आज राशिफल के साथ जानिए कामदा एकादशी के बारे में, और क्या है इसका लाभ और हानि…

दिनाँक -: 04/04/2020,शनिवार
एकादशी, शुक्ल पक्ष
चैत्र
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि ——-एकादशी 22:29:38 तक
पक्ष —————————शुक्ल
नक्षत्र ——-आश्लेषा 17:07:24
योग ————–धृति 10:19:11
करण ——–वाणिज 11:48:54
करण ——विष्टि भद्र 22:29:38
वार ————————-शनिवार
माह —————————— चैत्र
चन्द्र राशि ——कर्क 17:07:24
चन्द्र राशि ———————सिंह
सूर्य राशि ———————–मीन
रितु —————————-वसंत
आयन ———————उत्तरायण
संवत्सर ———————–शार्वरी
संवत्सर (उत्तर) ————प्रमादी
विक्रम संवत —————-2077
विक्रम संवत (कर्तक)——2076
शाका संवत —————–1942

मुम्बई
सूर्योदय —————–06:30:54
सूर्यास्त —————–18:51:57
दिन काल —————12:21:03
रात्री काल ————-11:38:06
चंद्रोदय —————–15:07:06
चंद्रास्त —————–28:23:26

लग्न —-मीन 20°36′ , 350°36

सूर्य नक्षत्र ——————–रेवती
चन्द्र नक्षत्र —————-आश्लेषा
नक्षत्र पाया ——————–रजत

          *🌸🙏पद, चरण🙏🌸*

डे —-आश्लेषा 11:34:25

डो —-आश्लेषा 17:07:24

मा —-मघा 22:37:56

मी —-मघा 28:06:09

🌸चोघडिया, दिन
काल 06:07 – 07:41 अशुभ
शुभ 07:41 – 09:15 शुभ
रोग 09:15 – 10:49 अशुभ
उद्वेग 10:49 – 12:22 अशुभ
चर 12:22 – 13:56 शुभ
लाभ 13:56 – 15:30 शुभ
अमृत 15:30 – 17:03 शुभ
काल 17:03 – 18:37 अशुभ

🌸चोघडिया, रात
लाभ 18:37 – 20:03 शुभ
उद्वेग 20:03 – 21:29 अशुभ
शुभ 21:29 – 22:56 शुभ
अमृत 22:56 – 24:22* शुभ
चर 24:22* – 25:48* शुभ
रोग 25:48* – 27:14* अशुभ
काल 27:14* – 28:40* अशुभ
लाभ 28:40* – 30:06* शुभ

🌸 दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो लोंग अथवा कालीमिर्च खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🌸 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

   11 + 7 + 1 = 19  ÷ 4 = 3 शेष

मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

         *🌸शिव वास एवं फल -:*

11 + 11 + 5 = 27 ÷ 7 = 6 शेष

क्रीड़ायां = शोक,दुःख कारक

🌸भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

प्रातः 11:44 से रात्रि 22:30 तक

मृत्यु लोक =सर्वकार्य विनाशिनी

       *🌸विशेष जानकारी*
  • कामदा एकादशी व्रत (सर्वेषां)
  • बाँकेबिहारी फूल बगला प्रारम्भ *🌸शुभ विचार*

प्रलये भिन्नमर्यादा भवन्ति किल सागराः ।
सागरा भेदमिच्छान्ति प्रलयेऽपि न साधवः ।।
।।चा o नी o।।

जब प्रलय का समय आता है तो समुद्र भी अपनी मयारदा छोड़कर किनारों को छोड़ अथवा तोड़ जाते है, लेकिन सज्जन पुरुष प्रलय के सामान भयंकर आपत्ति अवं विपत्ति में भी आपनी मर्यादा नहीं बदलते.

