Dharma & Karma 

क्या आप जानते हैं माघ महीने में गंगा स्नान से क्या फायदा क्या नुकसान होता है? नही? तो आज जान लीजिये आचार्य जी से…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🙏🌹
सम्पर्क सूत्र – 9518782511
🙏🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🙏
🙏🌹🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌹🙏
🙏ll जय श्री राधे ll*🙏
🙏🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🙏

दिनाँक -: 10/01/2020,शुक्रवार
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष
पौष
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि ———पूर्णिमा 24:50:21 तक
पक्ष —————————शुक्ल
नक्षत्र ———–आर्द्रा 14:47:37
योग ————–इंद्रा 16:44:56
करण ——विष्टि भद्र 13:45:51
करण ————भाव 24:50:21
वार ————————-शुक्रवार
माह ——————————पौष
चन्द्र राशि ——————- मिथुन
सूर्य राशि ———————–धनु
रितु —————————-हेमंत
सायन ————————शिशिर
आयन —————–दक्षिणायन
सायन ———————उत्तरायण
संवत्सर ——————– विकारी
संवत्सर (उत्तर) ———-परिधावी
विक्रम संवत —————-2076
विक्रम संवत (कर्तक) —-2076
शाका संवत —————-1941

मुम्बई
सूर्योदय —————–07:15:16
सूर्यास्त —————–18:16:23
दिन काल —————11:01:06
रात्री काल ————-12:59:04
चंद्रोदय —————–17:56:02
चंद्रास्त —————–31:36:01

लग्न —-धनु 25°8′ , 265°8′

सूर्य नक्षत्र —————-पूर्वाषाढा
चन्द्र नक्षत्र ——————–आर्द्रा
नक्षत्र पाया ——————–रजत

            🌹पद, चरण🌹

ङ —-आर्द्रा 09:02:55

छ —-आर्द्रा 14:47:37

के —-पुनर्वसु 20:30:27

को —-पुनर्वसु 26:11:34

           🌹ग्रह गोचर 🌹

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य=धनु 25°32 ‘ पू oषा o, 4 ढा
चन्द्र = मिथुन 15°23 ‘ आर्द्रा ‘ 3 ङ
बुध = धनु 24 °10 ‘ पूoषाo’ 4 ढा
शुक्र= कुम्भ 01°55, धनिष्ठा ‘ 3 गु
मंगल=वृश्चिक 10°40′ अनुराधा ‘ 3 नू
गुरु=धनु 14°30 ‘ पू oषाo , 1 भू
शनि=धनु 26°43′ उ oषा o ‘ 1 भे
राहू=मिथुन 13 °41 ‘ आर्द्रा , 3 ङ
केतु=धनु 13 ° 41′ पूo षाo, 1 भू

        🌹शुभा$शुभ मुहूर्त 🌹

राहू काल 11:08 – 12:27 अशुभ
यम घंटा 15:04 – 16:22 अशुभ
गुली काल 08:31 – 09:50 अशुभ
अभिजित 12:06 -12:48 शुभ
दूर मुहूर्त 09:18 – 10:00 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:48 – 13:29 अशुभ

🌹चोघडिया, दिन
चर 07:12 – 08:31 शुभ
लाभ 08:31 – 09:50 शुभ
अमृत 09:50 – 11:08 शुभ
काल 11:08 – 12:27 अशुभ
शुभ 12:27 – 13:45 शुभ
रोग 13:45 – 15:04 अशुभ
उद्वेग 15:04 – 16:22 अशुभ
चर 16:22 – 17:41 शुभ

Cream

🌹चोघडिया, रात
रोग 17:41 – 19:22 अशुभ
काल 19:22 – 21:04 अशुभ
लाभ 21:04 – 22:45 शुभ
उद्वेग 22:45 – 24:27* अशुभ
शुभ 24:27* – 26:08* शुभ
अमृत 26:08* – 27:50* शुभ
चर 27:50* – 29:31* शुभ
रोग 29:31* – 31:13* अशुभ

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

🌹दिशा शूल ज्ञान————-पश्चिम
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🌹अग्नि वास ज्ञान
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

   15 + 6 + 1 = 22  ÷ 4 = 2 शेष

आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

   *🌹शिव वास एवं फल*

15 + 15 + 5 = 35 ÷ 7 = 0 शेष

शमशान वास = मृत्यु कारक

🌹भद्रा वास एवं फल

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

दोपहर 13:42 तक समाप्त

स्वर्ग लोक = शुभ कारक

           *विशेष जानकारी*
  • पौसी पूर्णिमा व्रत
  • मघा स्न्नान प्रारम्भ
  • सर्वार्थ सिद्धि योग
  • गुरु उदय 09:34 पर
  • दाऊजी महाराज की झांकी मथुरा जी
  • शाकम्भरी जयन्ती *शुभ विचार*

