Dharma & Karma 

आज मंगलवार का राशिफल तो पढ़िये मगर ! क्या आप जानते हैं कि जो मकर संक्रांति के दिन स्नान नहीं करता वह ७ जन्मों तक निर्धन और रोगी रहता है ?

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🌹🙏
सम्पर्क सूत्र – 9518782511
🙏🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🙏
🙏🌹🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌹🙏
🙏ll जय श्री राधे ll*🙏
🙏🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🙏

दिनाँक -: 14/01/2020,मंगलवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
माघ
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि ———-चतुर्थी 14:48:51 तक
पक्ष —————————-कृष्ण
नक्षत्र ————मघा 07:54:18
नक्षत्र –पूर्वाफाल्गुनी 29:55:59
योग ———-सौभाग्य 24:31:41
करण ———-बालव 14:48:51
करण ———कौलव 25:28:29
वार ———————–मंगलवार
माह —————————–माघ
चन्द्र राशि ———————-सिंह
सूर्य राशि ———धनु 26:06:46
सूर्य राशि ——————-मकर
रितु —————————-हेमंत
आयन ——————दक्षिणायन
सायन ——————- उत्तरायण
संवत्सर ———————-विकारी
संवत्सर (उत्तर) ———-परिधावी
विक्रम संवत —————-2076
विक्रम संवत (कर्तक)——2076
शाका संवत —————-1941

मुम्बई
सूर्योदय —————–07:15:49
सूर्यास्त —————–18:18:57
दिन काल —————11:03:07
रात्री काल ————-12:56:57
चंद्रास्त —————–10:12:25
चंद्रोदय —————–22:06:25

लग्न —-धनु 29°12′ , 269°12′

सूर्य नक्षत्र ————–उत्तराषाढा
चन्द्र नक्षत्र ———————मघा
नक्षत्र पाया ——————-रजत

          🌹पद, चरण🌹

मे —-मघा 07:54:18

मो —-पूर्वाफाल्गुनी 13:24:17

टा —-पूर्वाफाल्गुनी 18:54:29

टी —-पूर्वाफाल्गुनी 24:25:01

टू —-पूर्वाफाल्गुनी 29:55:59

        🌹 ग्रह गोचर🌹

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य=धनु 29°32 ‘ उ oषा o, 1 भे
चन्द्र = सिंह 28°23 ‘ मघा ‘ 4 मे
बुध = मकर 01°10 ‘ उoषाo’ 2 भो
शुक्र= कुम्भ 06°55, धनिष्ठा ‘ 4 गे
मंगल=वृश्चिक 13°40′ अनुराधा ‘ 3 नू
गुरु=धनु 15°30 ‘ पू oषाo , 1 भू
शनि=धनु 26°43′ उ oषा o ‘ 1 भे
राहू=मिथुन 13 °31 ‘ आर्द्रा , 3 ङ
केतु=धनु 13 ° 31′ पूo षाo, 1 भू

     🌹शुभा$शुभ मुहूर्त🌹

राहू काल 15:06 – 16:25 अशुभ
यम घंटा 09:50 – 11:09 अशुभ
गुली काल 12:28 – 13:47 अशुभ
अभिजित 12:07 -12:49 शुभ
दूर मुहूर्त 09:19 – 10:01 अशुभ
दूर मुहूर्त 23:07 – 23:49 अशुभ

🚩गंड मूल 07:12 – 07:54 अशुभ

चोघडिया, दिन
रोग 07:12 – 08:31 अशुभ
उद्वेग 08:31 – 09:50 अशुभ
चर 09:50 – 11:09 शुभ
लाभ 11:09 – 12:28 शुभ
अमृत 12:28 – 13:47 शुभ
काल 13:47 – 15:06 अशुभ
शुभ 15:06 – 16:25 शुभ
रोग 16:25 – 17:44 अशुभ

💮चोघडिया, रात
काल 17:44 – 19:25 अशुभ
लाभ 19:25 – 21:06 शुभ
उद्वेग 21:06 – 22:47 अशुभ
शुभ 22:47 – 24:28* शुभ
अमृत 24:28* – 26:09* शुभ
चर 26:09* – 27:50* शुभ
रोग 27:50* – 29:31* अशुभ
काल 29:31* – 31:12* अशुभ

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

🌹दिशा शूल ज्ञान————-उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

 🌹अग्नि वास ज्ञान 🌹

यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

   15 + 4 + 3 + 1 = 23  ÷ 4 = 3 शेष

मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

🌹शिव वास एवं फल -:

19 + 19 + 5 = 43 ÷ 7 = 1 शेष

कैलाश वास = शुभ कारक

🌹भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

        🌹विशेष जानकारी🌹
  • मकर में सूर्य रात्रि 26:08 पर 🌹शुभ विचार🌹

विद्या मित्रं प्रवासे च भार्या मित्र गृहे च ।
व्याधिस्तस्यौषधं मित्रं धर्मा मित्रं मृतस्य च ।।
।।चा o नी o।।

विद्या सफ़र में हमारा मित्र है. पत्नी घर पर मित्र है. औषधि रुग्ण व्यक्ति की मित्र है. मरते वक्त तो पुण्य कर्म ही मित्र है.

         🌹सुभाषितानि🌹

गीता -: श्रद्धात्रयविभागयोग अo-17

अभिसन्धाय तु फलं दम्भार्थमपि चैव यत्‌।,
इज्यते भरतश्रेष्ठ तं यज्ञं विद्धि राजसम्‌॥,

परन्तु हे अर्जुन! केवल दम्भाचरण के लिए अथवा फल को भी दृष्टि में रखकर जो यज्ञ किया जाता है, उस यज्ञ को तू राजस जान॥,12॥,

    🌹ब्रत पर्व विवरण 🌹

💥 विशेष – चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

🌷 मंगलवारी चतुर्थी 🌷
➡ 14 जनवरी 2020 मंगलवार को सूर्योदय से दोपहर 02:50 तक मंगलवारी चतुर्थी हैं ।
🌷 मंत्र जप व शुभ संकल्प की सिद्धि के लिए विशेष योग
🙏🏻 मंगलवारी चतुर्थी को किये गए जप-संकल्प, मौन व यज्ञ का फल अक्षय होता है ।
👉🏻 मंगलवार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना … जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है.

🌷 मंगलवारी चतुर्थी 🌷
🙏 अंगार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना …जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है…
🌷 > बिना नमक का भोजन करें
🌷 > मंगल देव का मानसिक आह्वान करो
🌷 > चन्द्रमा में गणपति की भावना करके अर्घ्य दें
💵 कितना भी कर्ज़दार हो ..काम धंधे से बेरोजगार हो ..रोज़ी रोटी तो मिलेगी और कर्जे से छुटकारा मिलेगा |


🌷 मंगलवार चतुर्थी 🌷
🙏🏻 मंगलवारी चतुर्थी के इस महा योग पर अगर मंगल ग्रह देव के 21 नामों से सुमिरन करें और धरती पर अर्घ्य देकर प्रार्थना करें,शुभ संकल्प करें तो आप सकल ऋण से मुक्त हो सकते हैं..
👉🏻मंगल देव के 21 नाम इस प्रकार हैं :-
🌷 1) ॐ मंगलाय नमः
🌷 2) ॐ भूमि पुत्राय नमः
🌷 3 ) ॐ ऋण हर्त्रे नमः
🌷 4) ॐ धन प्रदाय नमः
🌷 5 ) ॐ स्थिर आसनाय नमः
🌷 6) ॐ महा कायाय नमः
🌷 7) ॐ सर्व कामार्थ साधकाय नमः
🌷 8) ॐ लोहिताय नमः
🌷 9) ॐ लोहिताक्षाय नमः
🌷 10) ॐ साम गानाम कृपा करे नमः
🌷 11) ॐ धरात्मजाय नमः
🌷 12) ॐ भुजाय नमः
🌷 13) ॐ भौमाय नमः
🌷 14) ॐ भुमिजाय नमः
🌷 15) ॐ भूमि नन्दनाय नमः
🌷 16) ॐ अंगारकाय नमः
🌷 17) ॐ यमाय नमः
🌷 18) ॐ सर्व रोग प्रहाराकाय नमः
🌷 19) ॐ वृष्टि कर्ते नमः
🌷 20) ॐ वृष्टि हराते नमः
🌷 21) ॐ सर्व कामा फल प्रदाय नमः
🙏 ये 21 मन्त्र से भगवान मंगल देव को नमन करें ..फिर धरती पर अर्घ्य देना चाहिए..अर्घ्य देते समय ये मन्त्र बोले :-
🌷 भूमि पुत्रो महा तेजा
🌷 कुमारो रक्त वस्त्रका
🌷 ग्रहणअर्घ्यं मया दत्तम
🌷 ऋणम शांतिम प्रयाक्ष्मे
🙏 *हे भूमि पुत्र!..महा क्यातेजस्वी,रक्त वस्त्र धारण करने वाले देव मेरा अर्घ्य स्वीकार करो और मुझे ऋण से शांति प्राप्त कराओ..