        *🌸सुभाषितानि🌸*

गीता -: मोक्षसन्यासयोग अo-18

इदं ते नातपस्काय नाभक्ताय कदाचन ।,
न चाशुश्रूषवे वाच्यं न च मां योऽभ्यसूयति ॥,

तुझे यह गीत रूप रहस्यमय उपदेश किसी भी काल में न तो तपरहित मनुष्य से कहना चाहिए, न भक्ति-(वेद, शास्त्र और परमेश्वर तथा महात्मा और गुरुजनों में श्रद्धा, प्रेम और पूज्य भाव का नाम ‘भक्ति’ है।,)-रहित से और न बिना सुनने की इच्छा वाले से ही कहना चाहिए तथा जो मुझमें दोषदृष्टि रखता है, उससे तो कभी भी नहीं कहना चाहिए॥,67॥,

🌸 व्रत पर्व विवरण 🌸

🌸 कामदा एकादशी🌸
(शनिवार 4 अप्रैल 2020) सबके लिए।।

🙏एकादशी कथा

युधिष्ठिर ने पूछा: वासुदेव ! आपको नमस्कार है ! कृपया आप यह बताइये कि चैत्र शुक्लपक्ष में किस नाम की एकादशी होती है?

भगवान श्रीकृष्ण बोले: राजन् ! एकाग्रचित्त होकर यह पुरातन कथा सुनो, जिसे वशिष्ठजी ने राजा दिलीप के पूछने पर कहा था ।

वशिष्ठजी बोले: राजन् ! चैत्र शुक्लपक्ष में ‘कामदा’ नाम की एकादशी होती है । वह परम पुण्यमयी है । पापरुपी ईँधन के लिए तो वह दावानल ही है ।

प्राचीन काल की बात है: नागपुर नाम का एक सुन्दर नगर था, जहाँ सोने के महल बने हुए थे । उस नगर में पुण्डरीक आदि महा भयंकर नाग निवास करते थे । पुण्डरीक नाम का नाग उन दिनों वहाँ राज्य करता था । गन्धर्व, किन्नर और अप्सराएँ भी उस नगरी का सेवन करती थीं । वहाँ एक श्रेष्ठ अप्सरा थी, जिसका नाम ललिता था । उसके साथ ललित नामवाला गन्धर्व भी था । वे दोनों पति पत्नी के रुप में रहते थे । दोनों ही परस्पर काम से पीड़ित रहा करते थे । ललिता के हृदय में सदा पति की ही मूर्ति बसी रहती थी और ललित के हृदय में सुन्दरी ललिता का नित्य निवास था ।

एक दिन की बात है । नागराज पुण्डरीक राजसभा में बैठकर मनोरंजन कर रहा था । उस समय ललित का गान हो रहा था किन्तु उसके साथ उसकी प्यारी ललिता नहीं थी । गाते-गाते उसे ललिता का स्मरण हो आया । अत: उसके पैरों की गति रुक गयी और जीभ लड़खड़ाने लगी ।

नागों में श्रेष्ठ कर्कोटक को ललित के मन का सन्ताप ज्ञात हो गया, अत: उसने राजा पुण्डरीक को उसके पैरों की गति रुकने और गान में त्रुटि होने की बात बता दी । कर्कोटक की बात सुनकर नागराज पुण्डरीक की आँखे क्रोध से लाल हो गयीं । उसने गाते हुए कामातुर ललित को शाप दिया : ‘दुर्बुद्धे ! तू मेरे सामने गान करते समय भी पत्नी के वशीभूत हो गया, इसलिए राक्षस हो जा ।’

महाराज पुण्डरीक के इतना कहते ही वह गन्धर्व राक्षस हो गया । भयंकर मुख, विकराल आँखें और देखनेमात्र से भय उपजानेवाला रुप – ऐसा राक्षस होकर वह कर्म का फल भोगने लगा ।

ललिता अपने पति की विकराल आकृति देख मन ही मन बहुत चिन्तित हुई । भारी दु:ख से वह कष्ट पाने लगी । सोचने लगी: ‘क्या करुँ? कहाँ जाऊँ? मेरे पति पाप से कष्ट पा रहे हैं…’

वह रोती हुई घने जंगलों में पति के पीछे-पीछे घूमने लगी । वन में उसे एक सुन्दर आश्रम दिखायी दिया, जहाँ एक मुनि शान्त बैठे हुए थे । किसी भी प्राणी के साथ उनका वैर विरोध नहीं था । ललिता शीघ्रता के साथ वहाँ गयी और मुनि को प्रणाम करके उनके सामने खड़ी हुई । मुनि बड़े दयालु थे । उस दु:खिनी को देखकर वे इस प्रकार बोले : ‘शुभे ! तुम कौन हो ? कहाँ से यहाँ आयी हो? मेरे सामने सच-सच बताओ ।’