न विप्रपादोदकपंकजानि
न वेदशास्त्रध्वनिगर्जितानि ।
स्वाहास्वधाकारविवर्जितानि
श्मशानतुल्यानिगृहाणि तानि ।।
।।चा o नी o।।

वह घर जहा ब्राह्मणों के चरण कमल को धोया नहीं जाता, जहा वैदिक मंत्रो का जोर से उच्चारण नहीं होता. और जहा भगवान् को और पितरो को भोग नहीं लगाया जाता वह घर एक स्मशान है

           *सुभाषितानि*

गीता -: श्रद्धात्रयविभागयोग अo-17

आयुः सत्त्वबलारोग्यसुखप्रीतिविवर्धनाः।,
रस्याः स्निग्धाः स्थिरा हृद्या आहाराः सात्त्विकप्रियाः॥,

आयु, बुद्धि, बल, आरोग्य, सुख और प्रीति को बढ़ाने वाले, रसयुक्त, चिकने और स्थिर रहने वाले (जिस भोजन का सार शरीर में बहुत काल तक रहता है, उसको स्थिर रहने वाला कहते हैं।,) तथा स्वभाव से ही मन को प्रिय- ऐसे आहार अर्थात्‌ भोजन करने के पदार्थ सात्त्विक पुरुष को प्रिय होते हैं ll8ll

🌹 व्रत पर्व विवरण🌹

🌹 विशेष – पूर्णिमा के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)

🌹 माघ मास 🌹
🙏🏻 माघ स्नान से बढ़कर पवित्र पाप नाशक दूसरा कोई व्रत नही है | एकादशी के व्रत की महिमा है, गंगा स्नान की महिमा है, लेकिन माघ मास में सभी तिथियाँ पर्व हैं, सभी तिथियाँ पूनम हैं | और माघ मास में सूर्योदय से थोड़ी देर पहले स्नान करना पाप नाशक और आरोग्य प्रद और प्रभाव बढ़ाने वाला है | पाप नाशनी उर्जा मिलने से बुद्धि शुद्ध होती है, इरादे सुंदर होते हैं |
🙏🏻 पद्म पुराण में ब्रह्म ऋषि भृगु कहते हैं की तप परम ध्यानं त्रेता याम जन्म तथाह | द्वापरे व् कलो दानं | माघ सर्व युगे शुच ||
🙏🏻 सत युग में तपस्या से उत्तम पद की प्राप्ति होती है, त्रेता में ज्ञान, द्वापर में भगवत पूजा से और कलियुग में दान सर्वोपरी माना गया है | दानं केवलं कलि युगे || परन्तु माघ स्नान तो सभी युगों में श्रेष्ठ माना गया है |
🙏🏻 सतयुग में सत्य की प्रधानता थी, त्रेता में तप की, द्वापर में यज्ञकी, कलयुग में दान की लेकिन माघ मास में स्नान की चारो युग में बड़ी भारी महिमा है | सभी दिन माघ मास में स्नान कर सकें तो बहुत अच्छा नहीं तो ३ दिन तो लगातार करना चाहिए | बीच में तो करें लेकिन आखरी ३ दिन तो जरूर करना चाहिए | माघ मास का इतना प्रभाव है कि सभी जल गंगा जल के तीर्थ पर्व के समान हैं |


🙏🏻 पुष्कर, कुरुक्षेत्र, काशी, प्रयाग में १० वर्ष पवित्र शौच, संतोष आदि नियम पलने से जो फल मिलता है माघ मास में ३ दिन स्नान करने से वो मिल जाता है, खाली ३ दिन | माघ मास प्रात: स्नान सब कुछ देता है | आयु, आरोग्य, रूप, बल, सौभाग्य, सदाचरण देता है |
🙏🏻 जिनके बच्चे सदाचरण से गिर गए हैं उनको भी पुचकार के, इनाम देकर भी बच्चो को स्नान कराओ तो बच्चों को समझाने से, मारने-पिटने से या और कुछ करने से उतना नहीं सुधर सकते हैं, घर से निकाल देने से भी इतना नहीं सुधरेंगे जितना माघ मास के स्नान से |
🙏🏻 तो सदआचरण, संतान वृद्धि, सत्संग, सत्य और उदार भाव आदि का प्रादितय होता है | व्यक्ति की सुरता उतम गुण, सुरता माना समझ, उतम गुण से सम्पन होती है | नर्क का डर उसके लिए सदा के लिए खत्म हो जाता है | मरने के बाद फिर वो नर्क में नही जायेगा |
🙏🏻 दरिद्रता और पाप दूर हो जायेंगे | दुर्भाग्य का कीचड नाश हो जायेगा | यत्न पूर्वक माघ स्नान, माघ प्रात: स्नान से विद्या निर्मल होती है | मलिन विद्या क्या है ? कि पढ़-लिख के दूसरों को ठगों | दारू पियो, क्लबों में जाओ, बॉयफ्रेंड, गर्लफ्रेंड करो ये मलिन विद्या है | लेकिन निर्मल विद्या होगी तो ये पापाचरण में रूचि नही होगी |