🌷 *मकर संक्रांति* 🌷
🙏🏻 आत्मोद्धारक व जीवन-पथ प्रकाशक पर्व – मकर संक्रांति (15 जनवरी 2020 बुधवार ) पुण्यकाल सूर्योदय से सूर्यास्त तक
🌞 जिस दिन भगवान सूर्यनारायण उत्तर दिशा की तरफ प्रयाण करते हैं, उस दिन नारायण (मकर संक्रांति) का पर्व मनाया जाता है | इस दिन से अंधकारमयी रात्रि कम होती जाती है और प्रकाशमय दिवस बढ़ता जाता है | उत्तरायण का वाच्यार्थ है कि सूर्य उत्तर की तरफ, लक्ष्यार्थ है आकाश के देवता की कृपा से ह्दय में भी अनासक्ति करनी है | नीचे के केन्द्रों में वासनाएँ, आकर्षण होता है व ऊपर के केन्द्रों में निष्कामता, प्रीति और आनंद होता है | संक्रांति रास्ता बदलने की सम्यक सुव्यवस्था है | इस दिन आप सोच व कर्म की दिशा बदलें | जैसी सोच होगी वैसा विचार होगा, जैसा विचार होगा वैसा कर्म होगा | हाड-मांस के शरीर को सुविधाएँ दे के विकार भोगकर सुखी होने की पाश्च्यात्य सोच है और हाड-मांस के शरीर को संयत, जितेन्द्रिय रखकर सदभाव से विकट परिस्थितियों में भी सामनेवाले का मंगल चाहते हुए उसका मंगलमय स्वभाव प्रकट करना यह भारतीय सोच है |


सम्यक क्रांति…. ऐसे तो हर महिने संक्रांति आती है लेकिन मकर संक्रांति साल में एक बार आती है | उसीका इंतजार किया था भीष्म पितामह ने | उन्होंने उत्तरायण काल शुरू होने के बाद ही देह त्यागी थी |
पुण्यपुंज व आरोग्यता अर्जन का दिन
🌞 जो संक्रांति के दिन स्नान नहीं करता वह ७ जन्मों तक निर्धन और रोगी रहता है और जो संक्रांति का स्नान कर लेता है वह तेजस्वी और पुण्यात्मा हो जाता है | संक्रांति के दिन उबटन लगाये, जिसमे काले तिल का उपयोग हो |
🌞 भगवान सूर्य को भी तिलमिश्रित जल से अर्घ्य दें | इस दिन तिल का दान पापनाश करता है, तिल का भोजन आरोग्य देता है, तिल का हवन पुण्य देता है | पानी में भी थोड़े तिल डाल के पियें तो स्वास्थ्यलाभ होता है | तिल का उबटन भी आरोग्यप्रद होता है | इस दिन सुर्योद्रय से पूर्व स्नान करने से १० हजार गौदान करने का फल होता है | जो भी पुण्यकर्म उत्तरायण के दिन करते हैं वे अक्षय पुण्यदायी होते हैं | तिल और गुड के व्यंजन, चावल और चने की दाल की खिचड़ी आदि ऋतु-परिवर्तनजन्य रोगों से रक्षा करती है | तिलमिश्रित जल से स्नान आदि से भी ऋतु-परिवर्तन के प्रभाव से जो भी रोग-शोक होते हैं, उनसे आदमी भिड़ने में सफल होता है |