ललिता ने कहा: महामुने ! वीरधन्वा नामवाले एक गन्धर्व हैं । मैं उन्हीं महात्मा की पुत्री हूँ । मेरा नाम ललिता है । मेरे स्वामी अपने पाप दोष के कारण राक्षस हो गये हैं । उनकी यह अवस्था देखकर मुझे चैन नहीं है । ब्रह्मन् ! इस समय मेरा जो कर्त्तव्य हो, वह बताइये । विप्रवर! जिस पुण्य के द्वारा मेरे पति राक्षसभाव से छुटकारा पा जायें, उसका उपदेश कीजिये ।

ॠषि बोले: भद्रे ! इस समय चैत्र मास के शुक्लपक्ष की ‘कामदा’ नामक एकादशी तिथि है, जो सब पापों को हरनेवाली और उत्तम है । तुम उसीका विधिपूर्वक व्रत करो और इस व्रत का जो पुण्य हो, उसे अपने स्वामी को दे डालो । पुण्य देने पर क्षणभर में ही उसके शाप का दोष दूर हो जायेगा ।

राजन् ! मुनि का यह वचन सुनकर ललिता को बड़ा हर्ष हुआ । उसने एकादशी को उपवास करके द्वादशी के दिन उन ब्रह्मर्षि के समीप ही भगवान वासुदेव के (श्रीविग्रह के) समक्ष अपने पति के उद्धार के लिए यह वचन कहा: ‘मैंने जो यह ‘कामदा एकादशी’ का उपवास व्रत किया है, उसके पुण्य के प्रभाव से मेरे पति का राक्षसभाव दूर हो जाय ।’

वशिष्ठजी कहते हैं: ललिता के इतना कहते ही उसी क्षण ललित का पाप दूर हो गया । उसने दिव्य देह धारण कर लिया । राक्षसभाव चला गया और पुन: गन्धर्वत्व की प्राप्ति हुई ।

नृपश्रेष्ठ ! वे दोनों पति पत्नी ‘कामदा’ के प्रभाव से पहले की अपेक्षा भी अधिक सुन्दर रुप धारण करके विमान पर आरुढ़ होकर अत्यन्त शोभा पाने लगे । यह जानकर इस एकादशी के व्रत का यत्नपूर्वक पालन करना चाहिए ।

मैंने लोगों के हित के लिए तुम्हारे सामने इस व्रत का वर्णन किया है । ‘कामदा एकादशी’ ब्रह्महत्या आदि पापों तथा पिशाचत्व आदि दोषों का नाश करनेवाली है । राजन् ! इसके पढ़ने और सुनने से वाजपेय यज्ञ का फल मिलता है ।

हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे।।

🌸 विशेष – कमदा एकादशी
🌸 एकादशी व्रत के लाभ 🌸
विशेष – 04 अप्रैल शनिवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखें ।
🙏🏻एकादशी व्रत के पुण्य के समान और कोई पुण्य नहीं है ।
🙏🏻जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।
🙏🏻जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।
🙏🏻एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं, इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।
🙏🏻धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।
🙏🏻कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।
🙏🏻परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ भगवान शिवजी ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है, एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।

🌸 एकादशी के दिन करने योग्य 🌸
🙏🏻एकादशी को दिया जला के विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें …….विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो १० माला गुरुमंत्र का जप कर लें, अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l

🌸 एकादशी के दिन ये सावधानी रहे 🌸
🙏🏻महीने में १५-१५ दिन में एकादशी आती है एकादशी का व्रत पाप और रोगों को स्वाहा कर देता है लेकिन वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी न रख सके तभी भी उनको चावल का तो त्याग करना चाहिए एकादशी के जो दिन चावल खाता है… तो धार्मिक ग्रन्थ से एक- एक चावल एक- एक कीड़ा खाने का पाप लगता है..