🙏🏻 माघ प्रात: स्नान से विद्या निर्मल, कीर्ति बढ़ती है, आरोग्य और आयुष्य, अक्षय धन की प्राप्ति होती है | जो धन कभी नष्ट ना हो, वह अक्षय धन की भी प्राप्ति होती है | रुपये-पैसे तो छोड़के मरना पड़ता है, दूसरा अक्षय धन वो भी प्राप्त होता है | समस्त पापों से मुक्ति और इंद्र लोक की प्राप्ति सहज में हो जाती है अर्थात स्वर्ग लोक की प्राप्ति |
🙏🏻 पद्म पुराण में वशिष्टजी भगवान कहते हैं, भगवान के गुरु, भगवान वशिष्टजी कहते हैं वैशाख में जल, अन्न दान उत्तम हैं | कार्तिक में तपस्या और पूजा, माघ में जप और होम दान उत्तम है |
🙏🏻 प्रिय वस्तु अर्थात रूचिकर वस्तु का त्याग करने से व्यक्ति वासनाओं की गुलामी के जंजाल को काटने का बल ले आता है | नियम पालन, पवित्र नियम पालने से अधर्म की जड़े कटती हैं | जो लोग तत्वज्ञान सुनते हैं लेकिन अधर्म करते रहते हैं तो तत्वज्ञान में रूचि नहीं होती, तत्वज्ञान उनको पचता नहीं है |
सम || ब्रह्माजी जैसा गुरु मिले लेकिन जिसको अधर्म में रूचि है उसको फिर फिसल जाता है | मैं मिलियनर, बिलियनर, तिलियनर बनू | लेकिन वो सुसाईड करके मर गए कई मिलियनर, कई तिलियनर, बड़े-बड़े | तो बड़े धनाढ़्य थे, और उनकी बड़ी दुर्गति हुई | तो जिस वस्तु में आसक्ति है उस वस्तु को बल पूर्वक त्याग दे तो अधर्म की जड़े कटती हैं |
🙏🏻 सकाम भावना से माघ महिने का स्नान करने वाले को मनोवांछित फल प्राप्त होता है लेकिन निष्काम भाव से कुछ नहीं चाहिए खाली भागवत प्रसन्नता, भागवत प्राप्ति के लिए माघ का स्नान करता है, तो उसको भगवत प्राप्ति में भी बहुत-बहुत आसानी होती है |


🙏🏻 सामर्थ्य के अनुसार प्रति दिन हवन और १ बार भोजन करें माघ मास में | ३-३ बार खाना ये आध्यात्मिक जगत में और बच्चों के लिए ३-३ बार भोजन बुद्धि मोटी बना देगा | माघ मास में जरा नाश्ते से बच जाओ | २ टाईम भोजन करो | लिखा तो १ टाईम है लेकिन फिर भी २ टाईम कर सकते हैं
🙏🏻 माघ मास में पति-पत्नी के सम्पर्क से दूर रहने वाला व्यक्ति दीर्घ आयु वाला रहता है और सम्पर्क करने वाले की आयुष्य नाश होती है | भूमि पे शयन नहीं तो गद्दा हटाकर सादे बिस्तर पर, पलंग पर और समर्थ जितना हो धन में, विद्या में, जितना भी कमजोर हो, असमर्थ हो, उतना ही उसको बल पूर्वक माघ स्नान कर लेना चाहिए | तो धन में, बल में, विद्या में बढ़ेगा | माघ मास का स्नान असमर्थ को सामर्थ्य देता है, निर्धन को धन देता है, बीमार को आरोग्य देता है | पापी को पुण्य, निर्बल को बल देता है | माघ मास में तिल उबटन स्नान | मिक्सी में पिस जाते हैं थोडा पानी में घोल बनाकर शरीर को मलकर फिर तिल और जौ वो पुण्य स्नान है | उबटन स्नान, तर्पण, हवन और दान और भोजन, भोजन में भी थोडा तिल हो जाये | वो कष्ट निवारक है |
🕉🕉 हरिॐ 🕉🕉
🌹 2020 माघमेला तीर्थ राज प्रयाग के मुख्य स्नान पर्व
(1)-पौष पूर्णिमा 👉 दि. 10 जनवरी 2020 को।।
(2)-मकर संक्रांति 👉 दि. 15 जनवरी 2020 को।।
(3)- मौनी अमावस्या 👉 दि. 24 जनवरी 2020 को।।
(4)- वसन्त पंचमी 👉 दि. 30 जनवरी 2020 को।।
(5)- अचला सप्तमी 👉 दि. 01 फरवरी 2020 को।।
(6)- माघी पूर्णिमा 👉 दि. 09 फरवरी 2020 को