🌞 सूर्यदेव की विशेष प्रसन्नता हेतु मंत्र
ब्रम्हज्ञान सबसे पहले भगवान सूर्य को मिला था | उनके बाद रजा मनु को, यमराज को…. ऐसी परम्परा चली | भास्कर आत्मज्ञानी हैं, पक्के ब्रम्ह्वेत्ता हैं | बड़े निष्कलंक व निष्काम हैं | कर्तव्यनिष्ठ होने में और निष्कामता में भगवान सूर्य की बराबरी कौन कर सकता है ! कुछ भी लेना नहीं, न किसी से राग है न द्वेष है | अपनी सत्ता-समानता में प्रकाश बरसाते रहते हैं, देते रहते हैं |
🌞 ‘पद्म पुराण’ में सूर्यदेवता का मूल मंत्र है : ॐ ह्रां ह्रीं स: सूर्याय नम: | अगर इस सूर्य मंत्र का ‘आत्मप्रीति व आत्मानंद की प्राप्ति हो’ – इस हेतु से भगवान भास्कर का प्रीतिपूर्वक चिंतन करते हुए जप करते हैं तो खूब प्रभु-प्यार बढेगा, आनंद बढेगा |
🌞 ओज-तेज-बल का स्त्रोत : सूर्यनमस्कार
सूर्यनमस्कार करने से ओज-तेज और बुद्धि की बढ़ोत्तरी होती है | ॐ सूर्याय नम: | ॐ भानवे नम: | ॐ खगाय नम: ॐ रवये नम: ॐ अर्काय नम: |….. आदि मंत्रो से सूर्यनमस्कार करने से आदमी ओजस्वी-तेजस्वी व बलवान बनता है | इसमें प्राणायाम भी हो जाता है, कसरत भी हो जाती है |
सूर्य की उपासना करने से, अर्घ्य देने से, सूर्यस्नान व सूर्य-ध्यान आदि करने से कामनापूर्ति होती है | सूर्य का ध्यान भ्रूमध्य में करने से बुद्धि बढती है और नाभि-केंद्र में करने से मन्दाग्नि दूर होती है, आरोग्य का विकास होता है |
🌞 आरोग्य व पुष्टि वर्धक : सूर्यस्नान
सूर्य की धूप में जो खाद्य पदार्थ, जैसे-घी, तेल आदि २ – ४ घंटे रखा रहे तो अधिक सुपाच्य हो जाता है | धूप में रखे हुए पानी से कभी –कभी स्नान कर सकते हैं | इससे सूखा रोग (Rickets) नहीं होता और रोगनाशिनी शक्ति बरक़रार रहती है |


🌞 सूर्य की किरणों से रोग दूर करने की प्रशंसा ‘अथर्ववेद’ में भी आती है | कांड – १, सूक्त २२ के श्लोकों में सूर्य की किरणों का वर्णन आता है |
मैं १५-२० मिनट सूर्यस्नान करता हूँ | लेटे–लेटे सूर्यस्नान करना और भी हितकारी होता है लेकिन सूर्य की कोमल धूप हो, सूर्योदय से एक-डेढ़ घंटे के अंदर-अंदर सूर्यस्नान कर लें | इससे मांसपेशियाँ तंदुरस्त होती हैं, स्नायुओं का दौर्बल्य दूर होता है | सूर्यस्नान का यह प्रसाद मुझे अनुभव होता है | मुझे स्नायुओं में दौर्बल्य नहीं है | स्नायु की दुर्बलता, शरीर में दुर्बलता, थकान व कमजोरी हो तो प्रतिदिन सूर्यस्नान करना चाहिए |
🌞 सूर्यस्नान से त्वचा के रोग भी दूर होते हैं, हड्डियाँ मजबूत होती हैं | रक्त में कैल्शियम, फ़ॉस्फोरस व लोहें की मात्राएँ बढती हैं, ग्रंथियों के स्त्रोतों में संतुलन होता है | सूर्यकिरणों से खून का दौरा तेज, नियमित व नियंत्रित चलता है | लाल रक्त कोशिकाएँ जाग्रत होती हैं, रक्त की वृद्धि होती है | गठिया, लकवा और आर्थराइटिस के रोग में भी लाभ होता है | रोगाणुओं का नाश होता है, मस्तिष्क के रोग, आलस्य, प्रमाद, अवसाद, ईर्ष्या-द्वेष आदि शांत होते हैं | मन स्थिर होने में भी सूर्य की किरणों का योगदान है | नियमित सूर्यस्नान से मन पर नियंत्रण, हार्मोन्स पर नियंत्रण और त्वचा व स्नायुओं में क्षमता, सहनशीलता की वृद्धि होती है |