🌸 यदि आपके व्ययसाय में कोई न कोई मशीन बहुत जल्दी खराब हो जाती हैं तो यह उपाय जरूर करे।
किसी भी माह के प्रथम गुरुवार को हल्दी कुमकुम और केसर की स्याही बना नौ इंच सफेद धागे को रंग ले।और उस मे नौ गांठे लगा ले।उसी स्याही से मशीन पे स्वास्तिक बना धागे को बांध दी।
न मशीन खराब होगी और कर्मचारी भी मन लगा के कार्य करेंगे।

        *🌸दैनिक राशिफल🌸*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
योजना फलीभूत होगी। प्रभावशाली व्यक्ति सहयोग करेंगे। मित्रों तथा रिश्तेदारों की सहायता कर पाएंगे। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। कार्यसिद्धि होगी। उत्साह व प्रसन्नता में वृद्धि होगी। समय की अनुकूलता का लाभ लें। मनोरंजन का समय मिलेगा।

🐂वृष
तंत्र-मंत्र में रुचि रहेगी। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। सावधानी आवश्यक है। व्ययवृद्धि होगी। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण रहेगा।

👫मिथुन
काम करते समय तथा आते-जाते समय विशेष सावधानी की आवश्यकता है। शारीरिक तथा धन हानि हो सकती है। वाणी पर नियंत्रण रखें। शत्रु सक्रिय रहेंगे। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। मित्रों तथा रिश्तेदारों का सहयोग प्राप्त होगा।

🦀कर्क
प्रेम-प्रसंग में जल्दबाजी न करें। व्यय होगा। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकता है। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। परिवार के सदस्यों तथा मित्रों के साथ समय सुखमय व्यतीत होगा। लंबी यात्रा संभव है। लाभ होगा।

🐅सिंह
भूमि व भवन संबंधित कोई बड़ा सौदा बड़ा लाभ दे सकता है। प्रतिद्वंद्वियों से तालमेल बैठ सकता है। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। किसी प्रभावशाली व्यक्ति के सहयोग से काम होंगे। धन प्राप्ति में सुगमता होगी।

🙎कन्या
किसी पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बन सकता है। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। संगीत व चित्रकारी आदि रचनात्मक कार्यों में रुचि रहेगी। नए विचार मन में आएंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। समय की अनुकूलता का लाभ लें। प्रसन्नता रहेगी।

⚖तुला
क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। नकारात्मकता रहेगी। मेहनत अधिक होगी। शोक समाचार प्राप्त हो सकता है। कोई पुराना रोग उभर सकता है। अपेक्षाकृत कार्यों में विलंब होगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। आवश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलेगी। तनाव रहेगा।

🦂वृश्चिक
समाजसेवा में मन लगेगा। आत्मशांति रहेगी। प्रयास सफल रहेंगे। बिगड़े काम बनेंगे। घर-बाहर सभी ओर सफलता प्राप्त होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण निर्मित होगा। धनार्जन होगा।

🏹धनु
घर में मेहमानों का आगमन होगा। अच्छी खबर प्राप्त होगी। प्रसन्नता व उत्साह में वृद्धि होगी। छोटी-मोटी यात्रा हो सकती है। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। नए मित्र बनेंगे।

🐊मकर
किसी प्रभावशाली व्यक्ति के सहयोग से भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। नवीन वस्त्राभूषण पर व्यय हो सकता है। घर-बाहर सभी ओर से सहयोग प्राप्त होगा। जीवन सुखमय व्यतीत होगा। मित्रों के साथ मनोरंजन का कार्यक्रम बन सकता है।

🍯कुम्भ
कोई बड़ा खर्च हो सकता है। आर्थिक स्थिति डांवाडोल हो सकती है। दूसरों से अपेक्षा न करें। विवेक से कार्य करें। समस्या दूर होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। धनहानि की आशंका है। मित्रों के सहयोग से चिंता में कमी होगी।

🐟मीन
डूबी हुई रकम प्राप्ति के योग हैं। भाग्य की अनुकूलता रहेगी। किसी लंबी मनोरंजक यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। जीवनसाथी का सहयोग प्रसन्नता में वृद्धि करेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। परिवार में मेलजोल बढ़ेगा। जल्दबाजी न करें।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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