। ऐसे में कई एक्सपर्ट इस बात से हैरान हैं। उनका कहना है कि यह असंभव तो नहीं है लेकिन इतनी जल्दी कैसे हो सकता है।

दरअसल, आईसीएमआर डीजी बलराम भार्गव ने वैक्सीन की परीक्षण प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के लिए भारत बायोटेक और मेडिकल कॉलेजों के प्रमुख जांचकर्ताओं को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में कहा गया है कि इंसानों पर परीक्षण की प्रक्रिया को 15 अगस्त से पहले पूरा किया जाए। जिससे 15 अगस्त को क्लीनिकल ट्रायल के परिणाम लॉन्च किए जा सकें।

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (IISER) की इम्यूनोलॉजिस्ट और विजिटिंग प्रोफेसर विनीता बल ने कहा कि यह समझना मुश्किल है कि जिस टीके का परीक्षण अभी चल ही रहा है वह इतनी जल्दी कैसे तैयार हो सकता है। 15 अगस्त पूरी तरह से अवास्तविक लक्ष्य है। कोई वैक्सीन नहीं है जो इतनी तेजी से तैयार हो गई है। इसमें कई प्रक्रियाएं शामिल हैं, और यहां तक ​​कि सबसे अच्छी स्थिति में भी, यह देखते हुए कि हम एक आपातकालीन स्थिति में हैं, 15 अगस्त की समयरेखा पूरी तरह से अवास्तविक लगती है।

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही भारत बायोटेक कंपनी की कोरोना वैक्सीन की दावेदार- COVAXIN को भी ह्यूमन ट्रायल्स के लिए मंजूरी दी गई थी। पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के सहयोग से भारत बायोटेक द्वारा विकसित को-वैक्सिन को अभी भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल द्वारा फेज- I और चरण- II परीक्षणों के लिए मंजूरी दे दी गई है।

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