🌞 नियमित सूर्यस्नान से दाँतों के रोग दूर होने लगते हैं | विटामिन ‘डी’ की कमी से होनेवाले सूखा रोग, संक्रामक रोग आदि भी सूर्यकिरणों से भगाये जा सकते हैं |
🌞 अत: आप भी खाद्य अन्नों को व स्नान के पानी को धूप में रखों तथा सूर्यस्नान का खूब लाभ लो |
दृढ़ संकल्पवान व साधना में उन्नत होने का दिन है ।
🌞 उत्तरायण यह देवताओं का ब्राम्हमुहूर्त है तथा लौकिक व अध्यात्म विद्याओं की सिद्धि का काल है | तो मकर संक्रांति के पूर्व की रात्रि में सोते समय भावना करना कि ‘पंचभौतिक शरीर पंचभूतों में, मन, बुद्धि व अहंकार प्रकृति में लीन करके मैं परमात्मा में शांत हो रहा हूँ | और जैसे उत्तरायण के पर्व के दिन भगवान सूर्य दक्षिण से मुख मोडकर उत्तर की तरफ जायेंगे, ऐसे ही हम नीचे के केन्द्रों से मुख मोडकर ध्यान-भजन और समता के सूर्य की तरफ बढ़ेंगे | ॐ शांति …. ॐ आनंद …. ‘
🌞 रात को ‘ॐ सूर्याय नम: |’ इस मंत्र का चिंतन करके सोओगे तो सुबह उठते-उठते सूर्यनारायण का भ्रूमध्य में ध्यान भी सहज में कर पाओगे | उससे बुद्धि का विकास होगा |

       🌹दैनिक राशिफल🌹

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
विवाद से बचें। स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में विशेष सावधानी रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। घर-बाहर अशांति रह सकती है। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। भाइयों से मतभेद बढ़ सकते हैं। नौकरी में कार्य का बोझ बढ़ सकता है।

🐂वृष
घर-परिवार के किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना पड़ सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। रोमांस का अवसर नहीं मिलेगा। कार्य पर अधिक ध्यान देना पड़ेगा। राजकीय रुकावटें दूर होंगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे।

👫मिथुन
संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। प्रॉपर्टी के कार्यों के लिए समय अनुकूल है। रोजगार मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। कार्य का बोझ स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। थकान रहेगी। वरिष्ठजन सहयोग करेंगे। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण रहेगा।

🦀कर्क
परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। रचनात्मक कार्य पूर्ण होंगे। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। पीठ पीछे चु्गलखोर सक्रिय रहेंगे। ऐश्वर्य के साधनों पर खर्च होगा। मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। प्रसन्नता बनी रहेगी। वस्तुएं संभालकर रखें।

🐅सिंह
उच्चाधिकारी की प्रसन्नता का ख्याल रखें। अनावश्यक क्रोध न करें, बात बिगड़ सकती है। शोक समाचार मिल सकता है। भागदौड़ अधिक होगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। अपनों में से किसी का व्यवहार दिल पर चोट पहुंचा सकता है। व्यवसाय ठीक चलेगा।

🙎कन्या
अज्ञात भय सताएगा। मेहनत का फल पूरा-पूरा मिलगा। रुके कार्य पूर्ण होंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में इजाफा होगा। आलस्य हावी रहेगा। लाभ में वृद्धि होगी। मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है। परिवार के सदस्य सहयोग प्रदान करेंगे।

⚖तुला
वाणी पर नियंत्रण रखें। राजकीय कोप भुगतना पड़ सकता है। जोखिम उठाने व जल्दबाजी करने से बचें। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। पुराने भूले-बिसरे मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी। मान बढ़ेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। धनार्जन होगा।

🦂वृश्चिक
नवीन वस्त्राभूषण पर व्यय हो सकता है। बेरोजगारी की समस्या से छुटकारा मिलेगा। यात्रा लाभदायक रहेगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। अज्ञात भय सताएगा। शारीरिक कष्ट संभव है। दूसरों की बातों में न आएं, हानि हो सकती है।

🏹धनु
आंखों को चोट व रोग से बचाएं। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। फिजूलखर्ची से बजट बिगड़ेगा। दूसरों से अपेक्षा न करें। तनाव व चिंता रहेंगे। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कुसंगति से हानि होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में कमी रहेगी।

🐊मकर
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। बाहरी मतभेद समाप्त होंगे। कोई बड़ी समस्या से सामना हो सकता है। समय अनुकूल है। ठीक होगा।

🍯कुंभ
कार्यस्थल पर समयानुकूल परिवर्तन संभव है। तत्काल लाभ नहीं मिलेगा। योजना फलीभूत होगी। कारोबारी नए अनुबंध हो सकते हैं। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। ऐश्वर्य पर खर्च होगा। वरिष्ठजन सहयोग करेंगे। मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी।

🐟मीन
स्वयं व परिवार की स्वास्थ्य पर व्यय हो सकता है। देवदर्शन सुलभ होंगे। सत्संग का लाभ मिलेगा। राजकीय बाधा दूर होगी। आय में वृद्धि होगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यवसाय ठीक चलेगा।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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