🌹दैनिक राशिफल🌹

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
कोर्ट व कचहरी के मामले से दूर रहें। खास लोगों से मुलाकात होगी। क्रोध पर संयम रखें। परिवार से सहयोग मिलेगा। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मसम्मान बढ़ेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। प्रतिद्वंद्वी परास्त होंगे। व्यग्रता रहेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। लाभ होगा।

🐂वृष
पदोन्नति के योग हैं। पुराने अटके काम पूरे होंगे। मान-सम्मान मिलेगा। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। शत्रु भय रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। संतान की चिंता रहेगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। धन प्राप्ति होगी।

👫मिथुन
अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। अपनों के साथ संयम से व्यवहार करें। पुराना रोग उभर सकता है। बनते कामों में बाधा संभव है। गुस्से पर काबू रखें। धन तथा कीर्ति की हानि हो सकती है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यवसाय ठीक चलेगा। विवेक का प्रयोग करें।

🦀कर्क
थोड़े प्रयास से ही कार्यसिद्धि होगी। कार्य की प्रशंसा होगी। रुके कार्य बनने लगेंगे। रोजगार में वृद्धि होगी। जोखिम-जमानत के कार्य टालें। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। कार्य का बोझ अधिक रहेगा। दुष्टजन अनुकूल रहकर शांत रहेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा।

🐅सिंह
घर में मेहमानों का आना-जाना लगा रहेगा। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। मान बढ़ेगा। प्रतिद्वंद्वी शांत रहेंगे। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। राजकीय बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी।

🙎कन्या
भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। थकान महसूस होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। भाग्य का साथ मिलेगा। स्वयं का कार्य खुद करें। दूसरों पर भरोसा न करें। प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें।

⚖तुला
योजना फलीभूत होगी जिसका लाभ तत्काल नहीं मिलेगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। कार्यसिद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। आलस्य का अनुभव होगा। मित्र व संबंधी सहयोग करेंगे। धन प्राप्ति सहज ही होगी। आय के स्रोतों में वृद्धि हो सकती है। जल्दबाजी न करें।

🦂वृश्चिक
कोर्ट व कचहरी के मामले सुलझ सकते हैं। तंत्र-मंत्र में रुचि जागृत होगी। क्रोध न करें। आय में वृद्धि होगी। उच्चाधिकारी संतुष्ट नहीं होंगे। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यवसाय ठीक चलेगा। किसी बड़ी समस्या का समाधान होगा। प्रसन्नता रहेगी।

🏹धनु
परेशानी बढ़ने का समय है। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। दूसरों के भरोसे कार्य न करें। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। कुसंगति से बचें। वरिष्ठजनों की सलाह मानें, लाभ होगा। घर-बाहर तनाव रह सकता है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें।

🐊मकर
तीर्थदर्शन की योजना बनेगी। सत्संग का लाभ मिलेगा। आय के स्रोत बढ़ेंगे। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। प्रतिद्वंद्वी शांत रहेंगे। थकान रहेगी। व्यवसाय ठीक रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। यात्रा सफल रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। अपेक्षित कार्य पूर्ण होंगे।

🍯कुंभ
वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर तनाव रह सकता है। पुराना रोग उभर सकता है। सावधानी आवश्यक है।

🐟मीन
यात्रा लाभदायक रहेगी। आय में वृद्धि होगी। राजकीय बाधा दूर होगी। वरिष्ठजन सहयोग करेंगे। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है। आलस्य हावी रहेगा। सभी ओर से सुख और सहयोग प्राप्त होगा। संतान पक्ष से खुशियां प्राप्त होंगी। जोखिम न लें।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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